आज का स्पेशल

Pt Vinod Pandey 🚩 Feb 23, 2020

🌞 *~ आज का हिन्दू #पंचांग ~* 🌞 ⛅ *दिनांक 24 फरवरी 2020* ⛅ *दिन - सोमवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2076* ⛅ *शक संवत - 1941* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - फाल्गुन* ⛅ *पक्ष - शुक्ल* ⛅ *तिथि - प्रतिपदा रात्रि 11:15 तक तत्पश्चात द्वितीया* ⛅ *नक्षत्र - शतभिषा शाम 04:21 तक तत्पश्चात पूर्व भाद्रपद* ⛅ *योग - शिव सुबह 08:05 तक तत्पश्चात सिद्ध* ⛅ *राहुकाल - सुबह 08:23 से सुबह 09:49 तक* ⛅ *सूर्योदय - 07:04* ⛅ *सूर्यास्त - 18:39* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* 💥 *विशेष - प्रतिपदा को कूष्माण्ड (कुम्हड़ा, पेठा) न खाये, क्योंकि यह धन का नाश करने वाला है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* 🌐http://www.vkjpandey.in 🌷 *वसंत ऋतु का संदेश* 🌷 🍝 *खान-पान का ध्यान विशेष-वसंत ऋतु का है संदेश* ➡ *19 फरवरी 2020 बुधवार से वसंत ऋतु प्रारंभ हो चुका हैं ।* 🍃 *ऋतुराज वसंत शीत व उष्णता का संधिकाल है | इसमें शीत ऋतु का संचित कफ सूर्य की संतप्त किरणों से पिघलने लगता है, जिससे जठराग्नि मंद हो जाती है और सर्दी-खाँसी, उल्टी-दस्त आदि अनेक रोग उत्पन्न होने लगते हैं | अतः इस समय आहार-विहार की विशेष सावधानी रखनी चाहिए |* 🍝 *आहार : इस ऋतु में देर से पचनेवाले, शीतल पदार्थ, दिन में सोना, स्निग्ध अर्थात घी-तेल में बने तथा अम्ल व रसप्रधान पदार्थो का सेवन न करें क्योंकि ये सभी कफ वर्धक हैं | (अष्टांगहृदय ३.२६)* 🍃 *वसंत में मिठाई, सूखा मेवा, खट्टे-मीठे फल, दही, आईसक्रीम तथा गरिष्ठ भोजन का सेवन वर्जित है | इन दिनों में शीघ्र पचनेवाले, अल्प तेल व घी में बने, तीखे, कड़वे, कसैले, उष्ण पदार्थों जैसे- लाई, मुरमुरे, जौ, भुने हुए चने, पुराना गेहूँ, चना, मूँग , अदरक, सौंठ, अजवायन, हल्दी, पीपरामूल, काली मिर्च, हींग, सूरन, सहजन की फली, करेला, मेथी, ताजी मूली, तिल का तेल, शहद, गौमूत्र आदि कफनाशकपदार्थों का सेवन करें | भरपेट भोजन ना करें | नमक का कम उपयोग तथा १५ दिनों में एक कड़क उपवास स्वास्थ्य के लिए हितकारी है | उपवास के नाम पर पेट में फलाहार ठूँसना बुद्धिमानी नही है |* ➡ *विहार : ऋतु-परिवर्तन से शरीर में उत्पन्न भारीपन तथा आलस्य को दूर करने के लिए सूर्योदय से पूर्व उठना, व्यायाम, दौड़, तेज चलना, आसन तथा प्राणायाम (विशेषकर सूर्यभेदी) लाभदायी है | तिल के तेल से मालिश कर सप्तधान उबटन से स्नान करना स्वास्थ्य की कुंजी है |* 🌷 *वसंत ऋतु के विशेष प्रयोग* 🌷 🔶 *२ से ३ ग्राम हरड चूर्ण में समभाग मिलाकर सुबह खाली पेट लेने से 'रसायन' के लाभ प्राप्त होते हैं |* 🔶 *१५ से २० नीम के पत्ते तथा २-३ काली मिर्च १५-२० दिन चबाकर खाने से वर्षभर चर्मरोग, ज्वर, रक्तविकार आदि रोगों से रक्षा होती है |* 🔶 *अदरक के छोटे-छोटे टुकड़े कर उसमें नींबू का रस और थोडा नमक मिला के सेवन करने से मंदाग्नि दूर होती है |* 🔶 *५ ग्राम रात को भिगोयी हुई मेथी सुबह चबाकर पानी पीने से पेट की गैस दूर होती है |* 🔶 *रीठे का छिलका पानी में पीसकर २-२ बूँद नाक में टपकाने से आधासीसी (सिर) का दर्द दूर होता है |* 🔶 *१० ग्राम घी में १५ ग्राम गुड़ मिलाकर लेने से सूखी खाँसी में राहत मिलती है |* 🔶 *१० ग्राम शहद, २ ग्राम सोंठ व १ ग्राम काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम चाटने से बलगमी खाँसी दूर होती है |* 🔥 *सावधानी : मुँह में कफ आने पर उसे तुरंत बाहर निकाल दें | कफ की तकलीफ में अंग्रेजी दवाइयाँ लेने से कफ सूख जाता है, जो भविष्य में टी.बी., दमा, कैंसर जैसे गम्भीर रोग उत्पन्न कर सकता है | अतः कफ बढ़ने पर ? जकरणी जलनेति का प्रयोग करें।* 🌐http://www.vkjpandey.in 🙏🏻🌷💐🌸🌼🌹🍀🌺💐🙏🏻

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Anju Mishra Feb 23, 2020

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Rajkumar Agarwal Feb 23, 2020

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