व्रतविधि

आज का दिन और उपाय आज आश्विन महीने के कृष्णपक्ष की द्वितीय तिथि, रेवती नक्षत्र, वृद्धि योग, गर करण और दिन सोमवार है। “ॐ सिद्धेश्वराय नमः” इस मंत्र से आज भगवान महादेव को प्रणाम करें। पूर्वाह्ण मातृकं श्रद्धमपराह्णे तु पैतृकम | एकोदिदष्टं तु मध्याह्ने प्रातर्वृद्धि निमित्तकम || शास्त्रानुसार यदि मृत्यु तिथि अपराहन काल को 2 दिन आसमान से व्याप्त हो अर्थात 1 दिन अधिक और दूसरे दिन कम व्याप्त करें तो वहां अधिक अपराहन काल व्याप्ति वाले दिन श्राद्ध किया जाता है| ध्यान दें - इस वर्ष विक्रम संवत 2076 में श्राद्ध पक्ष में 16 सितंबर 2019 ई. को कोई तिथि श्राद्ध नहीं होगा परंतु जो लोग किसी कारण वर्ष 15 सितंबर को द्वितीय का श्राद्ध ना कर सके वह 16 सितंबर को भी 13:35 से 14:36 तक श्राद्ध क्रम कर सकते हैं| JYOTISHACHARYA MANOOJ SHARMA HAS BEEN IN THE PROFESSION OF ASTROLOGY FOR THE LAST 15 YEARS. HE IS FROM DELHI, WIDELY ACCLAIMED FOR HIS SKILL, ACCURACY AND EXPERIENCE. HE HAS EXPERTISE IN ASTROLOGY, NUMEROLOGY, DOWSING, HEALING, PALMISTRY, VASTU, MEDICAL ASTROLOGY, QUESTION HOROSCOPE. THOUSANDS OF PEOPLE BENEFITTED FROM HIS DIVINE KNOWLEDGE AND ARE LEADING A STRESS-FREE, SATISFIED AND SUCCESSFUL LIFE. Jyotishacharya Manooj sharma Certified Astrologer by ICAS Whatsapp & Paytm no. 9650550078 💘वशिकरण स्पेशलिस्ट।👨‍❤‍👨प्रेम विवाह,💔पति पत्नी या प्रेमी प्रेमिका काअन्य जगह से संबंध समाप्त करना 💔पति पत्नी ,रिश्तेदारों,संतान से अनबन। #सौतन, दुश्मन से छुटकारा,सभी समस्याओं का समाधान मात्र ⏰5 घण्टे में।आपकी सभी समस्याओं का समाधान है📚 ज्योतिष शास्त्र और #तंत्र रहश्य मे उपलब्ध है।.👉1.कर्जमुक्ति👉2. काम कारोबार,बिज़नेस,में घाटा,नोकरी में प्रमोशन न होना।👉3.पति पत्नी में अनबन,👉4.गृह क्लेश किसी भी कारण से👉5.शादी विवाह में रुकावट,किसी भी कारण से 👉6.झुटे- सच्चे मुक़दमे में फसना.👉7.विदेश यात्रा में रुकावट8.अधिकारी दुवारा शोषण या तो उसका टांसफर या आपका,👉9., मनपसंद जगह शादी होना,कैसे हो वैवाहिक जीवन सुखी .ज्योतिषाचार्य मनोज शर्मा.#तंत्र रहश्य विशेषज्ञ.☎9650550078.http://www.acharyamanojsharmalive.com/?m1 फेसबुक पर प्रोफाइल https://www.facebook.com/acharya.manojjee #Jyotishacharya manooj sharma.plz like, share ,and subscribed #vedic totke. https://www.youtube.com/channel/UC6KxYvnzkiQsWSoaLgNT5Bg 👉Note.परामर्श निशुल्क तभी है जब आप ये पोस्ट अपनी फेसबुक id से आपने फ्रेंड को टैग करके शेयर करेगे। औरआप detail 9650550078.ही भेजे ओर conferm करे।📲या काल करे।अभी आपने अपनी समस्या का समाधान नही किया तो शायद कभी नही कर पायेगे।🌅सभी जगह से निराश व्यक्ति जरूर सलाह ले।माने या ना माने ये आपकी मर्जी है।

