मंगलवार

*श्री गणेशाय नमः* *सूर्य,और मंगल मार्गी का शुभ योग* *पं. रविन्द्र शास्त्री लेख* *7701803003* ग्रहों का पिता माने जाने वाला सूर्य ग्रह आज 16 नवंबर को वृश्चिक राशि में गोचर कर रहा है सूर्य के गोचर को संक्रांति कहते हैं और इस दिन दान-पुण्य, स्नान आदि का बेहद महत्व बताया गया है। ग्रहों की चाल, इनकी स्थिति, इनका राशि परिवर्तन इंसान के जीवन में बदलाव, दोनों अच्छे और बुरे लाता है। ऐसे में अगर आप भी इन ज्योतिषीय घटनाओं का अपने जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव की संपूर्ण और विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हम से व्यक्तिगत और विस्तृत रूप से आपकी मदद कर सकती है। अब बात सूर्य के गोचर की करें तो, सूर्य 16 नवंबर 2020 को सुबह 06 बज-कर 40 मिनट पर अपनी तुला राशि से निकलकर अपनी वृश्चिक में प्रवेश कर गया है इसके बाद सूर्य 15 दिसंबर 2020 तक इस राशि में रहेगा और 21 बज-कर 19 मिनट पर धनु में प्रवेश करेगा। सूर्य को सिंह राशि का स्वामित्व हासिल है। इसके अलावा सूर्य को पिता का कारक भी कहा जाता है। जहाँ चंद्रमा, मंगल और गुरु, बुध ग्रह के मित्र होते हैं, वहीं राहु , केतु, शुक्र और शनि के साथ शुक्र की अच्छी नहीं बनती है। इसके अलावा बुध के साथ शुक्र के संबंध सामान्य होते हैं। कुंडली में सूर्य की शुभ स्थिति इंसान के जीवन में मान-सम्मान, सरकारी नौकरी और राजनीतिक जीवन में सफलता इत्यादि प्रदान करती हैं। साथ ही अगर किसी इंसान की कुंडली में सूर्य अच्छी स्थिति में नहीं होते हैं तो इंसान को पितृ-दोष, जॉब में असफलता, मान-सम्मान में कमी और आँखों की समस्या झेलनी पड़ती है। सूर्य का यह राशि परिवर्तन आपके जीवन पर क्या और कितना असर डालेगा, जानने के लिए सम्पर्क करें 👇 *आइये अब जानते है मंगल मार्गी कब हुआ* *समय की कमी को बजाह से पहले नहीं पाया हूं* *मंगल का मीन राशि में गोचर* 14,नवम्बर, ( शनिवार ) मंगल को बहुत ऊर्जावान और दृढ़ इच्छा शक्ति वाला ग्रह माना जाता है और यह किसी भी वस्तु को प्राप्त करने की मजबूत इच्छा शक्ति प्रदान करता भी है। यह अग्नि-, व्यक्तिगत शक्ति, जीवन शक्ति और कोई भी काम करने की आपकी क्षमता को दर्शाता है। मंगल ग्रह आवेगी, विस्फोटक और सहज है। मंगल हमारे भीतर क्रोध, जुनून और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है। मंगल तर्क, साहस, पहल, मुखरता, संघर्ष, सैन्य मामलों, भाई-बहनों और आवाज से भी संबंधित है। 14 नवंबर को, मंगल मीन राशि में मार्गी हो रहा है, यह जल तत्व की राशि है और यह बृहस्पति ग्रह द्वारा शासित है, जबकि बृहस्पति और मंगल एक दूसरे के मित्र माने जाते हैं। मीन राशि में मंगल का गोचर, आर्थिक, पेशेवर दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह परिवर्तन कई राशियों के भाग्य को उलट सकता है। 14 नवंबर से 24 दिसंबर तक, मंगल मीन राशि में रहेगा, जो हमें जरूरी चीजों को करने और गैरजरूरी कामों छोड़ने की प्रेरणा दे रहा है। 14 नवंबर को मंगल गोचर के साथ ही दिवाली का त्योहार भी था मंगल दो राशियों मेष और वृश्चिक का शासन करता है। जब भी मंगल किसी राशि में गोचर करता है तो उस राशि पर इसका विशेष प्रभाव पड़ता है। इसका प्रभाव तब और अधिक बढ़ जाता है जब यह अपनी ही राशि में संक्रमण कर रहा हो। नवंबर में मंगल मार्गी हुआ और यह राहत की बात है। मीन राशि में, मंगल अपनी वक्री गति से बाहर आ रहा है और एक बार फिर से यह अपने अनुकूल गुण दिखाएगा। मीन राशि में मंगल एक अच्छा पारगमन है क्योंकि मीन जल तत्व की राशि है और जल उस गर्मी को शांत करने का काम करता है जो कि मंगल का गुण। मंगल 14 नवंबर को मीन राशि में मार्गी हुआ। यह वह बिंदु है जब इसकी ऊर्जाएं तीव्र और चरम पर होती हैं। मंगल जो कि अभी तक वक्री गति में था उसने क्रोध और शत्रुता को उजागर किया, अब मार्गी होने पर हम यह जानने की कोशिश करेंगे कि स्थितियों को कैसे सुधारा जाए। यह ऐसा समय है जब हमें अपने क्रोध की वजहों को जानने की कोशिश करनी होगी। आइए देखें सभी राशियों के जातकों के लिए मीन राशि में मंगल के मार्गी और सुर्य गोचर से क्या प्रभाव अधिक जानकारी के लिए और ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र और अन्य कुंडली से समंधित किसी भी जानकारी के लिए और धार्मिक कर्म काण्ड से संबधित करवाने के लिए सम्पर्क करें 👇 *पं. रविन्द्र शास्त्री* *न्यू फ्रैंड्स कॉलोनी माता का मन्दिर न्यू दिल्ली* *7701803003* *7529934832*

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आशुतोष Oct 5, 2020

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आशुतोष Oct 12, 2020

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