ऊँ_नमो_भगवते_वासुदेवाय।

Kamlesh Mar 26, 2020

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Malkhan Singh UP Jul 25, 2019

*❇️🌿🙏जय श्री हरि जी🙏हर हर महादेव🙏🌿❇️* 🙏*आज के लिए* लौटना कभी आसान नहीं होता। मुझे पता है कि टॉलस्टाय की कहानी आपने पहले सुनी है एक आदमी राजा के पास गया कि वो बहुत गरीब है उसके पास कुछ भी नहीं उसे मदद चाहिए। राजा दयालु था। उसने पूछा कि क्या मदद चाहिए आदमी ने कहा थोड़ासा भूखंड। राजा ने कहा “कल सुबह सूर्योदय के समय तुम यहां आना। ज़मीन पर तुम दौड़ना। जितनी दूर तक दौड़ पाओगे वो पूरा भूखंड तुम्हारा। ध्यान रहे जहां से तुम दौड़ना शुरू करोगे सूर्यास्त तक तुम्हें वहीं लौट आना होगा अन्यथा कुछ नहीं मिलेगा। आदमी खुश हो गया। सुबह हुई। सूर्योदय के साथ आदमी दौड़ने लगा। आदमी दौड़ता रहा। दौड़ता रहा। सूरज सिर पर चढ़ आया था। पर आदमी का दौड़ना नहीं रुका था। वो हांफ रहा था पर रुका नहीं था। थोड़ा और। एक बार की मेहनत है। फिर पूरी ज़िंदगी आराम। शाम होने लगी थी। आदमी को याद आया लौटना भी है नहीं तो फिर कुछ नहीं मिलेगा। उसने देखा वो काफी दूर चला आया था। अब उसे लौटना था। पर कैसे लौटता सूरज पश्चिम की ओर मुड़ चुका था। आदमी ने पूरा दम लगाया। वो लौट सकता है। पर समय तेजी से बीत रहा है। थोड़ी ताकत और लगानी होगी। वो पूरी गति से दौड़ने लगा। पर अब दौड़ा नहीं जा रहा था। वो थक कर गिर गया। उसके प्राण वहीं निकल गए। राजा देख रहा था। अपने सहयोगियों के साथ वो वहां गया जहां आदमी ज़मीन पर गिरा था। राजा ने गौर से देखा। राजा बुदबुदाया। इसे सिर्फ दो गज़ ज़मीं की दरकार थी। नाहक ये इतना दौड़ रहा था। आदमी को लौटना था। पर लौट नहीं पाया। वो लौट गया वहां जहां से कोई लौट कर नहीं आता। हमें अपनी चाहतों की सीमा का पता नहीं होता। हमारी ज़रूरतें सीमित होती हैं पर चाहतें अनंत। अपनी चाहतों के मोह में हम लौटने की तैयारी ही नहीं करते। जब करते हैं तो बहुत देर हो चुकी होती है। फिर हमारे पास कुछ नहीं बचता। हम सब दौड़ रहे हैं। क्यों नहीं पता। कौन लौटता है तीस साल पहले मैंने भी खुद से ये वादा किया था कि मैं लौट आऊंगा। पर मैं नहीं लौट पाया। दौड़ता रहा। हम सब दौड़ रहे हैं। बिना ये समझे कि सूरज समय पर लौट जाता है। अभिमन्यु भी लौटना नहीं जानता था। हम सब अभिमन्यु हैं। हम भी लौटना नहीं जानते। *जो लौटना जानते हैं वही जीना जानते हैं। पर लौटना आसान नहीं होता।* काश टॉलस्टाय की कहानी का वो पात्र समय से लौट पाता.... काश हम सब लौट पाते... *🌸राम राम जी🙏हर हर महादेव🌸* *❇️🙏जय श्री विष्णुहरि जी की🙏❇️*

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Malkhan Singh UP Jul 11, 2019

