ॐ🌹 ॐ_नमः_शिवाय 🌹ॐ ॐ 🌿 हर हर महादेव 🌿 ॐ ॐ 🔱 जय_श्री_महाकाल 🔱 🚩ॐपवित्र श्रावण मास की हार्दिक शुभकामनाएं जी 🙏 🚩#ॐ_नमः_शिवाय_हर_हर_महादेव 🚩जानें क्यों शिव भक्ति के काल को पुकारा जाता है श्रावण ☝हिंदू वर्ष का पांचवा माह श्रावण शिव भक्ति का काल होने से बहुत ही पुण्य काल माना गया है। लोक भाषा में इसे ही सरल रूप में सावन भी कहा जाता है। शिव उपासना के इस विशेष माह को श्रावण पुकारने के पीछे भी धार्मिक महत्व और कालगणना के आधार हैं। 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 ✌दरअसल, हिन्दू पंचांग में भारतीय कालगणना और ज्योतिष शास्त्रों के मुताबिक हर माह और दिन का नाम नियत हैं। हिन्दू वर्ष की शुरुआत चैत्र मास से होती है। हर माह ग्रह-नक्षत्रों की चाल और स्थिति में बदलाव होता है। इसी क्रम में पांचवे माह श्रावण में या इसकी पूर्णिमा तिथि के साथ आसमान में श्रवण नक्षत्र का योग बनता है। यही कारण है कि इसी नक्षत्र के नाम से यह माह श्रावण नाम से प्रसिद्ध है। 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 वहीं धार्मिक महत्व के नजरिए से श्रावण, भादौ, आश्विन और कार्तिक चातुर्मास के चार माह होते हैं। चातुर्मास धर्म और आध्यात्मिक साधनाओं का विशेष और पुण्य काल माना गया है। जिसमें संत से लेकर साधारण इंसान भी भक्ति और उपासना में डूबा रहता है। क्योंकि सावन से शिव भक्ति से शुरु सिलसिला आगामी महिनों में शिव परिवार के अन्य सदस्यों की भक्ति और उपासना के रूप में जारी रहता है। जिनमें भादौ मास श्री गणेश का तो आश्विन मास और कार्तिक देवी उपासना का विशेष काल है। 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 शिव कल्याणकारी देवता है। श्रावण में उनकी भक्ति से शुरू हुई शुभ और मंगल कामनाओं का दौर अगले चार माहों में गणेश उत्सव व देवी आराधना के पर्व और त्यौहारों के द्वारा मन व जीवन को शक्ति, ऊर्जा और नए विचारों से भर देते हैं।🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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🐒नमस्कार सभी को🚩किसी भाई ने कमेन्ट में यह स्टोरी लिखी थी मुझे बेहद अच्छा लगा इसलिए आप सभी के साथ शेयरकर रहा हूँ 💕💕🐒🐒🐒💕💕💕🐒🐒🐒💕💕 ☝भाई अब 50+की पीढ़ी को बहुत समझदार होने की जरूरत है। इस तरह के केस हर दूसरे घर की कहानी हो गई है। *एक ऐसा ही सच्चा किस्सा आप को बताता हूं क्रपया पढें व अन्य बुजुर्गों को अवश्य भेजें* ✌ मेरे एक दोस्त के माता-पिता बहुत ही शान्त स्वभाव के थे मेरा मित्र उनकी इकलौती संतान था उसकी शादी हो चुकी थी। व उसके दो बच्चे थे। अचानक मां का देहांत हो जाता है। एक दिन मेरा मित्र अंकल को कहता है कि पापा आप गैरेज में शिफ्ट हो जाओ क्योंकि आपकी वजह से आपकी बहू को परेशानी होती है। माताजी के गुजरने के बाद घर के सारे काम उसे करने पड़ते हैं। और आपके सामने उसे साड़ी पहन कर कार्य करने में परेशानी होती है। अंकल बिना कोई बात किये गैरेज में शिफ्ट हो जाते हैं। करीब पन्द्रह दिन बाद बेटे को बुलाकर दस दिन का उसके पूरे परिवार के लिए विदेश ट्रिप का पास देते हैं और कहते