श्रीमती रेखा शर्मा का निवेदन अगर आप से अच्छा नहीं होता किसी का बुरा मत करो अपने माता पिता का दिल कभी मत दुखाना जो आप छोटे थे तो आप के माता आपको इतना प्यार करते थे कि अगर आप कहीं गिर जाते थे तो आपके माता-पिता चिल्ला के भगते थे कहीं चोट तो नहीं लग गई आज अगर माता-पिता को चोट भी लग जाती है तो बच्चे कहते हैं देख कर काम क्यों नहीं करते पागल हो चुके हैं मां-बाप यह बच्चों की सोच है कृपया आप अपने माता पिता के प्रति ऐसी सोच मत रखो बहुत दुख होता है मां बाप है इन की कदर करो जिनके माता-पिता नहीं है उनसे पूछो उनका क्या हाल है जब आप छोटे थे तो आपके माता-पिता आपको झूले से और अपने गोद से नीचे नहीं उतारते थे आज बच्चों ने ऐसी सोच बना रखी है माता पिता को घर से निकालने की वृद्ध आश्रम ढूंढते फिरते हैं कहीं मिल जाए तो मां-बाप को छोड़ दे मुड़ के नहीं देखें माता पिता अपने बच्चों से कभी हिसाब नहीं दिया कितने पैसे कहां खर्च की है पर बच्चे माता-पिता से हिसाब लेते हैं कितनी अच्छी सोच है आजकल की पीढ़ी की सोच में शर्म आती है नहीं तो राम रहा नहीं तो सरवन कुमार रहा नहीं तो करण रहा जो माता पिता का आदर करते थे उनके लिए अपनी जान देते थे आज प्रेमिका के लिए जान देते हैं नौकरी के लिए जान देते हैं पढ़ाई के लिए जान देते हैं पर माता पिता के लिए वक्त नहीं दे पाते ऐसी संतान भारत में आज भी है जय भारत माता जय मां शेरावाली श्रीमती रेखा शर्मा की तरफ से निवेदन अपने माता पिता की सेवा कर के पुण्य कमाओ दिल मत दुखाओ गाय पशु पक्षी की भी सेवा करो

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