राधारानी

+30 प्रतिक्रिया 10 कॉमेंट्स • 28 शेयर

★★श्री लाडली जी आप बडी़ दयालु हो★★ !!"श्री राधा शरणं मम्" !! . एक बार जब श्री राधारानी ने श्री सेवाकुंज में रास में आने में बहुत देर लगा दी तो श्यामसुंदर उनकी विरह में रोने लगे... . जब राधा रानी को बहुत देर हो गयी तब श्यामसुंदर धीरता ना रख सके और सखीयो से पूछने लगे... . परंतु थोड़ी ही देर में राधा रानी रासमंडल में पधारी तभी श्याम मान ठान कर बैठ गए . राधा रानी बोली ललिताजी इन महाराज को क्या हुआ मुँह फुलाय काहे बैठे है . ललिता जी ने पूरी कथा सुना दी.... राधा रानी मुस्कुराते हुए श्याम के चिबुक पर हाथ लगाया.. जैसे ही लगाया श्याम के चिबुक पर " दाल चावल" लग गए . श्याम और मान ठान बैठे... बोले एक तो " देर से और अब हमारे मुख पर दाल भात्त" लगाय सखियों से मज़ाक़ करवाओगी . राधा रानी मुस्कुरा के बोली.. ललिताजी एक बात बताओ, यह सब जो बाबा लोग है जो जितने भी भजनानंदी है यह सब अपना घरबार छोड़ ब्रज रज में भजन करने आवे, इन्हें यहाँ लाने वाला कौन है . ललिता जी बोले - यही आपके श्यामसुंदर . तो ललिताजी क्या इनका " कर्तव्य नहीं बनता के जो इनके नाम का पान करने घर छोड़ भजन करने वृंदावन आए और इनके नाम कीर्तन करे तो इन्हें उनका ख़याल रखना चाहियें... . अब आज " इतनी घनघोर वर्षा हुई के वृंदावन के आज दस महात्मा कहीं मधुकरी करने ना जा सके . तब वो सोचे " जैसे ठाकुरजी की इच्छा" बोले ख़ाली पेट सोने लगे . तभी मैं वहीं से गुज़र रही थी रासमंडल के लिए... मैंने तभी " जल्दी जल्दी उन दस महात्माओं के लिए दाल भात्त बनायी और अपने हाथो से परोस आयी और कहा " बाबा मोहे मेरी मैया ने भेजा है आप मधुकरी करने को ना गए ना . तभी मोहे देर हो गयी और जल्दी जल्दी में अपने हाथ ना धो सकी तो हाथ में दालभात्त लगा ही रह गया . यह सुन श्याम रोने लगे और चरण में पड़कर बोले . राधे... वैराग्य उत्पन्न करा घर बार छुड़ाना यह मेरा काम हैं, परंतु उन सब को प्रेम, दुलार, सम्मान ओर उनकी रक्षा करना उन्हें अपनी गोद में लेकर बार बार कहना कृपा होगी होगी होगी मैं हूँ ना.. यह सब तो आप ही करना जानती हो.. . श्याम सखियाँ मंजरिया लता पुष्प पशु पक्षी कण कण बोल उठा "श्री राधा शरणं मम्" ... अच्छी है ना राधारानी हमारी..!! राधा राधा ........

+64 प्रतिक्रिया 34 कॉमेंट्स • 5 शेयर
Chanda Sharma Jul 25, 2018

🌷🌿🙏🏼 *प्रेमस्वरूपिणी श्रीराधा*

एकबार राधारानी ने जैसे ही मंजरी मुखसे ये सुना कि श्यामसुंदर संकेतकुंज में उनकी प्रतीक्षा कर रहे हैं ,
तो अत्यंत अधीर हो राधारानी तत्काल कुंज की ओर चल पड़ी

अभिसार के लिए जाते समय राधारानी को कुछ भी ख्याल नही था,...

(पूरा पढ़ें)
+217 प्रतिक्रिया 41 कॉमेंट्स • 277 शेयर