मकर-संक्रांति

Babita Sharma Jan 14, 2021

सभी लोगों को मिले सन्मति, आज है मकर संक्रांति 🪁🪁🪁🪁🪁🪁🪁🪁🪁🪁🪁 🌞उत्तरायण की हार्दिक शुभकामनायें इस साल की मकर संक्रांति आपके लिए तिल-गुड़ जैसी मीठी और पतंग जैसी ऊंची उड़ान लेकर आए... शुभ मकर संक्रांति 2021...हार्दिक शुभकामनायें 🙏ॐ सूर्याय नम:🌞 🌞इस दिन सूर्य जाते है अपने पुत्र से मिलने, माँ गंगा जा मिली थीं सागर से मकर संक्रांति ऐसा त्योैहार है, जिसमें जप, तप, दान, स्नान, श्राद्ध, तर्पण आदि का विशेष महत्व है। माना जाता है कि इस दिन दिया गया दान सौ गुना बढ़कर प्राप्त होता है। इस दिन भगवान सूर्यदेव धनु राशि छोड़ मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इस दिन से ही सूर्य की उत्तरायण गति प्रारंभ होती है। इस पर्व को फसलों और किसानों का त्योैहार भी कहा जाता है। इस दिन किसान अच्छी फसल के लिए भगवान को धन्यवाद देते हैं। मान्यता है कि इस दिन भगवान भास्कर अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उनके घर जाते हैं। यह भी माना जाता है कि मकर संक्रांति के दिन ही गंगा जी, राजा भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जा मिली थीं। मां यशोदा ने भगवान श्रीकृष्ण को प्राप्त करने के लिए इस दिन व्रत किया था। महाभारत काल में पितामह भीष्म ने अपनी देह त्यागने के लिए इस दिन का ही चयन किया था। इस दिन दान का विशेष महत्व है। किसी को भी खाली हाथ न लौटाएं। दान में तिल का सामान अच्छा माना जाता है। मकर संक्रां‌ति के दिन क्रोध न करें। इस दिन पेड़ों की कटाई नहीं करनी चाहिए और सूर्य के ढलने के बाद भोजन ग्रहण न करें। 🌞ॐ आदित्याय विद्महे भास्कराय धीमहि ।तन्नो भानुः प्रचोदयात्’ इस सूर्य गायत्री के द्वारा सूर्यनारायण को अर्घ्य देना विशेष लाभकारी माना गया है अथवा ॐ सूर्याय नमः,ॐ रवये नमः मंत्र से भी अर्घ्य दे सकते हैं । तिल के तेल का दीपक जलाने से संक्रमण नाश: संक्रांति का अर्थ है संक्रमण। इसलिए सूर्य के इस संक्रमण से बचने और मन की शुद्धि के लिए श्रद्धालु संगम तट पर तिल के तेल का दीपक जलाते हैं। मकर संक्रांति पर द्वादस माधव के तीर्थ प्रयाग में भगवान वेणी माधव को प्रमुख तीर्थ के रूप में माना जाता है। इसलिए वेणीमाधव भगवान को दीप दान विशेष रूप से करते हैं। 🌞दान महात्म्य मकर संक्रांति पर हवन, अभिषेक, यज्ञ, नदियों में स्नान दान का बहुत महतव है। इस अवसर पर खिचड़ी, तिल, गुड़, चावल, नीबू, मूली, उड़द दाल और द्रव्य का दान करना चाहिए। इस दिन सूर्य को आराध्य मानकर पितरों को भी तिल, दान करना पुण्यकारी होता है। 🌞राशि के अनुसार दान करें ये चीजें, मिलेगा शुभ फल: मेष राशि: जल में पीले पुष्प, हल्दी, तिल मिलाकर अर्घ्य दें। तिल-गुड़ का दान दें। उच्च पद की प्राप्ति होगी। वृषभ राशि : जल में सफेद चंदन, दुग्ध, श्वेत पुष्प, तिल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। बड़ी जवाबदारी मिलने तथा महत्वपूर्ण योजनाएं प्रारंभ होने के योग बनेगें। मिथुन राशि : जल में तिल, दूर्वा तथा पुष्प मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। गाय को हरा चारा दें। मूंग की दाल की खिचड़ी दान दें। ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी। कर्क राशि : जल में दुग्ध, चावल, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। चावल-मिश्री-तिल का दान दें। कलह-संघर्ष, व्यवधानों पर विराम लगेगा। सिंह राशि : जल में कुमकुम तथा रक्त पुष्प, तिल डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। तिल, गुड़, गेहूं, सोना दान दें। किसी बड़ी उपलब्धि की प्राप्ति होगी। कन्या राशि : जल में तिल, दूर्वा, पुष्प डालकर सूर्य को अर्घ्य दें। मूंग की दाल की खिचड़ी दान दें। गाय को चारा दें। शुभ समाचार मिलेगा। तुला राशि : सफेद चंदन, दुग्ध, चावल, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। चावल का दान दें। व्यवसाय में बाहरी संबंधों से लाभ तथा शत्रु अनुकूल होंगे। वृश्चिक राशि : जल में कुमकुम, रक्तपुष्प तथा तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। गुड़ का दान दें। विदेशी कार्यों से लाभ तथा विदेश यात्रा होगी। धनु राशि : जल में हल्दी, केसर, पीले पुष्प तथा मिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। चारों-ओर विजय होगी। मकर राशि : जल में काले-नीले पुष्प, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। गरीब-अपंगों को भोजन दान दें। अधिकार प्राप्ति होगी। कुंभ राशि : जल में नीले-काले पुष्प, काले उड़द, सरसों का तेल-तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। तेल-तिल का दान दें। विरोधी परास्त होंगे। भेंट मिलेगी। मीन राशि :- हल्दी, केसर, पीत पुष्प, तिल मिलाकर सूर्य को अर्घ्य दें। सरसों, केसर का दान दें। सम्मान, यश प्रतिष्ठा बढ़ेगा। ॐ सूर्याय नम:🌞

+1540 प्रतिक्रिया 605 कॉमेंट्स • 1102 शेयर
Manoj manu Jan 14, 2021

+402 प्रतिक्रिया 108 कॉमेंट्स • 176 शेयर