हैं कि जा बेटा सभी को घुमा ला सभी का मन हल्का हो जाएगा। पुत्र के जाने के बाद अंकल ने अपना छः करोड़ का मकान तुरंत तीन करोड़ में बेच दिया। अपने लिए एक अपार्टमेंट में अच्छा फ्लैट लिया। तथा बेटे का सारा सामान एक दूसरा फ्लैट किराये पर ले कर उसमें शिफ्ट कर दिया। जब बेटा घूम कर वापस आया तो घर पर एक दरबान बैठा था उसने बेटे को बताया कि यह मकान तो बिक चुका है। जब बेटे ने पिता को फोन लगाया तो वह बन्द आ रहा था। उसे परेशानी में देख गार्ड बोला क्या पुराने मालिक को फोन कर रहे हो। उसके हां कहने पर वह बोला भाई उन्होंने अपना नंबर बदल लिया है आपके आने पर आपसे बात कराने की बोल कर गये थे। और गार्ड ने अपने फोन से नंबर लगा कर मेरे मित्र की अंकल से बात कराई फोन पर अंकल ने उसे वहीं रुकने के लिए कहा। थोड़ी देर में वहां एक कार आकर रुकी उसमें से अंकल नीचे उतरे उन्होंने मेरे मित्र को उसके किराये वाले फ्लैट की चाबी देते हुए कहा कि यह रही तेरे फ्लैट की चाबी एक साल का किराया मैंने दे दिया है अब तेरी मर्जी हो वैसे अपनी पत्नी को रख। और यह कह कर अंकल जी वहां से चले गए। और मेरा मित्र देखता रह गया। *यह एक नितांत सत्य जयपुर की ही घटना है* अतः अब बुजुर्गों को ऐसे नालायक बच्चों से साफ कह देना चाहिए कि हम तुम्हारे साथ नहीं रह रहे हैं तुम्हें हमारे साथ रहना है तो रहो अन्यथा अपना ठिकाना ढूंढ लो। 🙏आशा करता हूँ की आप सभी को पसंद आए भोले बाबा की की कृपा सदा बनी रहे🙏सदा खुश रहें मस्त रहे और मुश्कुराते रहीए🙏🙏

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*◆●स्वयं विचार करें​●◆* 💐 💐🌞 💐💐 *​🌹शुभ संध्या वंदन 🌹​* ​☕आपका दिन शुभ हो☕​ ​💐😊सदा मुस्कुराते रहो 😊💐​ ​​​​​​🙏Զเधॆ- Զเधॆ🙏​​​​​​®​​​​​​ ☝*सत्य है कि लोहे से ही लोहे को काटा जा सकता है और पत्थर से ही पत्थर को तोडा जा सकता है। मगर ह्रदय चाहे कितना भी कठोर क्यों ना हो उसको पिघलने के लिए कभी भी कठोर वाणी कारगर नहीं हो सकती क्योंकि वह केवल और केवल नरम वाणी से ही पिघल सकता है।* ✌*क्रोध को क्रोध से नहीं जीता जा सकता, बोध से जीता जा सकता है। अग्नि अग्नि से नहीं बुझती जल से बुझती है। समझदार व्यक्ति बड़ी से बड़ी बिगड़ती स्थितियों को दो शब्द प्रेम के बोलकर संभाल लेते हैं। हर स्थिति में संयम रखो, संयम ही आपको क्लेशों से बचा सकता है।* 🙏*आँखों में शर्म रहे और वाणी नरम रहे तो समझ लेना परम सुख आपसे दूर नहीं।* *🙏 जय श्री श्याम🙏* 🌹हारे का सहारा बाबा हमारा🌹 🙏मेरी पहचान मेरा खाटू वाला श्याम​🙏 🙏जय श्री बालाजी🙏 💕💕💕💕💕🚩🚩🚩💕💕💕💕💕

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🌲💃जय श्री गजानन महाराज की💞 👌बहुत सुंदर दिल को छूने वाली लाईन 🌻🌺🌻🌺🌻🌺🌻🌺🌻🌺🌻🌺 👉सपने मे अपनी मौत को करीब से देखा....😓 👉कफ़न में लिपटे तन जलते अपने शरीर को देखा.....😭 👉खड़े थे लोग हाथ बांधे एक कतार में... 👉कुछ थे परेशान कुछ उदास थे ..... 👉पर कुछ छुपा रहे अपनी मुस्कान थे.. 👉दूर खड़ा देख रहा था मैं ये सारा मंजर..... 👉.....तभी किसी ने हाथ बढा कर मेरा हाथ थाम लिया .... 👉और जब देखा चेहरा उसका तो मैं बड़ा हैरान था..... 