दुर्गा

|| वो मेरी माँ कहलाती है ||📚🕉️ वो साथ मेरे हरदम, बनकर एक साया, उसने ही मेरा,जीवन महकाया तकलीफ़ में भी मुस्काती हैं, हर गम ख़ुशी से सह जाती हैं मेरी राहों पर फूल बिछाती वो खुद कांटो पर भी सो जाती हैं | वो मेरी माँ कहलाती है | अपने प्यार से हमारा बचपन संवारती है , उँगलियों उसकी पर हमें चलना सिखाती है।अपनी आँखों से जो हमे दुनिया दिखाती है,ऐंसी होती है वो , जो हमारी माँ कहलाती है। । काला टीका लगा के हमे,बुरी नजरों से बचाती है फूटी आँखों से भी वो हमें भीड़ में पहचान जाती है ,अरे हमारा पेट भरने के लिए ,वो खुद भूखी सो जाती है। ऐंसी होती है वो , जो हमारी माँ कहलाती है। हमारी खुशी माँगने के लिए, रोज मंदिर वो जाती है,दूध ही नहीं ,9 महीने पेट में रख के हर दर्द सह जाती है , हां वही हमारी माँ कहलाती है | पापा की डांट खाती है,छुपा छुपा के वो काजू किशमिश हमे खिलाती है चैन से सो जाय बेटा उसका वो रात भर जागी रह जाती है ऐंसी होती है वो , जो हमारी माँ कहलाती है। बच्चो की खुशी के लिए हर किसी से हाथ जोड़ती फिरती रहती है कोई अगर जरा सी मेरी तारीफ कर दे तो फुले ना समाती है। हां वो ही हमारी माँ कहलाती है | जब पढ़ाई में कुछ समझ नहीं आता, तो घूमने ले जाऊगी बोल के मझे पढाती है कभी दोस्त तो कभी टीचर बन जाती है अरे वो तो अपने अनपढ़ बेटे को भी कभी वकील कभी डॉक्टर तो कभी राजा बेटा बोल के बुलाती है |ऐंसी होती है वो , जो हमारी माँ कहलाती है | कोई खाने को कुछ देता ,तो घर में कहूंगी बोल के पल्लू से बाँध घर ले आती है चुपके चुपके रजाई में बच्चो को खिलाती है ऐंसी होती है वो , जो हमारी माँ कहलाती है | फेल हो जाता बेटा तो , "पढने वाले ही तो फेल होते है " बोल के सहलाती है हाथ कट जाने पे ,महंगी साड़ी का पल्लू फाड् कर पटी बांध दिया करती है हमे खुशी देने के लिए, हमारे दिये सब गम भूल जाती है। ऐंसी होती है वो , जो हमारी माँ कहलाती है। बीमार पड़ जाये बच्चा तो पूरा घर सर पे उठा लेती है, पंडित, मंदिर, टोना टोटका करती है जो हमारी माँ कहलाती है। माँ तेरा बेटा अब बड़ा हो गया है, तुझे गॉव में छोड़ के खुद ऐसी कमरो में सोता है |साली का जन्मदिन याद रखता है पर तेरी दवा भूल जाता है | सासु माँ को अपनी कार में घुमाता है तेरे फोन को अननोन नंबर बताता है तेरे खाँसने को आफत और बीवी की तारीफ को अपना फर्ज बताता है | माँ तेरा राजा बेटा तेरी बहु को दिन भर बाबू जानू और तुझे माँ बोलने में कतराता है | लाखो कमाता है तेरा बेटा पर तेरा चश्मा नही बनवाता है | यही है तेरा राजा बेटा जो आज तेरा नहीं तेरी समधन का दामाद कहलाता है | ऐसी होती है माँ जो सब की माँ कहलाती है | 【 हमारे पास तो नही है पर आप अपनी माँ का तहे दिल से ख़्याल रखे | दुनिया मे ये इकलौती ऐसी औरत होती है जो निस्वार्थ आप से मोहब्बत करती है और हमारी सब से पहली प्रेयसी, गुरु और जननी होती है | 】

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PANKAJ BATHLA Jul 22, 2019

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Akash Singh Jul 22, 2019

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