सवाल जवाब

Shiva Gaur Aug 20, 2019

शंका कैसे पैदा होती है....??? एक सहेली ने दूसरी सहेली से पूछा:- तुम्हारे जन्मदिन पर तुम्हारे पति ने तुम्हें क्या तोहफा दिया ? सहेली ने कहा - कुछ भी नहीं! उसने सवाल करते हुए पूछा कि क्या ये अच्छी बात है ? क्या उस की नज़र में तुम्हारी कोई कीमत नहीं ? लफ्ज़ों का ये ज़हरीला बम गिरा कर वह सहेली दूसरी सहेली को अपनी फिक्र में छोड़कर चलती बनी।। थोड़ी देर बाद शाम के वक्त उसका पति घर आया और पत्नी का मुंह लटका हुआ पाया।। फिर दोनों में झगड़ा हुआ।। एक दूसरे को लानतें भेजी।। मारपीट हुई, और आखिर पति पत्नी में तलाक हो गया।। जानते हैं प्रॉब्लम की शुरुआत कहां से हुई ? उस फिजूल जुमले से जो उसका हालचाल जानने आई सहेली ने कहा था।। रवि ने अपने जिगरी दोस्त पवन से पूछा:- तुम कहां काम करते हो? पवन- फला दुकान में।। रवि- कितनी तनख्वाह देता है मालिक? पवन-18 हजार। रवि-18 हजार रुपये बस, *तुम्हारी जिंदगी कैसे कटती है इतने पैसों में ?* पवन- (गहरी सांस खींचते हुए)- बस यार क्या बताऊं।। मीटिंग खत्म हुई, कुछ दिनों के बाद पवन अब अपने काम से बेरूखा हो गया।। और तनख्वाह बढ़ाने की डिमांड कर दी।। जिसे मालिक ने रद्द कर दिया।। पवन ने जॉब छोड़ दी और बेरोजगार हो गया।। पहले उसके पास काम था अब काम नहीं रहा।। एक साहब ने एक शख्स से कहा जो अपने बेटे से अलग रहता था।। तुम्हारा बेटा तुमसे बहुत कम मिलने आता है।। क्या उसे तुमसे मोहब्बत नहीं रही? बाप ने कहा बेटा ज्यादा व्यस्त रहता है, उसका काम का शेड्यूल बहुत सख्त है।। उसके बीवी बच्चे हैं, उसे बहुत कम वक्त मिलता है।। पहला आदमी बोला- वाह!! *यह क्या बात हुई, तुमने उसे पाला-पोसा उसकी हर ख्वाहिश पूरी की, अब उसको बुढ़ापे में व्यस्तता की वजह से मिलने का वक्त नहीं मिलता है।। तो यह ना मिलने का बहाना है।। इस बातचीत के बाद बाप के दिल में बेटे के प्रति शंका पैदा हो गई।। बेटा जब भी मिलने आता वो ये ही सोचता रहता कि उसके पास सबके लिए वक्त है सिवाय मेरे।। याद रखिए जुबान से निकले शब्द दूसरे पर बड़ा गहरा असर डाल देते हैं।। बेशक कुछ लोगों की जुबानों से शैतानी बोल निकलते हैं परन्तु यह समझना हमें होता है। रोजमर्रा के जीवन में बोले जाने वाले शब्द जैसे- तुमने यह क्यों नहीं खरीदा?? तुम्हारे पास यह क्यों नहीं है?? तुम इस शख्स के साथ पूरी जिंदगी कैसे चल सकती हो?? तुम उसे कैसे मान सकते हो?? तुम्हारे पति या सास ने ऐसा क्यों कहाँ?? वगैरहा वगैरहा.... इस तरह के बेमतलबी फिजूल के सवाल नादानी में या बिना मकसद के हम पूछ बैठते हैं।। जबकि हम यह भूल जाते हैं कि हमारे ये सवाल सुनने वाले के दिल में नफरत का कौन सा बीज बो रहे हैं?? आज के दौर में हमारे इर्द-गिर्द, समाज या घरों में जो टेंशन होती जा रही है, उनकी जड़ तक जाया जाए तो अक्सर उसके पीछे किसी और का हाथ होता है।। वो ये नहीं जानते कि नादानी में या जानबूझकर बोले जाने वाले जुमले किसी की ज़िंदगी को तबाह कर सकते हैं।। ऐसी हवा फैलाने वाले हम ना बनें।। लोगों के घरों में अंधे बनकर जाओ और वहां से गूंगे बनकर निकलो दुसरो के निजी जीवन में बेवजह हस्तक्षेप ना किजीए आंख बंद करके एक बार विचार जरूर किजिए

