દ્વારકાધીશ

prakash patel May 15, 2021

☘️ *_व्याधियां क्यों और कैसे बनाती है आपके शरीर में घर जानिए कैसे साध्य रोग बने असाध्य_* किसी भी चिकित्सा को करने के पूर्व विमारीयों के कारणों को जानना वेहद जरूरी होता है । चिकित्सा से श्रेष्ठ है कारण को जानना । आजकल नगरों शहरों में डॉक्टरों की लंबी कतारें हैं , अनगिनत हॉस्पिटल हैं , सोसल मीडिया पर भी सैकड़ो लेख हैं लेकिन क्या उनसे रोगी स्वस्थ हो रहे हैं ..? *विमारियों के प्रकार : -* विमारियां दो प्रकार की होती है । जबकि आयुर्वेद - एक्यूप्रेशर दृष्टिकोण से रोगियों को तीन श्रेणी में रखा गया है । जैसे - (1) साध्य रोग :- जो रोग होते ही हमें पता चलती है और परहेज़ ओर सावधानी से जल्दी ठीक भी हो जाती हे (2) कष्ट साध्य रोग :- वह होती है जो सह सह के ठीक करनी पड़ती बहुत यत्न करना पड़ता है । (3) असाध्य रोग :- जो कुछ भी कर लो ठीक ही नहीं होती अंत में प्राण चले जाते है । जानिए क्या और कोनसी बीमारियां है ये सब 1. *साध्य या इलाज योग्य रोग* - जिन विमारियों पर अब तक शोध हो चुका है उन विमारीयों का इलाज संभव है । जिन वीमारीयों की उत्पत्ति जीवाणु , वैक्टीरिया , पैथोजन , वायरस , फंगस द्वारा होती है जैसे - टी बी , टायफाइड , टिटनेस , मलेरिया , न्यूमोनिया आदि । इन विमारीयों के कारणों का पता लगने के कारण इनकी दवाएं विकसित की जा चुकी हैं इसलिए इनका इलाज स्थायी रूप से संभव है । 2. *असाध्य विमारियां -* इन विमारियों की उत्पत्ति किसी जीवाणु , बैक्टीरिया , पैथोजन , फंगस , वॉयरस आदि से नहीं होती इसलिए इनके कारणों का पता नहीं लग पाया है । जब इनके कारणों का ज्ञात नहीं हुआ तो इनकी दवायें भी विकसित नहीं हो पायी हैं । जैसे - अम्लपित्त ( Stomach Acidity ) , दमा ( Asthama ), गठिया , जोड़ों का दर्द (Arthritis ) , कर्क रोग ( Cancer ) , कब्ज , मधुमेह , बबासीर , भगन्दर , रक्तार्श ( Piles , Fistula ), आधाशीशी ( Migrain ), सिर -दर्द , प्रोस्टेट आदि । इसे अनेक विमारियां है जिस दिन शुरू हो गयी मरने तक दवा खाते रहो तब भी ठीक नहीं होगी , कारण कोई जीवाणु व वायरस नहीं मिला जिससे दवा बन सके । इसीलिए यह आसध्य विमारियां (Chronic , Long term , Incurable Diseases ) की संज्ञा दी गयी । जिनमे प्रमुख हैं 💎 खूबसूरत त्वचा, वजन कम करने के & हर गंभीर बिमारी के एक्यूप्रेशर पॉइंट की जानकारी के लिए हमारा संपर्क करें। ✅और हर गंभीर बिमारी मिटाये। https://www.facebook.com/એક્યુપ્રેશર-પ્લેનેટ-101139925132263/ 1. *पेट की अम्लता -* पाचन तंत्र की अम्लता पाचन तंत्र में किसी खास विकार के कारण के कारण उत्पन्न होता है । आधुनिक विज्ञान में इसको दूर करने के लिए क्षारीय गोलियां दी जाती है । यह गोलियां जाकर पेट में अम्ल को खत्म करता है, और हम सोचते हैं हम ठीक हो गए । इसे एक वैज्ञानिक Le Chatilier's के एक सिद्धांत से समझा जा सकता है । In a system at equilibrium , if a constraint is brought, the equilibrium shift to a direction so as to annal the effect. यानि जैसे -जैसे आप किसी दवाई द्वारा पेट की एसिडिटी मिटायेंगे वैसे - वैसे पेट एसिड बनाता जायेगा और वीमारी को दीर्घकालिक असाध्य रूप में बदलकर अल्सर का रूप ले लेगी । 