रथयात्रा

Babita Sharma Jun 23, 2020

जगन्नाथ प्रभु की रथयात्रा पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं 🙏आप और आपके पूरे परिवार पर श्री जगन्नाथ प्रभु की कृपा बनी रहे 🌹श्री हरि विष्णु के अवतार श्री जगन्नाथ भगवान श्री बलभद्र एवं सुभद्रा जी की जय🙏 🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 श्री जगन्नाथजी और कर्माबाई की खिचड़ी, रोचक लोकप्रिय कथा: श्री जगन्नाथ मंदिर में प्रात:काल भगवान श्री जगन्नाथ को खिचड़ी का बालभोग लगाया जाता है। प्राचीनकाल में एक भक्त कर्माबाई प्रात:काल बिना स्नान किए ही ठाकुरजी के लिए खिचड़ी बनाती थीं। कथानुसार ठाकुरजी स्वयं बालरूप में कर्माबाई की खिचड़ी खाने के लिए आते थे। लेकिन एक दिन कर्माबाई के यहां एक साधु मेहमान आए। उन्होंने जब देखा कि कर्माबाई बिना स्नान किए ही खिचड़ी बनाकर ठाकुरजी को भोग लगा देती हैं तो उसने उन्हें ऐसा करने से मना किया और ठाकुरजी का भोग बनाने व अर्पित करने के कुछ विशेष नियम बता दिए। अगले दिन कर्माबाई ने इन नियमों के अनुसार ठाकुरजी के लिए खिचड़ी बनाई जिससे उन्हें देर हो गई और वे बहुत दु:खी हुईं कि आज मेरा ठाकुर भूखा है। ठाकुरजी जब उनकी खिचड़ी खाने आए तभी मंदिर में दोपहर के भोग का समय हो गया और ठाकुरजी जूठे मुंह ही मंदिर पहुंच गए। वहां पुजारियों ने देखा कि ठाकुरजी के मुंह पर खिचड़ी लगी हुई है, तब पूछने पर ठाकुरजी ने सारी कथा उन्हें बताई। जब यह बात साधु को पता चली तो वह बहुत पछताया और उसने कर्माबाई से क्षमा-याचना करते हुए उसे पूर्व की तरह बिना स्नान किए ही ठाकुरजी के लिए खिचड़ी बनाकर ठाकुरजी को खिलाने को कहा। आज भी पुरी के जगन्नाथ मंदिर में प्रात:काल बालभोग में खिचड़ी का ही भोग लगाया जाता है। मान्यता है कि यह कर्माबाई की ही खिचड़ी है। जय जय श्री जगन्नाथ 🚩