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भूत भविष्य वर्तमान की जानकारी देती है आपकी हस्तरेखा, जानें 15 विशेष बातें... हस्तरेखा में अंगुलियों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान होता है। किसी भी व्यक्ति के हाथ के गहन अध्ययन द्वारा उस व्यक्ति के भूत, भविष्य और वर्तमान तीनों कालों के बारे में आसानी से बताया जा सकता है। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार अंगुलियों के द्वारा व्यक्ति का पूरी तरह एक्स-रे किया जा सकता है। अंगुलियां छोटी-बड़ी, मोटी-पतली, टेढ़ी-मेढ़ी, गांठ वाली तथा बिना गांठ वाली कई प्रकार की होती हैं। आइए जानें कुछ विशेष बातें... * प्रत्येक अंगुली तीन भागों में बंटी होती है, जिन्हें पोर कहते हैं। * पहली अंगुली को तर्जनी, दूसरी अंगुली को मध्यमा, तीसरी अंगुली को अनामिका तथा चौथी अंगुली को कनिष्ठा कहा जाता है। * ये अंगुलियां क्रमशः बृहस्पति, शनि, सूर्य तथा बुध के पर्वतों पर आधारित होती हैं। * प्रत्येक अंगुली की अलग-अलग परीक्षा की जाती है। * यदि अंगुलियों के अग्र भाग नुकीले हों और अंगुलियों में गांठ दिखाई न दे तो व्यक्ति कला और साहित्य का प्रेमी तथा धार्मिक विचारों वाला होता है। काम करने की क्षमता इनमें कम होती है। सांसारिक दृष्टि से ये निकम्मे होते हैं। * लम्बाई के हिसाब से अधिक लम्बी अंगुलियों वाला व्यक्ति दूसरे के काम में हस्तक्षेप अधिक करता है। * लम्बी और पतली अंगुलियों वाला व्यक्ति चतुर तथा नीतिज्ञ होता है। * छोटी अंगुलियों वाला व्यक्ति अधिक समझदार होता है। * बहुत छोटी अंगुलियों वाला व्यक्ति सुस्त, स्वार्थी तथा क्रूर प्रवृति का होता है। * जिस व्यक्ति की पहली अंगुली यानी अंगूठे के पास वाली अंगुली बहुत बड़ी होती है वह व्यक्ति तानाशाही अर्थात् लोगों पर अपनी बातें थोपने वाला होता है। * यदि अंगुलियों मिलाने पर तर्जनी और मध्यमा के बीच छेद हो तो व्यक्ति को 35 वर्ष की उम्र तक धन की कमी रहती है। * यदि मध्यमा और अनामिका के बीच छिद्र हो तो व्यक्ति को जीवन के मध्य भाग में धन की कमी रहती है। * अनामिका और कनिष्का के बीच छिद्र बुढ़ापे में निर्धनता का सूचक है। * जिस व्यक्ति की कनिष्ठा अंगुली छोटी तथा टेड़ी-मेड़ी हो तो वह व्यक्ति जल्दबाज तथा बेईमान होता है। और भी बहुत कुछ कहती है आपकी हस्तरेखा आपके बारे में आप के जीवन से जुड़े हुए हैं हर पहलू के बारे में आप भी अपने जीवन में कुछ करना चाहते हैं कुछ पाना चाहते हैं तो संपर्क करें और हस्तरेखा की पूर्ण विश्लेषण के पश्चात हर प्रकार की सफलताएं प्राप्त करें और भी बहुत कुछ कहती है आपकी जन्मकुंडली आपके जीवन और भविष्य जुड़े हुए कुछ संकेत जिसके बारे में आप जानना चाहते हैं .. या कुंडली का विश्लेषण चाहते हैं या हस्तरेखा अंक ज्योतिष वास्तु या अन्य प्रयोग विधि उपाय प्राप्त करना चाहते हैं तो संपर्क करें और खास प्रयोग विधि और कुंडली का विश्लेषण प्राप्त करें .. जन्म कुंडली देखने और समाधान बताने की दक्षिणा - 201 मात्र . Pytam नम्बर - 9958417249 विशेष किसी विशिष्ट समस्या ,तंत्र -मंत्र -किये -कराये -काले जादू -अभिचार ,नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव आदि पर परामर्श /समाधान हेतु संपर्क करें राजगुरु जी तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष विज्ञान अनुसंधान संस्थान महाविद्या आश्रम (राजयोग पीठ )फॉउन्डेशन ट्रस्ट (रजि.) किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें : मोबाइल नं. : - 09958417249 08601454449 व्हाट्सप्प न०;- 9958417249

