*🌷॥ॐ॥🌷* *जय श्री राधे...👏* 🚩॥जय हिन्द🇮🇳जय नमो॥👏 ************************** *🔱शुभ शुक्रवार🌞* *🚩॥ॐ श्री कालिका नमः॥👏* ************************************** *🔱🚩॥जय माँ काली॥👏* *_॥हे जगत जननी काली माँ, गुरु जी को शिघ्र स्वस्थ कर सारे संसार को कोरोनावायरस जैसे हैवानों से मुक्त करें॥🙏_* ************************************** मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े। मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े। पान सुपारी ध्वजा नारियल ले ज्वाला तेरी भेंट धरे॥ सुन जगदम्बे न कर विलम्बे, संतन के भडांर भरे। संतन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जय काली कल्याण करे॥ बुद्धि विधाता तू जग माता, मेरा कारज सिद्व करे। चरण कमल का लिया आसरा, शरण तुम्हारी आन पड़े॥ जब जब भीड़ पड़ी भक्तन पर, तब तब आप सहाय करे। संतन प्रतिपाली सदा खुशाली, जय काली कल्याण करे॥ गुरु के वार सकल जग मोहयो, तरुणी रूप अनूप धरे। माता होकर पुत्र खिलावे, कही भार्या भोग करे॥ शुक्र सुखदाई सदा सहाई, संत खड़े जयकार करे। सन्तन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जै काली कल्याण करे॥ ब्रह्मा विष्णु महेश फल लिये, भेंट देन तेरे द्वार खडे। अटल सिहांसन बैठी मेरी माता, सिर सोने का छत्र फिरे॥ वार शनिचर कुकम बरणो, जब लुंकड़ पर हुकुम करे। सन्तन प्रतिपाली सदा खुशाली, जै काली कल्याण करे॥ खड्ग खप्पर त्रिशुल हाथ लिये, रक्त बीज को भस्म करे। शुम्भ निशुम्भ को क्षण में मारे, महिषासुर को पकड़ दले॥ आदित वारी आदि भवानी, जन अपने को कष्ट हरे। संतन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जै काली कल्याण करे॥ कुपित होकर दानव मारे, चण्डमुण्ड सब चूर करे। जब तुम देखी दया रूप हो, पल में सकंट दूर करे॥ सौम्य स्वभाव धरयो मेरी माता, जन की अर्ज कबूल करे। सन्तन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जै काली कल्याण करे॥ सात बार की महिमा बरनी, सब गुण कौन बखान करे। सिंह पीठ पर चढ़ी भवानी, अटल भवन में राज्य करे॥ दर्शन पावे मंगल गावे, सिद्ध साधक तेरी भेंट धरे। संतन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जै काली कल्याण करे॥ ब्रह्मा वेद पढ़े तेरे द्वारे, शिव शंकर हरी ध्यान धरे। इन्द्र कृष्ण तेरी करे आरती, चंवर कुबेर डुलाय रहे॥ जय जननी जय मातु भवानी, अटल भवन में राज्य करे। संतन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जय काली कल्याण करे॥ मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े। पान सुपारी ध्वजा नारियल ले ज्वाला तेरी भेट धरे॥ मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड़ तेरे द्वार खड़े। पान सुपारी ध्वजा नारियल ले ज्वाला तेरी भेट धरे॥ 🌷🌷🚩🌺🌺🔱🌷🌷 🌸🌺👏🌺🌸

