🚩🚩🔱 *हर हर महादेव* 🚩🔱 ☀️ 🌾 🌅 *सुप्रभातम्* 🌅☀️🌿 🌿🌺📜 *अथ पंचांगम्* 📜 🌺 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक -: 12/04/2021,सोमवार* अमावस्या, कृष्ण पक्ष चैत्र """""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि---------अमावस्या 07:59:47 तक पक्ष----------------------------कृष्ण नक्षत्र-------------- रेवती 11:28:21 योग---------------वैधृति 14:25:36 करण--------------नाग 07:59:46 करण----------किन्स्तुघ्न 21:05:44 वार-------------------------सोमवार माह---------------------------- चैत्र चन्द्र राशि-----------मीन 11:28:21 चन्द्र राशि------------------------मेष सूर्य राशि----------------------- मीन रितु-------------------------- वसन्त आयन---------------------उत्तरायण संवत्सर-----------------------शार्वरी संवत्सर उत्तर-----------------प्रमादी विक्रम संवत------------------2077 विक्रम संवत कर्तक-----------2077 शाका संवत-------------------1942 वाराणसी सूर्योदय----------------05:59:03 सूर्यास्त------------------ 18:41:10 दिन काल---------------12:42:07 रात्री काल--------------- 11:16:50 चंद्रोदय------------------06:18:15 चंद्रास्त------------------ 18:59:39 लग्न----मीन 28°11' , 358°11' सूर्य नक्षत्र---------------------रेवती चन्द्र नक्षत्र---------------------रेवती नक्षत्र पाया---------------------स्वर्ण *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* ची----रेवती 11:28:21 चु----अश्विनी 18:09:16 चे----अश्विनी 24:51:15 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ======================== सूर्य= मीन 28°52 ' रेवती , 4 ची चन्द्र = मीन27°23 ' रेवती 4 ची बुध = मीन 20°57' रेवती' 2 दो शुक्र= मेष01°55, अश्विनी' 1 चु मंगल=वृषभ 27°30 ' मृगशिरा ' 2 वो गुरु=कुम्भ 01°22 ' धनिष्ठा , 3 गु शनि=मकर 17°43 ' श्रवण ' 3 खे राहू=(व)वृषभ 19°20 'मृगशिरा , 3 वि केतु=(व)वृश्चिक 19°20 ज्येष्ठा , 1 नो *🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩* राहू काल 07:34 - 09:10 अशुभ यम घंटा 10:45 - 12:20 अशुभ गुली काल 13:55 - 15:31 अशुभ अभिजित 11:55 -12:46 शुभ दूर मुहूर्त 12:46 - 13:36 अशुभ दूर मुहूर्त 15:18 - 16:09 अशुभ 💮गंड मूल अहोरात्र अशुभ 🚩पंचक 05:59 - 11:28 अशुभ 💮चोघडिया, दिन अमृत 05:59 - 07:34 शुभ काल 07:34 - 09:10 अशुभ शुभ 09:10 - 10:45 शुभ रोग 10:45 - 12:20 अशुभ उद्वेग 12:20 - 13:55 अशुभ चर 13:55 - 15:31 शुभ लाभ 15:31 - 17:06 शुभ अमृत 17:06 - 18:41 शुभ 🚩चोघडिया, रात चर 18:41 - 20:06 शुभ रोग 20:06 - 21:30 अशुभ काल 21:30 - 22:55 अशुभ लाभ 22:55 - 24:20* शुभ उद्वेग 24:20* - 25:44* अशुभ शुभ 25:44* - 27:09* शुभ अमृत 27:09* - 28:33* शुभ चर 28:33* - 29:58* शुभ 💮होरा, दिन चन्द्र 05:59 - 07:03 शनि 07:03 - 08:06 बृहस्पति 08:06 - 09:10 मंगल 09:10 - 10:13 सूर्य 10:13 - 11:17 शुक्र 11:17 - 12:20 बुध 12:20 - 13:24 चन्द्र 13:24 - 14:27 शनि 14:27 - 15:31 बृहस्पति 15:31 - 16:34 मंगल 16:34 - 17:38 सूर्य 17:38 - 18:41 🚩होरा, रात शुक्र 18:41 - 19:38 बुध 19:38 - 20:34 चन्द्र 20:34 - 21:30 शनि 21:30 - 22:27 बृहस्पति 22:27 - 23:23 मंगल 23:23 - 24:20 सूर्य 24:20* - 25:16 शुक्र 25:16* - 26:12 बुध 26:12* - 27:09 चन्द्र 27:09* - 28:05 शनि 28:05* - 29:02 बृहस्पति 29:02* - 29:58 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान---------------------पूर्व* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 15 + 15 + 2 + 1 = 33 ÷ 4 = 1 शेष पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l *💮 शिव वास एवं फल -:* 30 + 30 + 5 = 65 ÷ 7 = 2 शेष गौरि सन्निधौ = शुभ कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* * सोमवती अमावस्या * देवपितृकार्य अमावस्या * चान्द्र संवत समाप्त *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* समाने शोभते प्रीतिः राज्ञि सेवा च शोभते । वाणिज्यंव्यवहारेषु स्त्री दिव्या शोभते गृहे ।। ।।चा o नी o।। प्रेम और मित्रता बराबर वालों में अच्छी लगती है, राजा के यहाँ नौकरी करने वाले को ही सम्मान मिलता है, व्यवसायों में वाणिज्य सबसे अच्छा है, अवं उत्तम गुणों वाली स्त्री अपने घर में सुरक्षित रहती है। *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: ज्ञानकर्म सन्यासयोग अo-4 एवं परम्पराप्राप्तमिमं राजर्षयो विदुः ।, स कालेनेह महता योगो नष्टः परन्तप ॥, हे परन्तप अर्जुन! इस प्रकार परम्परा से प्राप्त इस योग को राजर्षियों ने जाना, किन्तु उसके बाद वह योग बहुत काल से इस पृथ्वी लोक में लुप्तप्राय हो गया॥,2॥, *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष सही काम का भी विरोध होगा। कोई पुरानी व्याधि परेशानी का कारण बनेगी। कोई बड़ी समस्या बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य करने के प्रति रुझान रहेगा। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में चैन बना रहेगा। 🐂वृष धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। चोट व रोग से बचें। सेहत का ध्यान रखें। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। झंझटों में न पड़ें। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में मातहतों का सहयोग मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। परिवार में प्रसन्नता रहेगी। 👫मिथुन शत्रुभय रहेगा। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। विवाद से क्लेश होगा। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। ऐश्वर्य के साधनों पर सोच-समझकर खर्च करें। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे कि बाद में पछताना पड़े। दूसरे अधिक अपेक्षा करेंगे। नकारात्मकता हावी रहेगी। 🦀कर्क प्रतिद्वंद्विता कम होगी। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। बात बिगड़ सकती है। शत्रुभय रहेगा। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल रहेंगे। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। स्त्री वर्ग से सहायता प्राप्त होगी। नौकरी व निवेश में इच्छा पूरी होने की संभावना है। 🐅सिंह भूमि व भवन संबंधी खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आर्थिक उन्नति होगी। संचित कोष में वृद्धि होगी। देनदारी कम होगी। नौकरी में मनोनुकूल स्थिति बनेगी। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। शेयर मार्केट आदि से बड़ा फायदा हो सकता है। परिवार की चिंता बनी रहेगी। 🙍‍♀️कन्या शारीरिक कष्ट संभव है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी प्रभावशाली व्यक्ति मार्गदर्शन प्राप्त होगा। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। झंझटों में न पड़ें। ⚖️तुला शत्रुओं का पराभव होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। दु:खद समाचार मिल सकता है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। काम पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। बेवजह किसी व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। दूसरों के बहकावे में न आएं। फालतू बातों पर ध्यान न दें। लाभ में वृद्धि होगी। 🦂वृश्चिक पुराना रोग परेशानी का कारण बन सकता है। जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तुएं गुम हो सकती हैं। चिंता तथा तनाव रहेंगे। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। भेंट व उपहार देना पड़ सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। कार्य की बाधा दूर होगी। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार में वृद्धि तथा सम्मान में वृद्धि होगी। 🏹धनु किसी भी तरह के विवाद में पड़ने से बचें। जल्दबाजी से हानि होगी। राजभय रहेगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। व्यय होगा। सही काम का भी विरोध हो सकता है। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। निवेश शुभ रहेगा। सट्टे व लॉटरी के चक्कर में न पड़ें। 🐊मकर कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें। किसी अनहोनी की आशंका रहेगी। शारीरिक कष्ट संभव है। लेन-देन में लापरवाही न करें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। शेयर मार्केट से बड़ा लाभ हो सकता है। 🍯कुंभ मस्तिष्क पीड़ा हो सकती है। आवश्यक वस्तु गुम हो सकती है या समय पर नहीं मिलेगी। पुराना रोग उभर सकता है। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। हल्की हंसी-मजाक करने से बचें। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। चिंता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। यश बढ़ेगा। 🐟मीन बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। विवेक से कार्य करें। लाभ में वृद्धि होगी। फालतू की बातों पर ध्यान न दें। निवेश शुभ रहेगा। नौकरी में उन्नति होगी। व्यापार-व्यवसाय की गति बढ़ेगी। चिंता रह सकती है। थकान रहेगी। प्रमाद न करें। आचार्य सत्यानन्द पाण्डेय (ज्योतिष एवं तंत्राचार्य) दिव्य ज्योतिष केंद्र वाट्सअप👉9450786998 कालिंग👉8840618684 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