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आज का दिन और उपाय आज द्वितीया का श्राद्ध हैI आज आश्विन महीने के कृष्णपक्ष की प्रतिपदा तिथि, उ० भाद्रपद नक्षत्र, गण्ड योग, कौलव करण और दिन रविवार है। आज सफेद तिल मिलाकर भगवान् सूर्य को जल दें इससे दूसरे पीढ़ी के पूर्वजों को तृप्ति की प्राप्ति होती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता हैI 💘वशिकरण स्पेशलिस्ट। ✅वशिकरण मंत्रा. 👨‍❤‍👨प्रेम विवाह,💔पति पत्नी ,रिश्तेदारों,संतान से अनबन। #सौतन, दुश्मन से छुटकारा,सभी समस्याओं का समाधान मात्र ⏰5 घण्टे में।आपकी सभी समस्याओं का समाधान है📚 ज्योतिष शास्त्र और #तंत्र रहश्य मे उपलब्ध है।.ज्योतिषाचार्य मनोज शर्मा.#तंत्र रहश्य विशेषज्ञ.☎9650550078.http://www.acharyamanojsharmalive.com/?m1=👉1क्या आपको अपनी मेहनत के अनुसार कमाई कम खर्च ज्यादा हो रहा हो और लगातार कर्जा बढ़ रहा हो❓👉2आपका बेटा बहु पत्नी और परिवार का कोई अन्य सदस्य आपका दुश्मन बना बैठा है❓👉3 क्या आपका काम कारोबार नही चल रहा है , या रुका रुका से लग रहा है❓👉4 विवाह के काफी समय बीत जाने के उपरांत भी आपको सन्तान का सुख नही मिल पा रहा है❓👉5 आप हर बार अपने काम मे असफल क्यो हो रहे हो❓👉6 सर्वगुण सम्प्पन होने के बावजूद भी आपका या आपकी संतान का विवाहयोग क्यो नही बन पा रहा है❓👉7 क्या आप किसी कोर्ट कचहरी के केस में फंसे हुए है और आपका फैसला नही हो पा रहा है। और#Jyotishacharya manooj sharma.plz like, share ,and subscribed #vedic totke. https://www.youtube.com/channel/UC6KxYvnzkiQsWSoaLgNT5Bg

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Prince96 Sep 14, 2019

*💎🕉Om Shri Ganesh🕉💎*       *🌞🌄सुप्रभातम🌄🌞* *🚘🗓आज का पञ्चाङ्ग🗓🚘* *🏆शनिवार, १४ सितंबर २०१९🏆* पूर्णिमा, शुक्ल पक्ष भाद्रपद """"""""""""""""""""""""""""(समाप्ति काल) तिथि------------पूर्णिमा10:02:23     तक पक्ष-----------------------------शुक्ल नक्षत्र-----पूर्वाभाद्रपदा22:54:55 योग-----------------शूल21:24:03 करण---------------भाव10:02:24 करण-------------बालव23:14:05 वार--------------------------शनिवार माह--------------------------भाद्रपद चन्द्र राशि--------कुम्भ16:11:17 चन्द्र राशि---------------------- मीन सूर्य राशि----------------------- सिंह रितु-------------------------------वर्षा आयन-------------------दक्षिणायण संवत्सर----------------------विकारी संवत्सर (उत्तर)-----------परिधावी विक्रम संवत-----------------2076 विक्रम संवत (कर्तक)-------2075 शाका संवत------------------1941 वृन्दावन सूर्योदय----------------- 06:04:53 सूर्यास्त------------------18:24:28 दिन काल---------------12:19:35 रात्री काल--------------11:40:51 चंद्रास्त------------------06:24:05 चंद्रोदय------------------18:49:56 लग्न----सिंह 26°48' , 146°48' सूर्य नक्षत्र-----------उत्तवाफाल्गुनी चन्द्र नक्षत्र-------------पूर्वाभाद्रपदा *🚩💮🚩  पद, चरण  🚩💮🚩* सो----पूर्वाभाद्रपदा 09:27:14  दा----पूर्वाभाद्रपदा 16:11:17 दी----पूर्वाभाद्रपदा 22:54:51  दू----उत्तराभाद्रपदा 29:38:03 *💮🚩💮  ग्रह गोचर  💮🚩💮* ग्रह =राशी   , अंश  ,नक्षत्र,  पद ======================= सूर्य=सिंह 26°42  '   उ o फा o,   1   टे चन्द्र =कुम्भ24°23   'पूo भाo'    2  सो बुध=कन्या  05°26 'उo फ़ा o'    3  पा शुक्र= कन्या  05°13, उ oफा