घरेलू-उपचार

दालचीनी (Cinnamon) के आयुर्वेदिक व औषधीय गुण 〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️ दालचीनी का पौधा जितना छोटा होता हैं उसके गुण उतने ही बड़े होते हैं। यह एक प्रकार का मसाला है| भारत में तो लगभग हर घरो में इसका इस्तेमाल खाने में किया जाता है| दालचीनी, सिन्नेमोमम ज़ाइलैनिकम ब्राइन नामक पेड़ की छाल को कहा जाता है| इस की सूखी पत्तियों तथा छाल को मसालों के रूप में इस्तेमाल किया जाता हैं। इसकी छाल थोड़ी मोटी, चिकनी तथा हल्के भूरे रंग की होती हैं । यह हमारे स्वास्थय के लिए बहुत लाभकारी होती हैं। यह मोटापा कम करने के साथ-साथ कई बीमारियों को भी दूर करता है। शहद तथा दालचीनी को मिक्स करके खाने से दिल की बीमारियों, कोलेस्ट्रॉल, त्वचा रोग, सर्दी जुकाम, पेट की बीमारियों से लाभ हैं । दालचीनी मधुमेह के रोगी को भी फ़ायदा पहुँचाती हैं । भोजन में दालचीनी पाउडर का 1 चम्‍मच रक्‍त में शर्करा का स्‍तर कम करता हैं । इसके प्रयोग से टाइप टू डायबीटिज में रक्‍त शर्करा 18 से 24 फीसदी तक कम हो सकती हैं। यह मसालों में अहम स्थान रखती हैं । चाय या काफी में दालचीनी डालकर पीने से स्वादिष्ट हो जाती हैं तथा इससे जुकाम भी ठीक हो जाता हैं । यह खाने में स्वाद बढ़ाने के साथ- साथ खाने की खुशबू भी बढ़ाती हैं । कोलेस्ट्रोल घटाए :- कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करने में यह बेहद फायदेमंद है| इसमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम और फाइबर पाया जाता है| यह आपके शरीर में कोलोस्ट्रोल को नियंत्रित करने में मदद करता है| यदि आपको भी कोलेस्ट्रोल की समस्या है तो नियमित रूप से खाली पेट इस के पाउडर का सेवन करे| इसके बाद गुनगुना पानी पी ले| साइनस में दर्द से राहत दिलाये :- क्या आप जानते है की दालचीनी दर्द को दूर करने के लिए भी बेहतरीन औषधि के रूप में काम करती है| यदि आपको साइनस की समस्या है और उसके कारण सिरदर्द हो रहा है तो दालचीनी इसमें आपकी मदद कर सकती है| जब भी सिरदर्द हो एक चौथाई चम्मच दालचीनी को पानी में मिलाकर पेस्ट बना ले| फिर इस पेस्ट को सिर में लगाएं| इस में शहद या फिर अदरक मिलाकर पीने से अर्थराइटिस का दर्द भी खत्म हो जाता है| वजन घटाने में मददगार :- कई लोग अपने वजन से बेहद परेशान रहते है| इसके लिए वो कई जतन करते है लेकिन उनका Weight Loss नहीं होता| यदि आप भी इस समस्या से परेशान है तो हम आपको बताना चाहते है की वजन कम करने में शहद और दालचीनी आपकी मदद कर सकती है| शहद और दालचीनी कोलेस्ट्रॉल को ज्यादा बनने नहीं देते जिससे की आप एक्टिव रहते हैं। आप जितना एक्टिव रहेंगे, उतनी ही आपकी कैलोरी खर्च होगी और वजन कंट्रोल में रहेगा। ह्रदय रोगो में लाभप्रद :- इस का सेवन ह्रदय रोगो के खतरे को दूर करने में भी सहायक है| जैसे जैसे किसी भी इंसान की उम्र बढ़ती है इंसान की धमनियां और शिरायें कठोर होती जाती है| धमनियों को कठोर होने से बचाने के लिए दालचीनी और शहद का सेवन फायदेमंद है| जिन लोगो की उम्र ज्यादा है जैसे की 30 की ऊपर उन् लोगो को दालचीनी और शहद के मिश्रण को रोटी पर लगाकर खाना चाहिए| दालचीनी और शहद के सेवन से धमनियों पर कोलेस्ट्रोल नहीं जमता है और हार्ट अटैक और ह्रदय की अन्य