Ⓜ@निशा... Nov 16, 2020

** कुमकुम अक्षत थाल सजाए भाइयों पर अटूट प्रेम बरसाए बहनों का आज मन हरषाए भाइयों को प्रेम से तिलक लगाए। बचपन के वो लडाई झगड़े बीती यादों से मन सज जाएँ प्रेम ही प्रेम रहें बस हृृृदय में भाइयों से आज आशीष पाएँ रक्षा का अनमोल वादा पाकर बहनों की खाली झोली भर जाएँ भाई दोज की शुभ बेला आई फिर क्यों न मन हर्षित हो जाएँ । भैया दूर रहो या पास कभी तुम बहने खुशहाली के दीप जलाए भाई बहिन का रिश्ता ही है खास चलो धूमधाम से आज पर्व मनाए । भाई बहन का अनुठा प्यारभरा भाईदूज त्योहार के पावन अवसर पर बहना को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं 🙏🌹 #भाईदूज_की_हार्दिक_शुभकामनाएं 🌹 . 💠 #भाई_दूज_कथा 💠 भगवान सूर्यदेव की पत्नी का नाम छाया था। उनके गर्भ से यमराज तथा यमुना का जन्म हुआ था। यमुना यमराज से बड़ा स्नेह करती थी। वह उससे बराबर निवेदन करती कि इष्ट मित्रों सहित उसके घर आकर भोजन करो। अपने कार्य में व्यस्त यमराज निमंत्रण को टालते रहे। कार्तिक शुक्ला द्वितीया का दिन आया। यमुना ने उस दिन फिर यमराज को भोजन के लिए निमंत्रण देकर, उसे अपने घर आने के लिए वचनबद्ध कर लिया। यमराज ने विचार किया कि मैं तो प्राणों को हरने वाला हूं। मुझे कोई भी अपने घर नहीं बुलाना चाहता। बहन जिस सद्भावना से मुझे बुला रही है, उसका पालन करना मेरा धर्म है। बहन के घर आते समय यमराज ने नरक निवास करने वाले जीवों को मुक्त कर दिया। यमराज को अपने घर आया देखकर यमुना की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने स्नान कर पूजन करके व्यंजन परोसकर भोजन कराया। यमुना द्वारा किए गए आतिथ्य से यमराज ने प्रसन्न होकर बहन को वर मांगने को कहा। यमुना ने कहा कि भ्राता ! आप प्रति वर्ष इसी दिन मेरे घर आया करो। मेरी तरह जो बहन इस दिन अपने भाई को आदर सत्कार करके टीका करें, उसे तुम्हारा भय न रहे। यमराज ने तथास्तु कहकर यमुना को अमूल्य वस्त्राभूषण देकर यमलोक की राह की। इसी दिन से पर्व की परम्परा बनी। ऐसी मान्यता है कि जो आतिथ्य स्वीकार करते हैं, उन्हें यम का भय नहीं रहता। इसीलिए भैयादूज को यमराज तथा यमुना का पूजन किया जाता है। . 💠 #श्रीकृष्ण_और_सुभद्रा_की_कथा 💠 एक अन्य पौराणिक कथा के अनुसार कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया के दिन ही भगवान श्रीकृष्ण नरकासुर राक्षस का वध कर वापस द्वारिका लौटे थे। इस दिन भगवान कृष्ण की बहन सुभद्रा ने फल, फूल, मिठाई और अनेकों दीये जलाकर उनका स्वागत किया था और भगवान श्री कृष्ण के मस्तक पर तिलक लगाकर उनके दीर्घायु की कामना की थी। 🍁 नारी के प्रेम और सम्मान को स्मरण कराता एक और पर्व। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार आज के दिन बहुत समय से बिछुड़े सूर्य पुत्र यम और सूर्य पुत्री यमुना जी का मिलन हुआ था। कभी अपनी रक्षा के संकल्प लिए भाई के हाथों पर रक्षा सूत्र बाँधने वाली नारी आज भाई के माथे पर तिलक कर उसे यम पाश से मुक्त कराने तक की अपनी सामर्थ्य का परिचय देती है। भाई के सुखद जीवन के लिए भगवान से प्रार्थना कर बहिन सदैव उसका मंगल ही चाहती है। माँ, पुत्री, पत्नी, बहिन और भी कई रूपों में नारी का पूरी मनुष्य जाति के लिए जो #प्रेम_त्याग_समर्पण है वह अकथनीय है। प्रत्येक क्षेत्र में नारियों का #आरक्षित हो जाना उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितना उनका #सुरक्षित होना महत्वपूर्ण है। ऐसा संकल्प लेना ही इस त्यौहार की सार्थकता होगी।बहिन भाई के पवित्र प्रेम को परिभाषित करते भाई दूज पर्व की बहुत-बहुत बधाई। . 🌺 जय श्रीकृष्ण 🌺