2. *दमा / उच्च रक्तचाप : -* ब्लडप्रेशर हो जाने पर इसमें जो भी दवायें दी जाती है उससे रक्तवाहनियां लचीली हो जाये या उनका व्यास बढ़ जाये । जैसे व्यास बढेगा वहाँ दूसरा सिद्धांत लागू हो जायेगा इससे रक्त का दबाव तो कम हो जायेगा क्योंकि फ्लो बढ़ गया , लेकिन इस दवा से रक्तवाहनियां जो की लचीली प्रवर्ति होती हैं वह फिर उसी अवस्था में आ जाती है लिहाजा फिर गोली लो , फिर धमनियां फैलाओ इस प्रकार यह क्रम दीर्घकालिक रोग रूप ले लेता है । https://www.facebook.com/101139925132263/posts/255364079709846/ 3 *हृदय रक्त वाहनियों के अवरोध ( Coronary Artery Blockin ) : -* ऐसा होने पर डॉक्टर बलून एंजियोप्लास्टी करते हैं जिसमें जिस जगह ब्लॉक रहता है उस जगह स्टेंट डालकर रक्त के परिसंचरण के लिए खोला जाता है , अब रक्त उस स्टेंट यानि स्प्रिंग के भीतर से जाना शुरू करता है । *यहां ध्यान देने योग्य बात यह है कि उस ब्लॉक को दूर करने के लिए कोई भी उपचार नही किया जाता है ।* लिहाजा 22% लोगों के रक्त नलिकाओं में फिर से ब्लॉक आ जाता है । जो कि Wound Healing व Foreign Body के कारण होता है । जब स्प्रिंग के आगे -पीछे पुनः ब्लॉक बन गए तो डॉक्टर के पास बायपास के अलावा कोई उपचार नहीं बचता है , लेकिन समस्या का स्थाई समाधान नहीं मिलता है । 4. *बबासीर / मूल व्याधि ( Piles ) :-* यहां पर भी गुदा द्वार के बाहर आये हुए मस्सों को शल्य क्रिया द्वारा काट दिया जाता है जबकि गुदाद्वार के अंदर स्थति रक्तवाहनी के नर्व का कोई भी इलाज नहीं किया जाता जिससे यह समस्या पुनः आ जाती है । 5 *गठिया / जोड़ों का दर्द ( Arthritis ) :-* आधुनिक विज्ञान के पास इस वीमारी के लिये या तो पेन किलर है या फिर पें किलर काम करना बंद कर दे तो डॉक्टर स्टेराइड देना शुरू कर देते हैं । स्टेराइड खुद 20 से 25 बीमारियों को जन्म देता है । ज्यादा घुटनो के दर्द में घुटना बदलकर कृतिम घुटना लगा दिया जाता है । इस प्रकार आप देखेंगे कि आसध्य विमारियों के इलाज में उत्पन्न कारणों को नजर-अंदाज करके वीमारी को आसध्य बना दिया जाता है । 🌀 एक्यूप्रेशर 🔑ट्रीटमेंट अपनाये और हर गंभीर बिमारी मिटाये। https://www.facebook.com/groups/367351564605027/ *ऐसी स्थिति क्यों ..?* जब जो शरीर भगवान ने मनुष्य को सतयुग में दिया था वही शरीर कलियुग में भी है वही श्वसन, वही रक्तपरिसंचरण, वही हँसना -रोना, मल-मूत्र विसर्जन उस समय भी था और आज के समय में भी है कहीं कोई अंतर नहीं है। *हम जब भी कोई भी मशीन लेते हैं बिना उसका मैनुअल पढ़े उसको ऑपरेट नहीं करते फिर यह कैसी विडम्बना है कि मानव जैसी जटिल मशीन को जो अपने जैसे मशीन को जन्म देने की क्षमता रखती हो उसको बिना किसी ऑपरेटिंग मैनुअल ( गीता, आयुर्वेद ) पढ़े चलाते हैं ।* ध्यान रहे किसी कुत्ते को, गाय को, बंदर को या अपने शिशु को कोई हानिकारक चीज खिलाइये वह तुरंत थूक देता है, या जबरदस्ती से खिलाया तो उल्टी कर देगा या फिर चमड़ी रोग, फोड़ा - फुंसी, मल -मूत्र , पसीने के रास्ते बाहर आ जायेगा। लेकिन जैसे - जैसे हम बड़े हो रहे हैं अपनी जीभ के सुख के लिये नित्य-प्रति हानिकारक पदार्थ को ग्रहण करते हुये प्रकृति के नियमो की उपेक्षा करते हुए दीर्घकालिक असाध्य विमारीयों के चक्रव्यूह में स्वतः फंसते जा रहे हैं ।। ☘️सभी जानकारी, घरेलू और आयुर्वेदिक चिकित्सा के इस इलाज केवल शैक्षिक हेतु के लिए है.. उपचार के लिए हमेशा चिकित्सक की सलाह ले। 🌀 एक्यूप्रेशर 🔑ट्रीटमेंट की जानकारी के लिए हमारा संपर्क करें। और हर गंभीर बिमारी मिटाये। 👉 https://www.facebook.com/એક્યુપ્રેશર-પ્લેનેટ-101139925132263/ 💎 हर गंभीर बिमारी-समस्या के एक्यूप्रेशर बिंदु शरीर पर कहां कहां स्थित हैं? यह एक्यूप्रेशर बिंदु किस दिशा में दबाव देकर कितनी सेकंड मिनिट लेना चाहिए? एक्यूप्रेशर पॉइंट ट्रीटमेंट की संपूर्ण जानकारी देंगे, ताकि आप एक्यूप्रेशर पॉइंट ट्रीटमेंट खुद ले सकें और स्वस्थ हो सकें। एक्यूप्रेशर पॉइंट ट्रीटमेंट की जानकारी के लिए हमारा संपर्क करें। 👉 🏥 AUM HEALTH CARE 🏥 (Acupressure Clinic) 🏥 स्वस्थ & स्लीम होने की दुनियामें आपका स्वागत है। 🏥 वंदे मातरम 🇮🇳 सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः

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prakash patel May 14, 2021

☘️ *_ह्रदय रोगियों के लिए जानिए कौन कौनसी सब्जियां लाभदायक है_* स्वस्थ भारत सबल भारत *डॉ राव पी सिंह* हमारे भोजन में अनेक ऐसी सब्जियां हैं, जिन्हें प्रतिदिन प्रयोग करके हार्ट की सभी बीमारियों से बचा जा सकता है। दिल के रोगों के लिए लाभकारी सब्जियां *प्याज*- इसका प्रयोग सलाद के रूप में कर सकते हैं। इसके प्रयोग से रक्त का प्रवाह ठीक रहता है। कमजोर हृदय होने पर जिनको घबराहट होती है या हृदय की धड़कन बढ़ जाती है उनके लिए प्याज बहुत ही लाभदायक है। 💎 खूबसूरत त्वचा, वजन कम करने के & हर गंभीर बिमारी के एक्यूप्रेशर पॉइंट की जानकारी के लिए हमारा संपर्क करें। ✅और हर गंभीर बिमारी मिटाये। https://www.facebook.com/એક્યુપ્રેશર-પ્લેનેટ-101139925132263/ *टमाटर-* इसमें विटामिन सी, बीटाकेरोटीन, लाइकोपीन, विटामिन ए व पोटेशियम प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जिससे दिल की बीमारी का खतरा कम हो जाता है। *लौकी-* इसे घिया भी कहते हैं। इसके प्रयोग से कोलोस्ट्रॉल का स्तर सामान्य अवस्था में आना शुरू हो जाता है। ताजी लौकी का रस निकालकर पोदीना पत्ती-5 कालीमिर्च 50व तुलसी के पत्ते डालकर दिन में दो बार पीना चाहिए। 🌀 एक्यूप्रेशर 🔑ट्रीटमेंट अपनाये और हर गंभीर बिमारी मिटाये। https://www.facebook.com/groups/367351564605027/ *लहसुन-* भोजन में इसका प्रयोग करें। खाली पेट सुबह के समय दो कलियां पानी के साथ भी निगलने से फायदा मिलता है। *गाजर-* बढ़ी हुई धड़कन को कम करने के लिए गाजर बहुत ही लाभदायक है। गाजर का रस पिएं, सब्जी खाएं व सलाद के रूप में प्रयोग करें। ☘️सभी जानकारी, घरेलू और आयुर्वेदिक चिकित्सा के इस इलाज केवल शैक्षिक हेतु के लिए है.. उपचार के लिए हमेशा चिकित्सक की सलाह ले। 🌀 एक्यूप्रेशर 🔑ट्रीटमेंट की जानकारी के लिए हमारा संपर्क करें। और हर गंभीर बिमारी मिटाये। 👉 https://www.facebook.com/એક્યુપ્રેશર-પ્લેનેટ-101139925132263/ वंदे मातरम 🇮🇳 सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामयाः

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