आज अतुलित बलधामा अन्जनी तनय हनुमानजी का जन्मोत्सव है, आज हमारे यहाँ पावन धाम विजेथुआ महावीरन, कादीपुर, सुलतानपुर मे भव्य कार्यक्रमों का आयोजन था, पर कोरोना के चलते सभी कार्यक्रम रद्द हैं। हनुमानजी के बारे मे दो-चार पंक्तियां- अशोक वाटिका मे हनुमानजी मां जानकी के सम्मुख- हनुमानजी:- "लंका पर रघुकुल का डंका, हे मां अब बजने वाला है। वह नौका डूब नहीं सकती, जिसका राघव रखवाला है।।" "हे शक्तिस्वरूपा जगदम्बा, हम भिक्षुक उसी दृष्टि के हैं। जब हम पर कृपा दृष्टि है, तो भिड़ सकते महाकाल से हैं।।" सीताजी:- " माता का आशीर्वाद यही, हो जाओ अजर अमर बेटा। रघुनाथ तुम्हारे नाथ रहे, तुम रहो सदा अनुचर बेटा।।" "यदि कहीं राम मंदिर होगा,तो राम दुलारा भी होगा। सीता-लक्ष्मन के साथ-साथ, ये हनुमत प्यारा भी होगा।।" माता सीता जी के आशीर्वाद से हनुमानजी अजर-अमर हैं। लक्ष्मण शक्ति के समय- भगवान सूर्य देव से हनुमानजी कहते हैं:- "मेरे आने से पहले यदि, किरणों का चमत्कार होगा। तो सूर्यवंश मे सूर्यदेव, निश्चित ही अंधकार होगा।।" "अन्यथा क्षमा करना दिनकर, अंजनी तनय से पाला है। बचपन से जान रहे हो तुम, हनुमत कितना मतवाला है।।" "मुख मे तुमको धर रखने का, वही क्रूर साधन होगा। बंदी मोचन तब होगा,जब लक्ष्मण का दुख मोचन होगा।।" कहते हैं कि त्रेतायुग मे यह रात सबसे बडी रात थी, सूर्यदेव, हनुमानजी के क्रोध का सामना नहीं करना चाहते थे, इसलिए रथ तैयार होने पर भी महल छोडकर तब तक नहीं बाहर आये, जबतक लक्ष्मण जी को होश नही आ गया। हे बजरंगबली हम सनातनियों का कल्याण करो🙏 जयबजरंगबली🙏 जयश्रीराम🙏

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