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🚩🌷🌷 *ॐ सूर्याय नम:* 🌷🚩 🌅 🌷 ☀️ *सुप्रभातम्* ☀️🌅🌷 🌷🔱📜 *अथ पंचांगम्* 📜🔱🌷 🔥🔥🔱🔱🔥🔥🔱🔱🔥🔥 *दिनाँक -: 11/04/2021,रविवार* चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष चैत्र """"""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि----------चतुर्दशी 06:02:36 तक पक्ष----------------------------कृष्ण नक्षत्र----उत्तराभाद्रपदा 08:56:23 योग----------------ऐन्द्र 13:50:58 करण-----------शकुनी 06:02:36 करण------------चतुष्पद 18:58:37 वार------------------------- रविवार माह-----------------------------चैत्र चन्द्र राशि---------------------- मीन सूर्य राशि-----------------------मीन रितु--------------------------वसन्त आयन---------------------उत्तरायण संवत्सर-----------------------शार्वरी संवत्सर उत्तर-----------------प्रमादी विक्रम संवत------------------2077 विक्रम संवत कर्तक-----------2077 शाका संवत-------------------1942 सूर्योदय--------------- 06:00:06 सूर्यास्त------------------18:40:38 दिन काल---------------12:40:32 रात्री काल----------------11:18:24 चंद्रास्त-------------------18:07:22 चंद्रोदय------------------30:12:56 लग्न----मीन 27°12' , 357°12' सूर्य नक्षत्र---------------------रेवती चन्द्र नक्षत्र------------उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र पाया----------------------ताम्र *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* ञ----उत्तराभाद्रपदा 08:56:23 दे----रेवती 15:32:32 दो----रेवती 22:09:56 च----रेवती 28:48:33 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ======================== सूर्य= मीन 27°52 ' रेवती , 4 ची चन्द्र = मीन015°23 ' उoभाo, 4 ञ बुध = मीन 18°57' रेवती' 1 दे शुक्र= मीन 01°55, अश्विनी' 1 चु मंगल=वृषभ 27°30 ' मृगशिरा ' 2 वो गुरु=कुम्भ 00°22 ' धनिष्ठा , 3 गु शनि=मकर 17°43 ' श्रवण ' 3 खे राहू=(व)वृषभ 19°30 'मृगशिरा , 3 वि केतु=(व)वृश्चिक 19°30 ज्येष्ठा , 1 नो *🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩* राहू काल 17:06 - 18:41 अशुभ यम घंटा 12:20 - 13:55 अशुभ गुली काल 15:31 - 17:06 अशुभ अभिजित 11:55 -12:46 शुभ दूर मुहूर्त 16:59 - 17:50 अशुभ 💮गंड मूल 08:56 - अहोरात्र अशुभ 🚩पंचक अहोरात्र अशुभ 💮चोघडिया, दिन उद्वेग 06:00 - 07:35 अशुभ चर 07:35 - 09:10 शुभ लाभ 09:10 - 10:45 शुभ अमृत 10:45 - 12:20 शुभ काल 12:20 - 13:55 अशुभ शुभ 13:55 - 15:31 शुभ रोग 15:31 - 17:06 अशुभ उद्वेग 17:06 - 18:41 अशुभ 🚩चोघडिया, रात शुभ 18:41 - 20:05 शुभ अमृत 20:05 - 21:30 शुभ चर 21:30 - 22:55 शुभ रोग 22:55 - 24:20* अशुभ काल 24:20* - 25:45* अशुभ लाभ 25:45* - 27:09* शुभ उद्वेग 27:09* - 28:34* अशुभ शुभ 28:34* - 29:59* शुभ 💮होरा, दिन सूर्य 06:00 - 07:03 शुक्र 07:03 - 08:07 बुध 08:07 - 09:10 चन्द्र 09:10 - 10:14 शनि 10:14 - 11:17 बृहस्पति 11:17 - 12:20 मंगल 12:20 - 13:24 सूर्य 13:24 - 14:27 शुक्र 14:27 - 15:31 बुध 15:31 - 16:34 चन्द्र 16:34 - 17:37 शनि 17:37 - 18:41 🚩होरा, रात बृहस्पति 18:41 - 19:37 मंगल 19:37 - 20:34 सूर्य 20:34 - 21:30 शुक्र 21:30 - 22:27 बुध 22:27 - 23:23 चन्द्र 23:23 - 24:20 शनि 24:20* - 25:16 बृहस्पति 25:16* - 26:13 मंगल 26:13* - 27:09 सूर्य 27:09* - 28:06 शुक्र 28:06* - 29:03 बुध 29:03* - 29:59 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान---------------------पश्चिम* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा चिरौजी खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 15 + 14 + 1 + 1 = 31 ÷ 4 = 3 शेष मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l *💮 शिव वास एवं फल -:* 29 + 29 + 5 = 63 ÷ 7 = 0 शेष शमशान वास = मृत्यु कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिन।।* *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* *पितृकार्य अमवस्या* *सर्वार्थसिद्धि योग 08:56 तक* *ज्योतिबा फुले जयन्ती* *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* दुराचारी दुरादृष्टिर्दुरावासी च दुर्जनः । यन्मैत्रीक्रियते पुम्भिर्नरःशीघ्रं विनश्यति ।। ।।चा o नी o।। जो व्यक्ति दुराचारी, कुदृष्टि वाले, एवं बुरे स्थान पर रहने वाले मनुष्य के साथ मित्रता करता है, वह शीघ्र नष्ट हो जाता है। *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: कर्मयोग अo-3 इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहमव्ययम्‌ ।, विवस्वान्मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत्‌ ॥, श्री भगवान बोले- मैंने इस अविनाशी योग को सूर्य से कहा था, सूर्य ने अपने पुत्र वैवस्वत मनु से कहा और मनु ने अपने पुत्र राजा इक्ष्वाकु से कहा॥,1॥, *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष किसी प्रभावशाली व्यक्ति से सहयोग प्राप्त होगा। पूजा-पाठ में मन लगेगा। तीर्थदर्शन हो सकते हैं। विवेक का प्रयोग करें, लाभ होगा। मित्रों के साथ अच्‍छा समय बीतेगा। विरोध होगा। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। झंझटों में न पड़ें। जल्दबाजी से हानि होगी। आलस्य हावी रहेगा। 🐂वृष स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। चोट व दुर्घटना से हानि संभव है। कार्य करते समय लापरवाही न करें। बनते कामों में बाधा हो सकती है। विवाद से बचें। काम में मन नहीं लगेगा। किसी व्यक्ति के उकसाने में न आएं। विवेक का प्रयोग करें। आय बनी रहेगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। 👫मिथुन घर-परिवार की चिंता रहेगी। किसी वरिष्ठ व्यक्ति का मार्गदर्शन व सहयोग प्राप्त होगा। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में प्रसन्नता रहेगी। बाहर जाने का मन बनेगा। भाइयों से मतभेद दूर होंगे। व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी। 🦀कर्क लेन-देन में जल्दबाजी न करें। आवश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलने से क्रोध रहेगा। भूमि व भवन संबंधी बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। उन्नति के मार्ग प्रशस्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल रहेगा। बड़ा काम करने का मन बनेगा। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। आय में वृद्धि होगी। 🐅सिंह रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। किसी प्रबुद्ध व्यक्ति का मार्गदर्शन प्राप्त होगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन की प्राप्ति संभव है। पारिवारिक सदस्यों तथा मित्रों के साथ आनंदायक समय व्यतीत होगा। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। 🙍‍♀️कन्या बुरी सूचना मिल सकती है। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। आय में कमी रहेगी। नकारात्मकता बढ़ेगी। विवाद से क्लेश होगा। जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण निर्णय न लें। अनावश्यक परेशानी खड़ी हो सकती है। दूसरों की बातों में न आएं। धैर्य रखें, समय सुधरेगा। ⚖️तुला सामाजिक कार्यों में मन लगेगा। दूसरों की सहायता कर पाएंगे। मान-सम्मान मिलेगा। रुके कार्यों में गति आएगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा। व्यापार ठीक चलेगा। मनोरंजक यात्रा हो सकती है। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। घर-बाहर सुख-शांति रहेगी। झंझटों में न पड़ें। ईर्ष्यालु सक्रिय रहेंगे। 🦂वृश्चिक उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। भूले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। कोई नया बड़ा काम करने की योजना बनेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय मनोनुकूल चलेगा। भ्रम की स्थिति बन सकती है। बुद्धि का प्रयोग करें। लाभ में वृद्धि होगी। समय प्रसन्नतापूर्वक व्यतीत होगा। 🏹धनु यात्रा मनोरंजक रहेगी। भेंट व उपहार की प्राप्ति संभव है। किसी बड़ी समस्या का हल मिलेगा। व्यावसायिक साझेदार पूर्ण सहयोग करेंगे। कोई नया उपक्रम प्रारंभ करने का मन बनेगा। सेहत का ध्यान रखें। वरिष्ठजनों की सलाह काम आएगी। नए मित्र बनेंगे। आय बनी रहेगी। हर कार्य बेहतर होगा। 🐊मकर अनावश्यक जोखिम न लें। किसी भी व्यक्ति के उकसावे में न आएं। फालतू खर्च होगा। पुराना रोग उभर सकता है। सेहत को प्रा‍थमिकता दें। लेन-देन में जल्दबाजी से हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। महत्वपूर्ण निर्णय लेने का समय नहीं है। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। 🍯कुंभ मनोरंजक यात्रा की योजना बनेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। आय में वृद्धि होगी। बिगड़े काम बनेंगे। प्रसन्नता रहेगी। मित्रों के साथ अच्‍छा समय व्यतीत होगा। व्यस्तता के चलते स्वास्‍थ्य बिगड़ सकता है, ध्यान रखें। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रमाद न करें। 🐟मीन घर-परिवार के साथ आराम तथा मनोरंजन के साथ समय व्यतीत होगा। मान-सम्मान मिलेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। योजना फलीभूत होगी। कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। विरोध होगा। काम करते समय लापरवाही न करें। चोट लग सकती है। थकान तथा कमजोरी महसूस होगी। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। दिव्य ज्योतिष केंद्र वाट्सअप👉9450786998 *🚩आपका दिन मंगलमय हो🚩* 🔥🔥🔥🔥🔱🔥🔥🔥🔥

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🚩 🌷 *ॐ हं हनुमते नमः* 🌷 🚩 ☀️🔱 🌅 *सुप्रभातम्* 🌅🔱☀️ 🌷🌺📜 *अथ पंचांगम्* 📜🌺🌷 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक -: 10/04/2021,शनिवार* चतुर्दशी, कृष्ण पक्ष चैत्र """"""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि ------------चतुर्दशी अहोरात्र तक पक्ष ----------------------------कृष्ण नक्षत्र ---------पू०भा०06:45:03 योग -------------ब्रह्म 13:32:24 करण ------विष्टि भद्र 17:12:02 वार -------------------------शनिवार माह ------------------------------ चैत्र चन्द्र राशि --------------------- मीन सूर्य राशि --------------------- मीन रितु ---------------------------वसन्त आयन --------------------उत्तरायण संवत्सर -----------------------शार्वरी संवत्सर (उत्तर) ------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 विक्रम संवत (कर्तक)------2077 शाका संवत ----------------1942 वाराणसी सूर्योदय ----------------06:01:09 सूर्यास्त -----------------18:40:07 दिन काल -------------12:38:57 रात्री काल -------------11:19:59 चंद्रास्त ----------------17:14:43 चंद्रोदय -----------------29:43:26 लग्न ---- मीन 26°13' , 356°13' सूर्य नक्षत्र -------------------रेवती चन्द्र नक्षत्र -----------पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र पाया ---------------------ताम्र *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* दी ----पूर्वाभाद्रपदा 06:45:03 दू ----उत्तराभाद्रपदा 13:15:51 थ ----उत्तराभाद्रपदा 19:48:01 झ ----उत्तराभाद्रपदा 26:21:33 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ======================== सूर्य= मीन 26°52 ' रेवती , 3 च चन्द्र = मीन02°23 ' पू oभाo, 4 दी बुध = मीन 16°57' रेवती' 1 दे शुक्र= मीन 29°55, रेवती ' 4 ची मंगल=वृषभ 27°30 ' मृगशिरा ' 2 वो गुरु=कुम्भ 00°22 ' धनिष्ठा , 3 गु शनि=मकर 17°43 ' श्रवण ' 3 खे राहू=(व)वृषभ 19°30 'मृगशिरा , 3 वि केतु=(व)वृश्चिक 19°30 ज्येष्ठा , 1 नो *🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩* राहू काल 09:11 - 10:46 अशुभ यम घंटा 13:56 - 15:30 अशुभ गुली काल 06:01 - 07:36 अशुभ अभिजित 11:55 -12:46 शुभ दूर मुहूर्त 07:42 - 08:33 अशुभ 🚩पंचक अहोरात्र अशुभ 💮चोघडिया, दिन काल 06:01 - 07:36 अशुभ शुभ 07:36 - 09:11 शुभ रोग 09:11 - 10:46 अशुभ उद्वेग 10:46 - 12:21 अशुभ चर 12:21 - 13:56 शुभ लाभ 13:56 - 15:30 शुभ अमृत 15:30 - 17:05 शुभ काल 17:05 - 18:40 अशुभ 🚩चोघडिया, रात लाभ 18:40 - 20:05 शुभ उद्वेग 20:05 - 21:30 अशुभ शुभ 21:30 - 22:55 शुभ अमृत 22:55 - 24:20* शुभ चर 24:20* - 25:45* शुभ रोग 25:45* - 27:10* अशुभ काल 27:10* - 28:35* अशुभ लाभ 28:35* - 30:00* शुभ 💮होरा, दिन शनि 06:01 - 07:04 बृहस्पति 07:04 - 08:08 मंगल 08:08 - 09:11 सूर्य 09:11 - 10:14 शुक्र 10:14 - 11:17 बुध 11:17 - 12:21 चन्द्र 12:21 - 13:24 शनि 13:24 - 14:27 बृहस्पति 14:27 - 15:30 मंगल 15:30 - 16:34 सूर्य 16:34 - 17:37 शुक्र 17:37 - 18:40 🚩होरा, रात बुध 18:40 - 19:37 चन्द्र 19:37 - 20:33 शनि 20:33 - 21:30 बृहस्पति 21:30 - 22:27 मंगल 22:27 - 23:23 सूर्य 23:23 - 24:20 शुक्र 24:20* - 25:17 बुध 25:17* - 26:13 चन्द्र 26:13* - 27:10 शनि 27:10* - 28:07 बृहस्पति 28:07* - 29:03 मंगल 29:03* - 30:00 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान---------------------पूर्व* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो लौंग अथवा कालीमिर्च खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 15 + 14 + 7 + 1 = 37 ÷ 4 = 1शेष पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l *💮 शिव वास एवं फल -:* 29 + 29 + 5 = 63 ÷ 7 = शेष शमशान वास = मृत्यु कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* सांय 17:12 तक समाप्त मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* * मास शिवरात्रि * जल संसाधन दिवस * मेला पिहोवा (हरियाणा) * भारतीय रेल सप्ताह प्रारम्भ *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* गृहीत्वा दक्षिणां विप्रास्त्यजन्ति यजमानकम् । प्राप्तविद्या गुरुं शिष्या दग्धारण्यं मृगास्तथा ।। ।।चा o नी o।। ब्राह्मण दक्षिणा मिलने के पश्चात् आपने यजमानो को छोड़ देते है, विद्वान विद्या प्राप्ति के बाद गुरु को छोड़ जाते हैं और पशु जले हुए वन को त्याग देते हैं। *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: कर्मयोग अo-3 एवं बुद्धेः परं बुद्धवा संस्तभ्यात्मानमात्मना ।, जहि शत्रुं महाबाहो कामरूपं दुरासदम्‌ ॥, इस प्रकार बुद्धि से पर अर्थात सूक्ष्म, बलवान और अत्यन्त श्रेष्ठ आत्मा को जानकर और बुद्धि द्वारा मन को वश में करके हे महाबाहो! तू इस कामरूप दुर्जय शत्रु को मार डाल॥,43॥, *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कोर्ट व कचहरी के काम मनोनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। कुबुद्धि हावी रहेगी। चिंता तथा तनाव रहेंगे। मित्रों से संबंध सुधरेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। विरोधी सक्रिय रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। 🐂वृष वाहन व मशीनरी के प्रयोग में सावधानी रखें। पुराना रोग परेशानी का कारण रह सकता है। दूसरों के कार्य में दखल न दें। बड़ों की सलाह मानें। लाभ होगा। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। मानसिक बेचैनी रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। धैर्य रखें। 👫मिथुन प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। बेवजह कहासुनी हो सकती है। कानूनी अड़चन दूर होगी। व्यापार में वृद्धि होगी। नौकरी में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। प्रसन्नता रहेगी। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। 🦀कर्क किसी अपने के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। शारीरिक कष्ट संभव है। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शत्रु पस्त होंगे। वाणी पर नियंत्रण रखें। स्थायी संपत्ति के कार्य बड़ा लाभ दे सकते हैं। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल होंगे। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। 🐅सिंह घर के सदस्यों के स्वास्थ्य व अध्ययन संबंधी चिंता रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का मौका मिलेगा। यात्रा मनोरंजक रहेगी। दुष्टजनों से दूरी बनाए रखें। निवेश शुभ रहेगा। व्यापार में वृद्धि होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी सहयोग करेंगे। 🙍‍♀️कन्या शत्रु हानि पहुंचा सकते हैं। दु:खद समाचार मिल सकता है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। लाभ के अवसर हाथ से निकलेंगे। बेवजह कहासुनी हो सकती है। पुराना रोग उभर सकता है। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यापार ठीक चलेगा। आय में निश्चितता रहेगी। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। धैर्य रखें। ⚖️तुला शत्रु पस्त होंगे। सुख के साधन जुटेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। लंब समय से रुके कार्य सहज रूप से पूर्ण होंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। शेयर मार्केट में सफलता मिलेगी। व्यापार-व्यवसाय में वृद्धि होगी। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। शुभ समय। 🦂वृश्चिक घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय होगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। अज्ञात भय रहेगा। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता का माहौल रहेगा। 🏹धनु आंखों का ख्याल रखें। अज्ञात भय सताएगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। कानूनी अड़चन आ सकती है। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। लॉटरी व सट्टे से दूर रहें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में प्रमोशन प्राप्त हो सकता है। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। 🐊मकर स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी अप‍रिचित पर अतिविश्वास न करें। विवाद से क्लेश होगा। दूसरों के उकसाने में न आएं। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। चिंता तथा तनाव रहेंगे। व्यवसाय की गति धीमी रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। कोई बड़ी समस्या आ सकती है। धैर्य रखें। 🍯कुंभ शारीरिक कष्ट संभव है तथा तनाव रहेंगे। सुख के साधन प्राप्त होंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। 🐟मीन चोट व रोग से परेशानी संभव है। आराम तथा मनोरंजन के साधन उपलब्ध होंगे। यश बढ़ेगा। व्यापार वृद्धि होगी। नई योजना बनेगी जिसका तत्काल लाभ नहीं मिलेगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। विरोधी सक्रिय रहेंगे। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगें। दिव्य ज्योतिष केंद्र वाट्सअप👉9450786998 कालिंग👉📞8840618684 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

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🚩 🌷 *जय माता दी* 🌷 🚩 ☀️ 🌅 *सुप्रभातम्* 🌅 ☀️ 🌺📜 *अथ पंचांगम्* 📜🌺 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक-: 09/04/2021शुक्रवार* त्रयोदशी, कृष्ण पक्ष चैत्र """""""""""”"""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि -------त्रयोदशी 28:27:06 तक पक्ष ----------------------------कृष्ण नक्षत्र --पूर्वाभाद्रपदा 30:45:04 योग -------------शुक्ल 13:31:24 करण --------------गर 15:48:03 करण ---------वणिज 28:27:06 वार -------------------------शुक्रवार माह ------------------------------चैत्र चन्द्र राशि ------कुम्भ 24:15:40 चन्द्र राशि ---------------------मीन सूर्य राशि --------------------- मीन रितु --------------------------शिशिर आयन --------------------उत्तरायण संवत्सर -----------------------शार्वरी संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 विक्रम संवत (कर्तक)------2077 शाका संवत ----------------1942 वाराणसी सूर्योदय -----------------06:02:13 सूर्यास्त -----------------18:39:35 दिन काल -------------12:37:22 रात्री काल -------------11:21:34 चंद्रास्त -----------------16:21:00 चंद्रोदय -----------------29:13:27 लग्न ---- मीन 25°14' , 355°14' सूर्य नक्षत्र -------------------रेवती चन्द्र नक्षत्र -----------पूर्वाभाद्रपदा नक्षत्र पाया --------------------ताम्र *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* से ----पूर्वाभाद्रपदा 11:21:14 सो ----पूर्वाभाद्रपदा 17:47:43 दा ----पूर्वाभाद्रपदा 24:15:40 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ======================== सूर्य= मीन 25°52 ' रेवती , 3 च चन्द्र = कुम्भ 20°23 ' पू oभाo, 1 से बुध = मीन 14°57' उ oभाo' 4 ञ शुक्र= मीन 28°55, रेवती ' 4 ची मंगल=वृषभ 27°30 ' मृगशिरा ' 2 वो गुरु=कुम्भ 00°22 ' धनिष्ठा , 3 गु शनि=मकर 17°43 ' श्रवण ' 3 खे राहू=(व)वृषभ 19°40 'मृगशिरा , 3 वि केतु=(व)वृश्चिक 19°40 ज्येष्ठा , 1 नो *🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩* राहू काल 10:46 - 12:21 अशुभ यम घंटा 15:30 - 17:05 अशुभ गुली काल 07:37 - 09:12 अशुभ अभिजित 11:56 -12:46 शुभ दूर मुहूर्त 08:34 - 09:24 अशुभ दूर मुहूर्त 12:46 - 13:37 अशुभ 🚩पंचक अहोरात्र अशुभ 💮चोघडिया, दिन चर 06:02 - 07:37 शुभ लाभ 07:37 - 09:12 शुभ अमृत 09:12 - 10:46 शुभ काल 10:46 - 12:21 अशुभ शुभ 12:21 - 13:56 शुभ रोग 13:56 - 15:30 अशुभ उद्वेग 15:30 - 17:05 अशुभ चर 17:05 - 18:40 शुभ 🚩चोघडिया, रात रोग 18:40 - 20:05 अशुभ काल 20:05 - 21:30 अशुभ लाभ 21:30 - 22:55 शुभ उद्वेग 22:55 - 24:20* अशुभ शुभ 24:20* - 25:46* शुभ अमृत 25:46* - 27:11* शुभ चर 27:11* - 28:36* शुभ रोग 28:36* - 30:01* अशुभ 💮होरा, दिन शुक्र 06:02 - 07:05 बुध 07:05 - 08:08 चन्द्र 08:08 - 09:12 शनि 09:12 - 10:15 बृहस्पति 10:15 - 11:18 मंगल 11:18 - 12:21 सूर्य 12:21 - 13:24 शुक्र 13:24 - 14:27 बुध 14:27 - 15:30 चन्द्र 15:30 - 16:33 शनि 16:33 - 17:36 बृहस्पति 17:36 - 18:40 🚩होरा, रात मंगल 18:40 - 19:36 सूर्य 19:36 - 20:33 शुक्र 20:33 - 21:30 बुध 21:30 - 22:27 चन्द्र 22:27 - 23:24 शनि 23:24 - 24:20 बृहस्पति 24:20* - 25:17 मंगल 25:17* - 26:14 सूर्य 26:14* - 27:11 शुक्र 27:11* - 28:08 बुध 28:08* - 29:04 चन्द्र 29:04* - 30:01 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान---------------------पश्चिम* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा काजू खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 15 + 13 + 6 + 1 = 35 ÷ 4 = 3 शेष मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l *💮 शिव वास एवं फल -:* 28 + 28 + 5 = 61 ÷ 7 = 5 शेष ज्ञानवेलायां = कष्ट कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* रात्रि 27:28 से प्रारम्भ मृत्यु लोक = सर्वकार्य विनाशिनी *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* * प्रदोष व्रत (शिव पूजन) *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* निर्धनं पुरुषं वेश्या प्रजा भग्नं नृपं त्यजेत् । खगा वीतफलं वृक्षं भुक्त्वाचाभ्यागतोगृहम् ।। ।।चा o नी o।। वेश्या को निर्धन व्यक्ति को त्याग देना चाहिए, प्रजा को पराजित राजा को त्याग देना चाहिए, पक्षियों को फलरहित वृक्ष त्याग देना चाहिए एवं अतिथियों को भोजन करने के पश्चात् मेजबान के घर से निकल देना चाहिए। *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: कर्मयोग अo-3 इन्द्रियाणि पराण्याहुरिन्द्रियेभ्यः परं मनः ।, मनसस्तु परा बुद्धिर्यो बुद्धेः परतस्तु सः ॥, इन्द्रियों को स्थूल शरीर से पर यानी श्रेष्ठ, बलवान और सूक्ष्म कहते हैं।