🍁🏯🌺👏🕉️👏🌺🏯🍁 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌈 *दिनांक 23 सितम्बर 2020* 🌈 *दिन - बुधवार* 🌈 *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)* 🌈 *शक संवत - 1942* 🌈 *अयन - दक्षिणायन* 🌈 *ऋतु - शरद* 🌈 *मास - अधिक अश्विन* 🌈 *पक्ष - शुक्ल* 🌈 *तिथि - सप्तमी रात्रि 07:56 तक तत्पश्चात अष्टमी* 🌈 *नक्षत्र - ज्येष्ठा रात्रि 06:25 तक तत्पश्चात मूल* 🌈 *योग - आयुष्मान् रात्रि 11:41 तक तत्पश्चात सौभाग्य* 🌈 *राहुकाल - दोपहर 12:31 से दोपहर 02:02 तक* 🌈 *सूर्योदय - 06:28* 🌈 *सूर्यास्त - 18:32* 🌈 *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* 🌈 *व्रत पर्व विवरण - 🕉️✨ *विशेष - सप्तमी को ताड़ का फल खाने से रोग बढ़ता है था शरीर का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌻*शिवलिंग के दर्शन हेतु*🌻 🚩 *शिवलिंग पर दूध, जल चढाने जाना हो तो हमेशा सुबह खाली पेट जाना चाहिए | जो जाते हो वो इस बात का ध्यान रखे | चाय – नाश्ता न करके जाए |* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌻*ह्रदयाघात ( हार्ट – अटैक ) का अचूक उपाय*🌻 🔯⏩ *एक चुटकी दालचीनी के चूर्ण को एक कप दूध में समभाग पानी मिलाकर तब तक उबालें, जब तक पानी वाष्पीभूत न हो जाय | फिर मिश्री मिलाकर पी लें, इससे ह्रदयाघात ( हार्ट – अटैक ) से सुरक्षा होगी और नाड़ियों के अवरोध ( ब्लॉकेज ) भी खुल जायेंगे |* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌻*स्वास्तिक लगाने से*🌻 卐 *घर के दीवार पर स्वास्तिक का चित्र लगाने से आते-जाते उसका दर्शन होता है तो घर में सुख-शांति और बरक्कत रहती है |* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩☀!! श्री हरि: शरणम् !! ☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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जय श्री राम.... 🌾🍁🏯👏👏👏👏👏🏯🍁🌾 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 वह पुरुष जो मर्यादा बना सकता है भगवान राम उसकी अंतिम सीमा थे। वह पुरुष भी उत्तम थे और उनकी मर्यादाएं भी उत्तम थीं। उन्होंने मानव मात्र के लिए मर्यादा पालन का जो आदर्श प्रस्तुत किया वह संसार के इतिहास में कहीं और नहीं मिल सकता। उन्होंने अपना पहला आदर्श आज्ञाकारी पुत्र के रूप में प्रस्तुत किया। उनके पिता राजा दशरथ अपनी रानी कैकेयी से वचनबद्ध थे। रानी कैकेयी ने ठीक उस समय जब राम का राज्याभिषेक होने वाला था, राम को वनवास और अपने पुत्र भरत के लिए राजतिलक की मांग कर दी। दशरथ नहीं चाहते थे परंतु अपने पिता के वचन का पालन करने के लिए राम ने एक पल में राजपाट को त्याग दिया और वनवासी बनकर वनों को चले गए। पूरे चौदह वर्ष उन्होंने वन में बिताए। ऐसा आदर्श कौन प्रस्तुत कर सकता है। संसार में जितने भी युद्ध और लड़ाइयां अब तक हुई हैं वे राज प्राप्ति के लिए हुई हैं परंतु भगवान राम ने जो आदर्श प्रस्तुत किया उसकी तो कल्पना भी नहीं कर सकते। श्री राम का ही युद्ध एक मात्र ऐसा युद्ध है जो आदर्श सुचिता और धर्म के लिए लड़ा गया !!!!! नंगे पाव बस एक वस्त्र और एक धनुष तरकस और एक छोटे भाई को साथ लेकर सर्वस्व त्यागने वाले राम का जीवन समस्त ग्रंथो वेदों उपनिषदों का सार है । दूसरा आदर्श उन्होंने एक आदर्श भाई का प्रस्तुत किया। यद्यपि भरत की माता कैकेयी ने उन्हें राजपाट के बदले वनवास दिलाया था परंतु श्रीराम ने भरत से न ईर्ष्या की और न द्वेष। वह निरंतर भरत के प्रति अपना प्रेम प्रदर्शित करते रहे और उसे राज-काज संभालने की प्रेरणा देते रहे। मेरे राम ने उसे कभी अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं समझा। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के द्वारा स्थापित आदर्श भातृ-प्रेम के आदर्श को अपनाकर हम उनसे प्रेरणा ले सकते हैं। तीसरा आदर्श उन्होंने आदर्श पति का प्रस्तुत किया। वह चौदह वर्ष वनों में वनवासी होकर रहे और वनों में रहने वाले ऋषियों-मुनियों की सेवा का व्रत लिया। जो राक्षस ऋषियों के यज्ञ में विघ्न डालते थे उन राक्षसों का संहार किया। इस काल में उन्होंने गृहस्थ की चिंता नहीं की अपितु अपनी संपूर्ण शक्ति को राक्षसों का संहार करने के लिए लगाया। रावण ने जब उनकी धर्मपत्नी सीता जी अपहरण करने का दु:स्साहस किया तो भगवान श्रीराम ने इस दुष्कृत्य के लिए रावण का सर्वनाश कर दिया। सबसे बड़ी बात यह है कि वह एक आदर्श राजा थे। आज भी लोग "रामराज्य" की कामना करते हैं। राज्य तो था ही राजा के लिए किंतु श्रीराम ने राजा का जो आदर्श प्रस्तुत किया उसे आज तक कोई भुला नहीं सकता। आज समस्त संसार राम राज्य की कामना और अभिलाषा रखता है। रामराज्य में कोई चोर नहीं था, कोई व्यभिचारी नहीं था, कोई भ्रष्टाचारी नहीं था। किसी प्रकार का कोई कष्ट-क्लेश राम राज्य में नहीं था इसीलिए सारी प्रजा सुखी थी। संक्षेप में भगवान राम की लाखों वर्ष पश्चात भी भारतीय जनमानस में स्मृति बने रहने का मूल कारण उनका अपना आदर्श जीवन है। यही कारण है कि भगवान राम हिंदू संस्कृति और सभ्यता के एक अभिन्न अंग बन गए हैं। भगवान राम का पवित्र और आदर्श जीवन यही प्रेरणा देता है कि हम उनकी मर्यादाओं का पालन करते हुए अपने जीवन, अपने परिवार और अपने देश को सुखी और शांतिमय बनाएं। हमें विचार करना है कि हम कहां तक मर्यादा पुरुषोत्तम राम की मर्यादाओं तथा उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का प्रयास कर रहे हैं। भगवान राम ने जो आदर्श और भ्रातृप्रेम के उदाहरण प्रस्तुत किए हैं उन आदर्शों को अपनाए बिना हम राम राज्य की कल्पना भी नहीं कर सकते। भ्रातृप्रेम, पिता की आज्ञा का पालन करना, अपनी मर्यादाओं का पालन करने के लिए चट्टान की तरह अडिग रहना, ये गुण हम श्रीराम के जीवन से सीख सकते हैं। श्रीराम का जीवन हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी किस प्रकार धैर्य से काम लिया जाता है। सुख और दुख में किस प्रकार समान भाव से रहा जाता है। अगर आप को धर्म और मर्यादा का सबसे संक्षिप्त परिचय जानना है तो वह है दो शब्दों का "राम" 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩☀!! श्री हरि: शरणम् !! ☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾

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🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄सुप्रभातम🌄 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓 🌻मंगलवार, 22 सितंबर 2020🌻 सूर्योदय: 🌄 06:23 सूर्यास्त: 🌅 05:57 चन्द्रोदय: 🌝 11:17 चन्द्रास्त: 🌜22:01 अयन 🌕 दक्षिणायने (दक्षिणगोलीय) ऋतु: ❄️ शरद शक सम्वत: 👉 1942 (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 2077 (प्रमादी) मास 👉 आश्विन पक्ष 👉 शुक्ल तिथि👉 षष्ठी 21:30 तक नक्षत्र 👉 अनुराधा 19:19 तक योग 👉 प्रीति 13:57 तक करण 👉 कौलव 10:31 तक तैतिल 21:30 तक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 कन्या चंद्र 🌟 वृश्चिक मंगल 🌟 मेष (उदित, पूर्व, वक्री) बुध 🌟 तुला (अस्त, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 धनु (उदित, पश्चिम, मार्गी) शुक्र 🌟 कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, वक्री) राहु 🌟 मिथुन केतु 🌟 धनु 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त 👉 11:45 से 12:33 अमृत काल 👉 09:34 से 11:04 विजय मुहूर्त 👉 14:11 से 14:59 गोधूलि मुहूर्त 👉 18:01 से 18:25 निशिता मुहूर्तरात्रि 👉 11:46 से 12:33 राहुकाल 👉 15:11 से 16:42 राहुवास 