शुभ-सोमवार

white beauty Feb 21, 2021

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*|||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||* *🔔🚩श्री गणेशाय नम:🚩🔔* *🎗️💦 दैनिक पंचांग 💦🎗️* *÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷÷* *🎗️ 15 - 02 - 2021* *🎗️ श्रीमाधोपुर-पंचांग* *🎗️ तिथि चतुर्थी 27:38:53* *🎗️ नक्षत्र उत्तराभाद्रपद 18:29:21* *🎗️ करण :* *वणिज 14:45:40* *विष्टि 27:38:53* *🎗️ पक्ष शुक्ल* *🎗️ योग साघ्य 25:18:00* *🎗️ वार सोमवार* *🎗️ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ* *🎗️ सूर्योदय 07:05:11* *🎗️ चन्द्रोदय 09:20:00* *🎗️ चन्द्र राशि मीन* *🎗️ सूर्यास्त 18:18:50* *🎗️ चन्द्रास्त 21:37:59* *🎗️ ऋतु शिशिर* *🎗️ हिन्दू मास एवं वर्ष* *🎗️ शक सम्वत 1942 शार्वरी* *🎗️ कलि सम्वत 5122* *🎗️ दिन काल 11:13:39* *🎗️ विक्रम सम्वत 2077* *🎗️ मास अमांत माघ* *🎗️ मास पूर्णिमांत माघ* *🎗️ शुभ और अशुभ समय* *🎗️ शुभ समय* *🎗️ अभिजित 12:19:33 - 13:04:27* *🎗️ अशुभ समय* *🎗️ दुष्टमुहूर्त :* *13:04:27 - 13:49:22* *15:19:11 - 16:04:06* *🎗️ कंटक 09:19:54 - 10:04:49* *🎗️ यमघण्ट 12:19:33 - 13:04:27* *🎗️ राहु काल 08:29:23 - 09:53:35* *🎗️ कुलिक 15:19:11 - 16:04:06* *🎗️ कालवेला या अर्द्धयाम 10:49:43 - 11:34:38* *🎗️ यमगण्ड 11:17:48 - 12:42:00* *🎗️ गुलिक काल 14:06:12 - 15:30:25* *🎗️ दिशा शूल* *🎗️ दिशा शूल पूर्व* *××××××××××××××××××××××××××* *🦢 चौघडिया-मुहुर्त 🦢* *××××××××××××××××××××××××××* *🦢अमृत 07:05:11 - 08:29:23* *🦢काल 08:29:23 - 09:53:35* *🦢शुभ 09:53:35 - 11:17:48* *🦢रोग 11:17:48 - 12:42:00* *🦢उद्वेग 12:42:00 - 14:06:12* *🦢चल 14:06:12 - 15:30:25* *🦢लाभ 15:30:25 - 16:54:37* *🦢अमृत 16:54:37 - 18:18:50* *🦢चल 18:18:50 - 19:54:31* *🦢रोग 19:54:31 - 21:30:13* *🦢काल 21:30:13 - 23:05:54* *🦢लाभ 23:05:54 - 24:41:36* *🦢उद्वेग 24:41:36 - 26:17:18* *🦢शुभ 26:17:18 - 27:52:59* *🦢अमृत 27:52:59 - 29:28:41* *🦢चल 29:28:41 - 31:04:22* *++++++++++++++++++++++++* *🔮🍟-:लग्न-तालिका:- 🍟🔮* *++++++++++++++++++++++++* *सूर्योदय का समय: 07:05:11* *सूर्योदय के समय लग्न कुम्भ स्थिर* *301°37′07″* *🏺 कुम्भ स्थिर* *शुरू: 07:00 AM समाप्त: 08:28 AM* *🦈 मीन द्विस्वाभाव* *शुरू: 08:28 AM समाप्त: 09:55 AM* *🐑 मेष चर* *शुरू: 09:55 AM समाप्त: 11:31 AM* *🐄 वृषभ स्थिर* *शुरू: 11:31 AM समाप्त: 01:28 PM* *👫 मिथुन द्विस्वाभाव* *शुरू: 01:28 PM समाप्त: 03:43 PM* *🦀 कर्क चर* *शुरू: 03:43 PM समाप्त: 06:02 PM* *🦁 सिंह स्थिर* *शुरू: 06:02 PM समाप्त: 08:19 PM* *🙋 कन्या द्विस्वाभाव* *शुरू: 08:19 PM समाप्त: 10:34 PM* *⚖️ तुला चर* *शुरू: 10:34 PM समाप्त: अगले दिन 00:53 AM* *🦂 वृश्चिक स्थिर* *शुरू: अगले दिन 00:53 AM समाप्त: अगले दिन 03:11 AM* *🏹 धनु द्विस्वाभाव* *शुरू: अगले दिन 03:11 AM समाप्त: अगले दिन 05:16 AM* *🐊 मकर चर* *शुरू: अगले दिन 05:16 AM समाप्त: अगले दिन 07:00 AM* *~°~°~°~°~°~°~°~°~°~°~°~°~* 1️⃣5️⃣⚪0️⃣2️⃣⚪2️⃣0️⃣2️⃣1️⃣ *•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••* *🦚🙏जय श्रीकृष्णा🙏🦚* *÷×÷×÷×÷×÷×÷×÷×÷×÷×÷×÷×÷×÷* *ज्योतिषशास्त्री-सुरेन्द्र कुमार चेजारा व्याख्याता राउमावि होल्याकाबास निवास-श्रीमाधोपुर* "*"*"*"*"*"*"*"*"*"*"*"*"*"*"*"*"*"*"* *!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!!* 🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧🚧

