धार्मिक स्थल

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sn vyas Oct 28, 2020

🔔 🌠 🔔 🌠 🔔 🌠 🔔 🌠 *🙏सादर वन्दे🙏* *🚩धर्मयात्रा🚩* *🦜नाकोडा जी🦜* *मूलनायक भगवान श्री पार्श्वनाथ भगवान,( श्वेताम्बर. मंदिर )* *तीर्थ स्थल :---* पोकरण से बालोतरा 176 कि.मी. , आसोतरा से 11किमी , जोधपुर से बालोतरा 115 किमी , बालोतरा से 13 कि. मी. व मेवानगर से 1 कि. मी. दूर जंगल में पर्वतो के बीच। *प्राचीनता :----* कहा जाता है कि पूर्व तीसरी शताब्दी में श्री वीरसेन व नाकोर्सें भाग्यवान बंधुओ ने अपने नाम पर बीस मील के अन्तर में वीरमपुर व नाकोरनगर गाँव बसाए थे । श्री वीरसेन ने वीरमपुर में श्री चन्द्रप्रभु भगवान का व नाकोरनगर में श्री पार्श्वनाथ भगवान का मंदिर निर्मित करवाकर परमपुज्य आचार्य श्री स्थूलिभद्रस्वामीजी के सुहस्ते प्रतिष्ठा संपन्न करवाई थी । वि. सं. ९०९ में वीरमपुर शहर , सुसंपन्न श्रावको के लगभग २७०० घरो की आबादी से जगमगा रहा था ।उस समय श्रीहरख्चंदजी ने प्राचीन मंदिर का जिर्णोद्धार करवाकर श्री महावीर भगवान की प्रतिमा की प्रतिष्टा करवाई थी । एक और मान्यतानुसार यह प्रतिमा , भाग्यवान सुश्रावक श्री जिनदत को श्री अधिष्टायक देव द्वारा स्वप्न में दिए संकेत के आधार पर नाकोरनगर के निकट सीन्दरी गाँव के पास एक तालाब से प्रकट हुई थी । *श्री नाकोडा भैरवजी महाराज :----* यहाँ के अधिष्टायक श्री भैरव महाराज साक्षात है व उनके चमत्कार जग्विख्यात है । हमेशा सैकड़ो यात्री अपनी - अपनी भावना लेकर यहाँ आते है , उनकी मनोकामनाएँ पूर्ण होती है । यहाँ मंदिर के अतिरिक्त कोई घर नही है , परंतु यात्रियों का निरंतर आवागमन रहने के कारण यह स्थल नगर सा प्रतीत होता है ।प्रतिवर्ष श्री पर्श्वप्रभु के जन्म कल्याणक् दिवस पौष कृष्णा दशमी को विराट मेले की तैयारी होती है । मुलनायक भगवान की प्रतिमा का तो जितना वर्णन करे कम है । एक बार आने वाले यात्री की भावना पुन: आने की सहज ही में हो जाती है ।यह स्थल जंगल में पहाडियो के बीच एकांत में रहने के कारण यहाँ का प्राकृतिक दृश्य देखते ही बनता है | 🔔 🌠 🔔🌠 🔔 🌠 🔔 🌠

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