महालक्ष्मी

Mohan Jan 14, 2021

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🔱🔱...!! जय माता दी !!...🔱🔱 🌷🌷🌺🌺🙏🏻🙏🏻🌺🌺🌷🌷 🧡🧡🧡🌼🌼🙏🏻 🧡 या देवी सर्वभूतेषू लक्ष्मी रुपेण संस्थिता 🧡 नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः 🧡 🙏🏻🌼🌼🧡🧡🧡 🌺🙏🏻🌺 प्रातः कालीन वंदन 🌺🙏🏻🌺 ❤❤❤ आपका दिन शुभ एवं मंगलमय रहें ❤❤❤ 🌷 मेरे हिस्से की धूप...🌷 अधूरे से ख्वाबों की जिंदगानी फकत इतनी सी अपनी कहानी कभी तुम यूँ मिली ऐसे सालों पहले मेले में बिछड़े हों जैसे कभी देख के यूँ कतरा गयी मानो सर्द हवा तुमसे कोई टकरा गई मेरे हिस्से में उजाले थे तुम्हारी यादों के अंधेरों में मेरे धूपों की तरह थे किस्से तुम्हारे वादों के फिर ऐसा क्यों हुआ कैसे हुआ कुछ पता नहीं अब तो है तो बस यादों की बदरी अँधेरा सर्द से मौसम का और पुरानी सी रजाई उधड़ी जहाँ मैं सर छिपाती हूँ लेकिन पैर मेरे नंगे होते हैं पैर छिपाती हूँ तो सर मेरा सर्द हो जाता है मैं चुपचाप अपनी कोहनी अपने सीने से लगाती हूँ घुटने मेरे पेट से सटे होते हैं हर रात मैं खुद को तुम्हारी कोख में पाती हूँ 🌹🌹माँ 🌹🌹

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