pt bk upadhyay Sep 19, 2018

गणपति बप्पा मोरया बचपन से आपने नारा लगाया है ।जानें कि यह मोरया क्या है। मोरया गोसावी गणपति बप्पा के महाभक्त थे। १३७५ ई. मे मोरगांव मे मातापिता को गणेश जी का वरदान मिलने पर उनके अंश से मोरया गोसावी हुए। बचपन से कैलाश वासी होने तक उन्होंने सिर्फ गण...

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pt bk upadhyay Sep 5, 2018

माबाप व भगवान के बीच हमारा सबसे ज्यादा अपना आत्मीय स्वजन अगर कोई है तो वह है हमारा शिक्षक। वह इंसान नहीं है जैसे गंगा नदी नहीं य शिवलिंग पत्थर नहीं य रामायण कविता नहीं है। वह इस धरती पर रहने वाला प्रत्यक्ष देवता है जो हमें मानव बनाता है। वरना हम ...

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pt bk upadhyay Sep 2, 2018

कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने, प्रणत क्लेश नाशाय गोविंदाय नमो नमः। श्री कृष्ण जन्माष्टमी महापर्व पर आप सब मित्र गण,टीम सदस्य एवं आप सबके परिवार को भी मेरी ओर से हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं। भगवान करें यह शुभ दिन बार बार आये।...

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pt bk upadhyay Aug 29, 2018

जिनके कोई परिजन निरपराध कारागार में है वे राजस्थान के प्रतापगढ़ में इस मंदिर में आकर हथकड़ी चढ़ाते हैं।दिवाक माता का यह मंदिर प्रसिद्ध है।हालांकि यह प्रथा डाकुओं ने प्रारंभ की थी पर वे डाकू अब के सफेद पोश डाकुओं से अधिक ईमान धर्म वाले थे।...

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pt bk upadhyay Aug 25, 2018

महारानी शची को देव असुर संग्राम में देवेंद्र के हारने की शंका हुई तो उन्होंने एक तप व मंत्र की शक्ति भर कर एक धागा बनाया व ब्राह्मण के द्वारा राजेंद्र को बँधाया। तभी से यह त्योहार उसी तिथि को मनाया जाता है। एक अन्य कथा मे राजा बलि को जब प्रभु ने व...

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pt bk upadhyay Aug 25, 2018

विलासपुर के रतनपुर क्षेत्र के देहरी ग्राम मे ग्रामीणों को श्रवण कुमार जी ने स्वप्न में आदेश दिया कि मैं यहाँ हूँ मुझे निकाल कर सेवा करोगे तो सब शुभ होगा।गांव वालों ने आदेश पालन करके जल से कई देवताओं की प्रतिमाएं निकाल कर स्थापित की व सब नशा व बुरी...

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pt bk upadhyay Aug 24, 2018

प्रसिद्ध कथा है सुपुत्र श्रवण जी की। वे माता पिता को कावड़ मे बिठा कर तीर्थ यात्रा को निकले। जब वे अयोध्या के निकट से निकले उस समय पशुओं का उत्पात रोकने के लिए अवधेश महाराज दशरथ शिकार पर गये थे। आवाज पर बाण चला दिया और ग़लत फ़हमी मे श्रवण मारे गए।उनक...

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pt bk upadhyay Aug 15, 2018

शहीद ख़ुदीराम इतने अधिक लोकप्रिय हो गए कि किंग्स फोर्ड तो घबरा कर ही मर गया।कयी दिन स्कूल बंद रहे गीत लिखे गए यहाँ तक कि जुलाहे ऐसे धोती, कपड़े बुनने लगे जिनकी बार्डर पर ख़ुदीराम लिखा हुआ था। वंदेमातरम। शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पे ...

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