रविदास जयंती

M.S.Chauhan Feb 27, 2021

*शुभ संध्या वंदन* *गुरु रविदास जयंती की हार्दिक शुभकामनायें जी* *माघ पूर्णिमा के दिन संत रविदास जयंती मनाई जाती है*. *इस बार गुरु रविदास की 644 वीं वर्षगांठ है* . *संत रविदास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी में हुआ था और उनकी माता का नाम कलसा देवी और पिता का नाम श्रीसंतोख दास जी था*. *कैसे मनाई जाती है रविदास जयंती?* *देशभर में माघ पूर्णिमा के अवसर पर संत रविदास जी का जन्म दिवस बहुत ही उत्साह के साथ मनाया जाता है. इस दिन लोग कीर्तन जुलूस निकालते हैं. इस दौरान गीत- संगीत, गाने, दोहे सड़कों पर बने मंदिरों में गाए जाते हैं. संत रविदास जी के भक्त उनके जन्म दिवस के दिन घर या मंदिर में बनी उनकी छवि की पूजा करते हैं. संत रविदास जी का जन्म वाराणसी के पास के गांव में हुआ था. यही कारण है कि वाराणासी में संत रविदास जी का जन्म दिवस बेहद भव्य तरीके से मनाया जाता है. इसमें उनके भक्त सक्रिय रुप से भाग लेने के लिए वाराणसी आते हैं*. *ऐसे गुजरा संत रविदास जी का जीवन* *संत रविदास जी के पिता जूते बनाने का काम करते थे. रविदाज जी भी अपने पिता की जूते बनाने में मदद करते थे. इस कारण उन्हें जूते बनाने का काम पैतृक व्यवसाय के तौर पर मिला. उन्‍होंने इसे खुशी से इसे अपनाया और पूरी लगने के साथ वह जूते बनाया करते थे. साधु-संतों के प्रति शुरुआत से ही संत रविदास जी का झुकाव रहा है. जब भी उनके दरबार पर कोई साधु- संत या फकीर बिना जूते चप्पल के आता था, तो वह उन्हें बिना पैसे लिए जूते चप्पल दे दिया करते थे*. *संत रविदास जी के शिक्षाप्रद दोहे*-- *रैदास कहै जाके हृदय*, *रहै रैन दिन राम* ! *सो भगता भगवंत सम*, *क्रोध न व्यापै काम* !! *ऐसा चाहूं राज मैं*, *जहां मिले सवन को अन्न!* *छोटे बड़े सब सम बनै*, *रविदास रहे प्रसन्न!!* 🌷🏵️👏🙏👏🏵️🌷

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