#जय_जय_श्री_राधे जैसी करनी वैसा फल, आज नहीं तो मिलेगा कल ! #अच्छे_इन्सान_बनो_और_सबका_भला_करो पीछे जो हुआ उसे सुधार लो और आगे का भी ध्यान रखो.....! हमारा एक खोटा कर्म ना जाने हमारे कितने जन्म लेने का कारण बन सकता है ....! एक गाँव के एक जमींदार ठाकुर बहुत वर्षों से बीमार थे। इलाज करवाते हुए कोई डॉक्टर कोई वैद्य नहीं छोड़ा...! कोई टोने टोटके करने वाला नहीं छोड़ा। #लेकिन_कहीं_से_भी_थोड़ा_सा_भी_आराम_नहीं_आया ! एक संत जी गाँव में आये उनके दर्शन करने वो ज़मींदार भी वहाँ गया और उन्हें प्रणाम किया उसने बहुत दुखी मन से कहा महात्मा जी ..... मैं इस गाँव का जमींदार हूँ....! हमारे पास सैंकड़ों बीघे जमीन है इतना सब कुछ होने के बावजूद मुझे #एक_लाइलाज_रोग_है जो कहीं से भी ठीक नहीं हो रहा ! महात्मा जी ने पूछा भाई, #क्या_रोग_है_आपको.....? जी मुझे मल त्याग करते समय बहुत खून आता है और इतनी जलन होती है जो बर्दाश्त नहीं होती.....! #ऐसा_लगता_है_मेरे_प्राण_ही_निकल_जायेंगे। आप कुछ मेहरबानी करो महात्मा जी बाबा ने आँख बंद कर ली शांत बैठ गये थोड़ी देर बाद बोले बुरा तो नहीं मानोगे एक बात पूछूँ... ? नहीं महाराज पूछिये ....! तुमने कभी किसी का दिल इतना ज़्यादा तो नहीं दुखाया कि #उसने_तुम्हें_जी_भरके_बद्दुआऐं_दी_हों जिसका दण्ड आज तुम भोग रहे हो ? तुम्हारे दुःख देने से वो इतना अधिक दुखी हुआ हो जिसके कारण आज तुम इतनी पीड़ा झेल रहे हो ? नहीं बाबा ! जहाँ तक मुझे याद है, #मैंने_तो_कभी_किसी_का_दिल_नहीं_दुखाया। याद करो और सोचो कभी किसी का हक तो नहीं छीना, किसी की पीठ में छुरा तो नहीं मारा किसी की रोज़ी रोटी तो नहीं छीनी ? किसी का हिस्सा ज़बरदस्ती, तुमने खुद तो नहीं संभाला हुआ ? महात्मा जी की बात पूरी होने पर वो ख़ामोश और शर्मसार हो कर बोला। जी मेरी एक विधवा भाभी है जो कि इस वक्त अपने मायके में रहती है वो जमीन में से अपना हिस्सा मांगती थी। यह सोचकर मैंने उसे कुछ भी नहीं दिया कि कल को ये सब कुछ अपने भाईयों को ही दे देगी इसका क्या पता ? #बाबा_ने_कहा_आज_से_ही_उसे_हर_महीने_सौ_रूपए_भेजने_शुरू_करो ! यह उस समय की बात है जब सौ रूपए में पूरा परिवार पल जाता था ! #उसने_कुछ_रूपए_भेजना_शुरू_कर_दिया ! दो तीन हफ़्तों के बाद उसने बाबा से आकर कहा - जी मै पचहत्तर प्रतिशत ठीक हूँ ! महात्मा जी ने सोचा कि इसे तो पूरा ठीक होना चाहिये था ऐसा क्यों नहीं हुआ ? उससे पूछा तुम कितने रूपए भेजते हो ? #जी_पचहत्तर_रूपए_हर_महीने_भेजता_हूँ इसी कारण तेरा रोग पूरा ठीक नहीं हुआ ! सन्त जी ने कहा उसका पूरा हक उसे इज़्जत से बुला कर दे दो, वो अपने पैसे को जैसे मर्जी खर्च करे, अपनी ज़मीन जिसे चाहे दे दे । यह उसकी मिल्कीयत है इसमें तुम्हारा कोई दख़ल