🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄सुप्रभातम🌄 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓 🌻रविवार, २८ फरवरी २०२१🌻 सूर्योदय: 🌄 ०६:५४ सूर्यास्त: 🌅 ०६:१६ चन्द्रोदय: 🌝 १९:२५ चन्द्रास्त: 🌜०७:३४ अयन 🌕 उत्तराणायने (दक्षिणगोलीय) ऋतु: ❄️ शिशिर शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी) मास 👉 फाल्गुन पक्ष 👉 कृष्ण तिथि 👉 प्रतिपदा (११:१८ तक) नक्षत्र 👉 पूर्वाफाल्गुनी (०९:३६ तक) योग 👉 धृति (१६:२२ तक) प्रथम करण 👉 कौलव (११:१८ तक) द्वितीय करण 👉 तैतिल (२१:५८ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 कुम्भ चंद्र 🌟 कन्या (१५:०६ से) मंगल 🌟 वृषभ (उदित, पूर्व, मार्गी) बुध 🌟 मकर (उदित, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) शुक्र 🌟 कुम्भ (अस्त, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) राहु 🌟 वृष केतु 🌟 वृश्चिक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त 👉 १२:०६ से १२:५३ अमृत काल 👉 २५:०१+ से २६:२९+ त्रिपुष्कर योग 👉 ११:१८ से ३०:४३+ सर्वार्थसिद्धि योग 👉 ०९:३६ से ३०:४३ विजय मुहूर्त 👉 १४:२५ से १५:११ गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:०४ से १८:२७ निशिता मुहूर्त 👉 २४:०४+ से २४:५४+ राहुकाल 👉 १६:४९ से १८:१५ राहुवास 👉 उत्तर यमगण्ड 👉 १२:३० से १३:५६ होमाहुति 👉 चन्द्र (०९:३६ तक) दिशाशूल 👉 पश्चिम नक्षत्र शूल 👉 उत्तर (०९:३६ से) अग्निवास 👉 पाताल -(११:१८ से पृथ्वी) चन्द्रवास 👉 पूर्व (दक्षिण १५:०७ से) 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - उद्वेग २ - चर ३ - लाभ ४ - अमृत ५ - काल ६ - शुभ ७ - रोग ८ - उद्वेग ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - शुभ २ - अमृत ३ - चर ४ - रोग ५ - काल ६ - लाभ ७ - उद्वेग ८ - शुभ नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 पूर्व-दक्षिण (पान का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ फाल्गुन कृष्ण पक्ष आरम्भ आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज ०९:३६ तक जन्मे शिशुओ का नाम पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (टू) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमश (टे, टो, प, पी) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त कुम्भ - ३०:०२ से ०७:२७ मीन - ०७:२७ से ०८:५१ मेष - ०८:५१ से १०:२५ वृषभ - १०:२५ से १२:१९ मिथुन - १२:१९ से १४:३४ कर्क - १४:३४ से १६:५६ सिंह - १६:५६ से १९:१५ कन्या - १९:१५ से २१:३३ तुला - २१:३३ से २३:५४ वृश्चिक - २३:५४ से २६:१३ धनु - २६:१३+ से २८:१७ मकर - २८:१७+ से २९:५८ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त शुभ मुहूर्त - ०६:४४ से ०७:२७ रज पञ्चक - ०७:२७ से ०८:५१ अग्नि पञ्चक - ०८:५१ से ०९:३६ शुभ मुहूर्त - ०९:३६ से १०:२५ रज पञ्चक - १०:२५ से ११:१८ शुभ मुहूर्त - ११:१८ से १२:१९ चोर पञ्चक - १२:१९ से १४:३४ शुभ मुहूर्त - १४:३४ से १६:५६ रोग पञ्चक - १६:५६ से १९:१५ शुभ मुहूर्त - १९:१५ से २१:३३ मृत्यु पञ्चक - २१:३३ से २३:५४ अग्नि पञ्चक - २३:५४ से २६:१३+ शुभ मुहूर्त - २६:१३+ से २८:१७+ रज पञ्चक - २८:१७+ से २९:५८+ शुभ मुहूर्त - २९:५८+ से ३०:४३ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज आप प्रत्येक कार्य बुद्धि विवेक से करेंगे लेकिन पूर्व में बरती अनियमितता के कारण आज शत्रु पक्ष प्रबल रहेंगे घर के सदस्यों का व्यवहार भी आज विपरीत रहेगा फिर भी आपको सबकी कमजोरी पता होने का फायदा मिलेगा लोग पीठ पीछे ही आलोचना करेंगे सामने कोई नही आएगा। व्यवसाय की गति आज अन्य दिनों को तुलना में धीमी रहेगी किसी कार्य से लाभ होते होते अंत समय मे लटक सकता है फिर भी खर्च निकालने लायक आय किसी पुराने अनुबंध द्वारा सहज हो जाएगी। भागीदारी के कार्य मे आज निवेश से बचे नाही किसी वस्तु का संग्रह करें आगे धन फंस सकता है। घर मे आवश्यकता के समय ही बोले शांति बनी रहेगी। सेहत में कुछ न कुछ विकार लगा रहेगा। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज का दिन आपके लिये प्रतिकूल रहेगा दिन के आरंभ से ही किसी से कहासुनी की संभावना रहेगी इसके लिये ज्यादा इंतजार भी नहीं करना पड़ेगा संतान अथवा किसी अन्य परिजन का उद्दंड व्यवहार कलह करवाएगा फिर भी आप धैर्य से काम लें अन्यथा एक बार मानसिक अशान्ति बनी तो संध्या तक परेशान करेगी। कार्य क्षेत्र से आज ज्यादा संभावना नही रहेगी फिर भी किसी न किसी माध्यम से आकस्मिक लाभ संचित कोष में वृद्धि करेगा। आज वाणी एवं व्यवहार पर अधिक संयम रखने की आवश्यकता है अन्यथा कई दिनों में बनी गरिमा धूमिल होने में वक्त नही लगेगा। संध्या के समय थकान अधिक होगी लेकिन स्वास्थ्य सामान्य बना रहेगा। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज का दिन लाभदायक रहेगा लेकिन ध्यान रहे आपका व्यवहार होने वाले लाभ को कम या अधिक करने में महत्तवपूर्ण भूमिका रखेगा। वैसे तो आज काम निकालने के लिये मीठा व्यवहार ही करेंगे लेकिन जिससे ख़ट पट हुई उसकी शक्ल भी देखना पसंद नही करेंगे चाहे हानि ही क्यो ना हो। कार्य व्यवसाय के साथ अन्य मार्ग से धन की आमद अवश्य होगी माता का व्यवहार आज कुछ अटपटा रहने के बाद भी इनके सहयोग अथवा अचल संपत्ति से भी लाभ की संभावना है। पति-पत्नी में किसी बात को लेकर ठनेगी फिर भी मामला ज्यादा गंभीर नही होने देंगे। व्यावसायिक यात्रा से धन मिल सकता है। विदेश जाने के इच्छुक आज प्रयास अवश्य करें सफल होने की संभावना अधिक है। सेहत छोटी मोटी समस्या को छोड़ ठीक रहेगी। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज के दिन आपको उतार चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा आपका स्वभाव आज संतोषी ही रहेगा फिर भी आकस्मिक आने वाले क्रोध पर नियंत्रण रखना आवश्यक है। आज आपका स्वभाव शंकालु रहेगा हर कार्य को करने से पहके हानि लाभ की परख करेंगे लेकिन किसी के दबाव अथवा बहकावे में आकर गलत निर्णय लेंगे बाद में इससे पछतावा हो इससे बेहतर आज ज्यादा झमेले वाले कार्यो से दूर ही रहे। भाई बंधुओ से संबंध ईर्ष्या युक्त होने पर भी कार्य क्षेत्र पर सहयोग अथवा मार्गदर्शन मिलने से आवश्यकता अनुसार धन सहज ही मिल जाएगा। घर मे पति-अथवा पत्नी की किसी गुप्त कामना को पूर्ण ना कर पाने पर खटास आ सकती है। धर्म कर्म में केवल व्यवहारिकता मात्र ही रहेगी। आरोग्य बना रहेगा। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) मन मे चंचलता बढ़ने के कारण आज आपका स्वभाव पल पल में बदलेगा किसी भी कार्य मे अनिर्णय की स्थिति बाधा डालेगी जिससे कार्यो में विलंब होगा। स्वभाव में आडंबर रहने पर सार्वजनिक क्षेत्र पर आपकी पहचान धनवानों जैसी बनेगी इसको बनाये रखने पर भी व्यर्थ खर्च करेंगे। कार्य व्यवसाय से आज कामना पूर्ति करना सम्भव नही माथापच्ची के बाद आय अवश्य होगी लेकिन नियमित ना होकर अंतराल पर होने से अधिक चौकन्ना रहना पड़ेगा। छाती अथवा छाती से ऊपरी भाग में कोई न कोई समस्या बनेगी समय से उपचार ले गंभीर भी हो सकती है। भावुकता अधिक रहेगी विपरीत लिंगीय के प्रति आकर्षित होंगे लेकिन मन ना मिलने पर दुख भी होगा। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज का दिन विपरीत फलदायक है स्वभाव की मनमानी आज किसी न किसी रूप में हानि कराएगी। आज भी आपका मन अनैतिक कर्मो में अधिक रहेगा किसी के टोकने पर अभद्र व्यवहार करने से भी नही शर्माएंगे। मौज शौक के पीछे संचित धन भी खर्च कर सकते है बाद में आर्थिक संकट में फसेंगे। कार्य व्यवसाय की स्थिति आज दयनीय रहेगी सहयोगी एवं समय की कमी के कारण बड़े लाभ से वंचित रह जाएंगे। मध्यान बाद थोड़ी बहुत आय होगी लेकिन आकस्मिक नुकसान भी होने से भरपाई नही कर पाएंगे। किसी से उधार लेने की नौबत आ सकती है आज वह भी मिलना मुश्किल है। घर मे माता से कलह के बाद अनैतिक लाभ उठाएंगे किसी न किसी से तकरार लगी रहेगी। किसी भी प्रकार के जोखिम से बचे दुर्घटना की सम्भवना है सेहत में उतारचढ़ाव लगा रहेगा। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज का दिन शुभफलदायक रहेगा। भागदौड़ आज किसी न किसी काम से लगी रहेगी लेकिन इसका सफल परिणाम दिन भर उत्साहित रखेगा। दिन के आरंभ में पेट अथवा मासपेशियो मे थोड़ी बहुत तकलीफ होगी लेकिन मध्यान तक स्वतः ही सही हो जाएगी। काम-धंधे को लेकर आज गंभीर रहेंगे अन्य आवश्यक कार्य भी इसके लिये निरस्त करेंगे धन लाभ भाग्य का साथ मिलने से अवश्य होगा लेकिन तुरंत कही न कही खर्च भी हो जाएगा आज खर्च दिखावे के ऊपर भी करने पड़ेंगे। घर का वातावरण मध्यान तक शांत रहेगा इसके बाद इसके बाद व्यवसाय अथवा अन्य घरेलू कारणों से किसी से खींचतान होने की संभावना है वाणी का प्रयाग संभालकर करें अन्यथा संबंधों में लंबे समय के लिये कड़वाहट बन सकती है। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज का दिन साधारण रहेगा दिन के पूर्वार्ध में स्वास्थ्य ठीक रहने पर भी आलस्य के कारण कार्यो में विलंब होगा घरेलू कार्य भी धीमी गति से चलेंगे बाद में हड़बड़ी करने पर नुकसान होने की संभावना है। कार्य क्षेत्र पर लाभ पाने के लिये विविध युक्तियां लगाएंगे लेकिन आज अधिकांश में असफलता ही मिलेगी धन लाभ अवश्य होगा पर पुराने उधार एवं दैनिक खर्च के आगे कम ही रहेगा। धर्म कर्म में आस्था रहने पर भी आज भाग्य का साथ कम ही मिलेगा नौकरी वालो को आज पुराना अधूरा कार्य मुसीबत लगेगा। विरोधी पक्ष पर ढील न बरतें अन्यथा बाद में परेशानी में डालेंगे। घर मे खर्चो को लेकर आपसी मतभेद उभरेंगे। ठंड का प्रकोप सेहत पर देखने को मिलेगा। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज के दिन आपके मन मे उधेड़ बुन लगी रहेगी जो करना चाहेंगे उसे नही कर पाएंगे उल्टे जिस का को करने से चिढ़ते है मजबूरी में वही करना पड़ेगा। मध्यान तक का समय फिर भी मानसिक एवं पारिवारिक रूप से शांतिदायक रहेगा घर मे पूजा पाठ दानपुण्य होने से वातावरण ऊर्जावान रहेगा। मध्यान बाद का समय विविध उलझनों वाला रहेगा। कार्य व्यवसाय में भी आज मंदी का सामना करना पड़ेगा भागदौड़ करने पर भी खर्च निकलने लायक आय मुश्किल से ही मिल पाएगी। सहकर्मी अपना काम आपके सर थोपेंगे व्यवहारिकता में मना भी नही कर पाएंगे। लघु यात्रा के योग है सम्भव हो तो टाले खर्च के अलावा कुछ नही मिलेगा। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज का दिन सेहत को लेकर परेशान रहेंगे। घर मे मौसमी बीमारियों के कारण सर्दी जुखाम से कोई ना कोई परेशान रहेगा दैनिक कार्य भी विलंब से होंगे जिससे अन्य कार्यो में भी विलंब होता जाएगा। कार्य व्यवसाय से आज लाभ की आशा ना रखे उल्टे किसी से धन अथवा अन्य कारणों से विवाद होने पर भविष्य के लाभ से भी हाथ धो बैठेंगे। संध्या के आस पास किसी के सहयोग से धन संबंधित कोई काम बनने से कुछ राहत मिलेगी। लेकिन आज पैतृक धन अथवा संपत्ति में हास होने के योग भी है। घरेलू एवं व्यावसायिक खर्चो को लेकर विशेष चिंता रहेगी। धर्म कर्म में आज निष्ठा तो रहेगी फिर भी रुचि नही दिखाएंगे। परिजनों को अधिक समय दे गलतफहमियां दूर होंगी। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज के दिन भागदौड़ लगी रहेगी दिन के आरंभ से ही आकस्मिक यात्रा की योजना बनेगी इसके अंत समय पर टलने की संभावना भी है। आज आप जो भी कामना करेंगे परिस्थिति स्वतः ही उसके अनुकूल बनने लगेगी कार्य व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा रहने पर भी आपके कार्यो में बाधा नही पहुचेगी पूर्व में बनाई योजना आज फलीभूत होगी धन लाभ भी आवश्यकता पड़ने पर हो जाएगा लेकिन अतिरिक्त खर्च आने से हाथ मे रुकेगा नही। घर के सदस्यों से जबरदस्ती बात मनवाएँगे फिर भी परिजनों से भावनात्मक संबंध बने रहेंगे। संध्या बाद का समय अत्यधिक थकान वाला रहेगा फिर भी बेमन से सामाजिक व्यवहारों के कारण आराम करने का मौका चाह कर भी नही मिलेगा। सेहत में विकार आने की संभावना है सतर्क रहें। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज का दिन आपके लिये मिश्रित फलदायक रहेगा। पूर्व में किसी गलती को लेकर मन मे ग्लानि होगी लेकिन सुधार करने की जगह दोबारा वही गलती करने पर किसी से अनबन के साथ शत्रुओ में वृद्धि भी होगी। आज घरेलू एवं व्यक्तिगत सुख सुविधा जुटाने के चक्कर मे अनैतिक कार्यो करने से परहेज नही करेंगे इससे बचे अन्यथा सरकारी उलझनों में फंसने की संभावना है। कार्य व्यवसाय में स्थिरता नही रहेगी धन अन्य लोगो की नजर में आपका व्यवसाय उत्तम रहेगा लेकिन होगा इसके विपरीत ही पूर्व में किये किसी सौदे को छोड़ अन्य किसी मार्ग से धन की आमद रुकेगी। स्त्री वर्ग बोल चाल में सावधानी बरतें छोटी सी बात पर कलह हो सकती है। सेहत कुछ समय के लिये नरम रहेगी। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️

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"गजेन्द्र मोक्ष कथा" अति प्राचीन काल की बात है। द्रविड़ देश में एक पाण्ड्यवंशी राजा राज्य करते थे। उनका नाम था इंद्रद्युम्न। वे भगवान की आराधना में ही अपना अधिक समय व्यतीत करते थे। यद्यपि उनके राज्य में सर्वत्र सुख-शांति थी। प्रजा प्रत्येक रीति से संतुष्ट थी, तथापि राजा इंद्रद्युम्न अपना समय राजकार्य में कम ही दे पाते थे। वे कहते थे कि भगवान विष्णु ही मेरे राज्य की व्यवस्था करते हैं। अतः वे अपने इष्ट परम प्रभु की उपासना में ही दत्तचित्त रहते थे। राजा इंद्रद्युम्न के मन में आराध्य-आराधना की लालसा उत्तरोत्तर बढ़ती ही गई। इस कारण वे राज्य को त्याग कर मलय-पर्वत पर रहने लगे। उनका वेश तपस्वियों जैसा था। सिर के बाल बढ़कर जटा के रूप में हो गए थे। वे निरंतर परमब्रह्म परमात्मा की आराधना में तल्लीन रहते। उनके मन और प्राण भी श्री हरि के चरण-कमलों में मधुकर बने रहते। इसके अतिरिक्त उन्हें जगत की कोई वस्तु नहीं सुहाती। उन्हें राज्य, कोष, प्रजा तथा पत्नी आदि किसी प्राणी या पदार्थ की स्मृति ही नहीं होती थी। एक बार की बात है, राजा इन्द्रद्युम्न प्रतिदिन की भांति स्नानादि से निवृत होकर सर्वसमर्थ प्रभु की उपासना में तल्लीन थे। उन्हें बाह्य जगत का तनिक