व्यक्तिगत प्रश्न

N K Lall Oct 16, 2019

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ankush baghel Oct 15, 2019

💞💞कुछ अनमोल बातें देश दुनिया की जानकारी💞। 🌿, रोचक मंजर अभिलाषा आशाएं 🌿 ✍️पश्चिम_बंगाल_का_भयावह_सच।✍️ 💲अफसोस #मयूरग्राम : तुम्हारी खबर, खबर होने💲 🌹🙏🌹🙏🌺✔️लायक नहीं✔️🌺🙏🌹🙏🌹 🎈🎈🎈🎈👩‍👧‍👦👬👸👫👩‍👧‍👦🎈🎈🎈🎈🎈🎈 ✔️कोलकाता से 240 किलोमीटर उत्तर #बीरभूम जिले में #मुर्शिदाबाद से सटे #नलहाटी के पास मयूरग्राम नाम का एक गांव होता था हाल-फिलहाल तक। ✔️ ☑️1990 के दशक में यहां 280 हिंदू परिवार और सिर्फ 15 मुस्लिम परिवार थे। ☑️ सारे मुस्लिम परिवार 💲भूमिहीन थे और बंटाई पर खेती 🌺✔️✔️✔️✔️👩‍👧‍👦🌺करते थे।🌺👩‍👧‍👦✔️✔️✔️✔️ इसके बाद इन्होंने अपने 💲बांग्लादेशी रिश्तेदारों को बुलाया और पंचायती व ग्रामसमाज की जमीन पर उनकी 💯💯💯💯झोपड़ियां डलवा दी। 💯💯💯💯💯 1998 तक गांव में 50 मुस्लिम परिवार हो गए और हालात बदलने लगे। अगले दो-चार साल में संख्या और ✍️बढ़ी और उससे ज्यादा तेजी से हिंदू महिलाओं का उत्पीड़न। घर से निकलते ही छेड़छाड़ शुरू हो जाती। कुछेक के साथ बलात्कार की कोशिश भी हुई। थाने में शिकायत करने का कोई नतीजा नहीं निकलता कभी। इसके बाद मुसलमानों ने पूजा पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का भी विरोध शुरू कर दिया। गांव के काली मंदिर के सामने मस्जिद बन गई। मुसलमानों के आपत्ति जताने पर पुलिस ने मंदिर में शंख और ढोल बजाने पर पाबंदी भी लगा दी। उनकी अजान तो खैर चलती ही रही। इसके बाद उन्होंने हिंदुओं के साथ रोजाना गालीगलौज व उन्हें✍️ धमकाना शुरू कर दिया। महिलाओं का घर से बाहर कदम रखना दुश्वार हो गया। फिर दुर्गा पूजा बंद करा दी गई और ईद-बकरीद के दिन काली मंदिर के ऐन सामने मस्जिद में 🙏🙏✍️🌿🌿गायें कटने💲 लगीं।🌿🌿✍️🙏🙏 🙏1990 के शुरू में जिस गांव में 280 हिंदू परिवार होते थे, 2016 आते-आते सिर्फ 10 शेष बचे। फिर मयूरग्राम थोड़ा सा हिंदू नाम लगा तो उसे भी बदल दिया गया। सरकार ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुसलमानों की मांग पर इसे मोरग्राम कर दिया। गांव के रेलवे स्टेशन का भी नाम अब मोरग्राम है। यह कहानी अकेले मयूरग्राम की नहीं बल्कि बांग्लादेश की सीमा से सटे बहुत से गांवों की है। असम की बराक वैली के सिलचर और करीमगंज जिलों में स्थिति और बदतर है।☑️ ✍️यह दिखाता है कि बिना मारकाट किए लो-लेवल की संगठित और सतत हिंसा के क्या फायदे हो सकते हैं। यह तोप-तलवार से ज्यादा प्रभावी है, पीड़ित यह सोचकर ही थाने नहीं जाता कि इस सरकार में क्या सुनवाई होगी। और वहां सुनवाई न होने पर एक असहाय आदमी के सामने समर्पण या फिर पलायन के अलावा कोई रास्ता शेष नहीं 🎈🎈🎈🎈🌺🌺🌺रहता।🌺🌺🌺🎈🎈🎈🎈 🌹ज्यादातर पलायन का विकल्प चुनते हैं। #मोरग्राम के हिंदुओं ने यहीं चुना।✔️ यह स्लो मोशन #गजवा_ए_हिंद_बंगाल को #कम्युनिस्टों, 🍃#🍃कांग्रेसियों और 🍃#🍃तृणमूलियों की ओर से 🍃#🍃धर्मनिरपेक्षता के नाम पर दिया गया उपहार है। सिर्फ 25 साल से भी कम समय में एक🙏✔️ 🌿🌿🌿🌿#🌿मयूरग्राम/मोरग्राम हो जाता है। कब आंख खुलेगी 🙏अब तो अपना भाग्य 🙏बदलो,भगवा ध्वज थामो।🙏 💯☑️💯🙏जय हिंदू जय हिंदुस्तान🙏💯☑️💯 👩‍👧‍👦💲✍️💲✍️💲👬👸👫💲✍️💲✍️💲👩‍👧‍👦

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