नवरात्रि_की_हार्दिक_शुभकामनाऐं❣❣🙏

🚩 * नाव पर आएगी और हाथी पर लगेगी माँ जगदंबा * आए 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺   वासंतिक नवरात्रि उदया तिथि के मान के अनुसार 25 मार्च को प्रतिपदा तिथि, प्रात: 5:57 सूर्योदय के बाद कलश स्थापना कर सकते हैं। 2 अप्रैल को नवमी तिथि मनाई जाएगी 👉माता का आगमन और प्रस्थान इस बार दोनों दुःखद है। देश कई वर्षों बाद बनने वाला यह शुभ संयोग पूरे देश के लिए कल्याणकारी होगा। 👉 इस दौरान मां की उपासना सर्व सिद्धि दायक होगी। 👉 बुधवार को प्रात: 5:57 सूर्योदय के बाद कलश स्थापित किया जा सकता है अभिजित मुहूर्त में कलश स्थापन करने वालों के लिए समय 11:36 बजे से 12:24 बजे तक होगा। 👉 कलश स्थापना के लिए पवित्र मिट्टी से बेदी का निर्माण करें। फिर से जौ या गेहूं बोवे और उस पर यथाशक्ति मिट्टी, तांबे या सोने का कलश स्थापित करें। 👉 कन्या पूजन नवरात्रि व्रत का अनिवार्य अंग है कुमारिकाएं जगत जननी जगदंबा का प्रत्यक्ष विग्रह हैं। समर्थ हो तो नौ दिन तक अन्यथा सात, पांच, तीन या एक कन्या को देवी मानकर पूजा करके भोजन करना चाहिए। का नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना या करना अत्यंत लाभदायक होता है। 👉 दुर्गा सप्तशती के एक पाठ से फल सिद्धि, 3 पाठ से उपद्रव शांति, 5 पाठ से सर्व शांति, 7 पाठ से भय मुक्ति, 9 पाठ से यज्ञ के समान फल, 11 पाठ से राज्य की प्राप्ति, 12 पाठ से कार्य सुख, 14 पाठ से वशीकरण, 15 पाठ से सुख संपत्ति, 16 पाठ से धन व पुत्र की प्राप्ति, 17 पाठ से राजभय वा शत्रु रोग से मुक्ति, 20 पाठ से ग्रह दोष शांति, 25 पाठ से बंधन मुक्ति मिलती है। माता रानी की कृपा दृष्टि सदैव आप और आपके परिवार पर बने रहे समान शुभकामनाएं के साथ ... 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

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Manish Kumar Apr 2, 2020

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suresh Chandra yadav Mar 24, 2020

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suresh Chandra yadav Mar 24, 2020

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