, इन इन्द्रियों से पर मन है, मन से भी पर बुद्धि है और जो बुद्धि से भी अत्यन्त पर है वह आत्मा है॥,42॥, *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। वाहन, मशीनरी व अग्नि आदि के प्रयोग में विशेषकर स्त्रियां सावधानी रखें। कार्यों की गति धीमी रहेगी। बु‍द्धि का प्रयोग करें। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। निराशा हावी रहेगी। आय में निश्चितता रहेगी। व्यापार ठीक चलेगा। लाभ होगा। 🐂वृष आशंका-कुशंका के चलते कार्य की गति धीमी रह सकती है। घर-परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्‍य की चिंता रहेगी। वैवाहिक प्रस्ताव प्राप्त हो सकता है। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। सभी ओर से सफलता प्राप्त होगी। दुष्टजन हानि पहुंचा सकते हैं। लाभ होगा। 👫मिथुन जीवनसाथी से कहासुनी हो सकती है। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। बेरोजगारी दूर होगी। करियर बनाने के अवसर प्राप्त होंगे। नौकरी में प्रशंसा प्राप्त होगी। पारिवारिक सहयोग से कार्य में आसानी होगी। दूसरों के कार्य में दखल न दें। प्रमाद से बचें। 🦀कर्क बौद्धिक कार्य सफल रहेंगे। लाभ के असवर हाथ आएंगे। यात्रा में सावधानी रखें। किसी पारिवारिक आनंदोत्सव में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। शत्रु पस्त होंगे। विवाद न करें। बेचैनी रहेगी। 🐅सिंह कोई बुरी खबर प्राप्त हो सकती है। पारिवारिक चिंताएं रहेंगी। मेहनत अधिक तथा लाभ कम होगा। दूसरों से अपेक्षा न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। मातहतों का सहयोग नहीं मिलेगा। कुसंगति से बचें, हानि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में निश्चितता रहेगी। प्रमाद न करें। 🙍‍♀️कन्या मित्रों की सहायता कर पाएंगे। मेहनत का फल मिलेगा। मान-सम्मान मिलेगा। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। नौकरी में उच्चाधिकारी की प्रसन्नता रहेगी। नया उपक्रम प्रारंभ करने की योजना बनेगी। व्यापार मनोनुकूल लाभ देगा। समय अनुकूल है। प्रसन्नता रहेगी। ⚖️तुला दूर से अच्‍छी खबर प्राप्त हो सकती है। आत्मविश्वास बढ़ेगा। कोई बड़ा काम करने की योजना बनेगी। पराक्रम व प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। घर में अतिथियों पर व्यय होगा। किसी मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है। व्यवसाय ठीक चलेगा। शत्रु शांत रहेंगे। प्रसन्नता रहेगी। 🦂वृश्चिक प्रेम-प्रसंग में जल्दबाजी न करें। शारीरिक कष्ट से कार्य में रुकावट होगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। यात्रा मनोरंजक रहेगी। नौकरी में अनुकूलता रहेगी। लाभ में वृद्धि होगी। निवेश में जल्दबाजी न करें। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। जरूरी वस्तु गुम हो सकती है। 🏹धनु अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। यात्रा में जल्दबाजी न करें। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। स्वास्थ्‍य पर बड़ा खर्च हो सकता है। विवाद को बढ़ावा न दें। आय में कमी रहेगी। व्यवसाय की गति धीमी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। बेचैनी रहेगी। 🐊मकर विवेक का प्रयोग लाभ में वृद्धि करेगा। कोई बड़ी बाधा से सामना हो सकता है। राजभय रहेगा। जल्दबाजी व विवाद करने से बचें। रुका हुआ धन मिल सकता है। व्यावसायिक यात्रा मनोनुकूल रहेगी। किसी अपने के व्यवहार से दु:ख होगा। नौकरी में उच्चाधिकारी का ध्यान खुद की तरफ खींच पाएंगे। 🍯कुंभ समाजसेवा में रुझान रहेगा। प्रतिष्ठा बढ़ेगी। नई आर्थिक नीति बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। पुरानी व्याधि से परेशानी हो सकती है। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। व्यापार वृद्धि होगी। ऐश्वर्य पर व्यय होगा। भाइयों का सहयोग मिलेगा। समय अनुकूल है। लाभ लें। प्रमाद न करें। 🐟मीन राजकीय अवरोध दूर होंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। धर्म-कर्म में मन लगेगा। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। निवेश शुभ रहेगा। प्रभावशाली व्यक्तियों से परिचय होगा। घर-बाहर पूछ-परख रहेगी। प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। दिव्य ज्योतिष केंद्र वाट्सअप👉9450786998 कालिंग👉8840618684 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

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🚩 🌿 *श्री गणेशाय नमः*🌿 🚩 🌱 🌿🌅 *सुप्रभातम्* 🌅🌱🌿 🌾🌺📜 *अथ पंचांगम्* 📜🌺🌾 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक -: 07/05/2021,बुधवार* एकादशी, कृष्ण पक्ष चैत्र """""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि -------एकादशी 26:28:15 तक पक्ष ----------------------------कृष्ण नक्षत्र ---------धनिष्ठा 27:31:42 योग -------------साध्य 14:27:32 करण -------------बव 14:14:54 करण ----------बालव 26:28:15 वार --------------------------बुधवार माह ------------------------------चैत्र चन्द्र राशि ------मकर 14:59:09 चन्द्र राशि --------------------कुम्भ सूर्य राशि --------------------- मीन रितु ---------------------------वसन्त आयन ------------------- उत्तरायण संवत्सर -----------------------शार्वरी संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 विक्रम संवत (कर्तक)------2077 शाका संवत ----------------1942 वाराणसी सूर्योदय ----------------06:04:22 सूर्यास्त -----------------18:38:32 दिन काल --------------12:34:10 रात्री काल -------------11:24:45 चंद्रास्त ----------------14:27:51 चंद्रोदय -----------------28:07:25 लग्न ----मीन 23°16' , 353°16' सूर्य नक्षत्र -------------------रेवती चन्द्र नक्षत्र ------------------धनिष्ठा नक्षत्र पाया --------------------ताम्र *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* गा ----धनिष्ठा 08:45:26 गी ----धनिष्ठा 14:59:09 गु ----धनिष्ठा 21:14:35 गे ----धनिष्ठा 27:31:42 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ======================== सूर्य= मीन 23°52 ' रेवती , 2 दो चन्द्र = मकर 25°23 ' धमिष्ठा, 1 गा बुध = मीन 11°57' उ oभाo' 3 झ शुक्र= मीन 26°55, रेवती ' 3 च मंगल=वृषभ 25°30 ' मृगशिरा ' 1 वे गुरु=मकर 29°22 ' धनिष्ठा , 2 गी शनि=मकर 15°43 ' श्रवण ' 2 खू राहू=(व)वृषभ 19°40 'मृगशिरा , 3 वि केतु=(व)वृश्चिक 19°40 ज्येष्ठा , 1 नो *🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩* राहू काल 12:21 - 13:56 अशुभ यम घंटा 07:39 - 09:13 अशुभ गुली काल 10:47 - 12:21 अशुभ अभिजित 11:56 -12:47 अशुभ दूर मुहूर्त 11:56 - 12:47 अशुभ 🚩पंचक 14:59 - अहोरात्र अशुभ 💮चोघडिया, दिन लाभ 06:04 - 07:39 शुभ अमृत 07:39 - 09:13 शुभ काल 09:13 - 10:47 अशुभ शुभ 10:47 - 12:21 शुभ रोग 12:21 - 13:56 अशुभ उद्वेग 13:56 - 15:30 अशुभ चर 15:30 - 17:04 शुभ लाभ 17:04 - 18:39 शुभ 🚩चोघडिया, रात उद्वेग 18:39 - 20:04 अशुभ शुभ 20:04 - 21:30 शुभ अमृत 21:30 - 22:55 शुभ चर 22:55 - 24:21* शुभ रोग ब24:21* - 25:47* अशुभ काल 25:47* - 27:12* अशुभ लाभ 27:12* - 28:38* शुभ उद्वेग 28:38* - 30:03* अशुभ 💮होरा, दिन बुध 06:04 - 07:07 चन्द्र 07:07 - 08:10 शनि 08:10 - 09:13 बृहस्पति 09:13 - 10:16 मंगल 10:16 - 11:19 सूर्य 11:19 - 12:21 शुक्र 12:21 - 13:24 बुध 13:24 - 14:27 चन्द्र 14:27 - 15:30 शनि 15:30 - 16:33 बृहस्पति 16:33 - 17:36 मंगल 17:36 - 18:39 🚩होरा, रात सूर्य 18:39 - 19:36 शुक्र 19:36 - 20:33 बुध 20:33 - 21:30 चन्द्र 21:30 - 22:27 शनि 22:27 - 23:24 बृहस्पति 23:24 - 24:21 मंगल 24:21* - 25:18 सूर्य 25:18* - 26:15 शुक्र 26:15* - 27:12 बुध 27:12* - 28:09 चन्द्र 28:09* - 29:06 शनि 29:06* - 30:03 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान---------------------उत्तर* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो पान अथवा पिस्ता खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 15 + 11 + 4 + 1 = 31 ÷ 4 = 3 शेष मृत्यु लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l *💮 शिव वास एवं फल -:* 26 + 26 + 5 = 57 ÷ 7 = 1 शेष कैलाश वास = शुभ कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* * पापमोचिनी एकादशी व्रत (सर्वेषां) *विश्व स्वास्थ्य दिवस *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* नदीतीरे च ये वृक्षाः परगेहेषु कामिनी । मंत्रिहीनाश्च राजानः शीघ्रं नश्यन्त्यसंशयम् ।। ।।