नहीं है ! जानते हो वो कितना रोती रही है, जलती रही है तभी आपको इतनी जलन हो रही है #ज़रा_सोचो_मरने_के_बाद_हमारे_साथ_क्या_जायेगा ? ज़मींदार को बहुत पछतावा हुआ उसने फौरन ही अपनी विधवा भाभी और उसके भाईयों को बुलाकर, सारे गाँव के सामने, #उसकी_ज़मीन_उसके_हक_का_पैसा_उसे_दे_दिया_और_हाथ_जोड़कर_अपने_ज़ुल्मों_की_माफी_माँगी। उसकी भाभी ने उसे माफ कर दिया और उसके परिवार को खूब आशीर्वाद दिये #जमींदार_का_रोग_शीघ्र_ही_पूरी_तरह_से_ठीक_हो_गया ! अगर आपको भी ऐसा कोई असाध्य रोग है तो ज़रूर सोचना कहीँ मैंने किसी का हक तो नहीं छीना है ? #किसी_की_पीठ_में_छुरा_तो_नहीं_घोंपा_है ? किसी का इतना दिल तो नहीं दुखाया हुआ कि वो बेचारा इतना बेबस था कि तुम्हारे सामने कुछ कहने की हिम्मत भी ना कर सका होगा ? लेकिन उस बेचारे के दिल से आहें निकली होंगी जो आपके अंदर रोग पैदा कर रही है जलन पैदा कर रही हैं। #याद_रखो_परमात्मा_की_लाठी_बिल्कुल_बेआवाज़_है..!!

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जब चन्द्रशेखर आजाद को न्यायाधीश के सामने प्रस्तुत किया गया तो उन्होंने पहले उनका नाम पूछा आप का नाम क्या है ? उन्होंने उत्तर दिया "आजाद" ! न्यायाधीश का दूसरा प्रश्न था आप के पिता का नाम ? आजाद ने उत्तर दिया "स्वतंत्रता" ! जब न्यायाधीश ने तीसरा प्रश्न किया कि उनके निवास का पता क्या है ? आजाद ने उत्तर दिया था "जेलखाना" ! आजाद के इस प्रकार के उत्तरों से न्यायाधीश ने क्रोधित होते हुए उन्हें १५ कोड़े मारने की सजा सुना दी ! भारत का वह शूरवीर बालक चंदशेखर आजाद हर कोड़े की मार के साथ बड़े हर्ष और गर्व के साथ "वंदे मातरम" बोलते रहे ! कहते हैं कि इस घटना के बाद ही उनके नाम के आगे "आजाद" जोड़ दिया गया ! चन्द्रशेखर आजाद को मार खाकर भी आजादी चाहिए थी ! कैसी आजादी, किसके लिए ? केवल केवल अपनी मातृभूमि के लिए ! उसे आजादी मनमानी, स्वछंदता, अपने मजहब और परिवारवाद के लिए नहीं चाहिए थी ! क्योंकि वह मातृभूमि को ही सर्वोपरि मानता था ! लेकिन आज के तथाकथित कट्टरपंथी देशद्रोहियों जैसी आजादी वह नहीं कभी नहीं चाहता था ! जिनको देश को अपमानित करने और अपने ही देशवासियों को सताने, नुकसान पहुंचाने और मारने की आजादी चाहिए ! जरा तो विचार करिए इस्लामिक मज़हबी कट्टरपंथी, उनको ही आजादी चाहिए ! किससे ? जिस देश का वे खाते हैं, जिस देश में वे रहते हैं, जिस देश में वे सांस लेते हैं उससे !? किसलिए ? अपनी मनमानी करने के लिए ? देश को बांटने के लिए ? संविधान और न्यायालय की अवमानना के लिए ? देशवासियों का रास्ता रोककर उन को परेशान करने के लिए ? पाकिस्तान का साथ देने के लिए ? आतंक और जेहाद के लिए ? सच्चे अर्थों में आजादी की लड़ाई लड़ने वाले लयचन्द्रशेखर आजाद की आज पुण्य तिथि पर प्रत्येक भारतवासी उनको नमन करते हुए संकल्प लें कि "जिएंगे तो केवल मातृभूमि के लिए और मरेंगे तो केवल मातृभूमि के लिए !" यही उनको सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी ! *💐🌹🌹🌹🌹💐* *"जीवन का एक रहस्य......