👉 पश्चिम यमगण्ड 👉 09:07 से 10:38 दुर्मुहूर्त 👉 08:31 से 21:19 22:58 से 23:46 होमाहुति 👉 बुध 7:19 तक (शुक्र) दिशाशूल 👉 उत्तर नक्षत्र शूल 👉 पूर्व 19:19 से अग्निवास 👉 पाताल 21:30 से पृथ्वी चन्द्र वास 👉 उत्तर 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - रोग २ - उद्वेग ३ - चर ४ - लाभ ५ - अमृत ६ - काल ७ - शुभ ८ - रोग ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - काल २ - लाभ ३ - उद्वेग ४ - शुभ ५ - अमृत ६ - चर ७ - रोग ८ - काल नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 उत्तर-पश्चिम (धनिया अथवा दलिया का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ बुध तुला में 16:56 से, रवि दक्षिणगोलीय गति आरम्भ आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज 19:19 तक जन्मे शिशुओ का नाम अनुराधा नक्षत्र के द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (नी, नू, ने) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम ज्येष्ठा नक्षत्र के प्रथम एवं द्वितीय चरण अनुसार क्रमश (नो, या) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय लग्न मुहूर्त कन्या 05:52 से 08:10 तुला 08:10 से 10:30 वृश्चिक 10:30 से 12:50 धनु 12:50 से 14:53 मकर 14:53 से 16:35 कुम्भ 16:35 से 18:00 मीन 18:00 से 19:24 मेष 19:24 से 20:58 वृषभ 20:58 से 22:52 मिथुन 22:52 से 01:07 कर्क 01:07 से 03:29 सिंह 03:29 से 05:48 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पंचक रहित मुहूर्त रोग - अमंगल 06:04 से 08:10 शुभ - शुभ 08:10 से 10:30 मृत्यु - विपत्ति 10:30 से 12:50 अग्नि - संकट 12:50 से 14:53 शुभ - शुभ 14:53 से 16:35 रज - अशुभ 16:35 से 18:00 शुभ - शुभ 18:00 से 19:24 शुभ - शुभ 19:24 से 20:58 रज - अशुभ 20:58 से 22:52 शुभ - शुभ 22:52 से 22:52 चोर - अनिष्ट 22:52 से 01:07 शुभ - शुभ 01:07 से 02:26 रोग - अमंगल 02:26 से 03:29 शुभ - शुभ 03:29 से 05:48 मृत्यु - विपत्ति 05:48 से 06:05 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज के दिन परिवार में आर्थिक अथवा पैतृक संबंधित कार्यो को लेकर तकरार होने की संभावना है किसी बुजुर्ग को मध्यस्थ बना कर ही कोई भी काम करने से सफलता की संभावना अधिक बनेगी। कार्य-व्यवसाय अथवा कागजी कार्यो में पारिवारिक प्रतिष्ठा का लाभ मिलेगा। अधिकारी वर्ग की कृपा दृष्टि रहने से काम निकालना आसान बनेगा। सरकारी कार्य मे ढील ना दें अन्यथा अधूरे लटके रहेंगे। नौकरी वाले जातक कार्य क्षेत्र बदलने का मन बनायेगे आज ना बदले। आर्थिक लाभ अनिश्चित रहेगा फिर भी धन संबंधित काम युक्तियो के बल पर बना ही लेंगे। घर के सदस्य आपके किसी निर्णय से असमहत हो सकते है थोड़ी मान-गुहार के बाद सहमत भी हो जाएंगे। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज भी दिन अनुकूल बना रहेगा बुद्धि के प्रयोग से कार्यो में सहज विजय पाएंगे अन्य लोगो के लिए भी आप मार्गदर्शक का कार्य करेंगे। कार्य क्षेत्र पर किसी भी निर्णय को लेने में संकोच नही करेंगे जिसका परिणाम सकारत्मक रहेगा। सामाजिक कार्यो में रुचि ना होने पर भी सम्मिलित होना पड़ेगा हृदय में आज कोमलता अधिक रहेगी परोपकार के लिए प्रेरित होंगे। धन लाभ आशाजनक तो नही फिर भी संतोषजनक अवश्य रहेगा। महिलावर्ग अत्यंत भावुक रहेंगी किसी काम के लिये मना नही कर सकेंगी। दाम्पत्य सुख में भी वृद्धि होगी। सेहत सामान्य रहेगी। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज का दिन आपके लिये विशेष रहेगा आज किसी बहुप्रतीक्षित योजना के कारण मध्यान तक व्यस्त रहेंगे मन मे असफल होने का भय भी रहेगा लेकिन अंत मे विजय मिलने से भविष्य की धन संबंधित उलझने शांत होंगी। आज व्यापार विस्तार की सोच रहे है तो अवश्य करने। नौकरी पेशाओ को अधिकारी वर्ग से काम निकालने के लिए मानसिक श्रम करना पड़ेगा फिर भी सफलता संदिग्ध ही रहेगी। सामाजिक क्षेत्र हो या पारिवारिक अथवा अन्य सभी जगह आपकी जय होगी। अपरिचित भी आपसे संपर्क बनाने को उत्सुक रहेंगे। महिलाओं का स्वभाव अधिक नखरे वाला रहेगा इस वजह से हास्य की पात्र भी बनेंगी। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज के दिन आपकी तार्किक शक्ति प्रखर रहेगी सार्वजनिक क्षेत्र पर आपकी छवि भी बुद्धिमानो जैसी बनेगी। परन्तु आर्थिक रूप से इसका लाभ नही ले पाएंगे। कार्य व्यवसाय मंदा रहने से उदासीनता आएगी। आपका मन एक जगह केंद्रित नही रहेगा। धैर्य से कार्य करते रहें संध्या तक संतोषजक लाभ अवश्य मिलेगा पारिवार में भी आपके विचारो की प्रशंसा होगी लेकिन केवल व्यवहार मात्र के लिए ही। आर्थिक विषयो को लेकर किसी से विवाद ना करें धन डूबने की आशंका है। गृहस्थ में प्रेम स्नेह तो मिलेगा परन्तु स्वार्थ सिद्धि की भावना भी अधिक रहेगी। महिलाये अधिक बोलने की समस्या से ग्रस्त रहेंगी। मानसिक विकारों को छोड़ सेहत ठीक रहेगी। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज भी आपका विपरीत स्वभाव दिनचार्य खराब बनाएगा गलती करने पर स्वीकार नही करेंगे उल्टे समझाने वालो को भी नैतिक आचरण का पाठ सिखाएंगे। घर मे आज आपकी बातों को गंभीरता नही मिलेगी। किसी प्रियपात्र से विचार मेल ना खाने पर मतभेद बढ़ेंगे। स्वयं के बल पर लिए निर्णय अधिक फलदायी सिद्ध होंगे। धन लाभ थोड़े परिश्रम के बाद जरूरत के अनुसार हो जाएगा लेकिन उधारी के कारण दिक्कते आएंगी। धन को लेकर किसी से तकरार हों सकती है। नौकरी पेशाओ पर अधिकारी मेहरबान रहेंगे फिर भी सतर्क रहें किसी अन्य की गलती की भरपाई आपको ही करनी पड़ेगी। महिलाओ में अहम की भावना रहेगी व्यवहार में भी स्वार्थ दिखेगा। सेहत की लापरवाही भारी पड़ेगी। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज के दिन कुछ आकस्मिक घटनाएं आपको आश्चय में डालेंगी निश्चिन्त रहें आपके लिये लाभदायक ही रहेंगी और इनका प्रभाव निकट भविष्य में भी देखने को मिलेगा। धन लाभ उम्मीद ना होने पर भी अचानक होगा। सहकर्मी आपको बिना मांगे सहयोग करेंगे परन्तु अंदर स्वार्थ सिद्धि की भावना भी छुपी होगी कार्य व्यवसाय में दोपहर के समय कुछ समय के लिये रुकावट आएगी। सरकार संबंधित कार्य आज ले देकर ही पूर्ण कर पाएंगे। महिलाये केवल खाना पूर्ति के लिए ही धार्मिक कार्यो पूजा पाठ में सम्मिलित होंगी। सामाजिक व्यवहार के लिये मित्र-रिश्तेदारों के ऊपर खर्च करना पड़ेगा। सेहत उत्तम रहेगी। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज के दिन कार्य क्षेत्र पर आशानुकूल वातावरण ना मिलने से मन मे बेचैनी रहेगी। लेकिन आप कुछ ना कुछ काम मे लगे ही रहेंगे खाली बैठना पसन्द नही करेंगे इसका फल भी देर अबेर आपके लिये हितकर ही रहेगा। परिवार के सदस्य आपस मे उलझेंगे महिलाओ में धैर्य की कमी रहेगी बिना तथ्यों को जाने बहस पर उतारू रहेंगी। धन लाभ के लिये किसी की चापलूसी करनी पड़ेगी फिर भी आशानुकूल नही होगा। आप अपने कार्यो पर ध्यान दें आज किया परिश्रम निकट भविष्य के लिए लाभदायक रहेगा। सेहत मध्यान बाद नरम रहेगी रक्तचाप अथवा अन्य शारीरिक दर्द की समस्या होगी। बुजुर्गो के पास कुछ समय अवश्य बिताये। संतानों की बातों को अनदेखा करना ही बेहतर रहेगा। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज के दिन आपको धन लाभ के कई अवसर मिलेंगे लेकिन बुद्धि भ्रम के कारण इनमे से कुछएक ही हाथ लग पाएंगे। आज आप तुरंत निर्णय लेने की जगह लोगो से विचार विमर्श के बाद ही कदम उठायेंगे इसमे केवल समय ही बर्बाद होगा लाभ शून्य रहेगा। व्यवसायी वर्ग आज निवेश का जोखिम ले सकते है अवश्य लाभ होगा। परिवार में सुख के साधनों की वृद्धि होगी खर्च भी अधिक रहेगा। आध्यत्म अथवा साधना क्षेत्र से जुड़े जातको में अभिमान आएगा। नौकरी पेशा लोगो का आज काम के समय भी मन इधर उधर ज्यादा भटकेगा। मन में चल रही कामना अतिशीघ्र पूर्ण होने के योग है। ध्यान रहे आज किसी भी कार्य में आलस्य किया तो दोबारा अवसर नही मिल सकेगा। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज भी परिस्थितियां भ्रम में डालने वाली बन रही है विशेष कर प्रलोभन से दूर रहें अन्यथा परिणाम हानिकर ही होंगे। दिन के आरम्भ से ही धन संबंधित मामलों को लेकर बेचैनी रहेगी धर्य से लक्ष्य बनाए कर मेहनत करें आज का परिश्रम कल अवश्य ही लाभदायक सिद्ध होगा। भागीदारों से अनबन होने की संभावना है। व्यावसाय की गति मंद रहेगी फिर भी पुराने व्यवहारों से धन लाभ हो जाएगा। निवेश भविष्य के लिये लाभ देने वाला रहेगा। महिलाये छोटी बचत से जमा धन खर्च होने पर उदास होंगी लेकिन पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति पर खर्च भी करेंगी। धार्मिक अथवा सामाजिक कार्यक्रम में सम्मिलित होने के अवसर मिलेंगे। सेहत को लेकर भी चिंता रहेगी। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज आपके आध्यात्मिक पक्ष की उन्नति होगी। मन मे धार्मिक भावनाएं बनी रहेंगी लेकिन मन एक जगह स्थिर ना रहने के कारण इसका पूर्ण लाभ नही उठा सकेंगे। आपको आर्थिक लाभ कम लेकिन व्यक्तिगत सम्बंधो में सुधार अवश्य होगा मन शांत रहने से आस-पास के लोग आपके समीप रहना चाहेंगे। कार्य-व्यवसाय से आज ज्यादा उम्मीद ना लगाए केवल खर्च निकालने लायक लाभ से ही संतोष करना पड़ेगा धन को लेकर ज्यादा खींच-तान में ना पढ़ें हानि हो सकती है। महिलाओ का मन चंचल रहेगा किसी भी कार्य को एक बार मे पूरा नही कर सकेंगी। बेरोजगार लोगो को आज कोई नई समस्या का सामना करना पड़ेगा। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज का दिन कार्य सफलता वाला है लेकिन क्रोध को काबू में रखना भी आवश्यक है अन्यथा बनते कार्य आपसी मतभेद की भेंट चढ़ सकते है। दिन का आरम्भ शांत रहेगा इसके बाद अचानक व्यस्तता बढ़ने से पूर्व में सोचे कार्यो में बदलाव करना पड़ेगा। आर्थिक कार्य के आरंभ में कुछ ना कुछ व्यवधान आएंगे धैर्य ना त्यागे परिणाम आशा से अधिक अनुकूल मिलेंगे। व्यवसायी वर्ग छोटे निवेश से बड़ा लाभ कमाने में सफल होंगे। नौकरी वाले लोग भी आज अतिरिक्त आय बना सकेंगे। घरेलू खर्चो में वृद्धि होगी फिर भी तालमेल बना रहेगा। पारिवारिक जीवन आपके व्यवहार कुशलता से आनदमय रहेगा लेकिन महिलाये वातावरण कुछ समय के लिए अशांत बनाएंगी। रक्त पित्त संबंधित शिकायत बनेगी। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज का दिन बीते दिन की अपेक्षा थोड़ा बेहतर रहेगा। सेहत में सुधार अनुभव करेंगे फिर भी ज्यादा मानसिक अथवा शारीरिक बोझ ना डालें। दिन का आरंभिक भाग आज भी उलझनों वाला रहेगा कार्य क्षेत्र पर अनमने मन से काम करना पड़ेगा जिसके परिणाम स्वरूप धन की आमद कम ही रहेगी उधारी के व्यवहार ना बढ़ाये वसूली में परेशानी आएगी। सार्वजनिक क्षेत्र पर लोग आपके विचारों के विपरीत आचरण करेंगे। नौकरी वाले लोगो का कार्य क्षेत्र पर किसी से झगड़ा हो सकता है। धैर्य से काम लें। महिलाये किसी गुप्त चिंता से व्याकुल रहेंगी। वाहन अथवा मशीनरी से सावधानी रखें। संध्या बाद स्थिति सुधरेगी। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️

