ज्ञानवान

Udit Sagar Sep 15, 2020

✍..मेरा श्राद्ध 🌹 आज़ ऊपर बैठी रूह ने बड़ा ठहाका लगाया है, देखो ! आज़ मेरे बच्चों ने पंडित जी को बुलाया है। कितने जतन से पकवान बनाया है और बड़े ही आदर भाव से खिलाया है। जिसके लिए मुझे तरसाया था वो ही सब आज़ बनाया है। और तो और कोवे और कुत्ते को भी दावत में बुलाया है, बड़े ही प्यार से इनको भी खाना खिलाया है। जगह नहीं थी मेरे लिए घर में, अतः वृद्धाश्रम में भगाया था। देखो ! देखो !आज़ मेरा फोटो भगवान के साथ ही लगाया है। थोड़ा-बहुत पैसा भी नहीं था मेरे लिए लेकिन... आज़ पंडित जी को पांच सौ का नोट मिठाई का डिब्बा और सात नये कपड़ों का जोड़ मेरा नाम लेकर पहनाया है। देखो !कैसे दिखावा कर रहे हैं अपने आप से ही छलावा कर रहे हैं, ये सब मेरे भूत बन कर सताने के डर से डर कर, कर रहे हैं। अरे ! इन्हें इतना नहीं पता क्या मां बाप होते हैं कभी खफ़ा ? बस !सभी बच्चों से इतनी सी गुजारिश है... मेरे साथ रहने वालों की भी सिफ़ारिश है... मरने के बाद नहीं,,,मां बाप का जीते जी... करो सम्मान नहीं चाहते हैं वो पैसे,ना चाहे पकवान । बस !थोड़ा सा समय निकालो थोड़ी सी घर में जगह दो, और रखो... उनका ध्यान 🇲🇰 ओम-शान्ति 🇲🇰

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Ramit Singh Sep 15, 2020

*ब्राह्मण जप से पैदा हुई शक्ति का नाम है,* *ब्राह्मण त्याग से जन्मी भक्ति का धाम है।* *ब्राह्मण ज्ञान के दीप जलाने का नाम है,* *ब्राह्मण विद्या का प्रकाश फैलाने का काम है।* *ब्राह्मण स्वाभिमान से जीने का ढंग है,* *ब्राह्मण सृष्टि का अनुपम अमिट अंग है।* *ब्राह्मण विकराल हलाहल पीने की कला है,* *ब्राह्मण कठिन संघर्षों को जीकर ही पला है।* *ब्राह्मण ज्ञान, भक्ति, त्याग, परमार्थ का प्रकाश है,* *ब्राह्मण शक्ति, कौशल, पुरुषार्थ का आकाश है।* *ब्राह्मण न धर्म, न जाति में बंधा इंसान है,* *ब्राह्मण मनुष्य के रूप में साक्षात भगवान है।* *ब्राह्मण कंठ में शारदा लिए ज्ञान का संवाहक है,* *ब्राह्मण हाथ में शस्त्र लिए आतंक का संहारक है।* *ब्राह्मण सिर्फ मंदिर में पूजा करता हुआ पुजारी नहीं है,* *ब्राह्मण घर-घर भीख मांगता भिखारी नहीं है।* *ब्राह्मण गरीबी में सुदामा-सा सरल है,* *ब्राह्मण त्याग में दधीचि-सा विरल है।* *ब्राह्मण विषधरों के शहर में शंकर के समान है,* *ब्राह्मण के हस्त में शत्रुओं के लिए बेद कीर्तिवान है।* *ब्राह्मण सूखते रिश्तों को संवेदनाओं से सजाता है,* *ब्राह्मण निषिद्ध गलियों में सहमे सत्य को बचाता है।*

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