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Ⓜ@निशा... Nov 16, 2020

👦👦" 🌹हैप्पी भाईदूज 🌹👦👦 🙆🙆🧛🧛🙆🙆 बहन चाहे भाई का प्यार नही चाहिए महंगे उपहार रिश्ता अटूट रहे सदियो तक, मिले मेरे भाई को खुशियों अपार"|| "प्यारी बहना को प्रेम के साथ मुबारक हो भाई दूज का त्योहार ...!!!" "भाई दूज की हार्दिक शूकामनाएं ... मगंल मय दिन की हादिँक शुभ कामनाऐं भाईदूज की हार्दिक बधाई 🌹🌹🌹🙏🌹🌹🌹 👌 सभी भाईयो को भाईदूज की बहुत बहुत बधाई👌 भाई दूज की हार्दिक शुभकामनाएं सभी भाई बहीनो को भाई दूज पर एक कविता 🎙🎙🎙🎙🎙🎙🎙 कुमकुमअक्षत थाल सजाए भाइयोंपर अटूट प्रेम बरसाए बहनों का आज मन हरषाए भाइयों को प्रेम से तिलक लगाए! 🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹 बचपन के वो लडाई झगड़े बीतीयादों से मन सज जाएँ प्रेम ही प्रेम रहें बस हृृृदय में भाइयों से आज आशीष पाएँ 🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷 रक्षा का अनमोल वादा पाकर बहनों की खाली झोली भर जाएँ भाई दोज की शुभ बेला आई फिर क्यों न मन हर्षित हो जाएँ । 🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹 भैया दूर रहो या पास कभी तुम! बहने खुशहाली के दीप जलाए भाई बहिन का रिश्ता ही है खास चलो धूमधाम से आज पर्व मनाए । 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 भाई दूज की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏🙏🙏🙏🙏

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Ⓜ@निशा... Nov 14, 2020

*" माँ बाप " साथ हैं तो रोज धनतेरस..!* *"हमसफ़र " साथ है तो रोज रुपचौदस.!!* *और* *" बच्चे " साथ हैं तो रोज दीपावली..!!* *" परिवार " साथ में है तो रोज अन्नकूट.!!* *" भाई बहन " में प्यार हो तो रोज भाईदूज..!!* *धनतेरस 💰रुपचौदस 👸🏻🤴🏻बड़ी दीपावली 🎉🎊💣 छोटी दीपावली 🍱और भाई दूज 👨‍👩‍👧‍👦 की आप सभी को हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएँ* *🙌माँ लक्ष्मी की कृपा सभी पर बनी रहे सभी स्वस्थ रहें सभी के भंडार भरे रहें।।🙌*🌹* पर्व है पुरुषार्थ का दीप के दिव्यार्थ का देहरी पर दीप एक जलता रहे अंधकार से युद्ध यह चलता रहे हारेगी हर बार अंधियारे की घोर-कालिमा जीतेगी जगमग उजियारे की स्वर्ण-लालिमा दीप ही ज्योति का प्रथम तीर्थ है कायम रहे इसका अर्थ, वरना व्यर्थ है आशीषों की मधुर छांव इसे दे दीजिए प्रार्थना-शुभकामना हमारी ले लीजिए!! झिलमिल रोशनी में निवेदित अविरल शुभकामना आस्था के आलोक में आदरयुक्त मंगल भावना!!! *शुभ दीपोत्सव* 🙏 🙏🙏 *शुभ* *दीपावली* 🙏🙏