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*🌷॥ॐ॥🌷* *जय श्री राधे...👏* 🚩॥जय हिन्द🇮🇳जय नमो॥👏 ************************** *🔱शुभ गुरुवार🌞* *🚩॥ॐ श्री कृष्णाय नमः॥👏* ************************************** *🔱🚩॥जय श्री हरि विष्णु॥👏* *_॥हे नाथ नारायण वासुदेव , गुरु जी को शिघ्र स्वस्थ कर सारे संसार को कोरोनावायरस जैसे हैवानों से मुक्त करें॥🙏_* ************************************** श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी -3 हरे हरे हरे श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेव एक मात स्वामी सखा हमारे हे नाथ नारायण वासुदेव बंदी गृह के तुम अवतारी कही जन्मे कही पले मुरारी किसी के जाए किसी के कहाए है अद्भुत हर बात तिहारी गोकुल में चमके मथुरा के तारे हे नाथ नारायण वासुदेव अधरे में बंसी हृदय में राधेय बत गए दोनों में आधे आधे हे राधा नगर हे भक्त वत्सल सधिव भक्तो के काम साधे वहीँ गए वहीँ गए वहीँ गए जहा गए पुकारे हे नाथ नारायण वासुदेव गीता में उपदेश सुनाया धर्म युद्ध को धर्म बताया कर्म तू कर मत रख फल इच्छा यह सन्देश तुम्ही से पाया अमर है गीता के बोल सारे हे नाथ नारायण वासुदेव श्री कृष्णा गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेव 🌷🌷🚩🌺🌺🔱🌷🌷 🌸🌻👏🌻🌸

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*🌷॥ॐ॥🌷* *जय श्री राधे...👏* 🚩॥जय हिन्द🇮🇳जय नमो॥👏 ************************** *🔱शुभ बुधवार🌞* *🚩॥ॐ श्री गणेशाय नमः॥👏* ************************************** *🔱🚩॥जय श्री गणेश॥👏* *_॥हे देवों में प्रथम पूज्य श्री गणेश जी, गुरु जी को शिघ्र स्वस्थ कर सारे संसार को कोरोनावायरस जैसे हैवानों से मुक्त करें॥🙏_* ************************************** मेरा गणपति मुझको प्यारा है, सबका ओ पालनहारा है, रिद्धि सिद्धि नवनिधि के दाता, सुखी संसार हमारा है हे गणपति, गणपति बाप्पा मोरया, मेरा गणपति मुझको प्यारा है, सबका ओ पालन हारा है॥ सुबह श्याम तेरी आरती करते, हर वारी सब नर नारी, भक्त जनन तेरी रह तकते, बलिहारी जाऊ बलिहारी, शिव शंकर और पार्वती का, तू तो राज दुलारा है, मेरा गणपति मुझको प्यारा है, सबका ओ पालन हारा है॥ विघ्न हरता सुख कर्ता, सब तुझ पर ही निर्भर करता, निर्झर निर्मल पावन संग में, तू ही तो है दुःख हरता, प्रथम पूजन होता है जिनका, ओ गणपति बाप्पा हमारा है, मेरा गणपति मुझको प्यारा है, सबका ओ पालन हारा है॥ 🌷🌷🚩🌺🌺🔱🌷🌷 🌸🌻👏🌻🌸

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*🌷॥ॐ॥🌷* *जय श्री राधे...👏* 🚩॥जय हिन्द🇮🇳जय नमो॥👏 ************************** *🔱शुभ मंगलवार🌞* *🚩॥ॐ श्री रामायण नमः॥👏* ************************************** *🔱🚩॥जय श्री राम॥👏* *_॥हे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम, गुरु जी को शिघ्र स्वस्थ कर सारे संसार को कोरोनावायरस जैसे हैवानों से मुक्त करें॥🙏_* ************************************** सीताराम सीताराम सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये॥ सीताराम सीताराम सीताराम कहिये मुख में हो राम नाम, राम सेवा हाथ में, तू अकेला नहिं प्यारे, राम तेरे साथ में। विधि का विधान जान हानि लाभ सहिये जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये॥ सीताराम सीताराम सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये। किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा, होगा प्यारे वही जो, रामजी को भायेगा। फल आशा त्याग शुभ कर्म करते रहिये, जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये॥ सीताराम सीताराम सीताराम कहिये जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये ज़िन्दगी की डोर सौंप हाथ दीनानाथ के, महलों मे राखे चाहे झोंपड़ी मे वास दे। धन्यवाद निर्विवाद राम कहते रहिये, जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये॥ सीताराम सीताराम सीताराम कहिये जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये आशा एक रामजी से, दूजी आशा छोड़ दे, नाता एक रामजी से, दूजे नाते तोड़ दे। साधु संग राम रंग अंग अंग रंगिये, काम रस त्याग प्यारे, राम रस पगिये॥ सीताराम सीताराम सीताराम कहिये जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये सीताराम सीताराम सीताराम कहिये जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये 🌷🌷🚩🌺🌺🔱🌷🌷 🌻🌸👏🌸🌻