o' 3   पा मंगल=सिंह 22°12 ' पू oफ़ा o '  3   टी गुरु=वृश्चिक  22°01 '     ज्येष्ठा  ,  2  या शनि=धनु   22°13'  पू oषा o   '  3  फा राहू=मिथुन 19°51 '  आर्द्रा     ,   4   छ केतु=धनु  19 ° 51'     पूo षाo, 2    धा *🚩💮🚩शुभा$शुभ मुहूर्त🚩💮🚩* राहू काल 09:10 - 10:42अशुभ यम घंटा 13:47 - 15:20अशुभ गुली काल 06:05 - 07:37अशुभ अभिजित 11:50 -12:39शुभ दूर मुहूर्त 07:44 - 08:33अशुभ 🚩पंचकअहोरात्रअशुभ 💮चोघडिया, दिन काल 06:05 - 07:37अशुभ शुभ 07:37 - 09:10शुभ रोग 09:10 - 10:42अशुभ उद्वेग 10:42 - 12:15अशुभ चर 12:15 - 13:47शुभ लाभ 13:47 - 15:20शुभ अमृत 15:20 - 16:52शुभ काल 16:52 - 18:24अशुभ 🚩चोघडिया, रात लाभ 18:24 - 19:52शुभ उद्वेग 19:52 - 21:20अशुभ शुभ 21:20 - 22:47शुभ अमृत 22:47 - 24:15*शुभ चर 24:15* - 25:43*शुभ रोग 25:43* - 27:10*अशुभ काल 27:10* - 28:38*अशुभ लाभ 28:38* - 30:05*शुभ 💮होरा, दिन शनि 06:05 - 07:07 बृहस्पति 07:07 - 08:08 मंगल 08:08 - 09:10 सूर्य 09:10 - 10:11 शुक्र 10:11 - 11:13 बुध 11:13 - 12:15 चन्द्र 12:15 - 13:16 शनि 13:16 - 14:18 बृहस्पति 14:18 - 15:20 मंगल 15:20 - 16:21 सूर्य 16:21 - 17:23 शुक्र 17:23 - 18:24 🚩होरा, रात बुध 18:24 - 19:23 चन्द्र 19:23 - 20:21 शनि 20:21 - 21:20 बृहस्पति 21:20 - 22:18 मंगल 22:18 - 23:17 सूर्य 23:17 - 24:15 शुक्र 24:15* - 25:13 बुध 25:13* - 26:12 चन्द्र 26:12* - 27:10 शनि 27:10* - 28:09 बृहस्पति 28:09* - 29:07 मंगल 29:07* - 30:05 *नोट*-- दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है।  प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।  चर में चक्र चलाइये , उद्वेगे थलगार । शुभ में स्त्री श्रृंगार करे,लाभ में करो व्यापार ॥ रोग में रोगी स्नान करे ,काल करो भण्डार । अमृत में काम सभी करो , सहाय करो कर्तार ॥ अर्थात- चर में वाहन,मशीन आदि कार्य करें । उद्वेग में भूमि सम्बंधित एवं स्थायी कार्य करें । शुभ में स्त्री श्रृंगार ,सगाई व चूड़ा पहनना आदि कार्य करें । लाभ में व्यापार करें । रोग में जब रोगी रोग मुक्त हो जाय तो स्नान करें । काल में धन संग्रह करने पर धन वृद्धि होती है । अमृत में सभी शुभ कार्य करें । *💮दिशा शूल ज्ञान-------------पूर्व* परिहार-: आवश्यकतानुसार यदि यात्रा करनी हो तो घी अथवा  काजू खाके यात्रा कर सकते है l इस मंत्र का उच्चारण करें-: *शीघ्र गौतम गच्छत्वं ग्रामेषु नगरेषु च l* *भोजनं वसनं यानं मार्गं मे परिकल्पय: ll* *🚩  अग्नि वास ज्ञान  -:* *यात्रा विवाह व्रत गोचरेषु,* *चोलोपनिताद्यखिलव्रतेषु ।* *दुर्गाविधानेषु सुत प्रसूतौ,* *नैवाग्नि चक्रं परिचिन्तनियं ।।* *महारुद्र व्रतेSमायां ग्रसतेन्द्वर्कास्त राहुणाम्* *नित्यनैमित्यके कार्ये अग्निचक्रं न दर्शायेत् ।।*        15 + 7 + 1 = 23 ÷ 4 = 3 शेष  पृथ्वी लोक पर अग्नि वास हवन के लिए शुभ कारक है l *💮    शिव वास एवं फल -:*   15 + 15 + 5 = 35 ÷ 7 =  0 शेष शमशान भूमि = मृत्यु कारक *🚩भद्रा वास एवं फल -:* *स्वर्गे भद्रा धनं धान्यं ,पाताले च धनागम:।* *मृत्युलोके यदा भद्रा सर्वकार्य विनाशिनी।।