लोहड़ी

क्या आप जानते हैं कि लोहड़ी पर क्यों जलाते हैं आग? 🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾🌾 लोहड़ी का पर्व खुशी और उल्‍लास मनाने का त्‍योहार है जिसमें सभी लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर मौज-मस्‍ती से यह त्‍योहार मनाते हैं। इस त्‍योहार को मनाने के लिए बीचोंबीच आग जलाई जाती है उसके चारों तरफ पंजाबी लोग नृत्‍य करते हुए गीत गाते हुए फेरे लगाते हैं। कभी सोचा है कि आखिर लोहड़ी के त्‍योहार में आग क्‍यों जलाई जाती है ? लोहड़ी पर आग जलाने के पीछे एक पौराणिक कथा है। आइए जानते हैं क्‍या है यह पौराणिक कथा… शनि के बाद गुरु भी हो रहे अस्त, कैसा रहेगा आप पर असर जानें पौराणिक कथा माना जाता है कि लोहड़ी पर यह आग राजा दक्ष की पुत्री सती की याद में जलाई जाती है। पौराणिक मान्‍यताओं के अनुसार एक बार राजा दक्ष ने यज्ञ का आयोजन किया और अपनी पुत्री सती और दामाद शिव को आमंत्रित नहीं किया। ऐसा करने की वजह से उनकी बेटी को क्रोध आ गया। इसकी वजह से जानने के लिए जब माता सती अपने पिता के घर पहुंची तो दक्ष प्रजापति उनके पति शिव की निंदा करने लगे। यह सुनकर माता सती आग बबूला हो गईं और खुद को यज्ञ की अग्नि में भस्‍म करने का प्रयास किया। सती के बारे में ऐसा जानकर शिवजी वहां पहुंचे और दक्ष के यज्ञ को विध्‍वंस कर दिया। ऐसा और बेटियों के साथ न हो, बस इसी को ध्‍यान में रखते हुए लोहड़ी के दिन आग जलाई जाती है और बेटी दामाद को आमंत्रित किया जाता है। जानें मकर संक्रांति का क्या है इतिहास, इसलिए कहते हैं इसे तिल संक्रांति फसल की बुआई और कटाई की खुशी पंजाब प्रांत देश के उन राज्‍यों में से एक है जहां के किसान काफी समृद्ध और मेहनती माने जाते हैं। खेती ही उनका मुख्‍य व्‍यवसाय होता है। लोहड़ी के अवसर पर यहां फसल की कटाई शुरू हो जाती है। नई फसल के आगमन की खुशी में अलाव जलाकर और रेवड़ी, मूंगफली बांटकर यह त्‍योहार मनाया जाता है। पंजाबी लोगों में नवविवाहित जोड़े और बच्‍चे के जन्‍म लेने पर लोहड़ी का त्‍योहार विशेष धूमधाम के साथ मनाया जाता है। कुल मिलाकर यह त्‍योहार मुख्‍य रूप से नवआगंतुक के स्‍वागत के लिए मनाया जाता है। चाहे वह नई बहू हो, नया बच्‍चा हो या फिर हर साल पैदा होने वाली नई फसल। इस दौरान सभी रिश्तेदार और दोस्त एक साथ मिलकर डांस कर काफी धूमधाम से लोहड़ी का जश्न मनाते हैं।

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pratibha roshni Jan 13, 2021

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