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🍁🏯🌺👏🕉️👏🌺🏯🍁 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌈 *दिनांक 22 सितम्बर 2020* 🌈 *दिन - मंगलवार* 🌈 *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)* 🌈 *शक संवत - 1942* 🌈 *अयन - दक्षिणायन* 🌈 *ऋतु - शरद* 🌈 *मास - अधिक अश्विन* 🌈 *पक्ष - शुक्ल* 🌈 *तिथि - षष्ठी रात्रि 09:30 तक तत्पश्चात सप्तमी* 🌈 *नक्षत्र - अनुराधा रात्रि 07:19 तक तत्पश्चात ज्येष्ठा* 🌈 *योग - प्रीति 23 सितम्बर रात्रि 01:57 तक तत्पश्चात आयुष्मान्* 🌈 *राहुकाल - शाम 03:33 शाम 05:04 तक* 🌈 *सूर्योदय - 06:28* 🌈 *सूर्यास्त - 18:33* 🌈 *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* 🌈 *व्रत पर्व विवरण - 🕉️✨ *विशेष - षष्ठी को नीम की पत्ती, फल या दातुन मुँह में डालने से नीच योनियों की प्राप्ति होती है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌻 *अनिद्रा से छुटकारा* 🌻 🔯⏩ *१० मिनट विधिवत शवासन करने से या जीभ के अग्रभाग को दाँतो से थोडा दबाकर १० मिनट तक ज्ञान मुद्रा लगा के बैठने से शारीरिक – मानसिक तनाव व अनिद्रा आदि की बीमारी दूर होती है |* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌻*तुलसी को क्या न करें*🌻 🌿 *कोई तुलसी को लाल चुनरी उड़ा देते है | वो शास्त्र ना कहते है | तुलसी पर लाल कपड़ा कभी नहीं पहनना चाहिये | सूर्य उदय के पहले और सूर्यास्त के बाद तुलसी को छूना नहीं चाहिये |* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌻 *इनका रखें ध्यान* 🌻 ⚛️⏭️ *दोनों हाथो से सिर नहीं खुजलाना चाहिए | जूठे हाथों से सिर को स्पर्श नहीं करना चाहिए | नहीं तो बुद्धि मंद होती है |* ⚛️⏭️ *ए जो गलती छुपाता है उसका गिरना चालू रहता है और जो गिरने की बात को भगवान के आगे, गुरु के आगे, अपने नजदीकी सत्संगी, विश्वासपात्र मित्र के आगे बोल के, रोकर पश्चाताप करके रास्ता खोजता है उसको भगवान बचा भी लेते हैं |* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩☀!! श्री हरि: शरणम् !! ☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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""!! भोले का वर्षादायी शंख !!"" 🌾🍁🏯👏👏👏👏👏🏯🍁🌾 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 एक समय पृथ्वी पर लगातार बारह वर्षों तक भयंकर अकाल पड़ा| . अकाल के समय न कहीं नभ पर बादल दिखाई दिए और न ही धरा पर कहीं हरियाली| सभी झीलें, तालाब, नदी, नाले सूख गए| . समस्त सृष्टि में हाहाकार मच गया| प्राणी जल की बूंद-बूंद के लिए तरस गए तथा भूख से निष्प्राण हो तड़पने लगे| . इंद्र देवता को प्रसन्न करने के लिए लोग तरह-तरह की प्रार्थना-अर्चना करते, मगर मेघ थे कि गायब ही हो गए| . किसान अपनी सोने जैसी धरती के बंजर हो जाने के भय से हर समय प्रार्थना में लीन रहते| . सूर्य अपने प्रकाश को जिसे अग्नि के रूप में धरती पर डाल रहा था, उससे समस्त जीव-जंतु अकाल मृत्यु को प्राप्त होने लगे| . भयंकर गर्मी में एक किसान ने अचानक अपने खेतों में हल जोतना शुरू कर दिया| . संयोगवश शिव-पार्वती भ्रमण करते हुए वहां आ पहुंचे| . कमजोर शरीरवाले उस किसान को बंजर धरती पर हल चलाते तथा पसीने से लथ-पथ हुए जब माता पार्वती ने देखा तो उनका हृदय पसीज गया| . वह सोचने लगीं – ‘यह किसान बिना जल के धरती पर हल क्यों चला रहा है? जब तक अकाल की स्थिति है, हल चलाने का कोई औचित्य नहीं होगा|’ . इसी सोच में डूबी माता पार्वती से शिव बोले – “पार्वती! क्या सोच रही हो?” . पार्वती बोलीं – “देव! पिछले कई वर्षों से अकाल पड़ा हुआ है| बिना बारिश के इस बंजर धरती पर कुछ भी तो नहीं उगेगा| . फिर, इस किसान को क्या पड़ी है जो इस भयंकर गर्मी में धरती पर हल चला रहा है? इससे वह स्वयं भी परेशान हो रहा है तथा बेचारे भूखे-प्यासे बैल भी परेशानी में है| . क्या इस किसान को लगता है कि वर्षा होगी?” . शिव