श्रीगणेशाय_नमः

jatan kurveti Jan 19, 2021

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🚩 *।।श्री गणेशाय नम:।।🚩* *💥 -:दैनिक पंचांग:- 💥* *💥 20 - 01 - 2021* *💥तिथि सप्तमी 13:16:36* *💥 नक्षत्र रेवती 12:36:33* *💥 करण :* *वणिज 13:16:36* *विष्टि 26:32:42* *💥 पक्ष शुक्ल* *💥 योग सिद्ध 19:29:09* *💥 वार बुधवार* *🌀 सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ* *🌀 सूर्योदय 07:18:36* *🌀 चन्द्रोदय 11:52:00* *🌀 चन्द्र राशि मीन - 12:36:33 तक* *🌀 सूर्यास्त 17:58:49* *🌀 चन्द्रास्त 24:38:59* *🌀 ऋतु शिशिर* *🥎 हिन्दू मास एवं वर्ष* *🥎 शक सम्वत 1942 शार्वरी* *🥎 कलि सम्वत 5122* *🥎 दिन काल 10:40:12* *🥎 विक्रम सम्वत 2077* *🥎 मास अमांत पौष* *🥎 मास पूर्णिमांत पौष* *🥗 शुभ और अशुभ समय* *🥗 शुभ समय* *🥗 अभिजित कोई नहीं* *🥗 अशुभ समय* *🥗 दुष्टमुहूर्त 12:17:22 - 13:00:03* *🥗 कंटक 16:33:27 - 17:16:08* *🥗 यमघण्ट 09:26:39 - 10:09:20* *🥗 राहु काल 12:38:43 - 13:58:44* *🥗 कुलिक 12:17:22 - 13:00:03* *🥗 कालवेला या अर्द्धयाम 08:01:17 - 08:43:58* *🥗 यमगण्ड 08:38:38 - 09:58:40* *🥗 गुलिक काल 11:18:41 - 12:38:43* *🥗 दिशा शूल* *🥗 दिशा शूल उत्तर* *💝 -: चौघडिया-मुहूर्त :- 💝* *💝लाभ 07:18:36 - 08:38:38* *💝अमृत 08:38:38 - 09:58:40* *💝काल 09:58:40 - 11:18:41* *💝शुभ 11:18:41 - 12:38:43* *💝रोग 12:38:43 - 13:58:44* *💝उद्वेग 13:58:44 - 15:18:46* *💝चल 15:18:46 - 16:38:47* *💝लाभ 16:38:47 - 17:58:49* *💝उद्वेग 17:58:49 - 19:38:45* *💝शुभ 19:38:45 - 21:18:42* *💝अमृत 21:18:42 - 22:58:39* *💝चल 22:58:39 - 24:38:36* *💝रोग 24:38:36 - 26:18:32* *💝काल 26:18:32 - 27:58:29* *💝लाभ 27:58:29 - 29:38:26* *💝उद्वेग 29:38:26 - 31:18:23* *🚦🧭-:लग्न-तालिका :-🧭🚦* *सूर्योदय का समय: 07:18:36* *सूर्योदय के समय लग्न मकर चर* *275°13′57″* *🧭 मकर चर* *शुरू: 06:59 AM समाप्त: 08:41 AM* *🧭 कुम्भ स्थिर* *शुरू: 08:41 AM समाप्त: 10:11 AM* *🧭 मीन द्विस्वाभाव* *शुरू: 10:11 AM समाप्त: 11:37 AM* *🧭 मेष चर* *शुरू: 11:37 AM समाप्त: 01:14 PM* *🧭 वृषभ स्थिर* *शुरू: 01:14 PM समाप्त: 03:10 PM* *🧭 मिथुन द्विस्वाभाव* *शुरू: 03:10 PM समाप्त: 05:25 PM* *🧭 कर्क चर* *शुरू: 05:25 PM समाप्त: 07:45 PM* *🧭 सिंह स्थिर* *शुरू: 07:45 PM समाप्त: 10:01 PM* *🧭 कन्या द्विस्वाभाव* *शुरू: 10:01 PM समाप्त: अगले दिन 00:17 AM* *🧭 तुला चर* *शुरू: अगले दिन 00:17 AM समाप्त: अगले दिन 02:36 AM* *🧭 वृश्चिक स्थिर* *शुरू: अगले दिन 02:36 AM समाप्त: अगले दिन 04:54 AM* *🧭 धनु द्विस्वाभाव* *शुरू: अगले दिन 04:54 AM समाप्त: अगले दिन 06:59 AM* 2️⃣0️⃣🚦0️⃣1️⃣🚦2️⃣0️⃣2️⃣1️⃣ *📿🙏।। जयश्रीकृष्णा ।।🙏📿* *ज्योतिषशास्त्री-सुरेन्द्र कुमार चेजारा व्याख्याता राउमावि होल्याकाबास निवास-श्रीमाधोपुर* 🔲🔲🔲🔲🔲🔲🔲🔲🔲🔲