चा o नी o।। नदी के किनारे वाले वृक्ष, दुसरे व्यक्ति के घर मे जाने अथवा रहने वाली स्त्री एवं बिना मंत्रियों का राजा - ये सब निश्चय ही शीघ्र नस्ट हो जाते हैं। *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: कर्मयोग अo-3 इन्द्रियाणि मनो बुद्धिरस्याधिष्ठानमुच्यते ।, एतैर्विमोहयत्येष ज्ञानमावृत्य देहिनम्‌ ॥, इन्द्रियाँ, मन और बुद्धि- ये सब इसके वासस्थान कहे जाते हैं।, यह काम इन मन, बुद्धि और इन्द्रियों द्वारा ही ज्ञान को आच्छादित करके जीवात्मा को मोहित करता है।, ॥,40॥ *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष लाभ के अवसर हाथ आएंगे। अध्यात्म में रुचि रहेगी। सत्संग का लाभ मिलेगा। कुसंगति से हानि होगी, बचें। व्यवसाय ठीक चलेगा। अच्‍छी बात का भी विरोध हो सकता है। धैर्य रखें। अज्ञात भय सताएगा। शारीरिक कष्ट संभव है। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। कानूनी अड़चन दूर होगी। 🐂वृष प्रेम-प्रसंग में जोखिम न लें। कोर्ट व कचहरी के काम निबटेंगे। धन प्राप्ति सुगम होगी। बेवजह खर्च होगा। तनाव रहेगा। पारिवारिक सहयोग प्राप्त होगा। प्रसन्नता तथा संतुष्टि रहेगी। जल्दबाजी न करें। शत्रु पस्त होंगे। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। शारीरिक कष्ट संभव है। 👫मिथुन थोड़े प्रयास से ही काम बनेंगे। कार्यप्रणाली की प्रशंसा मिलेगी। आय में वृद्धि होगी। प्रेम-प्रसंग के अवसर सहज ही प्राप्त होंगे। व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। नए काम मिलेंगे। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। दूसरों के झगड़ों में न पड़ें। राशि फलादेश 🦀कर्क आय में वृद्धि होगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। किसी बड़ी समस्या का हल सहज ही होगा। अच्‍छे कामों का भी विरोध हो सकता है। बुद्धि का प्रयोग आवश्यक है। भय रहेगा। चिंता बनी रहेगी। व्यावसायिक यात्रा लाभदायक रहेगी। 🐅सिंह दूसरों की बातों में न आएं। विवेक व धैर्य से कार्य करें। लाभ में वृद्धि होगी। नकारात्मकता बढ़ सकती है। प्रमाद न करें। काम पर ध्यान दें। वाहन, मशीनरी व अग्नि के प्रयोग में विशेष सावधानी रखें। क्रोध व उत्तेजना से किसी उलझन में फंस सकते हैं। 🙍‍♀️कन्या धनागम सहज ही होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। भू‍ले-बिसरे साथियों से मुलाकात होगी। नए मित्र बनेंगे। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा। कानूनी समस्या खड़ी हो सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। जल्दबाजी न करें। बेचैनी रहेगी। 🐅तुला किसी अपने के व्यवहार से दिल को ठेस पहुंच सकती है। समय पर आवश्यक वस्तु न मिलने से तनाव रहेगा। दूसरों से अपेक्षा न करें। आय में निश्चितता रहेगी। थकान महसूस होगी। अनावश्यक विवाद को बढ़ावा न दें। परेशानी हो सकती है। दु:खद समाचार प्राप्त हो सकता है। 🦂वृश्चिक पुराना रुका हुआ पैसा मिल सकता है। प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। आय में वृद्धि होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। पार्टनरों का सहयोग प्राप्त होगा। प्रतिद्वंद्विता में कमी होगी। प्रसन्नता रहेगी। सुख के साधन जुटेंगे। प्रमाद न करें। ⚖️धनु अनावश्यक वस्तु समय पर नहीं मिलेगी। चिड़चिड़ापन रहेगा। बेवजह कहासुनी हो सकती है। आय में निश्चितता रहेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। शारीरिक कष्ट से बाधा संभव है। चिंता तथा तनाव बने रहेंगे। अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। 🦂मकर किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त करेगा। अध्ययन में मन लगेगा। धनार्जन सहज होगा। आलस्य न करें। चिंता, भय व कष्ट का वातावरण बन सकता है, सावधानी रखें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। 🍯कुंभ नई योजना बनेगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त होगा। प्रतिष्ठा वृद्धि होगी। रुके कार्य पूर्ण होंगे। नए अनुबंध हो सकते हैं। भाग्य का साथ मिलेगा। आय में वृद्धि होगी। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। जल्दबाजी न करें। कोई भी निर्णय सोच-समझकर करें। 🐟मीन स्थायी संपत्ति के कार्य मनोनुकूल लाभ देंगे। रोजगार में वृद्धि होगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। लेन-देन में हानि संभव है। जल्दबाजी न करें। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। बड़ा काम करने का मन बनेगा। प्रसन्नता रहेगी। विरोधियों का पराभव होगा। दिव्य ज्योतिष केंद्र वाट्सअप👉9450786998 कालिंग👉8840618684 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

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🚩 🚩🚩 *जय श्री राम* 🚩 🚩 ☀️ 🔱 🌅 *सुप्रभातम्* 🌅🔱🌷 🌷🌺📜 *अथ पंचांगम्* 📜🌺🌷 🌺🌺🙏🙏🌺🌺🙏🙏🌺🌺 *दिनाँक -: 06/04/2021,मंगलवार* दशमी, कृष्ण पक्ष चैत्र """"""""""""""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि ----------दशमी 26:08:35 तक पक्ष ----------------------------कृष्ण नक्षत्र ----------श्रवण 26:33:28 योग -------------सिद्ध 15:27:50 करण ---------वणिज 14:09:36 करण ------विष्टि भद्र 26:08:35 वार -----------------------मंगलवार माह ------------------------------चैत्र चन्द्र राशि ------------------- मकर सूर्य राशि --------------------- मीन रितु ---------------------------वसन्त आयन --------------------उत्तरायण संवत्सर -----------------------शार्वरी संवत्सर (उत्तर) -------------प्रमादी विक्रम संवत ----------------2077 विक्रम संवत (कर्तक)------2077 शाका संवत ----------------1942 वाराणसी सूर्योदय ----------------06:05:27 सूर्यास्त -----------------18:38:01 दिन काल --------------12:32:34 रात्री काल -------------11:26:20 चंद्रास्त -----------------13:28:01 चंद्रोदय -----------------27:28:45 लग्न ----मीन 22°17' , 352°17' सूर्य नक्षत्र -------------------रेवती चन्द्र नक्षत्र -------------------श्रवण नक्षत्र पाया --------------------ताम्र *🚩💮🚩 पद, चरण 🚩💮🚩* खी ----श्रवण 08:08:23 खू ----श्रवण 14:14:54 खे ----श्रवण 20:23:16 खो ----श्रवण 26:33:28 *💮🚩💮 ग्रह गोचर 💮🚩💮* ग्रह =राशी , अंश ,नक्षत्र, पद ======================== सूर्य= मीन 22°52 ' रेवती , 2 दो चन्द्र = मकर 12°23 ' श्रवण, 1 खी बुध = मीन 09°57' उ oभाo' 2 थ शुक्र= मीन 25°55, रेवती ' 3 च मंगल=वृषभ 25°30 ' मृगशिरा ' 1 वे गुरु=मकर 29°22 ' धनिष्ठा , 2 गी शनि=मकर 15°43 ' श्रवण ' 2 खू राहू=(व)वृषभ 19°40 'मृगशिरा , 3 वि केतु=(व)वृश्चिक 19°40 ज्येष्ठा , 1 नो *🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩* राहू काल 15:30 - 17:04 अशुभ यम घंटा 09:14 - 10:48 अशुभ गुली काल 12:22 - 13:56 अशुभ अभिजित 11:57 -12:47 शुभ दूर मुहूर्त 08:36 - 09:26 अशुभ दूर मुहूर्त 23:13 - 24:03* अशुभ 💮चोघडिया, दिन रोग 06:05 - 07:40 अशुभ उद्वेग 07:40 - 09:14 अशुभ चर 09:14 - 10:48 शुभ लाभ 10:48 - 12:22 शुभ अमृत 12:22 - 13:56 शुभ काल 13:56 - 15:30 अशुभ शुभ 15:30 - 17:04 शुभ रोग 17:04 - 18:38 अशुभ 🚩चोघडिया, रात काल 18:38 - 20:04 अशुभ लाभ 20:04 - 21:30 शुभ उद्वेग 21:30 - 22:55 अशुभ शुभ 22:55 - 24:21* शुभ अमृत 24:21* - 25:47* शुभ चर 25:47* - 27:13* शुभ रोग 27:13* - 28:39* अशुभ काल 28:39* - 30:04* अशुभ 💮होरा, दिन मंगल 06:05 - 07:08 सूर्य 07:08 - 08:11 शुक्र 08:11 - 09:14 बुध 09:14 - 10:16 चन्द्र 10:16 - 11:19 शनि 11:19 - 12:22 बृहस्पति 12:22 - 13:24 मंगल 13:24 - 14:27 सूर्य 14:27 - 15:30 शुक्र 15:30 - 16:33 बुध 16:33 - 17:35 चन्द्र 17:35 - 18:38 🚩होरा, रात शनि 18:38 - 19:35 बृहस्पति 19:35 - 20:32 मंगल 20:32 - 21:30 सूर्य 21:30 - 22:27 शुक्र 22:27 - 23:24 बुध 23:24 - 24:21 चन्द्र 24:21* - 25:18 शनि 25:18* - 26:16 बृहस्पति 26:16* - 27:13 मंगल 27:13* - 28:10 सूर्य 28:10* - 29:07 शुक्र 29:07* - 30:04 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान---------------------उत्तर* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा गुड़ खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩 अग्नि वास ज्ञान -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।