#देवीदर्शन

दशमहाविद्या जयंती
हर वर्ष श्रावण कृष्ण अष्टमी के दिन दशमहाविद्या जयंती मनाई जाती है ।आज ही के दिन दसों महाविद्याऐं प्रकट हुईं थीं ।जब दक्ष प्रजापति के यज्ञ में माता सती ने आत्मदाह कर लिया था तब दसों दिशाओं में बिजली कड़की थी जिससे दस म...

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#देवीदर्शन

श्री गौरी क्षेत्र

केदारनाथ-टिहरी मार्ग में गौरीकुंड के किनारे माता पार्वती का मंदिर विराजमान है । जब माता पार्वती गौरीकुंड में स्नान कर रही थी उन्होंने गणेश से कहा कि किसी को अंदर प्रवेश मत करने देना। जब गणेश ने महादेव को प्रवेश करने...

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#देवीदर्शन

श्री क्षेत्र मायापुरी

उत्तराखंड के हरिद्वार में रामगिरी पर्वत पर माता माया देवी का मंदिर विराजमान है । यह मंदिर हरिद्वार का सबसे प्राचीन मंदिर है जिसका निर्माण नौवीं शताब्दी में हुआ था और पौराणिक समय में इसी मंदिर के कारण हरिद्वार को...

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#देवीदर्शन

ज्वलपा देवी

उत्तराखंड के पौड़ी में ज्वलपा देवी का मंदिर विराजमान है । वृत्तासुर पौड़ी का राजा था जिसकी पुत्री का नाम शचि था। ज्वलपा देवी शचि की आराध्य देवी थी। शचि को इंद्र देव से प्रेम हो गया परंतु शचि के राक्षस कुल से होने के कारण ...

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#देवीदर्शन

श्री क्षेत्र कनखल

उत्तराखंड के हरिद्वार के निकट कनखल में श्री सती कुंड विराजमान है । इसी स्थान पर माता सती ने दक्ष प्रजापति के यज्ञ में आत्मदाह किया था । कुंड के सामने माता सती का मंदिर है ।

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#देवीदर्शन

कालीपद

उत्तराखंड के कालीपद में माता कालिका का #मंदिर विराजमान है । यहाँ पर माता की मूर्ति जगद्गुरु श्री आदि शंकराचार्य जी ने की थी

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#देवीदर्शन

आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के शौभ अवसर पर श्री विट्टल-रखूमाई का दिव्य श्रृंगार, पंढरपुर

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#धार्मिकसेल्फ़ी

पटना में ISKCON द्वारा आयोजित जगन्नाथ रथयात्रा में आज मुझे भगवान जगन्नाथ के रथ को खींचने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ।

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