बोले – “नहीं! इसे कोई पूर्वाभास नहीं है कि वर्षा होने वाली है| . अकाल के बारह वर्ष का समय व्यतीत हो जाने से इसे इस बात का भी आभास है कि निकट भविष्य में वर्षा होने का कोई संकेत नहीं है|” . पार्वती ने शिव की बात काटते हुए कहा – “फिर यह व्यक्ति मूर्खता क्यों कर रहा है?” . माता पार्वती की शंका का समाधान करते हुए शिव बोले – “यह व्यक्ति मूर्ख नहीं है| . इसे सब कुछ पता है, फिर भी यह हल इसलिए चला रहा है कि कहीं इस लंबे अकाल में निठल्ले बैठे रहने से वह हल चलाना ही न भूल जाए|” . शिव का उत्तर पाकर माता पार्वती उस किसान के कष्टों के निवारण का उपाय ढूंढनें लगीं| . माता जानती थीं कि भगवान शिव जब भी अपना वर्षादायी शंख बजाते हैं तो वर्षा होने लगती है| . उन्होंने शिव से कहा – “प्रभो! किसान यह सोचकर कि कहीं वह हल चलाना ही न भूल जाए, कितना कष्ट उठाकर हल चला रहा है| . लेकिन आपने भी तो इतने वर्षों से अपना वर्षादायी शंख नहीं बजाया है, कहीं ऐसा न हो कि आप भी शंख बजाना भूल जाएं|” . “नहीं, पार्वती! ऐसा कैसे हो सकता है?” शिव तपाक से बोले – “मैं शंख बजाना भला कैसे भूल सकता हूं?” . पार्वती झट से बोलीं – “ऐसा क्यों नहीं हो सकता स्वामी? इतने वर्षों से आपने शंख नहीं बजाया| ऐसे में हो सकता है कि आप शंख बजाना ही भूल गए हों|” . “नहीं पार्वती! मुझे शंख बजाना आता है और अपना शंख बजाना न तो मैं भूला हूं और न ही भूल सकता हूं|” . शिव ने पार्वती की शंका निवारण के प्रयास में कहा| मगर पार्वती अपनी जगह अडिग थीं| . कहने लगीं – “प्रभो! यदि ऐसा नहीं है तो एक बार बजाकर क्यों नहीं देख लेते?” . पार्वती की बात सुनकर शिवजी को लगा कि वे संदेह में घिर गई हैं| . संदेह निवारण करने के लिए उन्होंने तुरंत अपनी झोली से वर्षादायी शंख निकाला और पूरे वेग से उसे बजाने लगे| . बस फिर क्या था| शंखनाद होते ही समूचे आकाश में मेघ घिर आए| काले रंग के घनघोर बादल आकाश में हों और बारिश न हो, ऐसा भला कैसे होता? . शिव पूरे वेग से शंखनाद करते रहे और मेघ भी पूरे जोर से बरस पड़े| . देखते-देखते मूसलाधार बारिश होने लगी| समूची धरती जलमग्न हो उठी| . इतनी बारिश हुई कि सारी धरती की प्यास बुझ गई| किसान नाचने लगे| मानव ही क्या पशु-पक्षी भी शिवजी की इस कृपा से धन्य हो उठे| . माता पार्वती इस समूचे संसार की प्रसन्नता से गद्गद हो उठीं| . माता पार्वती, जो अपनी व्यवहार कुशलता के कारण पृथ्वीवासियों को संकट से बचाने के कारण ही ‘जगदंबा’ कहलाईं| . वे शिवजी से मुस्कुराते हुए बोलीं – “स्वामी! आप तो सचमुच भोले-भंडारी हैं|” 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩☀!! श्री हरि: शरणम् !! ☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾

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🍁🏯🌺👏🕉️👏🌺🏯🍁 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌈 *दिनांक 21 सितम्बर 2020* 🌈 *दिन - सोमवार* 🌈 *विक्रम संवत - 2077 (गुजरात - 2076)* 🌈 *शक संवत - 1942* 🌈 *अयन - दक्षिणायन* 🌈 *ऋतु - शरद* 🌈 *मास - अधिक अश्विन* 🌈 *पक्ष - शुक्ल* 🌈 *तिथि - पंचमी रात्रि 11:42 तक तत्पश्चात षष्ठी* 🌈 *नक्षत्र - विशाखा - रात्रि 08:49 तक तत्पश्चात अनुराधा* 🌈 *योग - वैधृति सुबह 07:59 तक तत्पश्चात विष्कम्भ* 🌈 *राहुकाल - सुबह 07:58 से सुबह 09:29 तक* 🌈 *सूर्योदय - 06:28* 🌈 *सूर्यास्त - 18:34* 🌈 *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* 🌈 *व्रत पर्व विवरण - 🕉️✨ *विशेष - पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌻 *श्रीमद्भागवत पुराण* 🌻 🚩 *श्रीमद्भागवत पुराण हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक है। इस ग्रंथ की रचना आज से लगभग 5000 साल पहले कर दी गई थी। आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि कलयुग में क्या-क्या घटित होगा इसकी भविष्यवाणी भागवत पुराण में पहले ही दे दी गई थी। जानिए श्रीमद्भागवत पुराण में की गई कलियुग से जुड़ी 10 भविष्यवाणियां..