माँमहागौरी

*🙏‼️🕉️श्री गणेशाय नमो नमः🚩🕉️‼️🙏🌹‼️🕉️🚩श्री ऋद्धि श्री सिद्धि के दातार श्री गणेशजी महाराजजी की जय हो🚩🕉️👏🌹‼️🕉️‼️🚩❤🔱❤🚩🌹‼️🕉️‼️श्री गणेशजी महाराजजी के श्री चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम‼️🕉️‼️🌹🚩💛🔱💛🚩‼️🕉️‼️🌹*👏🔯🙏‼️🕉️🚩ॐ श्री गणेशाय नमो नमः ॐ*🚩🕉️‼️🙏🔯👏🚩‼️🕉️🔱ॐ श्री दुर्गादेव्यै नमो नमःॐ🔱🕉️‼️🚩👏🔯🙏‼️🕉️🚩🔱ॐ श्री महागौरीजी देव्यै नमो नमः ॐ🔱🚩🕉️‼️🙏🔯👏‼️🕉️🚩🔱ॐ श्री जमवाय देव्यै नमो नमः ॐ🔱🚩🕉️‼️👏🔯🌹🙏‼️🕉️🔱ॐ जय श्री आदिशक्तिजी श्री जगतजननीजी श्री जगदम्बेजी श्री भवानीजी श्री महागौरीजी देवीजी माताजी की जय हो ॐ🔱🕉️‼️🙏🌹🔯 👏🚩‼️🕉️🔱ॐ श्री दुर्गा अष्टमी श्री महागौरी अष्टमी जी की सभी को सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएंॐ🔱🕉️‼️🚩👏🔯 🙏‼️🕉️🚩🔱श्री माता रानी सबका कल्याण करें🔱🚩🕉️‼️🙏🔯👏🚩‼️🕉️🔱ॐ श्री आदिशक्तिजी श्री दुर्गादेवीजी, श्री महागौरीजी देवीजी, एवँ श्रीकुलदेवीजी श्री जमवायदेवीजी भवानीजी के श्री चरणों में मेरा सपरिवार कोटि-कोटि सादर-प्रणाम व सादर चरण-स्पर्श ॐ🔱🕉️‼️🚩👏🔯 🥀🚩‼️🕉️🔱जय माता दी🥀🔯*🙏‼️🕉️🚩ॐ श्री गणेशाय नमो नमःॐ🚩🕉‼️🙏‼️🕉️🚩🔱ॐ श्री जमवाय देव्यै नमो नमःॐ🔱🚩🕉️🚩🔱ॐ श्री कुलदेव्यैभ्यौ नमो नमःॐ🔱🚩🕉️🔱श्री आदिशक्ति श्री कुलधिराणी श्री जमवाय भवानीजी की जय हो 🔱🕉️‼️🙏‼️🕉️🚩🔱ॐ श्री धामाणा धाम वाली श्री जगतजननी माताजी की जय हो ॐ🔱🚩🕉️‼️🙏बोलो बोलो प्रेमियों जमवाय भवानीजी की जय,बोलो बोलो प्रेमियों जमवाय भवानीजी की जय🔱जमवाय भवानीजी की जय धामाणा धाम वाली सेठाणीजी की जय,बोलो बोलो प्रेमियों जमवाय भवानीजी की जय🕉जमवाय भवानीजी की जय,कुल धनियानीजी की जय,बोलो बोलो प्रेमियों🍓जमवाय भवानीजी की जय,शेरावाली की जय,बोलो बोलो प्रेमियों जमवाय माताजी की जय🏵️जमवाय माताजी की जय,कुलदेवीजी की जय,बोलो बोलो प्रेमियों जमवाय भवानीजी की जय🚩जमवाय भवानीजी की जय❤मोटी सेठाणीजी की जय,बोलो बोलो प्रेमियों जमवाय भवानीजी की जय👏🔱जय माताजी की🔱👏🕉️🕉️सारे बोलो जय माता जी की🚩जोर से बोलो जय माताजी की🚩प्रेम से बोलो जय माताजी की🚩सब मिल बोलो🚩जय माताजी की🚩जय माताजी की🚩जय माताजी की🚩जय माताजी की🚩🔱जय माताजी की🔱🚩*🔯🙏‼️🕉️🚩🕉️‼️🚩ॐ श्री गणेशाय नमो नमः🚩‼️🕉️🚩🕉️‼️🙏🔯🙏‼️🕉️🔱🕉️‼️🚩ॐ श्री जमवाय देव्यै नमो नमःॐ🚩‼️🕉️‼️🔱🕉️‼️🙏‼️🕉️🔱🕉️‼️🔥ॐ श्री कुलदेव्यै नमो नमःॐ🔥‼️🕉️🔱🕉️‼️🙏🔯🙏‼️🕉️🔱🕉️‼️🚩ॐ श्री नवदुर्गा देव्यै नमो नमःॐ🚩‼️🕉️🔱🕉️‼️🙏🔯🙏‼️ओ🕉️🔱🕉️‼️🔥ॐ श्री आदिशक्ति देव्यै नमो नमःॐ🔥‼️🕉️🔱🕉️‼️🙏🔯🙏ॐ श्री नवरात्रि पर्व की एवँ नये वर्ष विक्रमी सम्वत 2078 की हार्दिक बधाई व शुभ-कामनायें ॐ‼️ॐ श्री आदिशक्तिजी श्री जगतजननीजी भवानीजी के श्री चरणों में मेरा सपरिवार कोटि-कोटि सादर-प्रणाम व चरण-स्पर्श ॐ‼️ॐजय श्री माताजी कीॐ‼️ॐ श्री धामाणा धाम वाली श्री मात भवानीजी की जय ॐ‼️👏‼️🕉️🔱ॐ श्री जमवाय माताजी की जय हो ॐ *तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ* *सिंह की सवार बनकर* *रंगों की फुहार बनकर* *पुष्पों की बहार बनकर* *सुहागन का श्रृंगार बनकर* *तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ* *खुशियाँ अपार बनकर* *रिश्तों में प्यार बनकर* *बच्चों का दुलार बनकर* *समाज में संस्कार बनकर* *तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ* *रसोई में प्रसाद