* *💮🚩    विशेष जानकारी    🚩💮* * पूर्णिमा * पड़वा श्राध्द *👇👇पितृ दोष की शांति के विशेष उपाय👇👇*   🍀🔥🍀🔥🍀🔥🍀🔥🍀🔥🍀🔥🍀🔥🍀 *💮🚩💮   शुभ विचार   💮🚩💮* कालः पचति भूतानि कालः संहरते प्रजाः । कालः सुप्तेषु जागर्ति कालो हि दुरतिक्रमः ।। ।।चा o नी o।। काल सभी जीवो को निपुणता प्रदान करता है. वही सभी जीवो का संहार भी करता है. वह जागता रहता है जब सब सो जाते है. काल को कोई जीत नहीं सकता. *🚩💮🚩  सुभाषितानि  🚩💮🚩* गीता -: क्षेत्रज्ञविभागयोग अo-13 ऋषिभिर्बहुधा गीतं छन्दोभिर्विविधैः पृथक्‌ ।, ब्रह्मसूत्रपदैश्चैव हेतुमद्भिर्विनिश्चितैः ॥, यह क्षेत्र और क्षेत्रज्ञ का तत्व ऋषियों द्वारा बहुत प्रकार से कहा गया है और विविध वेदमन्त्रों द्वारा भी विभागपूर्वक कहा गया है तथा भलीभाँति निश्चय किए हुए युक्तियुक्त ब्रह्मसूत्र के पदों द्वारा भी कहा गया है॥,4॥, *💮🚩   दैनिक राशिफल   🚩💮* देशे ग्रामे गृहे युद्धे सेवायां व्यवहारके। नामराशेः प्रधानत्वं जन्मराशिं न चिन्तयेत्।। विवाहे सर्वमाङ्गल्ये यात्रायां ग्रहगोचरे। जन्मराशेः प्रधानत्वं नामराशिं न चिन्तयेत ।। 🐏मेष रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। निवेश के सुखद परिणाम आएंगे। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। किसी बड़ी बाधा के दूर होने से प्रसन्नता रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। पुराना रोग उभर सकता है। विवाद से क्लेश संभव है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। 🐂वृष अप्रत्याशित खर्च सामने आएंगे। कर्ज लेना पड़ सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखें। दूसरों से अपेक्षा पूर्ण नहीं होने से खिन्नता रहेगी। कार्य में विलंब होगा। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। पारिवारिक चिंता बनी रहेगी। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय बनी रहेगी। व्यस्तता रहेगी। 👫मिथुन पुराने शत्रु परेशान कर सकते हैं। थकान व कमजोरी रह सकती है। जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। डूबी हुई रकम प्राप्त हो सकती है। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। भाग्य का साथ रहेगा। व्यापार में वृद्धि के योग हैं। निवेश शुभ रहेगा। आय होगी। प्रमाद न करें। 🦀कर्क नई योजना बनेगी। कार्यप्रणाली में सुधार होगा। कारोबार में वृद्धि होगी। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। नए व्यापारिक अनुबंध होंगे। धनार्जन होगा। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। शत्रु परास्त होंगे। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। 🐅सिंह कुसंगति से हानि होगी। पूजा-पाठ में मन लगेगा। कोर्ट व कचहरी के कार्य अनुकूल रहेंगे। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। परिवार के साथ समय अच्छा व्यतीत होगा। आर्थिक उन्नति के प्रयास सफल रहेंगे। कारोबार अच्छा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्नता रहेंगे। भाइयों का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता बनी रहेगी। 