* 15 +10 + 3 + 1 = 29 ÷ 4 = 1 शेष पाताल लोक पर अग्नि वास हवन के लिए अशुभ कारक है l *💮 शिव वास एवं फल -:* 25 + 25 + 5 = 55 ÷ 7 = 6 शेष क्रीड़ायां = शोक,दुःख कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* दोपहर 14:09 से रात्रि 26:08 तक पाताल लोक = धनलाभ कारक *💮🚩 विशेष जानकारी 🚩💮* * दशामाता व्रत *💮🚩💮 शुभ विचार 💮🚩💮* कान्ता वियोगः स्वजनापमानि । ऋणस्य शेषं कुनृपस्य सेवा ।। दरिद्रभावो विषमा सभा च । विनाग्निना ते प्रदहन्ति कायम् ।। ।।चा o नी o।। पत्नी का वियोग होना, आपने ही लोगो से बे-इजजत होना, बचा हुआ ऋण, दुष्ट राजा की सेवा करना, गरीबी एवं दरिद्रों की सभा - ये छह बातें शरीर को बिना अग्नि के ही जला देती हैं। *🚩💮🚩 सुभाषितानि 🚩💮🚩* गीता -: कर्मयोग अo-3 आवृतं ज्ञानमेतेन ज्ञानिनो नित्यवैरिणा ।, कामरूपेण कौन्तेय दुष्पूरेणानलेन च ॥, और हे अर्जुन! इस अग्नि के समान कभी न पूर्ण होने वाले काम रूप ज्ञानियों के नित्य वैरी द्वारा मनुष्य का ज्ञान ढँका हुआ है॥,39॥, *💮🚩 दैनिक राशिफल 🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। बेचैनी रहेगी। प्रयास सफल रहेंगे। धनलाभ के अवसर हाथ आएंगे। सामाजिक कार्य करने में रुचि रहेगी। मान-सम्मान मिलेगा। निवेश शुभ रहेगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। कार्यसिद्धि होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। 🐂वृष यात्रा मनोरंजक रहेगी। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। विद्यार्थी वर्ग सफलता प्राप्त करेगा। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। व्यस्तता के चलते स्वास्‍थ्य प्रभावित होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। मित्रों का सहयोग समय पर प्राप्त होगा। रुके कार्यों में गति आएगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम न उठाएं। 👫मिथुन जल्दबाजी से चोट लग सकती है। दूर से शोक समाचार मिल सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। किसी अपने ही व्यक्ति से कहासुनी हो सकती है। थकान व कमजोरी रह सकती है। स्वास्थ्य पर खर्च होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। नौकरी में कार्यभार रहेगा। भागदौड़ रहेगी। आय होगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। 🦀कर्क कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। थकान व कमजोरी रह सकती है। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। निवेश में जल्दबाजी न करें। नौकरी में शांति रहेगी। धन प्राप्ति सुगम होगी। मित्रों का सहयोग रहेगा। कार्य समय पर पूर्ण होंगे। 🐅सिंह पुराना रोग उभर सकता है। दूर से दु:खद समाचार मिल सकता है। व्यर्थ भागदौड़ रहेगी। किसी व्यक्ति के व्यवहार से अप्रसन्नता रहेगी। अपेक्षित कार्य विलंब से होंगे। प्रयास अधिक करना पड़ेंगे। किसी व्यक्ति विशेष की नाराजी झेलना पड़ेगी। व्यवसाय ठीक चलेगा। 🙍‍♀️कन्या जल्दबाजी न करें। कोई समस्या खड़ी हो सकती है। शरीर शिथिल हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। भूमि व भवन इत्यादि की खरीद-फरोख्त की योजना बनेगी। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। आय में वृद्धि होगी। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेगे। प्रमाद न करें। ⚖️तुला धनहानि संभव है, सावधानी रखें। किसी व्यक्ति के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। विवाद से बचें। शत्रु शांत रहेंगे। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। व्यापार मनोनुकूल चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा। 🦂वृश्चिक अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। बात बढ़ सकती है। परिवार के किसी सदस्य के स्वास्‍थ्य की चिंता रहेगी। तनाव रहेगा। पुराना रोग उभर सकता है। लेन-देन में सावधानी रखें। किसी भी व्यक्ति की बातों में न आएं। महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर करें, लाभ होगा। 🏹धनु शत्रु सक्रिय रहेंगे। शारीरिक कष्‍ट संभव है। दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप न करें। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेगा। निवेश मनोनुकूल लाभ देगा। परीक्षा व साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्त होगी। भाग्य का साथ मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। 🐊मकर धन प्राप्ति सुगम तरीके से होगी। नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं होगा। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। सामाजिक कार्य करने में रुझान रहेगा। मान-सम्मान मिलेगा। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड इत्यादि से मनोनुकूल लाभ होगा। कष्ट, तनाव व चिंता का वातावरण बन सकता है। शत्रु पस्त होंगे। 🍯कुंभ पूजा-पाठ में मन लगेगा। किसी साधु-संत का आशीवार्द मिल सकता है। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय लाभप्रद रहेंगे। नौकरी में प्रभाव वृद्धि होगी। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। लंबित कार्य पूर्ण होंगे। प्रमाद न करें। 🐟मीन घर में अतिथियों का आगमन होगा। व्यय होगा। दूर से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। व्यापार-व्यवसाय ठीक चलेगा। नौकरी में संतोष रहेगा। निवेश शुभ रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। विरोध होगा। विवाद से क्लेश होगा, इससे बचें। पुराना रोग उभर सकता है। परिवार की चिंता रहेगी। जल्दबाजी न करें। दिव्य ज्योतिष केंद्र वाट्सअप👉9450786998 🙏आपका दिन मंगलमय हो🙏 🌺🌺🌺🌺🙏🌺🌺🌺🌺

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चैत्र नवरात्रि 🌺🌺🌺🌺🌺 नवरात्र वह समय है, जब दोनों रितुओं का मिलन होता है। इस संधि काल मे ब्रह्मांड से असीम शक्तियां ऊर्जा के रूप में हम तक पहुँचती हैं। मुख्य रूप से हम दो नवरात्रों के विषय में जानते हैं - चैत्र नवरात्र एवं आश्विन नवरात्र। चैत्र नवरात्रि गर्मियों के मौसम की शुरूआत करता है और प्रकृति माँ एक प्रमुख जलवायु परिवर्तन से गुजरती है। यह चैत्र शुक्ल पक्ष प्रथमा से प्रारंभ होती है और रामनवमी को इसका समापन होता है। चैत्र नवरात्रि में माँ भगवती के सभी नौ रूपों की उपासना की जाती है। इस समय आध्यात्मिक ऊर्जा ग्रहण करने के लिए लोग विशिष्ट अनुष्ठान करते हैं। इस अनुष्ठान में देवी के रूपों की साधना की जाती है। (पहला दिन) प्रतिपदा - इस दिन पर "घटत्पन", "चंद्र दर्शन" और "शैलपुत्री पूजा" की जाती है। (दूसरा दिन) दिन पर "सिंधारा दौज" और "माता ब्रह्राचारिणी पूजा" की जाती है। (तीसरा दिन) यह दिन "गौरी तेज" या "सौजन्य तीज" के रूप में मनाया जाता है और इस दिन का मुख्य अनुष्ठान "चन्द्रघंटा की पूजा" है। (चौथा दिन) "वरद विनायक चौथ" के रूप में भी जाना जाता है, इस दिन का मुख्य अनुष्ठान "कूष्मांडा की पूजा" है। (पांचवा दिन) इस दिन को "लक्ष्मी पंचमी" कहा जाता है और इस दिन का मुख्य अनुष्ठान "नाग पूजा" और "स्कंदमाता की पूजा" जाती है। (छटा दिन) इसे "यमुना छत" या "स्कंद सस्थी" के रूप में जाना जाता है और इस दिन का मुख्य अनुष्ठान "कात्यायनी की पूजा" है। (सातवां दिन) सप्तमी को "महा सप्तमी" के रूप में मनाया जाता है और देवी का आशीर्वाद मांगने के लिए “कालरात्रि की पूजा” की जाती है। (आठवां दिन) अष्टमी को "दुर्गा अष्टमी" के रूप में भी मनाया जाता है और इसे "अन्नपूर्णा अष्टमी" भी कहा जाता है। इस दिन "महागौरी की पूजा" और "संधि पूजा" की जाती है। (नौंवा दिन) "नवमी" नवरात्रि उत्सव का अंतिम दिन "राम नवमी" के रूप में मनाया जाता है और इस दिन "सिद्धिंदात्री की पूजा महाशय" की जाती है। चैत्र