समस्याओ से निजाद मिलती है। जिन लोगो को पहले से हार्ट अटैक आ चूका है उन्हें इसके सेवन करने से अगली बार अटैक आने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है| सर्दी-जुकाम होने पर इस का इस्तेमाल हमें लाभ देता हैं। एक चम्मच शहद और इसका पाउडर मिक्स करके सुबह-शाम खाने से खांसी-जुकाम से राहत मिलती हैं। गुनगुने पानी के साथ एक चुटकी इसका पाउडर तथा एक चुटकी पिसी काली मिर्च शहद में मिलाकर पीने से भी जुकाम तथा गले की खराश दूर हो जाती हैं । अगर आपको जोड़ो का दर्द सता रहा हैं तो आप इस का प्रयोग करें। हल्के गर्म पानी में इसका पाउडर और थोड़े से शहद को मिक्स करके शरीर में दर्द वाले अंग पर लगाकर हल्‍के हाथों से मालिश करें लाभ मिलेगा । एक कप गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद और आधा चम्मच इसका पाउडर मिलाकर पीने से जोड़ों के दर्द में आराम मिलता हैं । त्वचा से जुड़ी हुई समस्याओं को दालचीनी दूर कर करती हैं। त्वचा में खुजली होने पर इसका पाउडर में शहद बराबर मात्रा में लेकर उसका पेस्‍ट बना लें। इस पेस्‍ट को लगाने से त्वचा की यह समस्‍या दूर होती हैं और दालचीनी के पाउडर में थोड़ा सा नीबूं का रस मिक्स करके चेहरे पर लगाने से कील मुंहासे दूर होते हैं। पेट की समस्‍या होने पर दालचीनी का प्रयोग करने से आराम मिलता हैं । इसके अलावा दालचीनी के प्रयोग से उलटी तथा दस्त में आराम मिलता हैं । एक चम्मच शहद के साथ थोड़ा सा इसका पाउडर मिलाकर लेने से पेट दर्द और एसिडिटी में आराम मिलता हैं तथा भोजन भी आसानी से पच जाता हैं । दिल से जुड़ी समस्याओं के लिए दालचीनी भी फायदेमंद होती हैं। शहद और इस के पाउडर का पेस्ट बनाकर रोटी के साथ खाने से धमनियों में कोलेस्ट्रोल जमा नहीं होता हैं और दिल के दौरे की संभावना को भी कम किया जा सकता हैं । अगर आपको अपना कोलेस्‍ट्रॉल को कम करना हैं तो इस का प्रयोग करें। दो बड़े चम्मच शहद और तीन चम्मच दालचीनी पाउडर को हल्‍के गरम आधा लीटर पानी में मिक्स कर लें। इससे सिर्फ 2 घंटे में खून का कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर कम हो जाता हैं । दिन में कम से कम 2 या 3 बार इसका सेवन करें । यह मैंगनीज का भंडार हैं। इससे हमारी स्‍मरण शक्‍ति बढ़ती हैं। इसलिये बच्‍चों, महिलाओं और मानसिक श्रम करने वालों को ब्रेड पर मक्‍खन या शहद के साथ आधा चम्‍मच दालचीनी का पाउडर लगा कर सुबह शाम खाना चाहिए । कैंसर रोग के लिए भी दालचीनी लाभ देती हैं । कैंसर के रोगियों को एक बड़ा चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी के पाउडर को गर्म पानी के साथ एक महीने तक लेने से आराम मिलता हैं । अगर आपके कानों को सुनने की समस्या हैं तो आप दालचीनी और शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर एक-एक चम्‍मच सुबह-शाम को लेने से लेने से सुनने की शक्ति बढ़ती हैं या फिर आप कान में दालचीनी के तेल की बूंदें भी डाल सकती हैं । यह ट्राइग्लिसराइड् स को भी कम करती है और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर को भी कम करती है . गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी का पावडर डाल कर पेस्ट बनाएं और बालों में लगाए . एक घंटे बाद सर धोले . इससे बाल झडना रुक जायेंगे . इसका सेवन रोग प्रतिरोधक शक्ति और आयु को बढाता है . इस का छोटा टुकडा रोजाना सुबह चबाने से हकलाने में लाभ होता है . संधिवात में इस के काढ़े का सेवन करने से लाभ होता है इस के चूर्ण को शहद में मिलाकर कर लगाने से दर्द में आराम मिलता है . इस का तेल या इसका लेप या तेजपत्ते के पत्तों को पीस कर बनाए गए लेप से सर दर्द में आराम मिलता है। 〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️🔸〰️〰️

