राधे_राधे_जी_सभी_को😊🙏

श्रीहरि विष्‍णु के विविध मंत्र- - श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे। हे नाथ नारायण वासुदेवाय।। - ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।। - ॐ विष्णवे नम: - ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि। ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि। दन्ताभये चक्र दरो दधानं, कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्। धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।। - ॐ हूं विष्णवे नम:। - ॐ नमो नारायण। श्री मन नारायण नारायण हरि हरि। - ॐ अं वासुदेवाय नम: - ॐ आं संकर्षणाय नम: - ॐ अं प्रद्युम्नाय नम: - ॐ अ: अनिरुद्धाय नम: - ॐ नारायणाय नम: * ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान। यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्‍टं च लभ्यते।। जय श्री लक्ष्मी नारायण 🙏 जय श्री कृष्ण राधे राधे 🙏 जय श्री हरी विठ्ठल रूख्मिनी 🙏 जय श्री महाकाल जी जय माता महाकाली की जय हो 🙏 नमस्कार शुभ 🌅 वंदन 👣 💐 👏शुभ शुक्रवार सबका मंगल हो 🌹 🚩 आप सभी मित्रों को 🙏नमस्कार 🌹👏🚩 जय हो लक्ष्मी माता की जय श्री वैश्नवी माता की जय श्री सरस्वती माता की जय हरी विठ्ठल रूख्मिनी माता की जय हो सिता राम जय श्री हरी ॐ 🙏 🌹 💐 👏 🚩

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प्रणाम का महत्त्व 🌹👏 *महाभारत का युद्ध चल रहा था -* *एक दिन दुर्योधन के व्यंग्य से आहत होकर "भीष्म पितामह" घोषणा कर देते हैं कि -* *"मैं कल पांडवों का वध कर दूँगा"* *उनकी घोषणा का पता चलते ही पांडवों के शिविर में बेचैनी बढ़ गई -* *भीष्म की क्षमताओं के बारे में सभी को पता था इसलिए सभी किसी अनिष्ट की आशंका से परेशान हो गए|* तब – श्रीकृष्ण ने द्रौपदी से कहा अभी मेरे साथ चलो – श्रीकृष्ण द्रौपदी को लेकर सीधे भीष्म पितामह के शिविर में पहुँच गए – शिविर के बाहर खड़े होकर उन्होंने द्रोपदी से कहा कि – अन्दर जाकर पितामह को प्रणाम करो – *द्रौपदी ने अन्दर जाकर पितामह भीष्म को प्रणाम किया तो उन्होंने* - *"अखंड सौभाग्यवती भव" का आशीर्वाद दे दिया , फिर उन्होंने द्रोपदी से पूछा कि !!* “वत्स, तुम इतनी रात में अकेली यहाँ कैसे आई हो, क्या तुमको श्रीकृष्ण यहाँ लेकर आये है” ? तब द्रोपदी ने कहा कि – “हां और वे कक्ष के बाहर खड़े हैं” तब भीष्म भी कक्ष के बाहर आ गए और दोनों ने एक दूसरे से प्रणाम किया – भीष्म ने कहा – “मेरे एक वचन को मेरे ही दूसरे वचन से काट देने का काम श्रीकृष्ण ही कर सकते है” शिविर से वापस लौटते समय श्रीकृष्ण ने द्रौपदी से कहा कि – *"तुम्हारे एक बार जाकर पितामह को प्रणाम करने से तुम्हारे पतियों को जीवनदान मिल गया है "* - *" अगर तुम प्रतिदिन भीष्म, धृतराष्ट्र, द्रोणाचार्य, आदि को प्रणाम करती होती और दुर्योधन- दुःशासन, आदि की पत्नियां भी पांडवों को प्रणाम करती होंती, तो शायद इस युद्ध की नौबत ही न आती "* - ……तात्पर्य्…… *वर्तमान में हमारे घरों में जो इतनी समस्याए हैं उनका भी मूल कारण यही है कि -* *"जाने अनजाने अक्सर घर के बड़ों की उपेक्षा हो जाती है "* *" यदि घर के बच्चे और बहुएँ प्रतिदिन घर के सभी बड़ों को प्रणाम कर उनका आशीर्वाद लें तो, शायद किसी भी घर में कभी कोई क्लेश न हो "* *बड़ों के दिए आशीर्वाद कवच की तरह काम करते हैं उनको कोई "अस्त्र-शस्त्र" नहीं भेद सकता -* *"निवेदन 🙏 सभी इस संस्कृति को सुनिश्चित कर नियमबद्ध करें तो घर स्वर्ग बन जाय।"* *क्योंकि*:- *प्रणाम प्रेम है।* *प्रणाम अनुशासन है।* *प्रणाम शीतलता है।* *प्रणाम आदर सिखाता है।* *प्रणाम से सुविचार आते है।* *प्रणाम झुकना सिखाता है।* *प्रणाम क्रोध मिटाता है।* *प्रणाम आँसू धो देता है।* *प्रणाम अहंकार मिटाता है।* *प्रणाम हमारी संस्कृति है|* राधे राधे सादर प्रणाम 💐 👏 🚩 नमस्कार शुभप्रभात वंदन जय श्री कृष्ण राधे राधे 🙏 ॐ गं गणपतये नमः 👏 ॐ नमो नारायणाय ॐ नमो भगवते वासुदेवाय जय श्री राम 🌹 जय श्री कृष्ण कृष्णं वंदे जगद्गुरू 👏 🌹जय श्री लक्ष्मी नारायण 🙏 🐚 🌹 शुभ 🌅 वंदन 👣 💐 👏 सभी मित्रों को सादर प्रणाम 💐 👏 🚩

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🚩🌹🥀जय श्री मंगलमूर्ति गणेशाय नमः 🌺🌹💐🚩🌹🌺 शुभ संध्या वंदन🌺🌹 राम राम जी 🌺🚩🌹मंदिर के सभी भाई बहनों को राम राम जी परब्रह्म परमात्मा आप सभी की मनोकामना पूर्ण करें 🙏 🚩🔱🚩प्रभु भक्तो को सादर प्रणाम 🙏 🚩🔱🚩🕉️सूर्यदेवाय नमः ऊँ भास्कराय नमः ऊँ दिवाकराय नमः ऊँ आदित्याय नमः ऊँ नमो सूर्य नारायण 🌺🌻ऊँ महाकालेश्वाराय नमः🌹🌺ॐ राम रामाय नमः 🌹 🌻ॐ हं हनुमते नमः🌹🥀🌹ॐ शं शनिश्चराय नमः 🚩🌹🚩ऊँ नमः शिवाय 🚩🌻ऊँ राधेकृष्णचंद्राय नमः🚩 श्री सूर्यदेव भगवान की कृपा दृष्टि आप सभी पर हमेशा बनी रहे आप का हर पल मंगलमय हो 🚩जय श्री राम 🚩🌺हर हर महादेव🚩राम राम जी 🥀शुभ संध्या स्नेह वंदन💐🌹🌺 शुभ रविवार🌺 🌺🙏🌹🙏🌷🙏🌻🌺🥀*

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