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राम राम 👏 🚩 राम मंदिर के लिए कई लोगों ने दान दिया; लेकिन 'हां' चेक सबसे ज्यादा चर्चित है नई दिल्ली: अयोध्या में भव्य राम मंदिर के लिए पिछले 44 दिनों से फंड जुटाया जा रहा है। शिलान्यास अभियान कल (शनिवार) को संपन्न हुआ। पिछले डेढ़ महीने में, बहुत से लोगों ने राम मंदिर के लिए जितना दान किया, उतना दान किया। इसमें आम आदमी से लेकर राजनीति के कई दिग्गज शामिल हैं। हालांकि, राम मंदिर के लिए एक व्यक्ति द्वारा दिए गए 2 लाख 14 हजार 214 रुपये के चेक की हर जगह चर्चा हो रही है। चेक के पीछे एक विशेष कारण है जो सोशल मीडिया पर ’राम राम’ के रूप में वायरल हुआ। राम मंदिर के लिए 2 लाख 14 हजार 214 रुपये दान करने वाले व्यक्ति ने चेक पर अंग्रेजी में यह आंकड़ा लिखा है। यह संख्या (2,14,214) इसलिए लिखी गई है ताकि यह देवनागरी में 'राम राम' की तरह लगे। इसलिए, कई लोगों ने लेखन की रचनात्मकता की सराहना की है। जय श्री राम 🌹 👏 🚩 शुभ संध्या वंदन 🌹 👏 🚩 जय श्री राम जय श्री हनुमान जी जय श्री सिता माता की जय हो धन उगाहने का अभियान पूरा; मंदिर के लिए 2100 करोड़ रुपये का दान बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए शुरू किए गए धन उगाही अभियान से 2100 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई है। शिलान्यास अभियान 15 जनवरी को शुरू हुआ था। इससे पहले, न्यासी बोर्ड ने अनुमान लगाया था कि यह 1,100 करोड़ रुपये जुटाएगा। हालांकि, पूरे देश से सहज दान के कारण, एकत्र की गई राशि अपेक्षित राशि से लगभग दोगुनी थी। 'देश भर के भक्तों ने राम मंदिर के लिए बड़ी श्रद्धा के साथ दान दिया। इसके लिए शुरू किया गया अभियान अब समाप्त हो गया है। लोगों ने मंदिर के लिए उदारतापूर्वक दान दिया। शनिवार तक, श्री राम जन्मभूमि श्राइन ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा, 2100 करोड़ रुपये का दान एकत्र किया गया है।

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अखंड भारत पर मोहन भागवत का बयान हैदराबाद : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने 'अखंड भारत' को लेकर बड़ा बयान दिया है। आरएसएस प्रमुख ने गुरुवार को 'अखंड भारत' (अविभाजित भारत) पर जोर देते हुए कहा कि यह अवधारणा हिंदुस्तान से अलग होने वाले पाकिस्तान जैसे देशों के लिए लाभकारी होगी। संस्कृत के एक पुस्तक के विमोचन मौके पर भागवत ने कहा कि 'अखंड भारत' का सपना हिंदू धर्म से साकार हो सकता है।  यह उपनिवेशवाद नहीं-आरएसएस प्रमुख उन्होंने कहा, 'हम पाकिस्तान एवं अफगानिस्तान जैसे देशों को अपना मानते हैं। एक समय वे हमारे साथ थे। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किस धर्म का पालन करते हैं और वे क्या खाते हैं। यह उपनिवेशवाद नहीं है। भारत वसुधैव कुटुम्बकम (पूरा विश्व एक परिवार है) की अवधारणा में विश्वास करता है।' 'हम आज भी उन्हें अपना मानते हैं' समारोह में भागवत से पूछा गया कि क्या भारत से अलग होने के बाद पाकिस्तान और गंधार (अफगानिस्तान) में शांति हो पाई। इस पर उन्होंने कहा, 'चूंकि वे जीवन की ऊर्जा (भारत) से अलग हुए। हम आज भी उन्हें पहले की तरह अपना मानकर अपनाने के लिए तैयार हैं।' आरएसएस प्रमुख ने कहा कि 'अखंड भारत' संभव है। कुछ लोगों ने देश के बंटवारे से छह महीने पहले विभाजन पर आशंका जाहिर की थी। 'जवाहललाल नेहरू ने इसे मूर्खों का सपना कहते हुए' खारिज किया। इसी तरह से कुछ भी हो सकता है।' भागवत के मुताबिक ब्रिटिश संसद में लॉर्ड वेभेल ने कहा था कि 'ईश्वर ने भारत का निर्माण किया है और इसे कौन विभाजित करने जा रहा है।' 'किसी पर उपनिवेशवाद थोपना नहीं' भागवत ने आगे कहा कि 'अखंड भारत' की बात करना किसी पर उपनिवेशवाद थोपना नहीं है। उन्होंने कहा,  'जब हम एकजुट होने की बात करते हैं तो हम ताकत की बात नहीं करते। यह लोगों के जुड़ने की बात होती है। लोग 'सनातन धर्म' से जुड़ते हैं जिसे हिंदू धर्म कहा जाता है।' आरएसएस प्रमुख शुक्रवार को अदीलाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं।  भारत से जुड़कर सुलझेंगी समस्याएं-भागवत उन्होंने कहा, ‘इन देशों ने वह सब कुछ किया, जो वह कर सकते थे, लेकिन उन्हें कोई समाधान नहीं मिला। इसका एक मात्र समाधान (भारत के साथ) फिर से जुड़ना है और इससे उनकी सभी समस्याएं सुलझ जाएंगी।’आरएसएस प्रमुख ने कहा कि लेकिन पुन: एकीकरण मानवीय धर्म के जरिए किया जाना चाहिए जो उनके अनुसार ‘हिंदू धर्म’ कहा जा जाता है। उन्होंने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् के जरिए भारत दुनिया में फिर से खुशहाली और शांति ला सकता है। वंदेमातरम जय हिंद जय भारत 🚩🌹👏🌙✨💫💐🕯🎪🌏💫 🙏 शुभ 🌅 प्रभात वंदन 🙏 जय श्री राम 🌹 👏 🚩 ✨ 💐 🐚 👌 ☝ 🚩

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