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आज हैं विनायक चतुर्थी शुभप्रभात वंदन जय श्री गणेशा नमस्कार 🙏 शुभ शनिवार शुभ दिवस श्री गणेश चालीसा जय गणपति सद्गुण सदन कविवर बदन कृपाल। विघ्न हरण मंगल करण जय जय गिरिजालाल॥ जय जय जय गणपति राजू। मंगल भरण करण शुभ काजू॥ जय गजबदन सदन सुखदाता। विश्व विनायक बुद्धि विधाता॥ वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन। तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन॥ राजित मणि मुक्तन उर माला। स्वर्ण मुकुट शिर नयन विशाला॥ पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं। मोदक भोग सुगंधित फूलं॥ सुंदर पीतांबप तन साजित। चरण पादुका मुनि मन राजित॥ धनि शिवसुवन षडानन भ्राता। गौरी ललन विश्व-विधाता॥ ऋद्धि सिद्धि तव चंवर डुलावे। मूषक वाहन सोहत द्वारे॥ कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी। अति शुचि पावन मंगल कारी॥ एक समय गिरिराज कुमारी। पुत्र हेतु तप कीन्हा भारी॥ भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा। तब पहुंच्यो तुम धरि द्विज रूपा। अतिथि जानि कै गौरी सुखारी। बहु विधि सेवा करी तुम्हारी॥ अति प्रसन्न ह्वै तुम वर दीन्हा। मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा॥ मिलहि पुत्र तुहि बुद्धि विशाला। बिना गर्भ धारण यहि काला॥ गणनायक गुण ज्ञान निधाना। पूजित प्रथम रूप भगवाना॥ अस कहि अन्तर्धान रूप ह्वै। पलना पर बालक स्वरूप ह्वै॥ बनि शिशु रुदन जबहि तुम ठाना। लखि मुख सुख नहिं गौरि समाना॥ सकल मगन सुख मंगल गावहिं। नभ ते सुरन सुमन वर्षावहिं॥ शम्भु उमा बहुदान लुटावहिं। सुर मुनि जन सुत देखन आवहिं॥ लखि अति आनन्द मंगल साजा। देखन भी आए शनि राजा॥ निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं। बालक देखन चाहत नाहीं॥ गिरजा कछु मन भेद बढ़ायो। उत्सव मोर न शनि तुहि भायो॥ कहन लगे शनि मन सकुचाई। का करिहौ शिशु मोहि दिखाई॥ नहिं विश्वास उमा कर भयऊ। शनि सों बालक देखन कह्यऊ॥ पड़तहिं शनि दृग कोण प्रकाशा। बालक शिर उड़ि गयो आकाशा॥ गिरजा गिरीं विकल ह्वै धरणी। सो दुख दशा गयो नहिं वरणी॥ हाहाकार मच्यो कैलाशा। शनि कीन्ह्यों लखि सुत को नाशा॥ तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधाए। काटि चक्र सो गज शिर लाए॥ बालक के धड़ ऊपर धारयो। प्राण मन्त्र पढ़ शंकर डारयो॥ नाम गणेश शंभु तब कीन्हे। प्रथम पूज्य बुद्धि निधि वर दीन्हे॥ बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा। पृथ्वी की प्रदक्षिणा लीन्हा॥ चले षडानन भरमि भुलाई। रची बैठ तुम बुद्धि उपाई॥ चरण मातु-पितु के धर लीन्हें। तिनके सात प्रदक्षिण कीन्हें॥ धनि गणेश कहि शिव हिय हरषे। नभ ते सुरन सुमन बहु बरसे॥ तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई। शेष सहस मुख सकै न गाई॥ मैं मति हीन मलीन दुखारी। करहुँ कौन बिधि विनय तुम्हारी॥ भजत रामसुन्दर प्रभुदासा। लख प्रयाग ककरा दुर्वासा॥ अब प्रभु दया दीन पर कीजै। अपनी शक्ति भक्ति कुछ दीजै॥ दोहा श्री गणेश यह चालीसा पाठ करें धर ध्यान। नित नव मंगल गृह बसै लहे जगत सन्मान॥ सम्वत् अपन सहस्र दश ऋषि पंचमी दिनेश। पूरण चालीसा भयो मंगल मूर्ति गणेश॥ विनायक चतुर्थी की हार्दिक शुभकामना ये नमस्कार शुभप्रभात वंदन🌅 जय श्री गणेश जय श्री भोलेनाथ जय श्री राम जय श्री हनुमान जी 💐 👏 🚩 🐚 🌹

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