*❇️देवशयनी एकादशी विशेष🙏जय श्री हरिजी❇️* ➡ *11 जुलाई 2019 गुरुवार को रात्रि 1:03 से 12 जुलाई, शुक्रवार को रात्रि 00:31 तक एकादशी है ।* 💥 *विशेष~ 12 जुलाई 2019 शुक्रवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।* 🙏🏻 *युधिष्ठिर ने पूछा : भगवन् ! आषाढ़ के शुक्लपक्ष में कौन सी एकादशी होती है ? उसका नाम और विधि क्या है? यह बतलाने की कृपा करें ।* 🙏🏻 *भगवान श्रीकृष्ण बोले : राजन् ! आषाढ़ शुक्लपक्ष की एकादशी का नाम ‘शयनी’ है। मैं उसका वर्णन करता हूँ । वह महान पुण्यमयी, स्वर्ग और मोक्ष प्रदान करनेवाली, सब पापों को हरनेवाली तथा उत्तम व्रत है ।* 🙏🏻 *आषाढ़ शुक्लपक्ष में ‘शयनी एकादशी’ के दिन जिन्होंने कमल पुष्प से कमललोचन भगवान विष्णु का पूजन तथा एकादशी का उत्तम व्रत किया है, उन्होंने तीनों लोकों और तीनों सनातन देवताओं का पूजन कर लिया ।* 🙏🏻 *‘हरिशयनी एकादशी’ के दिन मेरा एक स्वरुप राजा बलि के यहाँ रहता है और दूसरा क्षीरसागर में शेषनाग की शैय्या पर तब तक शयन करता है, जब तक आगामी कार्तिक की एकादशी नहीं आ जाती, अत: आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी से लेकर कार्तिक शुक्ल एकादशी तक मनुष्य को भलीभाँति धर्म का आचरण करना चाहिए ।* 🙏🏻 *जो मनुष्य इस व्रत का अनुष्ठान करता है, वह परम गति को प्राप्त होता है, इस कारण यत्नपूर्वक इस एकादशी का व्रत करना चाहिए । एकादशी की रात में जागरण करके शंख, चक्र और गदा धारण करनेवाले भगवान विष्णु की भक्तिपूर्वक पूजा करनी चाहिए ।ऐसा करनेवाले पुरुष के पुण्य की गणना करने में चतुर्मुख ब्रह्माजी भी असमर्थ हैं ।* 🙏🏻 *राजन् ! जो इस प्रकार भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाले सर्वपापहारी एकादशी के उत्तम व्रत का पालन करता है, वह जाति का चाण्डाल होने पर भी संसार में सदा मेरा प्रिय रहनेवाला है । जो मनुष्य दीपदान, पलाश के पत्ते पर भोजन और व्रत करते हुए चौमासा व्यतीत करते हैं, वे मेरे प्रिय हैं । चौमासे में भगवान विष्णु सोये रहते हैं, इसलिए मनुष्य को भूमि पर शयन करना चाहिए ।* 🙏🏻 *सावन में साग, भादों में दही, क्वार में दूध और कार्तिक में दाल का त्याग कर देना चाहिए । जो चौमसे में ब्रह्मचर्य का पालन करता है, वह परम गति को प्राप्त होता है ।* 🙏🏻 *राजन् ! एकादशी के व्रत से ही मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है, अत: सदा इसका व्रत करना चाहिए । कभी भूलना नहीं चाहिए ।* 🙏🏻 *‘शयनी’ और ‘बोधिनी’ के बीच में जो कृष्णपक्ष की एकादशीयाँ होती हैं, गृहस्थ के लिए वे ही व्रत रखने योग्य हैं - अन्य मासों की कृष्णपक्षीय एकादशी गृहस्थ के रखने योग्य नहीं होती । शुक्लपक्ष की सभी एकादशी करनी चाहिए ।* 🙏🏻🌺🌻🍀राम राम जी🌼🌸🙏🏻 *#🌹🙏जय श्री विष्णुहरि जी🙏🌸#*

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