हे प्रभु! आपका मंगलमय संकल्प पूर्ण हो।
हे प्रभु!आपके संकल्प से अलग कोई भी दूसरा संकल्प हमारे मन मे उत्तपन्न न हो।

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गीताप्रेस के संस्थापक ब्रह्मलीन श्री जयदयाल गोयन्दका भगवत प्राप्त पुरूष थे।
उनके प्रवचनों से संकलित अमृत वचन आप ' श्री सेठ जी के अमृत वचन' app को गूगल प्ले स्टोर से डाऊनलोड कर सकते हैं।

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अयोध्या नरेश रघु के पिता का दिलीप और माता का  नाम सुदक्षिणा था। इनके प्रताप एवं न्याय के कारण ही इनके पश्चात इक्ष्वाकुवंश रघुवंश के नाम से प्रख्यात हुआ।

महाराज रघु ने समस्त भूखण्ड पर एकछत्र राज्य स्थापित कर विश्वजीत यज्ञ किया। उस यज्ञ में उन्होंन...

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हे नाथ! हे प्रभु! हे मेरे प्रभु! मैं आपको भूलूँ नहीं।
ऐसी कृपा करो नाथ आपको भूलू नहीं।। कृपा करोगे न। कृपा करना।

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पुरुवंशी नरेश शिवि उशीनगर देश के राजा थे। वे बड़े दयालु-परोपकारी शरण में आने वालो की रक्षा करने वाले एक धर्मात्मा राजा थे। इसके यहाँ से कोई पीड़ित, निराश नहीं लौटता था। इनकी सम्पत्ति परोपकार के लिए थी। इनकी भगवान से एकमात्र कामना थी कि मैं दुःख से प...

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