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Ⓜ@निशा... Oct 30, 2020

🚩⛳जय महालक्ष्मी माता⛳🚩 ##इस शरद पूर्णिमा आपको भी चाँद सी कोमलता, ##सरलता और उदारता मिले, ##इसी मंगल कामना के साथ आपको और आपके ##परिवार को शरद पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं!🙏🙏 *##आज शरद पूर्णिमा है चांद की किरणों से बरसेगा अमृत!* ##वैसे तो प्रत्येक माह पूर्णिमा होती है लेकिन शरद पूर्णिमा का महत्व कुछ और ही है। अश्विन माह के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। ऐसा विश्वास है कि इस दिन चांद की किरणों से अमृत बरसता है और ये किरणें हमारे लिए भी बहुत लाभदायक होती हैं। ज्योतिष की मान्यता अनुसार संपूर्ण वर्ष में केवल इसी दिन चांद अपनी सोलह कलाओं से परिपूर्ण होकर धरती पर अपनी अद्भुत छटा बिखेरता है। इस दिन चांद पृथ्वी के अत्यंत समीप आ जाता है। *स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण* आयुर्वेद में भी शरद ऋतु का वर्णन किया गया है। इसके अनुसार शरद में दिन बहुत गर्म और रात बहुत ठंडी होती हैं। इस ऋतु में पित्त या एसिडिटी का प्रकोप ज्यादा होता है जिसके लिए ठंडे दूध और चावल को खाना अच्छा माना जाता है। यही वजह है कि शरद ऋतु में दूध मिश्रित खीर बनाने का प्रावधान है। साथ ही इस खीर को ऐसे स्थान पर रखना चाहिए जहां इस पर चांद की किरणें पड़ें जिससे वह अमृतमयी हो जाए। इस खीर को खाने से न जाने कितनी बड़ी-बड़ी बीमारियों से निजात मिल जाती है। विशेषतय: दमा और सांस की तकलीफ में यह खीर अमृत समान है। शरद पूर्णिमा की रात चांद की किरणें धरती पर छिटक कर अन्न-वनस्पति आदि में औषधीय गुणों को सींचती हैं इसलिए स्वास्थ्य की दृष्टि से शरद पूर्णिमा को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। *वैज्ञानिक दृष्टिकोण* अगर शरद पूर्णिमा को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो माना जाता है कि इस दिन से मौसम में परिवर्तन होता है और शीत ऋतु की शुरुआत होती है। इस दिन खीर खाने को माना जाता है कि अब ठंड का मौसम आ गया है इसलिए गर्म पदार्थों का सेवन करना शुरु कर दें। ऐसा करने से हमें ऊर्जा मिलती है। शरद् पूर्णिमा को ही महर्षि वाल्मीकि जी व मां लक्ष्मी का जन्म हुआ था। *लक्ष्मी की उपासना* हिंदू कैलेंडर के अनुसार इस दिन कोजागर व्रत भी किया जाता है। कोजागर का शाब्दिक अर्थ है "कौन जाग रहा है।" ऐसा विश्वास है कि इस रात देवी लक्ष्मी स्वंय यह देखने आती हैं कि कौन जाग रहा है और कौन नहीं। माना जाता है कि जो श्रद्धालु शरद पूर्णिमा के दिन-रातभर जागकर महालक्ष्मी की उपासना करते हैं मां उन्हें आशीर्वाद देती हैं और उनका जीवन खुशियों से भर देती हैं। माना जाता है कि इसी दिन श्रीकृष्ण जी ने गोपियों के साथ रासलीला की थी जिसे महारास भी कहा जाता है। इसी कारण से वृदांवन में इस त्योहार को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। शरद पूर्णिमा को 'रासोत्सव' और 'कामुदी महोत्सव' भी कहा जाता है। 🕉️ *शुभ शरद् पूर्णिमा।*🕉️ 🌹🌹जय श्री कृष्ण🌹🌹 🌹🌹🙏जय श्री राधे राधे🙏🌹🌹 🙏🕉️🕉️🙏

