आध्यात्मिक

🙏🙏एक प्रार्थना🚩🚩 ये गर्व भरा मस्तक मेरा प्रभु चरण धूल तक लगने दो, हमें सुबह और सायंकाल आरती के वक्त जो भी मंदिर पास हो वहाँ पहुंचना चाहिए. कुछ मंदिर हैं देश में जहां लोग घण्टों दर्शन के लिए खड़े रहते हैं, पर हमारे आस पास के मंदिरों की बात करें तो हालात बहुत बुरे हैं. वहाँ आरती के वक्त झालर, शंख, नगाड़ा बजाने को लोग नहीं होते हैं. कुछ लोगों ने इसका तोड़ निकाला है, इलेक्ट्रिक मशीनें ले आये हैं. यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है ? कोई इस पर विचार नहीं करता. कहने को हम करोड़ों हैं, पर मंदिरों में आरती के वक्त 4 लोग नहीं पहुँच पाते. इसी कारण मोहल्ले वाले भी एक दूसरे को पहचान नहीं पाते और हिंदुओं में एकता नहीं हो पाती है. जबकि मुस्लिम पाँचों वक्त नमाज़ का समय निकाल लेता है। यदि नहीं तो शुक्रवार को तो छोड़ता ही नहीं । मिलने मिलाने से विचारों का आदान प्रदान भी होता है तथा राम-राम भी हो जाती है। कम से कम ये बात तो उनसे हमें सीखनी ही चाहिए । इस पर विचार होना चाहिए. मंदिर ही हैं जो हमें एक दूसरे से जोड़ने में सहायक हो सकते हैं ।। आओ प्रयत्न करें। अपने व्यस्त समय में से कुछ समय धर्म की रक्षा राष्ट्र की एकता, अखंडता अपने संस्कारों हेतु निकालें 👏👏👏👏👏👏👏 दो मिनट ईश मंदिरों के लिये हर हर महादेव जय शिव शंकर