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ज्योतिष के 7 संकेतों से जानें, किसी को कब मिलती है सरकारी नौकरी .... युवाओं में आज भी सरकारी नौकरी करने के चाहत है। सरकारी नौकरी पाने के लिए ये युवा कठिन मेहनत भी करते हैं लेकिन इसमें कुछ ही सफल होते हैं। ज्योतिष में किसी के सरकारी नौकरी या उच्च पद प्राप्त करने के कई संकेत बतलाए जाते हैं। आइए जानते हैं कि किसी की कुंडली में वह कौन-से ग्रह योग होते हैं जो सरकारी नौकरी प्राप्ति में मदद करते हैं। यदि जातक की जन्म कुंडली में लग्न का स्वामी बलवान होकर दशम भाव में बैठे या दशम भाव में सभी शुभ ग्रह हों और दशम भाव का स्वामी बली होकर अपनी या अपनी मित्र राशि में होकर केंद्र या त्रिकोण में हो तो व्यक्ति दीर्घायु होता है और उसका भाग्य राजा के समान होता है। यदि जन्मकुंडली के लग्न व दशम भाव में सूर्य का प्रभुत्व हो तो जातक राजनेता या राजपत्रित अधिकारी और मंगल का प्रभुत्व हो तो जातक के पुलिस या सेना के उच्च पद पर आसीन होने के संकेत मिलते हैं। गुरु ग्रह ... गुरु का प्रभाव भी यश एवं कीर्ति तथा शुभ कर्म करने वाले लोगों पर देखा जाता है। अधिकतर उच्च पदों पर कार्यरत जातकों की कुंडली में बुध आदित्य योग जरूर होता है। जब किसी जातक की कुंडली में दशम स्थान में सूर्य, मंगल या वृहस्पति की दृष्टि पड़ रही होती है तो सरकारी नौकरी का प्रबल योग बन जाता है। अगर किसी का लग्न मेष, मिथुन, सिंह, वृश्चिक, वृष या तुला है तो सरकारी नौकरी के लिए अच्छा योग बनते हैं। जब कुंडली में सूर्य, वृहस्पति या चन्द्रमा एक साथ हो तो सरकारी नौकरी के लिए अच्छे योग बन जाते हैं। हाथ में सूर्य की दोहरी रेखा हो और बृहस्पति के पर्वत पर क्रास हो तो व्यक्ति को सरकारी नौकरी करने का अवसर मिलता है। और भी बहुत कुछ कहती है आपकी जन्मकुंडली आपके जीवन और भविष्य जुड़े हुए कुछ संकेत जिसके बारे में आप जानना चाहते हैं .. या कुंडली का विश्लेषण चाहते हैं या हस्तरेखा अंक ज्योतिष वास्तु या अन्य प्रयोग विधि उपाय प्राप्त करना चाहते हैं तो संपर्क करें और खास प्रयोग विधि और कुंडली का विश्लेषण प्राप्त करें .. जन्म कुंडली देखने और समाधान बताने की दक्षिणा - 201 मात्र . Pytam नम्बर - 9958417249 विशेष किसी विशिष्ट समस्या ,तंत्र -मंत्र -किये -कराये -काले जादू -अभिचार ,नकारात्मक ऊर्जा प्रभाव आदि पर परामर्श /समाधान हेतु संपर्क करें राजगुरु जी तंत्र मंत्र यंत्र ज्योतिष विज्ञान अनुसंधान संस्थान महाविद्या आश्रम (राजयोग पीठ )फॉउन्डेशन ट्रस्ट (रजि.) किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए इस नंबर पर फ़ोन करें : मोबाइल नं. : - 09958417249 08601454449 व्हाट्सप्प न०;- 9958417249

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N K Lall Aug 19, 2019

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