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*🌷॥ॐ॥🌷* *जय श्री राधे...👏* 🚩॥जय हिन्द🇮🇳जय नमो॥👏 ************************** *🔱शुभ सोमवार🌞* *🚩॥ॐ नमः शिवाय॥👏* ************************************** *🔱🚩॥जय शिव शंभू॥👏* *_॥हे परम पिता परमेश्वर शिव शंभू, गुरु जी को शिघ्र स्वस्थ कर सारे संसार को कोरोनावायरस जैसे हैवानों से मुक्त करें॥🙏_* ************************************** शिव शंकर भोले उमापति महादेव शंकर शिव भोले उमापति महादेव पालनहार परमेश्वर विश्वरूप महादेव पालनहार परमेश्वर विश्वरूप महादेव महादेव महादेव महादेव नाहदेवककमहदेवककमहदेव सुरेशम महेशाम सुरारती नासहम सुरारती नासहम विभूम विश्वनताम विभुत्यांग भूषं विभूम विश्वनताम विभुत्यांग भूषं तिरूपाक्षहमितवार कृपहुँ त्रिनेतराम तिरूपाक्षहमितवार कृपहुँ त्रिनेतराम सदाननद निमें प्रभो पंचबाद्रम सदाननद निमें प्रभो पंचबाद्रम नमस्ते नमस्ते विभोविश्वमूरते शिव शंकर भोले उमापति महादेव शंकर शिव भोले उमापति महादेव पालनहार परमेश्वर विश्वरूप महादेव पालनहार परमेश्वर विश्वरूप महादेव महादेव महादेव महादेव .. नाहदेवककमहदेवककमहदेव .. नाहदेवककमहदेवककमहदेव .. 🌷🌷🚩🌺🌺🔱🌷🌷 🌸🌷👏🌷🌸

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*🌷॥ॐ॥🌷* *जय श्री राधे...👏* 🚩॥जय हिन्द🇮🇳जय नमो॥👏 ************************** *🔱शुभ रविवार🌞* *🚩॥ॐ श्री सूर्याय नमः॥👏* ************************************** *🔱🚩॥जय श्री सूर्यदेव॥👏* *_॥हे सूर्यदेव भगवान, हमारे समस्त पापो को नाश कर हम लोगों को नवजीवन प्रदान करें॥🙏_* ************************************** ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान। जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा। धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान॥ ॥ॐ जय सूर्य भगवान...॥ सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी॥ अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान॥ ॥ॐ जय सूर्य भगवान...॥ ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते॥ फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान॥ ॥ॐ जय सूर्य भगवान...॥ संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते॥ गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान॥ ॥ॐ जय सूर्य भगवान...॥ देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते॥ स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान॥ ॥ॐ जय सूर्य भगवान...॥ तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार॥ प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान॥ ॥ॐ जय सूर्य भगवान...॥ भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं॥ वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान॥ ॥ॐ जय सूर्य भगवान...॥ पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल॥ ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान॥ ॥ॐ जय सूर्य भगवान...॥ ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान। जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा॥ धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान॥ 🚩🌷🌷🌺🌺🌷🌷🔱 🌻🌸👏🌸🌻