* *रास्ते पर गति की सीमा है।* *बैंक में पैसों की सीमा है।* *परीक्षा में समय की सीमा है।* *परन्तु सोच की कोई सीमा नहीं है,* *इसलिए सदा श्रेष्ठ सोचें और श्रेष्ठ पाएं।"* *" यही सत्य है "* 🔱 *🌹🌹🌹🌹* 🔱

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🌿🥀🌿🥀🌿🥀🌿🥀🌿🥀🌿🥀🌿 ‘हर पल’ को ‘ खुश ‘ हो कर जीना ही “जिंदगी” है | 🌿🥀🌿🥀🌿🥀🌿🥀🌿🥀🌿🥀🌿 🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦🥦 “”मुस्कुराइए बस मुस्कुराइए”” ! “आपके स्वास्थ्य हेतु एक चर्चा समर्पित है ” ! जरूर पढ़ें और आनंद लें ! जिस पल आपकी मृत्यु हो जाती है , उसी पल से आपकी पहचान एक *बॉडी* बन जाती है । अरे “बॉडी” लेकर आइये , “बॉडी” को उठाइये , “बॉडी” को सुलाइये, ऐसे शब्दो से आपको पुकारा जाता है , वे लोग भी आपको आपके नाम से नहीं पुकारते , जिन्हे प्रभावित करने के लिये आपने अपनी पूरी जिंदगी खर्च कर दी । इसीलिए इधर उधर से ज्यादा इक्कठा करने की जरूरत नहीं है । इसीलिए अच्छे से कमाओ , अच्छे से खाओ , और अच्छे से सोने का आनंद लेते रहो | इसीलिए जीवन मे आने वाली हर चुनौती को स्वीकार करें …. अपनी पसंद की चीजों के लिये खर्चा कीजिये ।…… इतना हंसिये के पेट दर्द हो जाये ।…. आप कितना भी बुरा नाचते हों , फिर भी नाचिये ।…… उस खुशी को महसूस कीजिये ।…… फोटोज के लिये पागलों वाली पोज दीजिये ।…… बिलकुल छोटे बच्चे बन जाइये । क्योंकि मृत्यु जिंदगी का सबसे बड़ा लॉस नहीं है । लॉस तो वो है के आप जिंदा होकर भी आपके अंदर जिंदगी जीने की आस खत्म हो चुकी है ।….. हर पल को खुशी से जीने को ही जिंदगी कहते हैं । “जिंदगी है छोटी,” हर पल में खुश हूं, “काम में खुश हूं,” आराम में खुश हूँ , “आज पनीर नहीं,” दाल में ही खुश हूं , “आज गाड़ी नहीं,” पैदल ही खुश हूं , “दोस्तों का साथ नहीं,” अकेला ही खुश हूं, “आज कोई नाराज है,” उसके इस अंदाज से ही खुश हूं, “जिसको देख नहीं सकता,” उसकी आवाज से ही खुश हूँ, “जिसको पा नहीं सकता,” उसको सोच कर ही खुश हूँ , “बीता हुआ कल जा चुका है ,” उसकी मीठी याद में ही खुश हूँ , “आने वाले कल का पता नहीं,” इंतजार में ही खुश हूँ , “हंसता हुआ बीत रहा है पल ,” आज में ही खुश हूँ , “जिंदगी है छोटी,” हर पल में खुश हूँ , अगर दिल को छुआ, तो जवाब देना, वरना मै तो बिना जवाब के भी खुश हूँ ..!! 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 जय श्री राधे जय श्री कृष्णा जी 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 💞💕 शुभ संध्या स्नेह वंदन आप सभी को 💕💞 🌿🥀🌿 आप का दिन मंगलमय हो 🌿🥀🌿