🙍कन्या वाहन व मशीनरी आदि के प्रयोग में सावधानी रखें, विशेषकर स्त्रियां रसोई में ध्यान रखें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। लेन-देन में जल्दबाजी न करें। धनलाभ के अवसर प्राप्त होंगे। आय में निश्चितता होगी। ऐश्वर्य पर व्यय होगा। ⚖तुला किसी गलती का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। जल्दबाजी व लापरवाही न करें। अज्ञात भय सताएगा। पुराना रोग उभर सकता है। भागदौड़ रहेगी। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी आनंदोत्सव में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। स्वादिष्ट भोजन का आनंद मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। 🦂वृश्चिक पुराना रोग उभर सकता है। किसी बड़ी समस्या से सामना हो सकता है। लेन-देन में विशेष सावधानी रखें। वाणी में हल्के शब्दों के प्रयोग से बचें। दु:खद समाचार मिल सकता है। किसी व्यक्ति से बेवजह विवाद हो सकता है। व्यर्थ भागदौड़ होगी। कार्य में विलंब होगा। चिंता तथा तनाव रहेंगे। आय में निश्चितता रहेगी। 🏹धनु शुभ समाचार प्राप्त होंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। विवेक से कार्य करें। विरोधी सक्रिय रहेंगे। मित्रों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार-व्यवसाय लाभदायक रहेगा। नौकरी में चैन रहेगा। आय में वृद्धि होगी। मित्रों के साथ समय मनोरंजक व्यतीत होगा। प्रमाद न करें। 🐊मकर लेन-देन में जल्दबाजी न करें। किसी अपरिचित पर अतिविश्वास न करें। आय में वृद्धि होगी। भूमि व भवन संबंधी योजना बनेगी। कोई बड़ा लाभ हो सकता है। रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। भाग्य बेहद अनुकूल है, लाभ लें। चोट व रोग से बचें। प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। 🍯कुंभ प्रयास सफल रहेंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। आय में वृद्धि होगी। पराक्रम बढ़ेगा। किसी बड़े काम को करने में रुझान रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। नौकरी में प्रशंसा प्राप्त होगी। शेयर मार्केट व म्युचुअल फंड से लाभ होगा। चोट व रोग से बचें। सुख के साधन जुटेंगे। घर में तनाव रह सकता है। 🐟मीन शत्रु परास्त होंगे। कोर्ट व कचहरी के कार्य मनोनुकूल रहेंगे। जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा। सुख के साधन जुटेंगे। कारोबार में वृद्धि होगी। निवेशादि शुभ रहेंगे। नौकरी में सहकर्मी साथ देंगे। स्त्री पक्ष से लाभ होगा। अज्ञात भय रहेगा। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। पार्टनरों का सहयोग मिलेगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। 🌞💎🌞💎🌞💎🌞💎🌞💎🌞💎🌞💎 *🌹🌹पितृ दोष की शांति के विशेष उपाय🌹🌹*  यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष बन रहा हैऔर वह महंगे उपाय करने में असमर्थ है तब  वह सरलउपायों के द्वारा भी पितृ दोष के प्रभाव को कम कर सकता है. यह उपाय  निम्नलिखित हैं :- 🌹यदि किसी की कुंडली में  पितृ  दोष बन रहा हो तब उस व्यक्ति को अपने घर की दक्षिण दिशा की दीवार परअपने दिवंगत पूर्वजों का फोटो लगाकर उस पर हारचढ़ाकर उन्हें सम्मानित  करना चाहिए.  🌹पूर्वजों की मृत्युकी तिथि पर  ब्राह्मणों को भोजन  कराना चाहिए, अपनी  सामर्थ्यानुसार वस्त्र और दान दक्षिणा आदिदेनी चाहिए.  