भी ध्यान नहीं था। संयोग वश उसी समय महर्षि अगस्त्य अपने समस्त शिष्यों के साथ वहाँ पहुँच गए। लेकिन न पाद्ध, न अघ्य और न स्वागत। मौनव्रती राजा इंद्रद्युम्न परम प्रभु के ध्यान में निमग्न थे। इससे महर्षि अगस्त्य कुपित हो गए। उन्होंने इंद्रद्युम्न को शाप दे दिया- "इस राजा ने गुरुजनों से शिक्षा नहीं ग्रहण की है और अभिमानवश परोपकार से निवृत होकर मनमानी कर रहा है। ब्राह्मणों का अपमान करने वाला यह राजा हाथी के समान जड़बुद्धि है, इसलिए इसे घोर अज्ञानमयी हाथी की योनि प्राप्त हो।" महर्षि अगत्स्य भगवदभक्त इंद्रद्युम्न को यह शाप देकर चले गए। राजा इन्द्रद्युम्न ने इसे श्री भगवान का मंगलमय विधान समझकर प्रभु के चरणों में सिर रख दिया। क्षीराब्धि में दस सहस्त्र योजन लम्बा, चौड़ा और ऊंचा त्रिकुट नामक पर्वत था। वह पर्वत अत्यंत सुन्दर एवं श्रेष्ठ था। उस पर्वतराज त्रिकुट की तराई में ऋतुमान नामक भगवान वरुण का क्रीड़ा-कानन था। उसके चारों ओर दिव्य वृक्ष सुशोभित थे। वे वृक्ष सदा पुष्पों और फूलों से लदे रहते थे। उसी क्रीड़ा-कानन ऋतुमान के समीप पर्वतश्रेष्ठ त्रिकुट के गहन वन में हथनियों के साथ अत्यंत शक्तिशाली और अमित पराक्रमी गजेन्द्र रहता था। एक बार की बात है। गजेन्द्र अपने साथियों सहित तृषाधिक्य (प्यास की तीव्रता) से व्याकुल हो गया। वह कमल की गंध से सुगंधित वायु को सूंघकर एक चित्ताकर्षक विशाल सरोवर के तट पर जा पहुँचा। गजेन्द्र ने उस सरोवर के निर्मल, शीतल और मीठे जल में प्रवेश किया। पहले तो उसने जल पीकर अपनी तृषा बुझाई, फिर जल में स्नान कर अपना श्रम दूर किया। तत्पश्चात उसने जलक्रीडा आरम्भ कर दी। वह अपनी सुंड में जल भरकर उसकी फुहारों से हथिनियों को स्नान कराने लगा। तभी अचानक गजेन्द्र ने सूंड उठाकर चीत्कार की। पता नहीं किधर से एक मगर ने आकर उसका पैर पकड़ लिया था। गजेन्द्र ने अपना पैर छुड़ाने के लिए पूरी शक्ति लगाई परन्तु उसका वश नहीं चला, पैर नहीं छूटा। अपने स्वामी गजेन्द्र को ग्राहग्रस्त देखकर हथिनियां, कलभ और अन्य गज अत्यंत व्याकुल हो गए। वे सूंड उठाकर चिंघाड़ने और गजेन्द्र को बचाने के लिए सरोवर के भीतर-बाहर दौड़ने लगे। उन्होंने पूरी चेष्टा की लेकिन सफल नहीं हुए। वस्तुतः महर्षि अगत्स्य के शाप से राजा इंद्रद्युम्न ही गजेन्द्र हो गए थे और गन्धर्वश्रेष्ठ हूहू महर्षि देवल के शाप से ग्राह हो गए थे। वे भी अत्यंत पराक्रमी थे। संघर्ष चलता रहा। गजेन्द्र स्वयं को बाहर खींचता और ग्राह गजेन्द्र को भीतर खींचता। सरोवर का निर्मल जल गंदला हो गया था। कमल-दल क्षत-विक्षत हो गए। जल-जंतु व्याकुल हो उठे। गजेन्द्र और ग्राह का संघर्ष एक सहस्त्र वर्ष तक चलता रहा। दोनों जीवित रहे। यह दृश्य देखकर देवगण चकित हो गए। अंततः गजेन्द्र का शरीर शिथिल हो गया। उसके शरीर में शक्ति और मन में उत्साह नहीं रहा। परन्तु जलचर होने के कारण ग्राह की शक्ति में कोई कमी नहीं आई। उसकी शक्ति बढ़ गई। वह नवीन उत्साह से अधिक शक्ति लगाकर गजेन्द्र को खींचने लगा। असमर्थ गजेन्द्र के प्राण संकट में पड़ गए। उसकी शक्ति और पराक्रम का अहंकार चूर-चूर हो गया। वह पूर्णतया निराश हो गया। किन्तु पूर्व जन्म की निरंतर भगवद आराधना के फलस्वरूप उसे भगवत्स्मृति हो आई। उसने निश्चय किया कि मैं कराल काल के भय से चराचर प्राणियों के शरण्य सर्वसमर्थ प्रभु की शरण ग्रहण करता हूँ। इस निश्चय के साथ गजेन्द्र मन को एकाग्र कर पूर्वजन्म में सीखे श्रेष्ठ स्त्रोत द्वारा परम प्रभु की स्तुति करने लगा। गजेन्द्र की स्तुति सुनकर सर्वात्मा सर्वदेव रूप भगवान विष्णु प्रकट हो गए। गजेन्द्र को पीड़ित देखकर भगवान विष्णु गरुड़ पर आरूढ़ होकर अत्यंत शीघ्रता से उक्त सरोवर के तट पर पहुंचे। जब जीवन से निराश तथा पीड़ा से छटपटाते गजेन्द्र ने हाथ में चक्र लिए गरुडारूढ़ भगवान विष्णु को तीव्रता से अपनी ओर आते देखा तो उसने कमल का एक सुन्दर पुष्प अपनी सूंड में लेकर ऊपर उठाया और बड़े कष्ट से कहा- "नारायण! जगद्गुरो! भगवान! आपको नमस्कार है।" गजेन्द्र को अत्यंत पीड़ित देखकर भगवान विष्णु गरुड़ की पीठ से कूद पड़े और गजेन्द्र के साथ ग्राह को भी सरोवर से बाहर खींच लाए और तुरन्त अपने तीक्ष्ण चक्र से ग्राह का मुँह फाड़कर गजेन्द्र को मुक्त कर दिया। ब्रह्मादि देवगण श्री हरि की प्रशंसा करते हुए उनके ऊपर स्वर्गिक सुमनों की वृष्टि करने लगे। सिद्ध और ऋषि-महर्षि परब्रह्म भगवान विष्णु का गुणगान करने लगे। ग्राह दिव्य शरीर-धारी हो गया। उसने विष्णु के चरणों में सिर रखकर प्रणाम किया और भगवान विष्णु के गुणों की प्रशंसा करने लगा। भगवान विष्णु के मंगलमय वरद हस्त के स्पर्श से पाप मुक्त होकर अभिशप्त हूँ गन्धर्व ने प्रभु की परिक्रमा की और उनके त्रैलोक्य वन्दित चरण-कमलों में प्रणाम कर अपने लोक चला गया। भगवान विष्णु ने गजेन्द्र का उद्धार कर उसे अपना पार्षद बना लिया। गन्धर्व, सिद्ध और देवगण उनकी लीला का गान करने लगे। गजेन्द्र की स्तुति से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने सबके समक्ष कहा- "प्यारे गजेन्द्र! जो लोग ब्रह्म मुहूर्त में उठकर तुम्हारी की हुई स्तुति से मेरा स्तवन करेंगे, उन्हें मैं मृत्यु के समय निर्मल बुद्धि का दान करूँगा।" यह कहकर भगवान विष्णु ने पार्षद रूप में गजेन्द्र को साथ लिया और गरुडारुड़ होकर अपने दिव्य धाम को चले गए। ----------::;×:::----------- "जय जय श्रीहरि" *******************************************

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🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄सुप्रभातम🌄 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓 🌻शनिवार, २७ फरवरी २०२१🌻 सूर्योदय: 🌄 ०६:५५ सूर्यास्त: 🌅 ०६:१५ चन्द्रोदय: 🌝 १८:१९ चन्द्रास्त: 🌜०६:५७ अयन 🌕 उत्तराणायने (दक्षिणगोलीय) ऋतु: ❄️ शिशिर शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी) मास 👉 माघ पक्ष 👉 शुक्ल तिथि 👉 पूर्णिमा (१३:४६ तक) नक्षत्र 👉 मघा (११:१८ तक) योग 👉 सुकर्मा (१९:३८ तक) प्रथम करण 👉 बव (१३:४६ तक) द्वितीय करण 👉 बालव (२४:३५ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 कुम्भ चंद्र 🌟 सिंह मंगल 🌟 वृषभ (उदित, पूर्व, मार्गी) बुध 🌟 मकर (उदित, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) शुक्र 🌟 कुम्भ (अस्त, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) राहु 🌟 वृष केतु 🌟 वृश्चिक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त 👉 १२:०७ से १२:५३ अमृत काल 👉 ०९:०२ से १०:३३ विजय मुहूर्त 👉 १४:२५ से १५:११ गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:०३ से १८:२७ निशिता मुहूर्त 👉 २४:०४+ से २४:५४+ राहुकाल 👉 ०९:३७ से ११:०४ राहुवास 👉 पूर्व यमगण्ड 👉 १३:५६ से १५:२२ होमाहुति 👉 चन्द्र दिशाशूल 👉 पूर्व अग्निवास 👉 पृथ्वी चन्द्रवास 👉 पूर्व 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - काल २ - शुभ ३ - रोग ४ - उद्वेग ५ - चर ६ - लाभ ७ - अमृत ८ - काल ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - लाभ २ - उद्वेग ३ - शुभ ४ - अमृत ५ - चर ६ - रोग ७ - काल ८ - लाभ नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 पूर्व-उत्तर (वाय विन्डिंग अथवा तिल मिश्रित चावल का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ माघी स्नान-दान पूर्णिमा, गुरु रविदास का ६०८ वा जन्म, श्री ललिता ज०, माघ स्नान पूर्ण आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज ११:१८ तक जन्मे शिशुओ का नाम मघा नक्षत्र के चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (में) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण अनुसार क्रमश (मो, टा, टी) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त कुम्भ ३०:०५+ बजे से ०७:३१ मीन - ०७:३१ से ०८:५५ मेष - ०८:५५ से १०:२९ वृषभ - १०:२९ से १२:२३ मिथुन - १२:२३ से १४:३८ कर्क - १४:३८ से १७:०० सिंह - १७:०० से १९:१९ कन्या - १९:१९ से २१:३७ तुला - २१:३७ से २३:५७ वृश्चिक - २३:५७ से २६:१७+ धनु - २६:१७+ से २८:२०+ मकर - २८:२०+ से ३०:०२+ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त शुभ मुहूर्त - ०६:४५ से ०७:३१ रोग पञ्चक - ०७:३१ से ०८:५५ चोर पञ्चक - ०८:५५ से १०:२९ शुभ मुहूर्त - १०:२९ से ११:१८ रोग पञ्चक - ११:१८ से १२:२३ शुभ मुहूर्त - १२:२३ से १३:४६ मृत्यु पञ्चक - १३:४६ से १४:३८ अग्नि पञ्चक - १४:३८ से १७:०० शुभ मुहूर्त - १७:०० से १९:१९ रज पञ्चक - १९:१९ से २१:३७ शुभ मुहूर्त - २१:३७ से २३:५७ चोर पञ्चक - २३:५७ से २६:१७+ शुभ मुहूर्त - २६:१७+ से २८:२०+ रोग पञ्चक - २८:२०+ से ३०:०२+ शुभ मुहूर्त - ३०:०२+ से ३०:४४ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज परिस्थिति में थोड़ा सुधार अनुभव करेंगे लेकिन कामना पूर्ति में आज भी कोई न कोई अड़चन बनी रहेगी। मध्यान से पहले कोई भी महत्तवपूर्ण निर्णय ना ले अन्यथा अधूरा रह सकता है मध्यान बाद मन पर चंचलता हावी रहेगी इसलिये बिना किसी अनुभवी की सलाह धन अथवा पैतृक सम्बंधित कोई कार्य ना करे। व्यावसायिक अथवा सामाजिक क्षेत्र पर लोग आपको नीचा दिखाने का प्रयास करेंगे इनको अनदेखा करना ही बेहतर रहेगा अन्यथा मन मे नकारात्मकता जन्म लेने से आगे के लिये हानिकारक रहेगा। संध्या से पहले का समय राहत भरा रहेगा घर का वातावरण आंनदित रहेगा घर मे पूजा पाठ के आयोजन होंगे। स्वास्थ्य आज ठीक रहेगा फिर भी ठंडी वस्तु के सेवन से परहेज करें। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज के दिन भी आप अपने ही स्वभाव के कारण घर मे अशांति का कारण बनेंगे। घर मे स्त्री वर्ग से सावधान रहें आपकी छोटी-छोटी बातों को भी बक्सने वाली नही। मध्यान तक का समय व्यर्थ बोलने की आदत के चलते अशांत होगा बाद में इसका पछतावा भी होगा। दोपहर के बाद से स्थिति सामान्य होने लगेगी कार्य व्यवसाय में भी प्रतिस्पर्धियों को पछाड़ लाभ के सौदे अपने हक में करेंगे इसके लिये काफी माथा पच्ची भी करनी पड़ेगी। घर के सदस्यों को मनाने के लिये अधिक खर्च करना पड़ेगा यही प्रायश्चित करने का मौका भी रहेगा हाथ से जाने ना दे। संध्या बाद सभी प्रकार से सुखों की प्राप्ती होने पर मन आनंद से भरा रहेगा लेकिन स्वयं अथवा परिजन की सेहत में अकस्मात खराबी आने पर रंग में भंग की स्थिति बनेगी। आज खर्च करने में मितव्ययता बरते अन्यथा बाद में आर्थिक उलझने हो सकती है। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज के दिन आपका व्यवहार ढुलमुल रहेगा मध्यान तक आप प्रत्येक कार्य मे आलस्य दिखाएंगे लेकिन बेमन से घरेलू कार्य करने ही पड़ेंगे। घर एव बाहर साहस का परिचय केवल बातो में ही देंगे लेकिन आवश्यकता के समय टालमटोल करेंगे। आज अधिक परिश्रम वाले कार्यो से बचने का प्रयास करेंगे फिर भी दोपहर तक किसी न किसी कारण से मेहनत करनी ही पड़ेगी। दोपहर बाद सेहत में नरमी आने लगेगी इसलिये आवश्यक कार्य पहले ही कर लें। कार्य व्यवसाय से परिश्रम के बाद ही लाभ की प्राप्ती होगी वह भी आज की जरूरत से कम ही। घर मे पति-पत्नी से वादाखिलाफी अथवा अन्य कारणों से कलह हो सकती है। संध्या बाद सेहत ठीक ना होने पर भी मनोरंजन के अवसर हाथ से नही जाने देंगे रात्रि के समय शरिरीक शिथिलता अधिक बनेगी सतर्क रहें। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज आप बीते कल की तुलना में कुछ संतोषि रहेंगे लेकिन महिला वर्ग इसके विपरीत अन्य लोगो से स्वयं एवं परिवार की तुलना करने पर कुछ समय के लिये उदास रहेंगी। दिन के पूर्वार्ध से मध्यान तक घरेलू कार्यो की व्यस्तता के चलते अन्य कार्यो में फेरबदल करनी पड़ेगी। कार्य क्षेत्र पर भी आज विलंब होगा लेकिन इसका ज्यादा प्रभाव नही पड़ेगा। व्यवसाय में दोपहर के बाद अकस्मात उछाल आने से कई दिनों से अटकी मनोकामना की पूर्ति कर सकेंगे लेकिन दैनिक खर्चो के अतिरिक्त खर्च आने से बचत संभव नही होगी। घर मे पति पत्नी के बीच भी आर्थिक विषय एवं मन मर्जी कलह का कारण बनेंगे। संध्या बाद का समय पिछले कई दिनों की तुलना में बेहतर रहेगा सुख में वृद्धि होगी। वाहन अथवा अन्य उपकरणों से दुर्घटना के योग है सावधान रहें। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज के दिन आपके व्यक्तित्त्व में निखार रहेगा लेकिन स्वभाव का जिद्दीपन अन्यलोगों विशेषकर परिजनों के लिये भारी पड़ेगा। जाने अनजाने में कोई अनैतिक कर्म करेंगे जिसे बाद में परिजनों को भुगतना पड़ेगा जिससे घर का शांत माहौल भी खराब होगा। कार्य व्यवसाय से लाभ की सम्भवना कम ही है आपके हिस्से का लाभ किसी अन्य के पक्ष में जा सकता है सतर्क रहें धन लाभ असमय और अकस्मात होने की सम्भवना है लापरवाही करी तो हाथ नही लगेगा। व्यवसाय में निवेश आज भूल से भी ना करें हानि ही होगी। घर मे कुछ समय को छोड़ उत्सव का वातावरण रहेगा। काम वासना अधिक रहेगी लेकिन ध्यान रहे कोई गलत काम सभी प्रकार से नुकसानदेह होगा। यात्रा अतिआवश्यक होने पर ही करें। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज का दिन कुछ कार्यो को छोड़ व्यर्थ की भागदौड़ में बीतेगा घरेलू कार्यो को लेकर किसी से बहस होकर दिन का आरंभ होगा मध्यान तक इसका प्रभाव मस्तिष्क पर रहेगा इसके बाद ही स्थिति सामान्य हो पायेगी। आज आपके सामाजिक दायरे में वृद्धि होगी लेकिन दुष्ट प्रकृति के लोगो की संगत से बचे अन्यथा स्वयं के साथ परिजनों का भी अपमान करवाएंगे। महिलाए को आज अन्य दिनों की तुलना में अधिक कार्य करना पड़ेगा आवश्यकता के समय सहयोग ना मिलने पर मन मे झुंझलाहट आएगी जिससे घर मे थोड़ी देर के लिये अशांति होगी। दोपहर से लेकर संध्या बाद तक का समय मनोरंजन में बीतेगा खर्च भी आज आवश्यकता से अधिक करेंगे बाद में ग्लानि होगी। सेहत संध्या बाद अस्थिर बनेगी। धन लाभ अल्प होगा। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज का दिन आपके लिये आरामदायक रहेगा लेकिन आज बेतुकी बयानबाजी से बचना होगा अन्यथा बैठे बिठाये अपमानित हो सकते है। दिन का आरंभ में सुस्ती रहेगी लेकिन घर मे आवश्यक कार्य होने के कारण बेमन से काम करना पड़ेगा। मनोरंजन को छोड़ अन्य किसी भी कार्य के लिये तैयार नही होंगे कार्य करते वक्त किसी के टोकने अथवा इच्छा पूर्ति में बाधा पहुचाने पर एक दम से उग्र हो जाएंगे। कार्य व्यवसाय में रुचि कम रहेगी फलस्वरूप सीमित आय से संतोष करना पड़ेगा। नौकरी पेशाओ को आज किसी न किसी की सुननी पड़ेगी। भाई बंधुओ को प्रसन्न देख मन मे ईर्ष्या बनेगी। सेहत सामान्य रहेगी जोखिम से बचें। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज आप किसी भी कार्य को लेकर गंभीर नही रहेंगे दिन के आरंभ से ही आलस्य और सुस्ती बनी रहेगी मध्यान बाद किसी आवश्यक कार्य को लेकर पिता अथवा घर के अन्य सदस्य से कहासुनी हो सकती है। मध्यान बाद का अधिकांश समय इधर उधर की करने में खराब करेंगे। कार्य व्यवसाय से आज ज्यादा उम्मीद ना रखे मध्यान तक आलस्य की भेंट चाहेगा इसके बाद जल्दबाजी में कार्य करेंगे फिर भी आवश्यकता अनुसार धन मिल ही जायेगा। संध्या के समय सेहत में दोबारा से नरमी बनेगी लेकिन अनदेखी करेंगे धार्मिक भावो में वृद्धि होगी धार्मिक क्षेत्र की यात्रा करेंगे। रात्रि का समय आनंद मनोरंजन में बीतेगा खर्च आज अनियंत्रित रहेंगे। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज आप जिस भी कार्य को करना आरंभ करेंगे या करने का विचार करेंगे उसमे कोई ना कोई बिना मांगे अपनी राय देगा जिससे कुछ समय के लिये दुविधा में पड़ेंगे। मध्यान तक आलस्य के कारण कार्यो की गति धीमी रहेगी इसके बाद भी कार्य व्यवसाय में रुचि होने पर भी किसी न किसी के कारण ठीक से ध्यान नही दे पाएंगे धन की आमद आज कार्य समय से करने पर भी विलंब से अथवा आगे के लिये टलेगी ऊपर से खर्च बढ़ने से आर्थिक संतुलन गड़बड़ायेगा। घर मे वातावरण पल पल में बदलेगा सहयोग की कमी के चलते अव्यवस्था बढ़ेगी। पिता अथवा किसी वृद्ध के स्वास्थ्य के ऊपर खर्च भी करना पड़ेगा लेकिन भविष्य के लिये उत्तम मार्गदर्शन भी मिलेगा। लम्बी यात्रा की योजना आज मन मे ही रहने की संभावना है फिर भी छोटी मोटी पर्यटन अथवा धार्मिक यात्रा अवश्य होगी। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज के दिन आप कोई नापसंद कार्य करने पर गुस्से में रहेंगे लेकिन कार्य क्षेत्र पर अनुकूल वातावरण भी मिलते रहेंगे। दिन का पूर्वार्ध धीमी गति से कार्य करने पर व्यर्थ जाएगा इसके बाद कई दिनों से लटके कार्यो को पूर्ण करने में परेशानी आएगी फिर भी पारिवारिक सदस्य का सहयोग मिलने से धीरे धीरे पूर्ण कर लेंगे। व्यवसाय से आज आशा के समय लाभ नही होगा जिस समय आराम अथवा अन्य कार्यो में व्यस्त होंगे तभी अकस्मात काम मिलने से दुविधा होगी लेकिन जोड़तोड़ कर इससे कुछ लाभ ही कमाएंगे। पिता को छोड़ घर के अन्य सदस्य आपसे प्रसन्न ही रहेंगे। घरेलू खर्च में आज वृद्धि होने से बजट प्रभावित होगा। मित्र परिचितों से उपहार स्नेह का आदान-प्रदान होगा। सेहत आज ठीक रहेगी वर्जित कार्यो से बचे। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज के दिन आपको बैठे बिठाये आकस्मिक लाभ की प्राप्ति होगी चाहे किसी भी रूप में हो। दिन का पहला भाग धीमी दिनचार्य के कारण खराब होगा लेकिन इसके बाद का अधिकांश समय अपने मन की ही करेंगे जिससे कही ना कही परेशानी भी होगी। आज भूमि भवन के रखरखाव अथवा अन्य प्रकार से अचल संपत्ति के उर खर्च करना पड़ेगा। घर का वातावरण धार्मिक रहेगा मित्र रिश्तेदारों के आगमन से उत्साह बढेगा। कार्य व्यवसाय में आज ज्यादा समय नही दे पाएंगे फिर भी थोड़े समय मे ही खर्च निकाल लेंगे। महत्तवपूर्ण कार्यो को आगे के लिये ना टाले अन्यथा पूर्ण होने में संदेह रहेगा। संध्या के समय उत्तम भोजन वाहन सुख मिलेगा लेकिन किसी न किसी से कलह भी हो सकती है वाणी का प्रयोग संतुलित करें। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज के दिन परिजनों का व्यवहार आपके स्वभाव पर निर्भर रहेगा इसलिये सनकी मिजाज त्याग मिलनसार बने अन्यथा आज सुख चैन से नही बैठ पाएंगे। आज कार्य क्षेत्र के साथ घरेलू कार्य भी सर पर आने से असमंजस में रहेंगे रूखा व्यवहार रहने पर सहयोग की आशा भी ना रखे। घर मे पति पत्नी का स्वभाव पल पल में बदलने से कलह जैसी स्थिति बनेगी। कार्य क्षेत्र से आशा तो काफी रहेगी लेकिन पुर्व में कई गलतियों के कारण आज पश्चाताप होगा धन की आमद कम होने पर खर्च की पूर्ति भी नही कर पाएंगे। दोपहर बाद का समय अत्यंत खर्चीला रहेगा घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में टालमटोल ना करें अन्यथा झगड़ा हो सकता। माता को छोड़ अन्य किसी से विचार मेल नही खाएंगे। स्वास्थ्य आज सामान्य रहेगा। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️

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*"ग्रह, नक्षत्र किसी का शुभ व अशुभ नहीं करते। मनुष्य के कर्मों के फल को ही लोग ग्रहों का नाम देते हैं"* 🌾🍁🏯👏👏🛕👏👏🏯🍁🌾 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 भारतीय शास्त्रों में मूलतः ग्रहों को शुभाशुभ फल करने वाला न मानकर केवल मनुष्य के पूर्व अर्जित कर्मफलों का सूचक मात्र ही माना गया है। महाभारत में भी ग्रहों को सूचक ही कहा गया है। महाभारत पुराण में पारवती शिवजी से से पूछती हैं- भगवन! भगनेत्रनाशन! आपका मत है कि मनुष्यों की जो भली-बुरी अवस्था है, वह सब उनकी अपनी ही करनी का फल है। आपके इस मत को मैंने अच्छी तरह सुना, परंतु लोक (संसार) में यह देखा जाता है कि लोग समस्त शुभाशुभ कर्मफल को ग्रहजनित मानकर प्रायः उन ग्रहनक्षत्रों की ही आराधना करते रहते हैं। क्या उनकी यह मान्यता ठीक है? देव! यही मेरा संशय है। आप मेरे इस संदेह का निवारण कीजिये। उमोवाच। *भगवन् भगनेत्रघ्न मानुषाणां विचेष्टितम्।* *सर्वमात्मकृतं चेति श्रुतं मे भगवन् मतम् ॥१॥* *लोके ग्रह कृतं सर्वं मत्वा कर्म शुभाशुभम्।* *तदेव ग्रह नक्षत्रं प्रायशः पर्युपासते।* *एष मे संशयो देव तं मे त्वं छेत्तुमर्हसि ॥२॥* महेश्वर ने कहा- देवि! तुमने उचित संदेह उपस्थित किया है। इस विषय में जो सिद्धान्त मत है, उसे सुनो। महाभागे! ग्रह और नक्षत्र मनुष्यों के शुभ और अशुभ की सूचना मात्र देने वाले हैं। वे स्वयं कोई काम नहीं करते हैं। प्रजा के हित के लिये ज्यौतिषचक्र (ग्रह-नक्षत्र मण्डल) के द्वारा भूत और भविष्य के शुभाशुभ फल का बोध कराया जाता है। किंतु वहाँ शुभ कर्मफल की सूचना (उत्तम) शुभ ग्रहों द्वारा प्राप्त होती है और दुष्कर्म के फल की सूचना अशुभ ग्रहों द्वारा। केवल ग्रह और नक्षत्र ही शुभाशुभ कर्मफल को उपस्थित नहीं करते हैं। सारा अपना ही किया हुआ कर्म शुभाशुभ फल का उत्पादक होता है। ग्रहों ने कुछ किया है- यह कथन लोगों का प्रवाद (अभिव्यक्ति) मात्र है। महेश्वर उवाच। *स्थाने संशयितं देवि शृणु तत्वविनिश्चयम्॥३॥* *नक्षत्राणि ग्रहाश्चैव शुभाशुभनिवेदकाः।* *मानवानां महाभागे न तु कर्मकराः स्वयम् ॥४॥* *प्रजानां तु हितार्थाय शुभाशुभविधिं प्रति।* *अनागतमतिक्रान्तं ज्योतिश्चक्रेण बोध्यते ॥५॥* *किन्तु तत्र शुभं कर्म सुग्रहैस्तु निवेद्यते।* *दुष्कृतस्याशुभैरेव समावायो भवेदिति ॥६॥* *तस्मात्तु ग्रहवैषम्ये विषमं कुरुते जनः।