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महाशिवरात्रि। दोस्तों, 21 फरवरी 2020 को महाशिवरात्रि है।भगवान शिव को समर्पित इस दिन पर शिव जी को कैसे प्रसन्नकिया जाय। दोस्तो शिव भगवान ही ऐसे भोले भंडारी है जो जरा से भाव पूर्वक पूजन करने मात्र से प्रसन्न हो जाते है। उनके दर्शन कर लिया तो मात्र उसी से प्रसन्न।अगर थोड़ी सी पूजा और भक्ति हो जाय तो कहना ही क्या है। शिव भगवान प्रसन्न तो सारे ग्रह शांत हो जाते हैं।पूछिये कैसे?हम बताते है,चंद्रमा माथे पर, राहु,केतु गले मे,विष कंठमे(शनि महाराज),माँ गंगा जटा(शुक्र ग्रह),में गणेश (बुध)पुत्र है,हनुमान जी(मंगल) उन्ही के अवतार है,भगवान राम(सूर्य) उनके आराध्य है,(हनुमान अवतार में उनकी आराधना द्वारा),बचे गुरुदेव बृहस्पति महाराज,बृहस्पति महाराज सारे ग्रहो के गुरु ही है चेले प्रसन्न तो गुरु प्रसन्न। तो अकेले शिवाराधना से सारे ग्रहो की आराधना एक साथ हो जाती है।यही करने से कुंडली के सारे ग्रह शांत। दोस्तो कुंडली नही है तो आप शिव जी का मूल मंत्र महामृत्युंजय का जप या बीज मन्त्र ॐ जूम सः के जप द्वारा सारे संकट काट सकते हो। आइये जानते है शिव जी को प्रसन्न करने के उपाय। विल्वपत्र शिव जी को अत्यंत प्रिय है इसको शिवलिंग पर अर्पित करने से शिवजी अत्यंत प्रसन्न होते है। बिल्वपत्र कैसे चढ़ायें पूजा में क्या और करना है ये जानिए। 1- बिल्वपत्र भोले नाथ पर सदैव उल्टा रखकर अर्पित करें। 2- बिल्वपत्र में चक्र एंव वज्र नहीं होने चाहिए। कीड़ो द्वारा बनायें हुये सफेद चिन्हों को चक्र कहते है और डंठल के मोटे भाग को वज्र कहते है। 3- बिल्वपत्र कटे या फटे न हो। ये तीन से लेकर 11 दलों तक प्राप्त होते है। रूद्र के 11 अवतार है, इसलिए 11 दलों वाले बिल्वपत्र चढ़ायें जाये ंतो महादेव ज्यादा प्रसन्न होंगे। 4- बिल्वपत्र चढ़ाने से तीन जन्मों तक पाप नष्ट हो जाते है। 5- शिव के साथ पार्वती जी पूजा अवश्य करें तभी पूर्ण फल मिलेगा। 6- पूजन करते वक्त रूद्राक्ष की माला अवश्य धारण करें। 7- भस्म से तीन तिरछी लकीरों वाला तिलक लगायें। 8- शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ प्रसाद ग्रहण नहीं करना चाहिए। 9- शिवलिंग की आधी परिक्रमा ही करें। 10- शिव जी पर केंवड़ा व चम्पा के फूल कदापि न चढ़ायें। इसके बाद शिव जी के 11 नामों का उच्चारण करे इसे करने से हर मनोकामना पूर्ण होगी। 1- ऊॅ अघोराय नामः। 2- ऊॅ शर्वया नमः। 3-ऊॅमहेश्वराय नमः। 4- ऊॅ ईशानाय नमः। 5- ऊॅ शूलपाणे नमः। 6- ऊॅ भैरवाय नमः। 7- ऊॅ कपर्दिने नमः। 8- ऊॅ त्रयम्बकाय नमः। 9- ऊॅ विश्वरूपिणे नमः। 10- ऊॅ विरूपक्षाय नमः। 11- ऊॅ पशुपते नमः। शिवपुराण के अनुसार इस संपूर्ण सृष्टि की रचना शिवजी की इच्छा से ही ब्रह्माजी ने की है। महादेव की पूजा से सभी देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और कुंडली के ग्रह दोष शांत हो जाते हैं। यहां जानिए शिव कृपा पाने के लिए एक और आसान उपाय… ये उपाय महाशिवरात्रि,सोमवार या प्रदोष के दिन करे। इन10 चीजो से करना है शिव जी का अभिषेक। 1. जल,2.दूध 3.दही,4.शहद,5.घी, 6.शकर,7.ईत्र,8.चंदन,9.केशर, 10. भांग (विजया औषधि) 1.शिवलिंग पर जल चढ़ाने से हमारा स्वभाव शांत होता है। आचरण स्नेहमय होता है। 2. शहद चढ़ाने से हमारी वाणी में मिठास आती है। 3. दूध अर्पित करने से उत्तम स्वास्थ्य मिलता है। 4. दही चढ़ाने से हमारा स्वभाव गंभीर होता है। 5. शिवलिंग पर घी अर्पित करने से हमारी शक्ति बढ़ती है। 6. ईत्र से स्नान करवाने से विचार पवित्र होते हैं। 7. शिवजी को चंदन चढ़ाने से हमारा व्यक्तित्व आकर्षक होता है। समाज में मान-सम्मान प्राप्त होता है। 8. केशर अर्पित करने से हमें सौम्यता प्राप्त होती है। 9. भांग चढ़ाने से हमारे विकार और बुराइयां दूर होती हैं। 10. शक्कर चढ़ाने से सुख और समृद्धि बढ़ती है। इन सभी चीजों को एक साथ मिलाकर या एक-एक चीज से शिवजी को स्नान करवाये।स्नान करवाते समय ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करते रहिये। जिस दिन शिव पूजन करना चाहते हैं, उस दिन सुबह स्नान आदि नित्य कर्मों से निवृत्त होकर पवित्र हो जाएं। इसके बाद घर के मंदिर में ही या किसी शिव मंदिर जाएं। मंदिर पहुंचकर भगवान शिव के साथ माता पार्वती और नंदी को गंगाजल या पवित्र जल अर्पित करें। जल अर्पित करने के बाद शिवलिंग पर चंदन, चावल, बिल्वपत्र, आंकड़े के फूल और धतूरा चढ़ाएं।उसके बाद उपरोक्त 10 चीजो से शिव लिंग का विधि अनुसार अभिषेक करें।

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