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Neha Sharma, Haryana Feb 24, 2020

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अमर बलिदानी राजीव भाई दीक्षित अमर रहें _________________________________________ नमस्कार दोस्तों, यहाँ आपको राजीव जी द्वारा बताये गये हर प्रकार के घरेलू नुस्खे एवं औषधियां प्राप्त होंगी. तो दोस्तों आज के आर्टिकल की चर्चा का विषय है सुबह उठकर क्या क्या किया जाये? आयुर्वेद के हिसाब से आप जब भी सुबह उठे तो सबसे पहले पानी पीयें. यानी कि दिन की शुरुआत आप पानी से करें. इसी चीज़ को “उषापान” कहते हैं. उषापान का मतलब की सुबह चार बजे उठे और उठकर सबसे पहले पानी पीयें. इसके दो कारण है. पहला कारण ये है कि जब हम रात को सोकर सुबह उठते है तो हमारे मुंह में लार की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाती है. और अगर हम पानी पी लेंगे तो ये लार अंदर चली जाएगी. इसलिए कभी भी सुबह उठकर दांत न धोएं और ना ही कुल्हा करें. क्योंकि ऐसा करने से वह लार बाहर थूकना पड़ जाता है. और सुबह की लार बहुत ज्यादा एल्कलाइन होती है. और शरीर में जाकर काफी सारे लाभ देती है. ये शरीर में जाकर पेट की सभी बिमारियों को खतम कर देगी, कटकी ये एसिड बनने हिनहि देगी. और सभी बीमारियाँ पेट से ही शुरू होती है. राजीव जी ने बताया कि उन्हीने सुबह की लार को जब टेस्ट करके उसका ph निकाला तो वो 8.4 निकला. जिससे ये साबित होता है कि सुबह की बनी हुई लार में बहुत सारी मेडिसिनल प्रॉपर्टीज रहती हैं. बहुत सारे लोगो को आँखों के नीचे डार्क सर्किल हो जाते हैं. तो उनको राजीव जी सुजाव देते है कि अगर आँखों के नीचे डार्क सर्किल ठीक नही हो रहे है तो सुबह-सुबह की बनी लार को डार्क जगह पर लगा कर हल्की मालिश कीजिये कुछ ही दिन में वह ठीक हो जायेंगे. अगर किसी की आंखें कमजोर है और वो चश्मा हटाना चाहते हैं तो सुबह की लार को आँखों में काजल की तरह लगाईये. आपका चश्मा उतर जायेगा. अगर शरीर में आपको कहीं चोट लग गयी है और वह जल्दी ठीक नही हो रही है तो वहां भी आप ये लार लगा दीजिये. असर बहुत जल्दी आपको दिखने लगेगा. अगर किसी को पिम्पल्स या कील, मोहासे और छायिया हो जाये या उनका चेहरा बहुत खराब दिखने लगे तो ऐसे में उनको सुबह की लार चेहरे पर लगानी चाहिए. ऐसा करने से उनके दाग भी मिट जायेंगे. राजीव जी ने बताया कि एक बार उनके पास एक मरीज़ आया जिसका गर्म गर्म दूध से हाथ जल गया था. उसका जख्म तो ठीक हो गया लेकिन दाग नही गायब हो रहे थे. और उस मरीज़ को किसी भी तरह से वो दाग मिटाना था. क्योंकि वो एक लड़की थी और उसकी शादी होने वाली थी. उसके घरवाले परेशान थे कि ससुराल वालों ने देख लिया तो ना जाने क्या होगा. तो राजीव जी ने बोला की घरवालो को खुद ही बता दो सच. तो