वाहेगुरु_जी

Santosh Hariharan Mar 4, 2021

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ट्रेन के इंतजार में एक बुजुर्ग रेलवे स्टेशन पर बैठकर रामायण की छोटी सी पुस्तक पढ़ रहे थे तभी वहां ट्रेन के इंतजार में बैठे एक नव दंपत्ति जोड़े में से उस नवयुवक ने कहा बाबा आप इन सुनी सुनाई कहानी कथाओं को पढ़कर क्यों अपना समय बर्बाद कर रहे हैं इनसे आपको क्या सीखने को मिलेगा अगर पढ़ना ही है तो इंडिया टुडे पढ़ो अखबार पढ़ो और भी बहुत सारी चीजें हैं जो आपको दुनियादारी की बातें सिखाती है व्यवहारिक ज्ञान देती है उन्हें पढ़ो तभी अचानक ट्रेन आ गई युवक अगले गेट से और बाबा पिछले गेट से ट्रेन में चढ़ गए ट्रेन के चलने के थोड़े देर बाद युवक की चीखने चिल्लाने की आवाज आई क्योंकि युवक तो खुद तो ट्रेन में चढ गया था पर उसकी पत्नी नीचे रह गई ट्रेन में नहीं चढ़ सकी तभी बाबा ने कहा बेटा तुमने इंडिया टुडे अखबार व अन्य सैकड़ों पुस्तकें पढ़ने के बजाय अगर रामायण पढ़ी होती तो तुम्हें ज्ञात होता कि राम जी ने वनवास जाते समय पहले सीता जी को रथ पर चढ़ाया था उसके बाद स्वयं चढ़े थे अतः तुमभी पहले अपनी पत्नी को ट्रेन में चढ़ाते उसके बाद स्वंय चढ़ते तो आज तुम्हारे साथ यह ऐसा नहीं हुआ होता । अतः इस लेख का तात्पर्य यह है कि हमारा सनातन धर्म और हमारे ग्रंथ हमें सम्पूर्ण ज्ञान एवं जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं जो बात हमें हमारे ग्रंथ व सनातन धर्म सिखाता है वह आज की पुस्तके नहीं ।। सत्य सनातन धर्म की जय हो🚩🚩 🚩🚩जय श्रीराम 🚩🚩

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