* *ग्रहसाम्ये शुभं कुर्याज्ज्ञात्वाऽऽत्मानं तथा कृतम् ॥७॥* *केवलं ग्रहनक्षत्रं न करोति शुभाशुभम्।* *सर्वमात्मकृतं कर्म लोकवादो ग्रहा इति ॥८॥* *पृथग्ग्रहाः पृथक्कर्ता कर्ता स्वं भुञ्जते फलम्।* *इति ते कथितं सर्वं विशङ्कां जहि शोभने ॥ ९॥* (महाभारत, अनुशासन पर्व, अध्याय 145) इन श्लोकों के द्वारा लोगों को भाग्य पर आश्रित न रह कर सत्-कर्म करने के लिये प्रेरित किया गया है | अपना भविष्य जानने में सबको रुचि हो सकती है पर हमारे लिए यह जानना भी आवश्यक है कि, हमारा भविष्य हमारे ही किए हुए कर्मो से निर्मित होता है। जब हमारे कर्म शुभ होंगे तो हमारा भविष्य भी श्रेष्ठ होगा। किसी व्यक्ति के जीवन में शुभ और अशुभ घटनायें उसके द्वारा किये हुए पूर्व कर्मों से होती हैं गोस्वामी तुलसीदास जी ने भी कहा है- "कायर मन कर एक अधारा | दैव दैव आलसी पुकारा |" हे मन एक परमात्मा के नाम को ही आधार/सहारा बना, दैव/भाग्य से ही मिलेगा यह आलसी लोग पुकारते हैं 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 ☀!! श्री हरि: शरणम् !! ☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾

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🕉श्री हरिहरो विजयतेतराम🕉 🌄सुप्रभातम🌄 🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓 🌻शुक्रवार, २६ फरवरी २०२१🌻 सूर्योदय: 🌄 ०६:५६ सूर्यास्त: 🌅 ०६:१५ चन्द्रोदय: 🌝 १७:१३ चन्द्रास्त: 🌜❌❌❌ अयन 🌕 उत्तराणायने (दक्षिणगोलीय) ऋतु: ❄️ शिशिर शक सम्वत: 👉 १९४२ (शर्वरी) विक्रम सम्वत: 👉 २०७७ (प्रमादी) मास 👉 माघ पक्ष 👉 शुक्ल तिथि 👉 चतुर्दशी (१५:४९ तक) नक्षत्र 👉 आश्लेशा (१२:३५ तक) योग 👉 अतिगण्ड (२२:३६ तक) प्रथम करण 👉 वणिज (१५:४९ तक) द्वितीय करण 👉 विष्टि (२६:५१ तक) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ ॥ गोचर ग्रहा: ॥ 🌖🌗🌖🌗 सूर्य 🌟 कुम्भ चंद्र 🌟 सिंह (१२:३४ से) मंगल 🌟 वृषभ (उदित, पूर्व, मार्गी) बुध 🌟 मकर (उदित, पश्चिम, मार्गी) गुरु 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) शुक्र 🌟 कुम्भ (अस्त, पूर्व, मार्गी) शनि 🌟 मकर (उदय, पूर्व, मार्गी) राहु 🌟 वृष केतु 🌟 वृश्चिक 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभाशुभ मुहूर्त विचार ⏳⏲⏳⏲⏳⏲⏳ 〰〰〰〰〰〰〰 अभिजित मुहूर्त 👉 १२:०७ से १२:५३ अमृत काल 👉 ११:०२ से १२:३५ रवियोग 👉 ०६:४६ से १२:३५ विजय मुहूर्त 👉 १४:२४ से १५:१० गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:०२ से १८:२६ निशिता मुहूर्त 👉 २४:०४+ से २४:५४+ राहुकाल 👉 ११:०४ से १२:३० राहुवास 👉 दक्षिण-पूर्व यमगण्ड 👉 १५:२२ से १६:४८ होमाहुति 👉 चन्द्र दिशाशूल 👉 पश्चिम अग्निवास 👉 आकाश भद्रावास 👉 मृत्यु १५:४९ से २६:५१ चन्द्रवास 👉 उत्तर (पूर्व १२:३५ से) 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ☄चौघड़िया विचार☄ 〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️ ॥ दिन का चौघड़िया ॥ १ - चर २ - लाभ ३ - अमृत ४ - काल ५ - शुभ ६ - रोग ७ - उद्वेग ८ - चर ॥रात्रि का चौघड़िया॥ १ - रोग २ - काल ३ - लाभ ४ - उद्वेग ५ - शुभ ६ - अमृत ७ - चर ८ - रोग नोट-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 शुभ यात्रा दिशा 🚌🚈🚗⛵🛫 पूर्व-उत्तर (दहीलस्सी अथवा राई का सेवन कर यात्रा करें) 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 तिथि विशेष 🗓📆🗓📆 〰️〰️〰️〰️ माघ पूर्णिमा व्रत आदि। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज जन्मे शिशुओं का नामकरण 〰〰〰〰〰〰〰〰〰️〰️ आज १२:३५ तक जन्मे शिशुओ का नाम आश्लेषा नक्षत्र के तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (डे, डो) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम मघा नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण अनुसार क्रमश (मा, मी, मू) नामाक्षर से रखना शास्त्रसम्मत है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 उदय-लग्न मुहूर्त कुम्भ ३०:०९ से ०७:३५ मीन - ०७:३५ से ०८:५९ मेष - ०८:५९ से १०:३२ वृषभ - १०:३२ से १२:२७ मिथुन - १२:२७ से १४:४२ कर्क - १४:४२ से १७:०४ सिंह - १७:०४ से १९:२३ कन्या - १९:२३ से २१:४० तुला - २१:४० से २४:०१+ वृश्चिक - २४:०१+ से २६:२१+ धनु - २६:२१+ से २८:२४+ मकर - २८:२४+ से ३०:०५+ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 पञ्चक रहित मुहूर्त रज पञ्चक - ०६:४६ से ०७:३५ शुभ मुहूर्त - ०७:३५ से ०८:५९ शुभ मुहूर्त - ०८:५९ से १०:३२ रज पञ्चक - १०:३२ से १२:२७ शुभ मुहूर्त - १२:२७ से १२:३५ चोर पञ्चक - १२:३५ से १४:४२ शुभ मुहूर्त - १४:४२ से १५:४९ रोग पञ्चक - १५:४९ से १७:०४ शुभ मुहूर्त - १७:०४ से १९:२३ मृत्यु पञ्चक - १९:२३ से २१:४० अग्नि पञ्चक - २१:४० से २४:०१+ शुभ मुहूर्त - २४:०१+ से २६:२१+ रज पञ्चक - २६:२१+ से २८:२४+ शुभ मुहूर्त - २८:२४+ से ३०:०५+ चोर पञ्चक - ३०:०५+ से ३०:४५ 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰 आज का राशिफल 🐐🐂💏💮🐅👩 〰️〰️〰️〰️〰️〰️ मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) आज के दिन भी आप बैठे बिठाये व्यर्थ के झगड़े मोल लेंगे कार्य क्षेत्र पर आवश्यकता अनुसार आय आसानी से हो जाएगी फिर भी असंतोषी स्वभाव उटपटांग के कार्यो में भटकाएगा आज अपने काम से काम रखें पराये काम मे टांग फसाना भारी पड़ सकता है मान हानि के प्रबल योग है। सहकारी कार्यो से आज बच कर ही रहे समय धन व्यर्थ करने के बाद भी काम बनना सन्देहास्पद रहेगा। कार्य क्षेत्र पर भागीदारों अथवा किसी अन्य से धन को लेकर कहासुनी हो सकती है। घरेलू वातावरण भी आपके रूखे व्यवहार के कारण अशांत रहेगा वादा कर मुकरने पर भी किसी से कलह होगी। आज आपके समर्थन की अपेक्षा विरोध करने वाले अधिक मिलेंगे धैर्य से दिन बिताएं यात्रा से बचे सेहत थोड़ी बहुत नरम रहेगी। वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो) आज के दिन आपके अंदर पराक्रम शक्ति प्रबल रहेगी एवं भाग्य का भी साथ ठीक मिलने से किसी भी कार्यो में ज्यादा माथापच्ची नही करनी पड़ेगी। लेकिन छोटे भाई बहनों को दबाना आपके व्यक्तित्त्व पर विपरीत प्रभाव डालेगा। आज सभी को साथ लेकर चलने में ही भलाई है वरना घरेलू कलह सार्वजनिक होने पर बदनामी का भय है। व्यवसाय से आय के अवसर कई बार मिलेंगे धन लाभ ठीक ठाक होगा परन्तु खर्च भी साथ लगे रहने से कुछ हाथ नही लगेगा। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मी अथवा भागीदारों से विवाद होने की संभावना है शांति से काम ले इसका समय व्यर्थ के अलावा और कुछ निष्कर्ष नही निकलेगा। संध्या बाद अनैतिक कार्यो की ओर प्रवृत्त होंगे यात्रा की योजना बनेगी। मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा) आज का दिन भी उदासीनता में बीतेगा। व्यावसायिक मति एवं बाजार की जानकारी होने के बाद भी जिस कार्य को करने का प्रयास करेंगे उसमे धन अथवा अन्य किसी अभाव के कारण गति नही दे पाएंगे फिर भी जोड़ तोड़ कर धन लाभ कही न कही से अवश्य होगा लेकिन अनैतिक कार्यो में खर्च होने से बचत नही हो सकेगी उलटे संचित धन में कमी आएगी। अतिमहत्त्वपूर्ण कार्य आज टालना ही बेहतर रहेगा अथवा दोपहर के बाद करने पर हानि की संभावना कम रहेगी। घरेलू वातावरण आशानुकूल मिलने से राहत रहेगी परिजन हर कार्य मे सहयोग के लिये तैयार रहेंगे। दुर्घटना के योग भी है सावधान रहें। स्वास्थ्य में दिन भर गिरावट रहेगी लेकिन संध्या बाद सुधार आएगा। कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो) आज आप के दिमाग मे केवल पैसा ही रहेगा दिन के आरंभ से ही आर्थिक लाभ पाने के लिये प्रयासरत रहेंगे आज भी कल की ही भांति परिश्रम करना पड़ेगा लेकिन आर्थिक दृष्टिकोण से आज दिन कल की तुलना में बेहतर रहेगा। किसी भी कार्य के आरंभ में सफलता को लेकर संदेह होगा लेकिन ध्यान रहे जिस भी काम को हाथ मे ले उसे पूरा ही करके छोड़े आशाजनक ना सही कुछ ना कुछ लाभ अवश्य मिलेगा। भूमि भवन संबंधित कार्य से भी आज लाभ की संभावना है लेकिन किसी न किसी की लापरवाही के चलते टल भी सकता है। परिवार अथवा रिश्तेदारी में ना चाहकर भी खर्च करने पर घर का बजट प्रभावित होगा। मन मे यात्रा पर्यटन के विचार बनेंगे इसके पूर्ण होने की सम्भवना आज कम ही है। सेहत लगभग ठीक ही रहेगी। सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे) आज का दिन आपको आशा के विपरीत फल देने वाला है। जिस कार्य अथवा समय लाभ की उम्मीद नही होगी उसी कार्य से अथवा समय अकस्मात लाभ होने से आश्चर्य में पड़ेंगे तथा जहां से सफलता की उम्मीद रहेगी वहां से निराश होने की संभावना है। आज किसी अन्य के ऊपर निर्भर रहने की जगह स्वयं के बल पर कार्य करे तो सफलता की संभावना अधिक रहेगी। काम-धंधे में जो भी कार्य को छोटा या बड़ा उसे निष्ठा से करे कुछ लाभ ही देकर जायेगा आनाकानी करने पर आगे के लिये मार्ग बंद हो सकता है। गृहस्थी में आनंद का वातावरण रहेगा परिजन कामनापूर्ति होने पर स्नेह बरसायेंगे लेकिन आनाकानी करने पर परिणाम विपरीत ही मिलेंगे। स्वयं अथवा परिजन कि सेहत को लेकर आशंकित रहेंगे इसमे लापरवाही से बचें। कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो) आज का दिन कुछेक विषयो को छोड़ आपके पक्ष में ही रहेगा। सेहत में नरमी रहने के बाद भी दैनिक अथवा अन्य कार्यो को थोड़े बहुत विलंब के बाद पूर्ण कर लेंगे। सामाजिक व्यवहार का भी आज विशेष लाभ मिलेगा जब भी दुविधा में फंसे नजर आएंगे किसी न किसी का सहयोग मिल जायेगा नौकरी पेशाओ को आज अधिकारी वर्ग को प्रसन्न रखने में परेशानी आएगी अतिरिक्त भागदौड़ करने के बाद भी काम मे नुक्स निकालेंगे। आर्थिक दृष्टिकोण से दिन सामान्य से अधिक उत्तम रहेगा आय के साथ अतिरिक्त खर्च भी लगे रहेंगे फिर भी संतुलन बना रहेगा। आज किसी सामाजिक व्यवहार का मान रखने के लिये यात्रा करनी पड़ेगी इसमें धन खर्च तो होगा लेकिन प्रतिष्ठा मिलने से अखरेगा नही। घर मे थोड़ी बहुत खींचतान के बाद भी आनंद आएगा। तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते) आज आपकी दिनचर्या चाहकर भी व्यवस्थित नही हो सकेगी मन मे काफी कुछ सोच कर रखेंगे लेकिन अंत समय मे ही विचार किये कार्य निरस्त कर अन्य कार्यो में लगना पड़ेगा। आज आपकी मानसिकता भी व्यवसायी रहेगी प्रत्येक कार्य मे हानि लाभ देखकर ही चलेंगे कार्य अथवा अन्य किसी क्षेत्र से आशा ना होने के बाद भी अकस्मात लाभ होने पर उत्साह बढ़ेगा फिर भी आर्थिक स्थिति से संतोष नही होगा ज्यादा से ज्यादा धन कमाने के चक्कर मे सेहत की अनदेखी करेंगे जो बाद महंगी पड़ेगी। दिन भर छुट पुट खर्च लगे रहेगें लेकिन संध्या बाद बड़ा खर्च करने की योजना बनेगी। घर मे भी छोटी मोटी बातो को छोड़ शांति रहेगी। यात्रा में वाहनादि से सावधानी रखें। वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू) आज का दिन आपके लिए सामान्य फलदायी रहेगा। आज आप जिसभी कार्य को करने का मन बनाएंगे उसमे सेहत की नरमी आलस्य प्रमाद फैलाएंगी जिससे कोई भी कार्य नियत समय पर सम्पन्न नही कर सकेंगे घर अथवा कार्य क्षेत्र पर इस कारण किसी की आलोचना सहनी पडेगी। व्यवसाय से आज ज्यादा लाभ की संभावना ना होने पर भी कम समय मे अधिक लाभ पाने की लालसा में कोई अनैतिक कार्य भी कर सकते है लेकिन आत्म निर्भर रहने के कारण व्यर्थ के झमेलों से बचे रहेंगे फिर भी जोखिम वाले कार्यो से आज बचकर रहे शारीरिक अथवा धन हानि हो सकती है। संध्या का समय मायूस करेगा धैर्य से काम लें कलनसे स्थिति सुधरेगी। धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे) आज का दिन पहले की तुलना में बेहतर रहेगा सेहत पुरानी बीमारी को छोड़ ठीक ही रहेगी लेकिन फिर भी स्वभाव किसी न किसी कारण से चिड़चिड़ा रहेगा घर के बड़े लोगो का व्यवहार आज कम ही पसंद आएगा। माता के सुख में भी आज कमी अनुभव होगी। कार्य क्षेत्र पर स्थिति बेहतर रहेगी लेकिन आज व्यवसाय अथवा अन्य कार्यो से पैतृक धन अथवा पिता के सहयोग की अन्य किसी रूप में आवश्यकता पड़ेगी इसलिये व्यवहार में विनम्रता रखे अन्यथा उम्मीदों पर पानी फिर सकता है। सरकारी कार्यो को भी प्राथमिकता दें आज लापरवाही करने पर लंबे समय के लिये लटक सकते है। व्यवहारिकता कम रहने के कारण दिन से उचित लाभ नही उठा पाएंगे फिर भी धन की आमद संतोष जनक हो जाएगी। मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी) आज के दिन आपके अंदर पराक्रम शक्ति प्रबल रहेगी एवं भाग्य का भी साथ ठीक मिलने से किसी भी कार्यो में ज्यादा माथापच्ची नही करनी पड़ेगी। लेकिन छोटे भाई बहनों को दबाना आपके व्यक्तित्त्व पर विपरीत प्रभाव डालेगा। आज सभी को साथ लेकर चलने में ही भलाई है वरना घरेलू कलह सार्वजनिक होने पर बदनामी का भय है। व्यवसाय से आय के अवसर कई बार मिलेंगे धन लाभ ठीक ठाक होगा परन्तु खर्च भी साथ लगे रहने से कुछ हाथ नही लगेगा। कार्य क्षेत्र पर सहकर्मी अथवा भागीदारों से विवाद होने की संभावना है शांति से काम ले इसका समय व्यर्थ के अलावा और कुछ निष्कर्ष नही निकलेगा। संध्या बाद अनैतिक कार्यो की ओर प्रवृत्त होंगे यात्रा की योजना बनेगी। कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा) आज के दिन आपके दिमाग मे उथल पुथल लगी रहेगी किसी पुराने कार्य सफलता को लेकर अंदर से बेचैन रहेंगे लेकिन गुप्त होने के कारण प्रदर्शन भी नही कर पाएंगे। कार्य व्यवसाय से आशाजनक धन सजह मिल जाएगा फिर भी किसी बड़ी योजना को लेकर छोटे मोटे लाभ से संतुष्ट नही होंगे। कार्य क्षेत्र पर चतुराई का परिचय देंगे जिससे कुछ समय के लिये प्रेमीजन आपके खिलाफ भी होगे स्वतः ही सामान्य भी हो जाएंगे। नौकरी पेशाओ के लिये आज का दिन कोई नई दुविधा लाएगा पर साथ ही लाभ भी मिलने से ज्यादा अखरेगा नही। घर मे सुखशांति रहेगी किसी पर्यटक अथवा धार्मिक स्थल की यात्रा के लिये योजना बनाएंगे। सर्दी से बचना आवश्यक है जुखाम आदि से परेशानी हो सकती है। मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची) आज के दिन से आपको मिला जुला फल प्राप्त होगा मध्यान तक का समय कल्पनाओं में खराब करेंगे आज बुद्धि विवेक रहने पर भी किसी काम से बचने के चक्कर मे मूर्खो जैसी हरकते कर स्वयं ही हास्य के पात्र बनेंगे। मध्यान बाद आर्थिक विषयो को लेकर चिंता बढ़ेगी पूर्व में बरती लापरवाही की ग्लानि होगी। कार्य क्षेत्र पर गति रहेगी परन्तु प्रतिस्पर्धा भी होने के कारण लेदेकर सौदे करने पड़ेंगे फिर भी धन की आमद राहतजनक हो जाएगी। आज आप बाहर के लोगो से अत्यंत मधुर व्यवहार करेंगे लेकिन घर मे इसके विपरीत खर्च से बचने अथवा स्वभावतः परिजनों को दबाकर रखने के प्रयास में रहेंगे। संध्या का समय सेहत में नरमी आने पर पूर्वनियोजित कार्य रद्द करने पैड सकते है। 〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰〰️