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*सभी भारतीयों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ* *🇮🇳 _आज का सुविचार_ 🇮🇳* *ऐ मेरे वतन के लोगो जरा आँख में भरलो पानी* *जो शहीद हुए हैं उनकी जरा याद करो कुर्बानी* 🇮🇳 गुरुगोविन्द सिंह से लेकर राजगुरु तक, लोकमान्य तिलक से लाला लाजपतराय तक, छत्रपति शिवाजी से लेकर भगतसिंह तक, महाराणा प्रताप से लेकर चंद्रशेखर आज़ाद तक, सुभाषचन्द्र बोस से लेकर ना जाने कितने शहीदों ने अपने प्राणों की बाजी लगाकर माँ भारती को मुगलों से और गोरों से मुक्त कराया, तब जाकर हम यह दिन देख पाए हैं 🇮🇳 🇮🇳 आज देश ही नहीं पूरे विश्व की जो स्थिति है, उसे देखकर ऐसा लगता है कि देश के हर एक नागरिक को चाहिए कि वो देश और पूरे विश्व के हित के लिए सर पर कफन बाँधकर आगे बढ़े 🇮🇳 🇮🇳 भारत आज वासुदैव कुटुम्बकम की भूमिका निभा रहा है और पूरे विश्व को अपना समझ कर सहायता का हाथ बढ़ाया जा रहा है 🇮🇳 🇮🇳 सभी को चाहिए कि आज देश की और उनके लोगों की हिफाजत करें और गलत बातों पर कान न दें 🇮🇳 🇮🇳 भारत के कोई भी संत हो या किसी अन्य देश के संत - सभी ने देश प्रेम, देश हित को सर्वोपरि बताया है 🇮🇳 🇮🇳 देश प्रेम के जूनून में... *जीत की ख़ातिर, बस जूनून चाहिए...* *जिसमे उबाल हो, ऐसा खून चाहिए...* *ये आसमाँ भी, झुक जाएगा जमीं पर,* *बस इरादों में, जीत की गूँज चाहिए…...* *जय हिन्द, जय भारत* *जय श्री कृष्ण* 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

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बोलता नहीं लेकिन जुबां मै भी रखता हूं, दिल की बात मै दिल से कहता हूं। दिल तक पहुंचे ऐसी बात मै रखता हूं, लोग आजाद हैं अपने जज्बातों से, देश को सजाते हैं जूठी बातों से, देश वासी होकर ऐसे काम ना करो, देश प्रेमी होकर गद्दारी ना करो, नागरिक के नाते मै देश की बात रखता हूं, मै चुप हूं जुबां मै भी रखता हूं। कितने ही शहीद हो गए, कितनों ने गोली खाई, हम कहते हैं हमने अंहिंसा से आजादी पाई, कितनो ने अपनों को खोया , कितनो ने अपना सब कुछ खोया, जिसको दर्द हुआ है वो ही, है देश के लिए रोया। इन शहीदों के लिए मे भी रोता हूं, चुप हूं जुबां मै भी रखता हूं। देश के होकर देश का सम्मान करो, ना इस देश का तुम अपमान करो, अपनी मातृभूमि का कुछ तो ध्यान क़रो, देश विरोधी नारे क्यों लगवाते हो, क्यों विरोधी ताकतों से तुम मिल जाते हो, क्या तुम्हें अपनी मां का जरा भी मान नहीं, लगता है तुम उसकी सच्ची संतान नहीं, ऐसी ताकतों को मै विरोध करता हूं, चुप हूं जुबां मै भी रखता हूं। जहां ये देश देशविरोधी ताकतों से लड़ रहा, एक तू है जो आंदोलनों में ही पड़ा रहा, अब तो उठ कुछ तो नेक काम कर, जो लोग बलिदान हुए धरती पे , उनको तो बदनाम न कर, ऐसे बलिदानियों की मै , दिल से सलाम करता हूं, चुप हूं जुबां मै भी रखता हूं। तिरंगे की क्या इज्जत तुम बचा पाओगे, तुम तो अपनी मां की कोख को ही लजाओगे, क्या एक दिन ही तिरंगे का होता है, क्या ये तिरंगा इस दिन के लिए ही जीता है, इसका तो हर दिन हर पल तुम सम्मान करो, देश को तुम कुछ तो मान करो, एक सच्चे नागरिक बनो देश की तरक्की में योगदान करो, अपने देश का मै दिल से सम्मान करता हूं, चुप हूं जुबां मै भी रखता हूं। 🙏🙏🙏🌹🌹🌹_शुभ दोपहर शुभ शुरुवात, आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई_🙏🙏🙏🌹🌹

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. ๑;ु ,(-_-), '\'''''.\'='-. ¸.•*""*•.¸!!🌹#श्रीकृष्णा🌹!!¸.•*""*•.¸🌹!! \/..\\,' 🌹🍁🌹Զเधे Զเधे🌹🍁🌹 //"") 🍀🌹🍀Զเधे Զเधे🍀🌹🍀 (\ / _ \ |,.🌹🌹जय श्री राधे कृष्ण 🌹🌹 💓¸•*""*•.¸💓¸.•*""*•.¸💓,.•*""*•.¸💓¸.•*""*•.¸💓 🌹🌹🍁🍁🥀जय श्री राधे कृष्ण🥀🍁🍁🌹🌹 ////∴∴∴////∴∴∴////∴∴∴////∴∴∴//// 🌞🌞🙏🌞हैप्पी मकर संक्रांति 🌞🙏🌞🌞 नई फसल का सबसे शुभ त्‍योहार लोहड़ी आज ************************************** हमारे देश में हर समुदाय के लोगों के लिए कुछ विशेष त्‍योहार मनाए जाते हैं। उन्‍हीं में से एक होती है लोहड़ी। हमारे देश में हर साल पौष के महीने में लोहड़ी मनाई जाती है। 13 जनवरी को लोहड़ी का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व मुख्‍य रूप ये उत्‍तर भारत और पंजाब में मनाया जाता है। पंजाबी और सिख समुदाय के लोग इस दिन एकत्र होकर खुशी और उल्‍लास का पर्व मनाते हैं। लोहड़ी को शीत ऋतु के समापन की तरह से देखा जाता है। पंजाबी समुदाय में इस त्‍योहार को नई फसल के त्‍योहार के रूप में देखा जाता है। इस दिन लोग गिद्दा और भांगड़ा नृत्‍य करते हैं। लोहड़ी का त्‍योहार मकर संक्रांति से एक दिन पहले मनाया जाता है। केवल सिख ही नहीं बल्कि सभी समुदाय के लोग इस त्‍योहार को मनाते हैं। यह शीतकालीन संक्रांति के अंत और रबी फसलों की कटाई का प्रतीक है। इस दिन पंजाबी समुदाय के लोग नए और रंग-बिरंगे कपड़े पहनते हैं। कैसे मनाते हैं यह पर्व ============== देश ही नहीं विदेश में भी बसे पंजाबी समुदाय के लोग लोहड़ी धूमधाम से मनाते हैं। लोहड़ी के दिन आग में तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली चढ़ाई जाती है। आग के चारों तरफ चक्कर लगाकर सभी लोग अपने सुखी जीनव की कामना करते हैं। माना जाता है कि लोहड़ी के दिन साल की सबसे लंबी रात होती है और इस दिन से शरद ऋतु का अंत माना जाता है। 🌞🌞🙏 हैप्पी मकर संक्रांति 🙏🌞🌞

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