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🌼🌷🍁🍂🍀भज निताई गौर राधे शाम जप हरे कृष्णा हरे राम🍀🍂🍁🌷🌼💐 🎊🎉🙇🏻🌈🌼📿श्री जगन्नाथ रथयात्रा महा महोत्सव📿🌼🌈🙇🏻🎉🎊 🌼🙇🏻आषाढ शुक्ल द्वितीया (23 जून 2020) योगेश छिब्बर🙇🏻🌼 *🏯🏯श्री पुरुषोत्तम क्षेत्र🏯🏯* *धाम जगन्नाथपुरी में रथयात्रा महोत्सव है:-* ब्रह्माण्ड-पुराण में वर्णन:- "इस दिन जो भगवन के 🏯रथ को खींचता है, स्वागत-आरती करता है और उनकी लीला को श्रवण करता है, तो भगवान उसको समस्त पापों से मुक्त करके वैकुण्ठ वास देते हैं ।" गर्ग सहिंता में वर्णन:- "कलियुग के आरम्भिक 10,000 वर्षो तक करुणा अवतार भगवान जगन्नाथ जी इस धरती पर रहेंगे और अपने अधीनस्थों पर कृपा करेंगे।" पवित्र कथा:- 🌻आज से 5000 वर्ष पूर्व उड़ीसा के राजा इंद्रधुम्न को भगवान के दर्शन की परम् इक्छा को देखकर भगवान समुद्र में तैरते एक लकड़ी के तने के रूप में प्रकट हुए और उस तने पर अपनी मूर्ति बनाने की प्रेरणा दी । हजारों शिल्पकारों ने विग्रह बनाने का प्रयत्न किया किन्तु वह सब एक छिद्र भी न कर सकें , तब विश्वकर्मा जी रूप बदल कर प्रकट हुए और कहा कि "राजन हम 21 दिनों में आपका उद्देश्य पूर्ण कर देंगे किन्तु हमारे कक्ष में कोई प्रवेश नहीं करेगा ।" उत्सुकता और पत्नी के आग्रह पर राजा ने 15 दिन उस कक्ष में बिना अनुमति प्रवेश किया तो भगवान के इस अधूरे रूप को पाकर घोर निराशा और पश्चाताप में विलाप करने लगे । दयनीय स्थिति होने पर एक दिन नारद जी ने प्रकट होकर कहा- "राजन आपको शोक नही करना चाहिए अपितु प्रसन्न होना चाहिए क्योंकि आपके पुरुषार्थ के कारण पृथ्वी वासियों को भगवान के दुर्लभ रूप के दर्शन होंगे । यह रूप भगवान ने द्वारिका-वासियों एवम् ब्रह्मा को दिखाया था जो अब समस्त संसार वासियों के लिए सुलभ रहेगा और प्रमाणिक विग्रह के रूप 10,000 वर्षों तक विराजमान रहेगा" तब राजा इंद्रधुम्न ने विशाल जगन्नाथ जी मन्दिर बनवाया जो कि वर्तमान समय में भी विराजमान है । ❤❤❤ *भगवान् जगन्नाथ जी के 🏯रथ🏯 का संक्षिप्त परिचय* 1. रथ का नाम -नंदीघोष रथ 2. कुल काष्ठ खंडो की संख्या -832 3. कुल चक्के -16 4. रथ की ऊंचाई- 45 फीट 5. रथ की लंबाई चौड़ाई - 34 फ़ीट 6 इंच 6. रथ के सारथि का नाम - दारुक 7. रथ के रक्षक का नाम- गरुड़ 8. रथ में लगे रस्से का नाम- शंखचूड़ नागुनी 9. पताके का रंग- त्रैलोक्य मोहिनी 10. रथ के घोड़ो के नाम -वराह,गोवर्धन,कृष्णा,गोपीकृष्णा,नृसिंह,राम,नारायण,त्रिविक्रम,हनुमान,रूद्र ।। *सुभद्रा जी के 🏯रथ🏯 का संक्षिप्त परिचय* 1. रथ का नाम - देवदलन रथ 2. कुल काष्ठ खंडो की संख्या -593 3. कुल चक्के -12 4. रथ की ऊंचाई- 43 फीट 5. रथ की लंबाई चौड़ाई - 31 फ़ीट 6 इंच 6. रथ के सारथि का नाम - अर्जुन 7. रथ के रक्षक नाम- जयदुर्गा 8. रथ में लगे रस्से का नाम- स्वर्णचूड़ नागुनी 9. पताके का रंग- नदंबिका 10. रथ के घोड़ो के नाम -रुचिका,मोचिका, जीत,अपराजिता ।। *बलभद्र जी के 🏯रथ🏯 का संक्षिप्त परिचय* 1. रथ का नाम -तालध्वज रथ 2. कुल काष्ठ खंडो की संख्या -763 3. कुल चक्के -14 4. रथ की ऊंचाई- 44 फीट 5. रथ की लंबाई चौड़ाई - 33 फ़ीट 6. रथ के सारथि का नाम - मातली 7. रथ के रक्षक का नाम-वासुदेव 8. रथ में लगे रस्से का नाम- वासुकि नाग 9. पताके का रंग- उन्नानी 10. रथ के घोड़ो के नाम -तीव्र ,घोर,दीर्घाश्रम,स्वर्ण नाभ ।। ⚫❗⚫ 🌈🙇🏻📿🌼जगन्नाथ स्वामी नयनपथगामी🌼📿🙇🏻🌈 🌼🌷🍁🍂🍀भज निताई गौर राधे शाम जप हरे कृष्णा हरे राम🍀🍂🍁🌷🌼💐

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