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Ⓜ@निशा... Oct 27, 2020

*🙌आप सभी को एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएं🙌🙏🙌 *👏🙏श्रीराधे राधे राधे🙏👏* *👏🙏श्रीराधे राधे राधे🙏👏* *👏🙏श्रीराधे राधे राधे🙏👏* *👏🙏श्रीराधे राधे राधे🙏👏* *👏🙏श्रीराधे राधे राधे🙏👏* *👏🙏श्रीराधे राधे राधे🙏👏* *👏🙏श्रीराधे राधे राधे🙏👏* *👏🙏श्रीराधे राधे राधे🙏👏* ******________#####________****** ##भगवान श्रीकृष्ण बोले : राजन् ! आश्विन के शुक्लपक्ष में जो एकादशी होती है, वह ‘पापांकुशा’ के नाम से विख्यात है । वह सब पापों को हरनेवाली, स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करनेवाली, शरीर को निरोग बनानेवाली तथा सुन्दर स्त्री, धन तथा मित्र देनेवाली है । यदि अन्य कार्य के प्रसंग से भी मनुष्य इस एकमात्र एकादशी को उपास कर ले तो उसे कभी यम यातना नहीं प्राप्त होती । राजन् ! एकादशी के दिन उपवास और रात्रि में जागरण करनेवाले मनुष्य अनायास ही दिव्यरुपधारी, चतुर्भुज, गरुड़ की ध्वजा से युक्त, हार से सुशोभित और पीताम्बरधारी होकर भगवान विष्णु के धाम को जाते हैं । राजेन्द्र ! ऐसे पुरुष मातृपक्ष की दस, पितृपक्ष की दस तथा पत्नी के पक्ष की भी दस पीढ़ियों का उद्धार कर देते हैं । उस दिन सम्पूर्ण मनोरथ की प्राप्ति के लिए मुझ वासुदेव का पूजन करना चाहिए । जितेन्द्रिय मुनि चिरकाल तक कठोर तपस्या करके जिस फल को प्राप्त करता है, वह फल उस दिन भगवान गरुड़ध्वज को प्रणाम करने से ही मिल जाता है । जो पुरुष सुवर्ण, तिल, भूमि, गौ, अन्न, जल, जूते और छाते का दान करता है, वह कभी यमराज को नहीं देखता । नृपश्रेष्ठ ! दरिद्र पुरुष को भी चाहिए कि वह स्नान, जप ध्यान आदि करने के बाद यथाशक्ति होम, यज्ञ तथा दान वगैरह करके अपने प्रत्येक दिन को सफल बनाये । जो होम, स्नान, जप, ध्यान और यज्ञ आदि पुण्यकर्म करनेवाले हैं, उन्हें भयंकर यम यातना नहीं देखनी पड़ती । लोक में जो मानव दीर्घायु, धनाढय, कुलीन और निरोग देखे जाते हैं, वे पहले के पुण्यात्मा हैं । पुण्यकर्त्ता पुरुष ऐसे ही देखे जाते हैं । इस विषय में अधिक कहने से क्या लाभ, मनुष्य पाप से दुर्गति में पड़ते हैं और धर्म से स्वर्ग में जाते हैं.... 🌹🌹🌹Radhe Radhe 🌹🌹🌹

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Ⓜ@निशा... Oct 26, 2020

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Ⓜ@निशा... Oct 25, 2020

🙏🌹#जय_श्री_कृष्ण🌹🙏 *🌸༺꧁Զเधॆ Զเधॆ꧂༻🌸* ##||जय श्री राम||## 🙌🌞जय श्री सूर्यदेव🌞🙌 बुराई का होता है विनाश, दशहरा लाता है उम्मीद की आस रावण की तरह आपके दुखों का हो नाश. दशहरे की हार्दीक शुभकामनायेँ। राधे राधे - आज का भगवद चिन्तन 25-10-2020 🐅क्या आप सच में सुखी होना चाहते हैं तो फिर उन रास्तों का त्याग क्यों नहीं करते जिन रास्तों से दुःख आता है ? आपकी सुख की चाह तो ठीक है पर राह ठीक नहीं हैं। आपकी दशा नहीं दिशा विगडी है। सुख के लिए केवल दौड़ना ही काफी नहीं है अपितु सही मार्ग पर दौड़ना जरूरी है। 🐅दुःख भगवान के द्वारा दिया गया कोई दंड नहीं है, यह तो असत्य का संग देने का फल है। आज का आदमी बड़ी दुविधा में है कभी तो राम का संग कर लेता है पर अवसर मिलते ही रावण का संग करने से भी नहीं चूकता है। आप पहले विचार करो कि राम के साथ जीवन जीना है या रावण के साथ ? 🐅राम माने सदगुण, रावण यानि दुर्गुण। जैसा चुनाव करोगे वैसा ही परिणाम प्राप्त होगा। धर्माचरण करने वाला क्षण मात्र के लिए परेशान तो हो सकता है पर पराजित कभी नहीं। सत्य पीड़ा देगा पराजय नहीं। हमे राममय (धर्ममय) जीवन जीना है, असत्य (रावण) के मार्ग को कभी भी नहीं चुनना है। 🙏दशहरा के पावन पर्व की आप सबको बहुत बहुत बधाई। 🙏 🚩🚩🚩🚩🙏🚩🚩🚩🚩

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