लडकी का कहना था कि वह बता नही सकती उन्हें उसका रिश्ता टूट ना जाये इसलिए उसको इस दाग से मुक्ति चाहिए. तो राजीव जी ने उस लडकी को लार लगाने की सलाह दी. उस लडकी ने रोज़ लार लगाना शुरू करदिया और 6-7 महीने में ही उसका दाग एकदम गायब हो गया. आपको देखने में कभी आया है कि जानवरों को जब भी कभी चोट लगती है तो वह चाटने लगते हैं उस भाग को और चाट कर ही ठीक कर लेते हैं तो जानवरों का भी यही कहानी है जो मनुष्य की है जानवरों की लार भी एल्केलाइन है और चोट को चाट कर ऐसे ही वह ठीक कर लेता है. गाय अपने बच्चे को चाट चाट कर उसकी सारी बीमारी मिटा देती है मनुष्य भी कर सकता है बस इसमें थोड़ा सेंसफुल होने की जरूरत है. राजीव भाई के पास दो पेशेंट ऐसे हैं जो कैंसर के लास्ट स्टेज में है उनके बचने की संभावना बिल्कुल ना के बराबर है क्योंकि उनकी लार ग्रंथियां बिल्कुल खत्म हो गई है अब उनको दूध भी पिलाओ चाय भी पिलाओ तो सब बाहर आ जाता है कुछ भी अंदर नहीं जाता क्योंकि लार ही नहीं है तो वह करोड़पति मुझसे कहते हैं कुछ बता दो. मैं कहता हूं, ज्यादा पैसा है अगर आपके पास तो अमेरिका से इंपोर्ट करो लार का पैकेट आता है अमेरिका में मिलता है. अमेरिका में कुछ कंपनियां है जो लार का बिजनेस करती है वह मनुष्य का ही लार होता है जैसे शैंपू का पैकेट होता है ना वैसे ही वह उसमें भरकर बेचते हैं 5 मिलीग्राम का 1 पैकेट ₹10000 का है तो वह दोनों पेशेंट हर दिन कम से कम 10 से 12 पैकेट कंज्यूमर कर लेते हैं 60000से 70000 खर्च करते हैं लेकिन स्थिति अगले दिन फिर वही हो जाती है मुंह पूरा का पूरा सूखा रहता है एक दूसरे के लार किसी दूसरे को काम नहीं आती लेकिन वह अपने संतोष के लिए करते जरूर है. आजकल कुछ जीवन बिमा कंपनियों ने बिमा एक नई चीज अपने नियमो में जोड़ी है. वो किसी का जीवन बिमा करने से पहले आपके मुह की लार की जाँच करवाते है अगर उसमे एल्कलाइन कम हुआ तो वो बिमा नहीं करेंगे क्योकि उनको पता है आपके जीने के चांस वैसे ही कम है. इसकी जानकारी आप इन्टरनेट पर ले सकते है यह काम तो भगवान ने आपको यह व्यवस्था दी है तो इसको खराब मत करना यह व्यवस्था खराब कैसे होती है. लार सबसे ज्यादा कम तब बनती है जब आप किसी ऐसी वस्तु का उपयोग करें जो जो एंटी एल्केलाइन है. हमारे जीवन में आप जितने भी टूथपेस्ट करते हैं यह सब एंटी एल्केलाइन है यह सब आपके लार के उत्पन्न होने की क्षमता को घटा देते हैं कोलगेट हो क्लोजअप पेप्सोडेंट हो सिबाका हो यह सारे के सारे टूथपेस्ट ऐसे हैं जो एल्काइन को घटाते हैं इसलिए मेरी आप से रिक्वेस्ट है कि पेस्ट मत करिए क्योंकि आपकी लार बनना कम हो जाएगी. आप कहेगे पेस्ट में ऐसा क्या है जो लार को घटाता है. पेस्ट में एक केमिकल मिलाया जाता है जिसका नाम है सोडियम लॉरेंस सल्फेट यह सोडियम लारेल सल्फेट को जहर माना जाता है. ये लार ग्रंथि को सुखा देता है इसलिए दुनिया में जो भी सेंसिबल डॉक्टर से दांतों के डेंटिस्ट वह सब प्रेस करते हैं ब्रश पर कभी पेस्ट नहीं लगाना चाहिए. तो दोस्तों सब बातो का इलाज लार सकता है. और इस लार को कभी कम न होने दे. इसलिए जब भी उठे सबसे पहले पानी पीयें ताकि लार की मात्रा ज्यादा से ज्यादा आपके अंदर जाए।

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