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*🌷॥ॐ॥🌷* *जय श्री राधे...👏* 🚩॥जय हिन्द🇮🇳जय नमो॥👏 ************************** *🔱शुभ शनिवार🌞* *🚩॥ॐ श्री हनुमंते नमः॥👏* ************************************** *🔱🚩॥जय श्री हनुमान॥👏* *_॥हे पवनपुत्र हनुमान, हमारे समस्त पापो को नाश कर हम लोगों को नवजीवन प्रदान करें॥🙏_* ************************************** आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्टदलन रघुनाथ कला की॥ आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्टदलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर काँपै। रोग-दोष निकट न झाँपै॥ अंजनि पुत्र महा बलदाई। संतन के प्रभु सदा सहाई॥ दे बीरा रघुनाथ पठाये। लंका जारि सीय सुधि लाये॥ लंका सो कोट समुद्र सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥ लंका जारि असुर सँहारे। सियारामजी के काज सँवारे॥ लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि सजीवन प्रान उबारे॥ पैठि पताल तोरि जम-कारे। अहिरावन की भुजा उखारे॥ बायें भुजा असुर दल मारे। दहिने भुजा संतजन तारे॥ सुर नर मुनि आरती उतारे। जै जै जै हनुमान उचारे॥ कंचन थार कपूर लौ छाई। आरति करत अंजना माई॥ जो हनुमान जी की आरती गावै। बसि बैकुण्ठ परमपद पावै॥ आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्टदलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर काँपै। रोग-दोष निकट न झाँपै॥ 🔱🌷🌷🌺🙏🌺🌷🌷🚩

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*🌷॥ॐ॥🌷* *जय श्री राधे...👏* 🚩॥जय हिन्द🇮🇳जय नमो॥👏 ************************** *🔱शुभ शुक्रवार🌞* *🚩॥ॐ श्री दुर्गाय नमः॥👏* ************************************** *🔱🚩॥जय माँ॥👏* *_॥हे जगत जननी माँ, हमारे समस्त पापो को नाश कर हम लोगों को नवजीवन प्रदान करें॥🙏_* ************************************** जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ तू ही सत्-चित्-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा। सत्य सनातन, सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ आदि अनादि, अनामय, अविचल, अविनाशी। अमल, अनन्त, अगोचर, अज आनन्दराशी॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ अविकारी, अघहारी, सकल कलाधारी। कर्ता विधि भर्ता हरि हर संहारकारी॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ तू विधिवधू, रमा, तू उमा महामाया। मूल प्रकृति, विद्या तू, तू जननी जाया॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ राम, कृष्ण, तू सीता, ब्रजरानी राधा। तू वाँछा कल्पद्रुम, हारिणि सब बाधा॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ दश विद्या, नव दुर्गा, नाना शस्त्रकरा। अष्टमातृका, योगिनि, नव-नव रूप धरा॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ तू परधाम निवासिनि, महा-विलासिनि तू। तू ही शमशान विहारिणि, ताण्डव लासिनि तू॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ सुर-मुनि मोहिनि सौम्या, तू शोभाधारा। विवसन विकट सरुपा, प्रलयमयी धारा॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ तू ही स्नेहसुधामयी, तू अति गरलमना। रत्नविभूषित तू ही, तू ही अस्थि तना॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ मूलाधार निवासिनि, इहपर सिद्धिप्रदे। कालातीता काली, कमला तू वर दे॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ शक्ति शक्तिधर तू ही, नित्य अभेदमयी। भेद प्रदर्शिनि वाणी विमले वेदत्रयी॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ हम अति दीन दुखी माँ, विपट जाल घेरे। हैं कपूत अति कपटी, पर बालक तेरे॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ निज स्वभाववश जननी, दयादृष्टि कीजै। करुणा कर करुणामयी, चरण शरण दीजै॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ जगजननी जय जय माँ, जगजननी जय जय। भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय॥ 🚩🌷🌷🌺🌺🌷🌷🔱 🌺🌺👏🌺🌺

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