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RAJ RATHOD Feb 8, 2021

🙏जय भोलेनाथ 🙏 🌷🌷मनोवृति और घमंड से रहे सावधान 🌷🌷 रामकृष्ण परमहंस से जुड़ी एक प्रेरक कथा प्रचलित है। एक दिन रामकृष्ण परमहंस किसी संत के साथ बैठे हुए थे। ठंड के दिन थे। शाम हो गई थी। तब संत ने ठंड से बचने के लिए कुछ लकड़ियां एकट्ठा कीं और धूनी जला दी। दोनों संत धर्म और अध्यात्म पर चर्चा कर रहे थे। इनसे कुछ दूर एक गरीब व्यक्ति भी बैठा हुआ। उसे भी ठंड लगी तो उसने भी कुछ लकड़ियां एकट्ठा कर लीं। अब लकड़ी जलाने के लिए उसे आग की जरूरत थी। वह तुरंत ही दोनों संतों के पास पहुंचा और धूनी से जलती हुई लकड़ी का एक टुकड़ा उठा लिया। एक व्यक्ति ने संत द्वारा जलाई गई धूनी को छू लिया तो संत गुस्सा हो गए। वे उसे मारने लगे। संत ने कहा कि तू पूजा-पाठ नहीं करता है, भगवान का ध्यान नहीं करता, तेरी हिम्मत कैसे हुई, तूने मेरे द्वारा जलाई गई धूनी को छू लिया।​​​​​​​ रामकृष्ण परमहंस ये सब देखकर मुस्कुराने लगे। जब संत ने परमहंसजी को प्रसन्न देखा तो उन्हें और गुस्सा आ गया। उन्होंने परमहंसजी से कहा, ‘आप इतना प्रसन्न क्यों हैं? ये व्यक्ति अपवित्र है, इसने गंदे हाथों से मेरे द्वारा जलाई गई अग्नि को छू लिया है तो क्या मुझे गुस्सा नहीं होना चाहिए?’ परमहंसजी ने कहा, ‘मुझे नहीं मालूम था कि कोई चीज छूने से अपवित्र हो जाती है। अभी आप ही कह रहे थे कि ये सभी इंसानों में परमात्मा का वास है। और थोड़ी ही देर बाद आप ये बात खुद ही भूल गए।’ उन्होंने आगे कहा, ‘दरअसल इसमें आपकी गलती नहीं है। आपका शत्रु आपके अंदर ही है, वह है अहंकार। घमंड की वजह से हमारा सारा ज्ञान व्यर्थ हो जाता है। इस बुराई पर काबू पाना बहुत मुश्किल है। सीख- इस कथा की सीख यह है कि जो लोग घमंड करते हैं, उनके दूसरे सभी गुणों का महत्व खत्म हो जाता है। इस बुराई की वजह से सबकुछ बर्बाद हो सकता है। इसीलिए अहंकार से बचना चाहिए।

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Anilkumar Tailor Feb 7, 2021

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