* 1⃣🔯 *ततश्चानुदिनं धर्मः सत्यं शौचं क्षमा दया ।* *कालेन बलिना राजन् नङ्‌क्ष्यत्यायुर्बलं स्मृतिः ॥* 🕉️✨ *अर्थ - कलयुग में धर्म, स्वच्छता, सत्यवादिता, स्मृति, शारीरक शक्ति, दया भाव और जीवन की अवधि दिन-दिन घटती जाएगी.* 2⃣🔯 *वित्तमेव कलौ नॄणां जन्माचारगुणोदयः ।* *धर्मन्याय व्यवस्थायां कारणं बलमेव हि ॥* 🕉️✨ *अर्थ - कलयुग में वही व्यक्ति गुणी माना जायेगा जिसके पास ज्यादा धन है. न्याय और कानून सिर्फ एक शक्ति के आधार पे होगा !* 3⃣🔯 *दाम्पत्येऽभिरुचि र्हेतुः मायैव व्यावहारिके ।* *स्त्रीत्वे पुंस्त्वे च हि रतिः विप्रत्वे सूत्रमेव हि ॥* 🕉️✨ *अर्थ - कलयुग में स्त्री-पुरुष बिना विवाह के केवल रूचि के अनुसार ही रहेंगे.* *व्यापार की सफलता के लिए मनुष्य छल करेगा और ब्राह्मण सिर्फ नाम के होंगे.* 4⃣🔯 *लिङ्‌गं एवाश्रमख्यातौ अन्योन्यापत्ति कारणम् ।* *अवृत्त्या न्यायदौर्बल्यं पाण्डित्ये चापलं वचः ॥* 🕉️✨ *अर्थ - घूस देने वाले व्यक्ति ही न्याय पा सकेंगे और जो धन नहीं खर्च करेगा उसे न्याय के लिए दर-दर की ठोकरे खानी होंगी. स्वार्थी और चालाक लोगों को कलयुग में विद्वान माना जायेगा.* 5⃣🔯 *क्षुत्तृड्भ्यां व्याधिभिश्चैव संतप्स्यन्ते च चिन्तया ।* *त्रिंशद्विंशति वर्षाणि परमायुः कलौ नृणाम.।।* 🕉️✨ *अर्थ - कलयुग में लोग कई तरह की चिंताओं में घिरे रहेंगे. लोगों को कई तरह की चिंताए सताएंगी और बाद में मनुष्य की उम्र घटकर सिर्फ 20-30 साल की रह जाएगी.* 6⃣🔯 *दूरे वार्ययनं तीर्थं लावण्यं केशधारणम् ।* *उदरंभरता स्वार्थः सत्यत्वे धार्ष्ट्यमेव हि॥* 🕉️✨ *अर्थ - लोग दूर के नदी-तालाबों और पहाड़ों को तीर्थ स्थान की तरह जायेंगे लेकिन अपनी ही माता पिता का अनादर करेंगे. सर पे बड़े बाल रखना खूबसूरती मानी जाएगी और लोग पेट भरने के लिए हर तरह के बुरे काम करेंगे.* 7⃣ *अनावृष्ट्या विनङ्‌क्ष्यन्ति दुर्भिक्षकरपीडिताः ।* *शीतवातातपप्रावृड् हिमैरन्योन्यतः प्रजाः ॥* 🕉️✨ *अर्थ - कलयुग में बारिश नहीं पड़ेगी और हर जगह सूखा होगा.मौसम बहुत विचित्र अंदाज़ ले लेगा. कभी तो भीषण सर्दी होगी तो कभी असहनीय गर्मी. कभी आंधी तो कभी बाढ़ आएगी और इन्ही परिस्तिथियों से लोग परेशान रहेंगे.* 8⃣🔯 *अनाढ्यतैव असाधुत्वे साधुत्वे दंभ एव तु ।* *स्वीकार एव चोद्वाहे स्नानमेव प्रसाधनम् ॥* 🕉️✨ *अर्थ - कलयुग में जिस व्यक्ति के पास धन नहीं होगा उसे लोग अपवित्र, बेकार और अधर्मी मानेंगे. विवाह के नाम पे सिर्फ समझौता होगा और लोग स्नान को ही शरीर का शुद्धिकरण समझेंगे.* 9⃣🔯 *दाक्ष्यं कुटुंबभरणं यशोऽर्थे धर्मसेवनम् ।* *एवं प्रजाभिर्दुष्टाभिः आकीर्णे क्षितिमण्डले ॥* 🕉️✨ *अर्थ - लोग सिर्फ दूसरो के सामने अच्छा दिखने के लिए धर्म-कर्म के काम करेंगे. कलयुग में दिखावा बहुत होगा और पृथ्वी पे भृष्ट लोग भारी मात्रा में होंगे. लोग सत्ता या शक्ति हासिल करने के लिए किसी को मारने से भी पीछे नहीं हटेंगे.* 1⃣0⃣🔯 *आच्छिन्नदारद्रविणा यास्यन्ति गिरिकाननम् ।* *शाकमूलामिषक्षौद्र फलपुष्पाष्टिभोजनाः ॥* 🕉️✨ *अर्थ - पृथ्वी के लोग अत्यधिक कर और सूखे के वजह से घर छोड़ पहाड़ों पे रहने के लिए मजबूर हो जायेंगे. कलयुग में ऐसा वक़्त आएगा जब लोग पत्ते, मांस, फूल और जंगली शहद जैसी चीज़ें खाने को मजबूर होंगे.* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩☀!! श्री हरि: शरणम् !! ☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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