👉हाथ थामने वाला कोई और नही...मेरा सतगुरु था... 👉चेहरे पर मुस्कान और नंगे पाँव था.... 👉जब देखा मैंने उस की तरफ जिज्ञासा भरी नज़रों से..... 👉तो हँस कर बोला.... 👉"तूने हर दिन दो घडी जपा मेरा नाम था..... आज प्यारे उसका क़र्ज़ चुकाने आया हूँ...।" 👉रो दिया मै.... अपनी बेवक़ूफ़ियो पर तब ये सोच कर ..... 👉जिसको दो घडी जपा वो बचाने आये है... और जिन मे हर घडी रमा रहा वो शमशान पहुचाने आये है.... 👉तभी खुली आँख मेरी बिस्तर पर विराजमान था 💃कितना था नादान मैं हकीकत से अनजान था....🌻राधे राधे नमस्कार स्नेह प्रभात 💗

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🌻⚘गुरुपूर्णिमा 16 जुलाई ,🌷⚘ 🍂अवश्य पढ़ें🍂 🙏"गुरु गूंगे गुरू बावरे गुरू के रहिये दास " 👉एक बार की बात है नारद जी विष्णु भगवानजी से मिलने गए ! 👉भगवान ने उनका बहुत सम्मान किया ! जब नारद जी वापिस गए तो विष्णुजी ने कहा हे लक्ष्मी जिस स्थान पर नारद जी बैठे थे ! उस स्थान को गाय के गोबर से लीप दो ! 👉जब विष्णुजी यह बात कह रहे थे तब नारदजी बाहर ही खड़े थे ! उन्होंने सब सुन लिया और वापिस आ गए और विष्णु भगवान जी से पुछा हे भगवान जब मै आया तो आपने मेरा खूब सम्मान किया पर जब मै जा रहा था तो आपने लक्ष्मी जी से यह क्यों कहा कि जिस स्थान पर नारद बैठा था उस स्थान को गोबर से लीप दो ! 👉भगवान ने कहा हे नारद मैंने आपका सम्मान इसलिए किया क्योंकि आप देव ऋषि है और मैंने देवी लक्ष्मी से ऐसा इसलिए कहा क्योंकि आपका कोई गुरु नहीं है ! आप निगुरे है ! जिस स्थान पर कोई निगुरा बैठ जाता है वो स्थान गन्दा हो जाता है ! 👉यह सुनकर नारद जी ने कहा हे भगवान आपकी बात सत्य है पर मै गुरु किसे बनाऊ ! नारायण! बोले हे नारद धरती पर चले जाओ जो व्यक्ति सबसे पहले मिले उसे अपना गुरु मानलो ! 👉नारद जी ने प्रणाम किया और चले गए ! जब नारद जी धरती पर आये तो उन्हें सबसे पहले एक मछली पकड़ने वाला एक मछुवारा मिला ! नारद जी वापिस नारायण के पास चले गए और कहा महाराज वो मछुवारा तो कुछ भी नहीं जानता मै उसे गुरु कैसे मान सकता हूँ ? 👉यह सुनकर भगवान ने कहा नारद जी अपना प्रण पूरा करो ! नारद जी वापिस आये और उस मछुवारे से कहा मेरे गुरु बन जाओ ! पहले तो मछुवारा नहीं माना बाद में बहुत मनाने से मान गया ! 👉मछुवारे को राजी करने के बाद नारद जी वापीस भगवान के पास गए और कहा हे भगवान! मेरे गुरूजी को तो कुछ भी नहीं आता वे मुझे क्या सिखायेगे ! यह सुनकर विष्णु जी को क्रोध आ गया और उन्होंने कहा हे नारद गुरु निंदा करते हो जाओ मै आपको श्राप देता हूँ कि आपको ८४ लाख योनियों में घूमना पड़ेगा ! 🐶🐱🐭🐹🐰🦊🐻🐼🐨🐍🐢🕸🕷🐜🐞🐚🐌🦋🦅🦉🦇🐺🐗🐴🦄🐝🐛 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻 👉यह सुनकर नारद जी ने दोनों हाथ जोड़कर कहा हे भगवान! इस श्राप से बचने का उपाय भी बता दीजिये !भगवान नारायण ने कहा इसका उपाय जाकर अपने गुरुदेव से पूछो ! नारद जी ने सारी बात जाकर गुरुदेव को बताई ! गुरूजी ने कहा ऐसा करना भगवान से कहना ८४ लाख योनियों की तस्वीरे धरती पर बना दे !!

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