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🍁🛕🌺👏🕉️👏🌺🛕🍁 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 ⛅ *दिनांक 25 फरवरी 2021* ⛅ *दिन - गुरुवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - माघ* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - त्रयोदशी शाम 05:18 तक तत्पश्चात चतुर्दशी* ⛅ *नक्षत्र - पुष्य दोपहर 01:17 तक तत्पश्चात अश्लेशा* ⛅ *योग - शोभन 26 फरवरी रात्रि 01:08 तक तत्पश्चात अतिगण्ड* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 02:19 से शाम 03:47 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:03* ⛅ *सूर्यास्त - 18:40* ⛅ *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - गुरुपुष्पामृत योग (सूर्योदय से दोपहर 01:17 तक)* 💥 *विशेष - त्रयोदशी को बैंगन खाने से पुत्र का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌷 *पुष्य नक्षत्र योग* 🌷 ➡ *25 फरवरी 2021 गुरुवार को सूर्योदय से दोपहर 01:17 तक गुरुपुष्यामृत योग है ।* 🙏🏻 *१०८ मोती की माला लेकर जो गुरुमंत्र का जप करता है, श्रद्धापूर्वक तो २७ नक्षत्र के देवता उस पर खुश होते हैं और नक्षत्रों में मुख्य है पुष्य नक्षत्र, और पुष्य नक्षत्र के स्वामी हैं देवगुरु ब्रहस्पति | पुष्य नक्षत्र समृद्धि देनेवाला है, सम्पति बढ़ानेवाला है | उस दिन ब्रहस्पति का पूजन करना चाहिये | ब्रहस्पति को तो हमने देखा नहीं तो सद्गुरु को ही देखकर उनका पूजन करें और मन ही मन ये मंत्र बोले –* *ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम : |...... ॐ ऐं क्लीं ब्रहस्पतये नम : |* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌷 *गुरुपुष्यामृत योग* 🌷 🙏🏻 *‘शिव पुराण’ में पुष्य नक्षत्र को भगवान शिव की विभूति बताया गया है | पुष्य नक्षत्र के प्रभाव से अनिष्ट-से-अनिष्टकर दोष भी समाप्त और निष्फल-से हो जाते हैं, वे हमारे लिए पुष्य नक्षत्र के पूरक बनकर अनुकूल फलदायी हो जाते हैं | ‘सर्वसिद्धिकर: पुष्य: |’ इस शास्त्रवचन के अनुसार पुष्य नक्षत्र सर्वसिद्धिकर है | पुष्य नक्षत्र में किये गए श्राद्ध से पितरों को अक्षय तृप्ति होती है तथा कर्ता को धन, पुत्रादि की प्राप्ति होती है |* 🙏🏻 *इस योग में किया गया जप, ध्यान, दान, पुण्य महाफलदायी होता है परंतु पुष्य में विवाह व उससे संबधित सभी मांगलिक कार्य वर्जित हैं | (शिव पुराण, विद्येश्वर संहिताः अध्याय 10)* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 🌷 *माघ मास के महत्त्वपूर्ण 3 दिन* 🌷 🙏🏻 *पूरे माघ मास के पुण्यो की प्राप्ति सिर्फ तीन दिन में !* 👉🏻 *~ माघ मास में त्रयोदशी से पूनम तक के तीन दिन (25, 26 और 27 फरवरी 2021) गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को अत्यंत पुण्यदायी तिथियाँ हैं~* 🙏🏻 *माघ मास में सभी दिन अगर कोई स्नान ना कर पाए तो त्रयोदशी, चौदस और पूनम ये तीन दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व स्नान कर लेने से पूरे माघ मास के स्नान के पुण्यो की प्राप्ति होती है l* 🙏🏻 *सकाम भावना से माघ महीने का स्नान करने वाले को मनोवांछित फल प्राप्त होता है लेकिन निष्काम भाव से कुछ नही चाहिए खाली भागवत प्रसन्नता, भागवत प्राप्ति के लिए माघ का स्नान करता है, तो उसको भगवत प्राप्ति में भी बहुत-बहुत आसानी होती है |* 🙏🏻 *‘पद्म पुराण’ के उत्तर खण्ड में माघ मास के माहात्म्य का वर्णन करते हुए कहा गया है कि व्रत, दान व तपस्या से भी भगवान श्रीहरि को उतनी प्रसन्नता नहीं होती, जितनी माघ मास में ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नानमात्र से होती है।* 🙏🏻 *इन तीन दिन विष्णु सहस्रनाम पाठ और गीता का पाठ भी अत्यंत प्रभावशाली और पुण्यदायी है l* 🙏🏻 *माघ मास का इतना प्रभाव है की सभी जल गंगा जल के तीर्थ पर्व के समान हैं |* 🙏🏻 *पुष्कर, कुरुक्षेत्र, काशी, प्रयाग में 10 वर्ष पवित्र शौच, संतोष आदि नियम पालने से जो फल मिलता है माघ मास में 3 दिन स्नान करने से वो मिल जाता है, खाली ३ दिन | माघ मास प्रात:स्नान सब कुछ देता है | आयु, आरोग्य, रूप, बल, सौभाग्य, सदाचरण देता है |* 💥 *अतः माघ मास की त्रयोदश ( 25 फरवरी, गुरुवार ) चौदस ( 26 फरवरी, शुक्रवार ) पूर्णिमा (27 फरवरी, शनिवार ) को सूर्योदय से पूर्व स्नान ,विष्णु सहस्रनाम और श्रीमद भागवत गीता का पाठ विशेषतः करें और लाभ लें l* 🌞~*आज का हिन्दू पंचांग*~🌞 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 ☀🏯!! श्री हरि: शरणम् !!🏯☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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"जानिए शिव को महादेव बोलने के पीछे क्या कारण है" 🌾🍁🏯👏👏🛕👏👏🏯🍁🌾 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 देवादि देव भगवान भोलेनाथ को कई नामों से जाना जाता है जैसे शिव, शंकर, भोलेनाथ, नीलकंठ, कैलाशपति, दीनानाथ आदि। उनको कई उपाधियाँ और नामों से संबोधित किया जाता है और हर नाम के पीछे कोई ना कोई कहानी और चमत्कार है। इन्ही नामों में से एक है महादेव। हिन्दू धर्म में शास्त्रों के अनुसार केवल शिवजी को ही महादेव नाम से पुकारा जाता है। अन्य किसी देवता को इस नाम की संज्ञा नहीं दी गई है। शिवजी को महादेव क्यों कहा जाता है? इसका जवाब शिव पुराण में मिलता है। कहा जाता है कि शिव ही आदि और अनंत है। इस सृष्टि के निर्माण से पहले भी शिव जी है और इस सृष्टि के ख़त्म हो जाने के बाद भी वे ही रहेंगे। इसका मतलब यही है कि इस सृष्टि पर जो भी है वो शिव ही है। हिन्दू धर्म के अनुसार त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश यह तीन मुख्य देवता है। और यह त्रिदेव एक ही माने जाते है। वेद-पुराण के अनुसार शिवजी से ही भगवान विष्णु की उत्पत्ति हुई है और भगवान विष्णु की नाभि से ब्रह्मा जी उत्पन्न हुए है। तत्पश्चात भगवान शिव की आज्ञानुसार ही ब्रह्मा जी ने इस सम्पूर्ण सृष्टि का निर्माण किया है और भगवान विष्णु इस ब्रह्मांड का पालन पोषण करते आए है। कहा जाता है कि इन त्रिदेव मे से महेश अर्थात शिव ही कलयुग के बाद इस सृष्टि का संहार करेंगे, ऐसा वेद और पुराणों में उल्लेखित है। अतः शिव जी ही महाशक्तिशाली है और संपूर्ण ब्रह्मांड उन्ही के इशारे मात्र से चल रहा है। इसलिए भोलेनाथ को महादेव कहा जाता है। 🚩✊जय हिंदुत्व✊🚩 ☀!! श्री हरि: शरणम् !! ☀ 🍃🎋🍃🎋🕉️🎋🍃🎋🍃 🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾🙏🏾

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