अदरक का पानी 〰️〰️🌼〰️〰️ ज्यादातर भारतीय घरों में अदरक वाली चाय को बहुत पसंद किया जाता है. चाय के अलावा मसाले के रुप में भी अदरक का इस्तेमाल किया जाता है। अदरक में एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटी इंफ्लेमेट्री तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार होते हैं। अगर आप हमेशा स्वस्थ रहना चाहते हैं तो फिर अदरक वाले पानी का सेवन करें. इसके लिए एक कप पानी में अदरक का एक छोटा सा टुकड़ा डालकर कम से कम 5 मिनट तक उबालें और फिर ठंडा हो जाने पर इसे पी लें। अदरक का पानी पीने से होने वाले फायदे.. 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ 1👉 वजन घटाने में मददगार अदरक वाला पानी पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म ठीक रहता है. इस पानी का नियमित रुप से सेवन करने पर शरीर का अतिरिक्त फैट तेजी से बर्न होता है और वजन कम होता है। 2👉 रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए अदरक वाला पानी पीने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. हर रोज इसे पीने की आदत आपको सर्दी-खांसी और वायरल इंफेक्शन जैसी बीमारियों के खतरे से बचाती है. इसके अलावा यह कफ की समस्या को भी दूर करता है। 3👉 त्वचा को स्वस्थ बनाए हर रोज अदरक का पानी पीने से शरीर के हानिकारक टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं. इस पानी के सेवन से खून साफ होता है और त्वचा स्वस्थ होती है. इतना ही नहीं ये पिंपल्स और स्किन इंफेक्शन के खतरे को भी दूर करता है। 4👉 दर्द से मिलती है राहत अदरक वाला पानी पीने से ब्रेन सेल्स रिलैक्स होती है और सिरदर्द से राहत मिलती है. हर रोज इस पानी का सेवन करने से शरीर का ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है और मसल्स में होनेवाले दर्द से भी निजात मिलती है। 5👉 पाचन क्रिया को सुधारे अदरक वाला पानी शरीर में डाइजेस्टिव जूस को बढ़ाता है. इसके सेवन से पाचन क्रिया में सुधार आता है और खाना आसानी से डाइजेस्ट हो जाता है। 6👉 डायबिटीज को कंट्रोल करे अदरक वाला पानी डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है क्योंकि इसके नियमित सेवन से शरीर का ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल होता है. इतना ही नहीं इससे आम लोगों में डायबिटीज होने का खतरा भी कम होता है। ये है अदरक का पानी और उसके फायदे – बहरहाल अब आप ये जान गए हैं कि अदरक का एक छोटा सा टुकड़ा किस तरह से आपको हमेशा सेहतमंद बनाए रख सकता है. तो फिर क्यों ना चाय के बजाय एक कप अदरक वाला पानी पीने की आदत डाल ली जाए। 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️

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एक बादशाह अपने कुत्ते के साथ नाव में यात्रा कर रहा था । उस नाव में अन्य यात्रियों के साथ एक दार्शनिक भी था । . कुत्ते ने कभी नौका में सफर नहीं किया था, इसलिए वह अपने को सहज महसूस नहीं कर पा रहा था । वह उछल-कूद कर रहा था और किसी को चैन से नहीं बैठने दे रहा था । . मल्लाह उसकी उछल-कूद से परेशान था कि ऐसी स्थिति में यात्रियों की हड़बड़ाहट से नाव डूब जाएगी । वह भी डूबेगा और दूसरों को भी ले डूबेगा । परन्तु कुत्ता अपने स्वभाव के कारण उछल-कूद में लगा था । ऐसी स्थिति देखकर बादशाह भी गुस्से में था । पर, कुत्ते को सुधारने का कोई उपाय उन्हें समझ में नहीं आ रहा था । . नाव में बैठे दार्शनिक से रहा नहीं गया । वह बादशाह के पास गया और बोला - "सरकार ! अगर आप इजाजत दें तो मैं इस कुत्ते को भीगी बिल्ली बना सकता हूँ ।" बादशाह ने तत्काल अनुमति दे दी । दार्शनिक ने दो यात्रियों का सहारा लिया और उस कुत्ते को नाव से उठाकर नदी में फेंक दिया । कुत्ता तैरता हुआ नाव के खूंटे को पकड़ने लगा । उसको अब अपनी जान के लाले पड़ रहे थे । कुछ देर बाद दार्शनिक ने उसे खींचकर नाव में चढ़ा लिया । . -------------------- . वह कुत्ता चुपके से जाकर एक कोने में बैठ गया । नाव के यात्रियों के साथ बादशाह को भी उस कुत्ते के बदले व्यवहार पर बड़ा आश्चर्य हुआ । बादशाह ने दार्शनिक से पूछा - "यह पहले तो उछल-कूद और हरकतें कर रहा था, अब देखो कैसे यह पालतू बकरी की तरह बैठा है ?" . दार्शनिक बोला - "खुद तकलीफ का स्वाद चखे बिना किसी को दूसरे की विपत्ति का अहसास नहीं होता है । इस कुत्ते को जब मैंने पानी में फेंक दिया तो इसे पानी की ताकत और नाव की उपयोगिता समझ में आ गयी ।" 〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️🌼〰️〰️

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