🌹नियम से पितृ तर्पण और  श्राद्ध करते रहना चाहिए. जिन व्यक्तियों के मातापिता  जीवित हैं उनका आदरसत्कार करना चाहिए. भाई बहनों का भी सत्कार आपको करते रहना  चाहिए. धन, वस्त्र,  भोजनादि से सेवा करते हुए  समय-समय पर उनका  आशीर्वाद ग्रहण करना चाहिए. 🌹प्रत्येक अमावस्या के दिन  अपने पितरों का ध्यान करतेहुए पीपल के पेड़ पर कच्ची लस्सी, थोड़ा गंगाजल, काले तिल, चीनी, चावल, जल तथा पुष्प अर्पित करेंऔर “ऊँ पितृभ्य: नम:” मंत्र का जाप करें. 🌹 उसके बादपितृ सूक्त का  पाठ करना शुभ फल प्रदान  करता है. 🌹प्रत्येक संक्रांति, अमावस्या  और रविवार के दिनसूर्यदेव को ताम्र बर्तन में लाल चंदन, गंगाजल औरशुद्ध जल मिलाकर बीज मंत्र पढ़ते हुए तीन बार अर्ध्यदें. 🌹प्रत्येक अमावस्या के दिन  दक्षिणाभिमुख होकर दिवंगत पितरों के लिए पितृ तर्पण करना चाहिए.  🌹पितृस्तोत्र या पितृ सूक्त  का पाठ करना चाहिए. त्रयोदशीको नीलकंठ स्तोत्र का पाठ  करना, पंचमी तिथि कोसर्पसूक्त पाठ, पूर्णमासी के दिन  श्रीनारायण कवच का पाठ करने के बाद ब्राह्मणों को  अपनी सामर्थ्य केअनुसार मिठाई तथा दक्षिणा सहित भोजन  कराना चाहिए. इससे भी पितृ  दोष में कमी आती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है. *🌍पित्रृस्तोत्र*🌍 मार्कण्डेय उवाच  एवं तु स्तुवतस्तस्य तेजसो राशिरुच्छ्रितः ।  प्रादुर्बभूव सहसा गगनव्याप्तिकारकः ॥ ३७ ॥  तद् दृष्ट्वा सुमहत्तेजः समाच्छाद्य स्थितं जगत् ।  जानुभ्यामवनीं गत्वा रुचिः स्तोत्रमिदं जगौ ॥ ३८ ॥ रुचिरुवाच अर्चितानाममूर्तानां पितृणां दीप्ततेजसाम् । नमस्यामि सदा तेषां ध्यानिनां दिव्यचक्षुषाम् ॥ १ ॥ इद्रादीनां च नेतारो दक्षमारीचयोस्तथा । सप्तर्षीणां तथान्येषां तान्नमस्यामि कामदान् ॥ २ ॥ मन्वादीनां च नेतारः सूर्याचन्द्रमसोस्तथा । तान्नमस्याम्यहं सर्वान् पितृनप्युदधावपि ॥ ३ ॥ नक्षत्राणां ग्रहाणां च वाय्वग्न्योर्नभसस्तथा । द्दावापृथिव्योश्र्च तथा नमस्यामि कृताञ्जलिः ॥ ४ ॥ प्रजापतेः कश्यपाय सोमाय वरुणाय च । योगेश्र्वरेभ्यश्र्च सदा नमस्यामि कृताञ्जलिः ॥ ५ ॥ नमो गणेभ्यः सप्तभ्यस्तथा लोकेषु सप्तसु । स्वायम्भुवे नमस्यामि ब्रह्मणे योगचक्षुषे ॥ ६ ॥ सोमाधारान् पितृगणान् योगमूर्तिधरांस्तथा । नमस्यामि तथा सोमं पितरं जगतामहम् ॥ ७ ॥ अग्निरुपांस्तथैवान्यात्रमस्यामि पितृनहम् । अग्निसोममयं विश्र्वं यत एतदशेषतः ॥ ८ ॥ ये च तेजसि ये चैते सोमसूर्याग्निमूर्तयः । जगत्स्वरुपिणश्र्चैव तथा ब्रह्मस्वरुपिणः ॥ ९ ॥ तेभ्योsखिलेभ्यो योगिभ्यः पितृभ्यो यतमानसः । नमो नमो नमस्तेsतु प्रसीदन्तु स्वधाभुजः ॥ १० ॥ मार्कण्डेय उवाच एवं स्तुतास्ततस्तेन तेजसो मुनिसत्तमाः । निश्र्चक्रमुस्ते पितरो भासयन्तो दिशो दश ॥ ११ ॥ निवेदनं च यत्तेन पुष्पगन्धानुलेपनम् । तद्भूषितानथ स तान् ददृशे पुरतः स्थितान् ॥ १२ ॥ प्रणिपत्य रुचिर्भक्त्या पुनरेव कृताञ्जलिः । नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यमित्याह पृथगादृतः ॥ १३ ॥ *॥ इति श्री गरुड पुराणे रुचिकृतं पित्रृस्तोत्रं संपूर्णम् ॥* *🙏Jai Shree Mahakal🙏*

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