बनकर* *व्यापार में लाभ बनकर* *घर में आशीर्वाद बनकर* *मुँह मांगी मुराद बनकर* *तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ* *संसार में उजाला बनकर* *अमृत रस का प्याला बनकर* *पारिजात की माला बनकर* *भूखों का निवाला बनकर* *तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ* *शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी बनकर* *चंद्रघंटा, कूष्माण्डा बनकर* *स्कंदमाता, कात्यायनी बनकर* *कालरात्रि, महागौरी बनकर* *माता सिद्धिदात्री बनकर* *तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ* *तुम्हारे आने से नव-निधियां* *स्वयं ही चली आएंगी* *तुम्हारी दास बनकर* *तुम्हारा स्वागत है माँ तुम आओ* 🚩🐅🚩🐅🚩🐅🚩🔯🙏‼️🕉️🚩ॐ श्री गणेशाय नमो नमः ॐ*🚩🕉️‼️🙏🔯👏🚩‼️🕉️🔱ॐ श्री दुर्गादेव्यै नमो नमःॐ🔱🕉️‼️🚩👏🔯🙏‼️🕉️🚩🔱ॐ श्री महागौरीजी देव्यै नमो नमः ॐ🔱🚩🕉️‼️🙏🔯👏‼️🕉️🚩🔱ॐ श्री जमवाय देव्यै नमो नमः ॐ🔱🚩🕉️‼️👏🔯🌹🙏‼️🕉️🔱ॐ जय श्री आदिशक्तिजी श्री जगतजननीजी श्री जगदम्बेजी श्री भवानीजी श्री महागौरीजी देवीजी माताजी की जय हो ॐ🔱🕉️‼️🙏🌹🔯🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩 👏🚩‼️🕉️🔱ॐ श्री दुर्गा अष्टमी श्री महागौरी अष्टमी जी की सभी को सपरिवार हार्दिक शुभकामनाएंॐ🔱🕉️‼️🚩👏🔯🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 🙏‼️🕉️🚩🔱श्री माता रानी सबका कल्याण करें🔱🚩🕉️‼️🙏🔯👏🚩‼️🕉️🔱ॐ श्री आदिशक्तिजी श्री दुर्गादेवीजी, श्री महागौरीजी देवीजी, एवँ श्रीकुलदेवीजी श्री जमवायदेवीजी भवानीजी के श्री चरणों में मेरा सपरिवार कोटि-कोटि सादर-प्रणाम व सादर चरण-स्पर्श ॐ🔱🕉️‼️🚩👏🔯🌷🌹🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🔔🐚🔯🇮🇳🌷🌹🚩।।🕉️🔱जय श्री माता दी🕉।।🚩🌹🌷🇮🇳🔯🐚🔔🔯🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯🌹🌷🔯🌷🌹🔯

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🎎माँ दुर्गा का आठवां रूप 🎎 🚩🌺🦁माँ महागौरी🦁🌺🚩 🍑 दुर्गापूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों के सभी कल्मष धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं। भविष्य में पाप-संताप, दैन्य-दुःख उसके पास कभी नहीं जाते। वह सभी प्रकार से पवित्र और अक्षय पुण्यों का अधिकारी हो जाता है। ✍️श्लोक :- ******* 🌹श्वेते वृषे समारुढा श्वेताम्बरधरा शुचिः🌹 💐महागौरी शुभं दद्यान्महादेवप्रमोददा 💐 👣स्वरूप :- ******* इनका वर्ण पूर्णतः गौर है। इस गौरता की उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है। इनकी आयु आठ वर्ष की मानी गई है- 'अष्टवर्षा भवेद् गौरी।' इनके समस्त वस्त्र एवं आभूषण आदि भी श्वेत हैं। महागौरी की चार भुजाएँ हैं। इनका वाहन वृषभ है। इनके ऊपर के दाहिने हाथ में अभय मुद्रा और नीचे वाले दाहिने हाथ में त्रिशूल है। ऊपरवाले बाएँ हाथ में डमरू और नीचे के बाएँ हाथ में वर-मुद्रा हैं। इनकी मुद्रा अत्यंत शांत है। 