नवरात्रि के दौरान अनुष्ठान - बहुत भक्त नौ दिनों का उपवास रखते हैं। भक्त अपना दिन देवी की पूजा और नवरात्रि मंत्रों का जप करते हुए बिताते हैं। चैत्र नवरात्रि के पहले तीन दिनों को ऊर्जा माँ दुर्गा को समर्पित है। अगले तीन दिन, धन की देवी, माँ लक्ष्मी को समर्पित है और आखिर के तीन दिन ज्ञान की देवी, माँ सरस्वती को समर्पित हैं। चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में से प्रत्येक के पूजा अनुष्ठान नीचे दिए गए हैं। पूजा विधि - घट स्थापना नवरात्रि के पहले दिन सबसे आवश्यक है, जो ब्रह्मांड का प्रतीक है और इसे पवित्र स्थान पर रखा जाता है, घर की शुद्धि और खुशाली के लिए। १. अखण्ड ज्योति : नवरात्रि ज्योति घर और परिवार में शांति का प्रतीक है। इसलिए, यह जरूरी है कि आप नवरात्रि पूजा शुरू करने से पहले देसी घी का दीपक जलतें हैं। यह आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा को कम करने में मदद करता है और भक्तों में मानसिक संतोष बढ़ाता है। २. जौ की बुवाई : नवरात्रि में घर में जौ की बुवाई करते है। ऐसी मान्यता है की जौ इस सृष्टी की पहली फसल थी इसीलिए इसे हवन में भी चढ़ाया जाता है। वसंत ऋतू में आने वाली पहली फसल भी जौ ही है जिसे देवी माँ को चैत्र नवरात्रि के दौरान अर्पण करते है। ३. नव दिवस भोग (9 दिन के लिए प्रसाद) : प्रत्येक दिन एक देवी का प्रतिनिधित्व किया जाता है और प्रत्येक देवी को कुछ भेंट करने के साथ भोग चढ़ाया जाता है। सभी नौ दिन देवी के लिए 9 प्रकार भोग निम्न अनुसार हैं: • 1 दिन: केले • 2 दिन: देसी घी (गाय के दूध से बने) • 3 दिन: नमकीन मक्खन • 4 दिन: मिश्री • 5 दिन: खीर या दूध • 6 दिन: माल पोआ • 7 दिन: शहद • 8 दिन: गुड़ या नारियल • 9 दिन: धान का हलवा ४. दुर्गा सप्तशती : दुर्गा सप्तशती शांति, समृद्धि, धन और शांति का प्रतीक है, और नवरात्रि के 9 दिनों के दौरान दुर्गा सप्तशती के पाठ को करना, सबसे अधिक शुभ कार्य माना जाता है। ५. नौ दिनों के लिए नौ रंग : शुभकामना के लिए और प्रसंता के लिए, नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान लोग नौ अलग-अलग रंग पहनते हैं: • 1 दिन: हरा • 2 दिन: नीला • 3 दिन: लाल • 4 दिन: नारंगी • 5 दिन: पीला • 6 दिन: नीला • 7 दिन: बैंगनी रंग • 8 दिन: गुलाबी • 9 दिन: सुनहरा रंग ६. कन्या पूजन : कन्या पूजन माँ दुर्गा की प्रतिनिधियों (कन्या) की प्रशंसा करके, उन्हें विदा करने की विधि है। उन्हें फूल, इलायची, फल, सुपारी, मिठाई, श्रृंगार की वस्तुएं, कपड़े, घर का भोजन (खासकर: जैसे की हलवा, काले चने और पूरी) प्रस्तुत करने की प्रथा है। अनुष्ठान के कुछ विशेष नियम : बहुत सारे भक्त निचे दिए गए अनुष्ठानों का पालन करते हैं: 1. प्रार्थना और उपवास चैत्र नवरात्रि समारोह का प्रतीक है। त्योहार के आरंभ होने से पहले, अपने घर में देवी का स्वागत करने के लिए घर की साफ सफाई करते हैं। 2. सात्विक जीवन व्यतीत करते हैं। भूमि शयन करते हैं। सात्त्विक आहार करते हैं। 3. उपवास करते वक्त सात्विक भोजन जैसे कि आलू, कुट्टू का आटा, दही, फल, आदि खाते हैं। 4. नवरात्रि के दौरान, भोजन में सख्त समय का अनुशासन बनाए रखते हैं और अपने व्यवहार की निगरानी भी करते हैं, जैसे की • अस्वास्थ्यकर खाना (Junk Food) नहीं खाते। • सत्संग करते हैं। • ज्ञान सूत्र से जुड़ते हैं। • ध्यान करते हैं। • चमड़े का प्रयोग नहीं करते हैं। • क्रोध से बचे रहते हैं। • कम से कम 2 घंटे का मौन रहते हैं। • अनुष्ठान समापन पर क्षमा प्रार्थना का विधान है तथा विसर्जन करते हैं। चैत्र नवरात्री का महत्व : यह माना जाता है कि यदि भक्त बिना किसी इच्छा की पूर्ति के लिए महादुर्गा की पूजा करते हैं, तो वे मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर कर मोक्ष प्राप्त करते हैं। 🌾🌹🏵️🌷🌾🌺🌷🌹🏵️🌺🌾🌷🏵️🌺🌾

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क्या होता है मूल नक्षत्र, कैसे डालता है असर ? *********************************** ज्योतिष की सटीक व्याख्या और फल के लिए हमेशा नक्षत्रों पर विचार किया जाता है। नक्षत्रों के अलग अलग स्वभाव होते हैं और उनके अलग अलग फल भी होते हैं। कुछ नक्षत्र कोमल होते हैं कुछ कठोर और कुछ उग्र होते हैं। उग्र और तीक्ष्ण स्वभाव वाले नक्षत्रों को ही मूल नक्षत्र , सतैसा या गण्डात कहा जाता है। जब बालक इन नक्षत्रों में जन्म लेता है तो विशेष तरह के प्रभाव देखने में आते हैं। इन नक्षत्रों में जन्म लेने का असर सीधा बच्चे के स्वभाव और स्वास्थ्य पर पड़ता है। क्या है मूल नक्षत्र ? ============ ज्योतिष की सटीक व्याख्या और फल के लिए हमेशा नक्षत्रों पर विचार किया जाता है। नक्षत्रों के अलग अलग स्वभाव होते हैं और उनके अलग अलग फल भी होते हैं। कुछ नक्षत्र कोमल होते हैं कुछ कठोर और कुछ उग्र होते हैं। उग्र और तीक्ष्ण स्वभाव वाले नक्षत्रों को ही मूल नक्षत्र , सतैसा या गण्डात कहा जाता है। जब बालक इन नक्षत्रों में जन्म लेता है तो विशेष तरह के प्रभाव देखने में आते हैं। इन नक्षत्रों में जन्म लेने का असर सीधा बच्चे के स्वभाव और स्वास्थ्य पर पड़ता है। कौन-कौन से होते हैं मूल नक्षत्र और और उनका प्रभाव क्या है ? ========================================== मूल ,ज्येष्ठा और आश्लेषा नक्षत्र मुख्य मूल नक्षत्र हैं और अश्विनी,रेवती और मघा सहायक मूल नक्षत्र हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर 6 मूल नक्षत्र हैं- अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मघा और रेवती। जब बालक का जन्म इनमे होता है तो बालक के स्वास्थ्य की स्थिति संवेदनशील हो जाती है, माना जाता है कि पिता को नवजात का मुख नहीं देखना चाहिए जब तक इसकी शांति न करा ली जाए। वास्तविकता में केवल नक्षत्रों के आधार पर ही सारा निर्णय नहीं लेना चाहिए पूरी तरह से कुंडली देखकर ही इसका निर्णय करें। अगर बच्चे का जन्म मूल नक्षत्र में हुआ है तो किन बातों का ख्याल रखें ? =================================================== सबसे पहले ये देखें की बच्चे के स्वास्थ्य की स्थिति क्या है और किस कारण से उसको समस्या हो सकती है। पिता और माता की कुंडली जरूर देखें कि उनका और उनपर इस नवजात के जन्म का क्या प्रभाव है। अगर बच्चे का बृहस्पति और चन्द्रमा मजबूत है तो बच्चे के स्वास्थ्य का संकट समाप्त हो जाता है। इसी प्रकार से अगर पिता या परिजनों के ग्रह ठीक हैं तो भी चिंता नहीं करनी चाहिए। कोई भी समस्या संस्करों का खेल है , किसी बच्चे का इसमें कोई दोष नहीं होता। वैसे भी 8 वर्ष के बाद मूल नक्षत्र का प्रभाव विशेष नहीं रहता। क्या करें उपाय अगर मूल नक्षत्र का दुष्प्रभाव तुरंत पड़ने की सम्भावना हो ? =================================================== 👉 जन्म के सत्ताईस दिन बाद वही नक्षत्र आने पर नक्षत्र (मूल) शांति करा लें। 👉बच्चे के आठ वर्ष तक हो जाने तक नित्य प्रातः माता-पिता "ॐ नमः शिवाय" का जाप करें। 👉अगर उम्र 8 वर्ष से ज्यादा हो तो मूल नक्षत्र की शांति की आवश्यकता नहीं होती। 👉 क्योंकि ज्यादा संकट आम तौर पर 8 वर्ष तक रहता है। 👉अगर मूल नक्षत्र के कारण बच्चे का स्वास्थ्य कमजोर रहता हो तो बच्चे की माता को पूर्णिमा का उपवास रखना चाहिए। अगर बच्चे के स्वभाव पर मूल नक्षत्र का असर हो तो क्या उपाय करना चाहिए ? ==================================================== 👉अगर बच्चे की राशी मेष और नक्षत्र अश्विनी है तो बच्चे को हनुमान जी की उपासना करवाएं। 👉 अगर राशि सिंह और नक्षत्र मघा है तो बच्चे से सूर्य को जल अर्पित करवाएं। 👉अगर बच्चे की राशि धनु और नक्षत्र मूल है तो गुरु और गायत्री उपासना अनुकूल होगी। 👉अगर बच्चे की राशी कर्क और नक्षत्र आश्लेषा है तो शिव जी की उपासना उत्तम रहेगी। 👉 वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र होने पर भी हनुमान जी की उपासना करवाएं। 👉अगर मीन राशि और रेवती नक्षत्र है तो गणेश जी की उपासना से लाभ होगा। आचार्य सत्यानन्द पाण्डेय (ज्योतिष एवं तंत्राचार्य) दिव्य ज्योतिष केंद्र वाराणसी उत्तर प्रदेश वाट्सअप👉9450786998 कालिंग👉8840618684 🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀🥀

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