विष्णु-लक्ष्मी

Shivani Mar 12, 2020

🌹🙏ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🌹🙏 🙏सुप्रभात 🌞आपका दिन मंगलमय हो🙏 *एक व्यक्ति मर गया। जब उसे महसूस हुआ तो उसने देखा कि भगवान उसके पास आ रहे हैं और उनके हाथ में एक फटी सी... झोली है।* *भगवान ने कहा --पुत्र! चलो अब समय हो गया।* *आश्चर्यचकित होकर आदमी ने जबाव दिया -- अभी इतनी जल्दी ? अभी तो मुझे बहुत काम करने हैं। मैं क्षमा चाहता हूँ किन्तु अभी चलने का समय नहीं है मेरा। आपके झोली में क्या है ?* *भगवान ने कहा -- तुम्हारा सामान है।* *मेरा सामान ? आपका मतलब है कि मेरी वस्तुएं, मेरे कपडे, मेरा धन ?* *भगवान ने प्रत्युत्तर में कहा -- ये सब वस्तुएं तुम्हारी नहीं हैं, ये तो पृथ्वी से सम्बंधित हैं।* *व्यक्ति ने पूछा -- मेरी यादें होंगी ?* *भगवान ने जबाव दिया -- वे तो कभी भी तुम्हारी नहीं थीं। वे तो समय की थीं।* *फिर तो ये मेरी बुद्धिमत्ता होंगी ?* *भगवान ने फिर कहा -- वह तो तुम्हारी कभी भी नहीं थीं। वे तो परिस्थिति जन्य थीं।* *तो ये मेरा परिवार और मित्र हैं ?* *भगवान ने जबाव दिया -- क्षमा करो वे तो कभी भी तुम्हारे नहीं थे। वे तो राह में मिलने वाले पथिक थे। आते गये और जाते गये। वो तुम्हारे लिए कोई नहीं थे,ना तुम उनके लिए कोई थे। जिसका यात्रा खत्म हुआ, वो उतर गये। व्यक्ति बोला- फिर तो निश्चित ही यह मेरा शरीर होगा ?* *भगवान ने मुस्कुरा कर कहा -- वह तो कभी भी तुम्हारा नहीं हो सकता। क्योंकि वह तो राख है।* *तो क्या यह मेरी आत्मा है ?* *नहीं! वह तो मेरी है --- भगवान ने कहा।* *भयभीत होकर व्यक्ति ने भगवान के हाथ से झोली ले लिया और उसे खोल दिया यह देखने के लिए कि झोली में क्या है। वह तो खाली था।* *आदमी की आँखों में आंसू आ गए और उसने कहा -- मेरे पास कभी भी कुछ नहीं था।* *भगवान ने जबाव दिया -- यही सत्य है,तुम्हारे पास कुछ नहीं था जिसको तुम मेरा समझते थे। ये झोली जो बना है,ये तेरा कर्म से बना है। तुने जिस हिसाब से कर्म करता रहा... जिसके लिए करता रहा वो सब तुम्हारे नहीं थे। तेरा कर्म प्रभु की भक्ति, श्रद्धा, भजन,स्मरण, चिंतन,किर्तन, ध्यान,सेवा में कभी रहा नहीं... ना किसी महापुरुष के शरणागत हुआ। इसिलिए तेरी झोली फटी सी है। ये सब होता तो तेरी झोली दिव्य होता। प्रत्येक क्षण जो तुमने जिया, वही तुम्हारा था। पर तुमने अपना जीवन उलटा जिया। जो तेरे नहीं थे... उनके लिए जिया, जो तेरे थे उनको गवां दिया। जिंदगी क्षणिक है और वे ही क्षण तुम्हारे हैं। कैसे जिओगे स्वयं चुन लो।* *खुश होना कभी न भूलें, यही एक बात महत्त्व रखती है।* *भौतिक वस्तुएं और जिस भी चीज के लिए आप यहाँ लड़ते हैं, मेहनत करते हैं,अहंकार करते हैं...आप यहाँ से कुछ भी नहीं ले जा सकते...सब यहीं रखवा लिया जायेगा। माँ की पेट से शरीर लैके आये थे,वो भी छिनवा लिया जायेगा...राधे राधे*🙏🌷🌻🙏

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white beauty Mar 12, 2020

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