🌺कथा :- ****** माँ महागौरी ने देवी पार्वती रूप में भगवान शिव को पति-रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी, एक बार भगवान भोलेनाथ ने पार्वती जी को देखकर कुछ कह देते हैं। जिससे देवी के मन का आहत होता है और पार्वती जी तपस्या में लीन हो जाती हैं। इस प्रकार वषों तक कठोर तपस्या करने पर जब पार्वती नहीं आती तो पार्वती को खोजते हुए भगवान शिव उनके पास पहुँचते हैं वहां पहुंचे तो वहां पार्वती को देखकर आश्चर्य चकित रह जाते हैं। पार्वती जी का रंग अत्यंत ओजपूर्ण होता है, उनकी छटा चांदनी के सामन श्वेत और कुन्द के फूल के समान धवल दिखाई पड़ती है, उनके वस्त्र और आभूषण से प्रसन्न होकर देवी उमा को गौर वर्ण का वरदान देते हैं। एक कथा अनुसार भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए देवी ने कठोर तपस्या की थी जिससे इनका शरीर काला पड़ जाता है। देवी की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान इन्हें स्वीकार करते हैं और शिव जी इनके शरीर को गंगा-जल से धोते हैं तब देवी विद्युत के समान अत्यंत कांतिमान गौर वर्ण की हो जाती हैं तथा तभी से इनका नाम गौरी पड़ा। महागौरी रूप में देवी करूणामयी, स्नेहमयी, शांत और मृदुल दिखती हैं। देवी के इस रूप की प्रार्थना करते हुए देव और ऋषिगण कहते हैं “सर्वमंगल मंग्ल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके. शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोस्तुते..”। महागौरी जी से संबंधित एक अन्य कथा भी प्रचलित है इसके जिसके अनुसार, एक सिंह काफी भूखा था, वह भोजन की तलाश में वहां पहुंचा जहां देवी उमा तपस्या कर रही होती हैं। देवी को देखकर सिंह की भूख बढ़ गयी परंतु वह देवी के तपस्या से उठने का इंतजार करते हुए वहीं बैठ गया। इस इंतजार में वह काफी कमज़ोर हो गया। देवी जब तप से उठी तो सिंह की दशा देखकर उन्हें उस पर बहुत दया आती है और माँ उसे अपना सवारी बना लेती हैं क्योंकि एक प्रकार से उसने भी तपस्या की थी। इसलिए देवी गौरी का वाहन बैल और सिंह दोनों ही हैं। 🏵️पूजन विधि :- ********** अष्टमी के दिन महिलाएं अपने सुहाग के लिए देवी मां को चुनरी भेंट करती हैं। देवी गौरी की पूजा का विधान भी पूर्ववत है अर्थात जिस प्रकार सप्तमी तिथि तक आपने मां की पूजा की है उसी प्रकार अष्टमी के दिन भी प्रत्येक दिन की तरह देवी की पंचोपचार सहित पूजा करते हैं। 🎎महत्व :- माँ महागौरी का ध्यान, स्मरण, पूजन-आराधना भक्तों के लिए सर्वविध कल्याणकारी है। हमें सदैव इनका ध्यान करना चाहिए। इनकी कृपा से अलौकिक सिद्धियों की प्राप्ति होती है। मन को अनन्य भाव से एकनिष्ठ कर मनुष्य को सदैव इनके ही पादारविन्दों का ध्यान करना चाहिए। महागौरी भक्तों का कष्ट अवश्य ही दूर करती हैं। इनकी उपासना से आर्तजनों के असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। अतः इनके चरणों की शरण पाने के लिए हमें सर्वविध प्रयत्न करना चाहिए। 🍑उपासना :- ******** पुराणों में माँ महागौरी की महिमा का प्रचुर आख्यान किया गया है। ये मनुष्य की वृत्तियों को सत्‌ की ओर प्रेरित करके असत्‌ का विनाश करती हैं। हमें प्रपत्तिभाव से सदैव इनका शरणागत बनना चाहिए। या देवी सर्वभू‍तेषु माँ गौरी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।। अर्थ : हे माँ! सर्वत्र विराजमान और माँ गौरी के रूप में प्रसिद्ध अम्बे, आपको मेरा बार-बार प्रणाम है। हे माँ, मुझे सुख-समृद्धि प्रदान करो। 🚩👣🦁जय माता दी🦁👣🚩 ⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️⚛️

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