अमावस्या:

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 11 अप्रैल 2021* ⛅ *दिन - रविवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - चैत्र (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - फाल्गुन)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - अमावस्या पूर्ण रात्रि तक* ⛅ *नक्षत्र - उत्तर भाद्रपद सुबह 08:58 तक तत्पश्चात रेवती* ⛅ *योग - इन्द्र दोपहर 01:53 तक तत्पश्चात वैधृति* ⛅ *राहुकाल - शाम 05:22 से शाम 06:57 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:24* ⛅ *सूर्यास्त - 18:55* ⛅ *दिशाशूल - पश्चिम दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - दर्श अमावस्या, अमावस्या वृद्धि तिथि* 💥 *विशेष - अमावस्या और रविवार के दिन तिल का तेल खानाऔर लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* 💥 *रविवार के दिन मसूर की दाल, अदरक और लाल रंग का साग नहीं खाना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75.90)* 💥 *रविवार के दिन काँसे के पात्र में भोजन नहीं करना चाहिए।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, श्रीकृष्ण खंडः 75)* 💥 *स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *सोमवती अमावस्याः दरिद्रता निवारण* 👉🏻 *12 अप्रैल 2021 सोमवार सूर्योदय से सुबह 08:01 तक सोमवती अमावस्या है ।* 🙏🏻 *सोमवती अमावस्या के पर्व में स्नान-दान का बड़ा महत्त्व है।* ☺ *इस दिन भी मौन रहकर स्नान करने से हजार गौदान का फल होता है।* 🌳 *इस दिन पीपल और भगवान विष्णु का पूजन तथा उनकी 108 प्रदक्षिणा करने का विधान है। 108 में से 8 प्रदक्षिणा पीपल के वृक्ष को कच्चा सूत लपेटते हुए की जाती है। प्रदक्षिणा करते समय 108 फल पृथक रखे जाते हैं। बाद में वे भगवान का भजन करने वाले ब्राह्मणों या ब्राह्मणियों में वितरित कर दिये जाते हैं। ऐसा करने से संतान चिरंजीवी होती है।* 🌿 *इस दिन तुलसी की 108 परिक्रमा करने से दरिद्रता मिटती है।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *ग़रीबी - दरिद्रता मिटाने के लिए* 🌷 🙏🏻 *सोमवती अमावस्या के दिन 108 बार अगर तुलसी की परिक्रमा करते हो, ॐकार का थोड़ा जप करते हो, सूर्य नारायण को अर्घ्य देते हो; यह सब साथ में करो तो अच्छा है, नहीं तो खाली तुलसी को 108 बार प्रदक्षिणा करने से तुम्हारे घर से दरिद्रता भाग जाएगी |* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *समृद्धि बढ़ाने के लिए* 🌷 🌙 *कर्जा हो गया है तो अमावस्या के दूसरे दिन से पूनम तक रोज रात को चन्द्रमा को अर्घ्य दे, समृद्धि बढेगी ।* 🙏🏻 *दीक्षा मे जो मन्त्र मिला है उसका खूब श्रध्दा से जप करना शुरू करें,जो भी समस्या है हल हो जायेगी ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩

+82 प्रतिक्रिया 31 कॉमेंट्स • 273 शेयर

🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞 ⛅ *दिनांक 13 मार्च 2021* ⛅ *दिन - शनिवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2077* ⛅ *शक संवत - 1942* ⛅ *अयन - उत्तरायण* ⛅ *ऋतु - वसंत* ⛅ *मास - फाल्गुन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार - माघ)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - अमावस्या शाम 03:50 तक तत्पश्चात प्रतिपदा* ⛅ *नक्षत्र - पूर्व भाद्रपद रात्रि 12:22 तक तत्पश्चात उत्तर भाद्रपद* ⛅ *योग - साध्य सुबह 07:55 तक तत्पश्चात शुभ* ⛅ *राहुकाल - सुबह 09:49 से सुबह 11:18 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:50* ⛅ *सूर्यास्त - 18:46* ⛅ *दिशाशूल - पूर्व दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - दर्श अमावस्या, युगादि तिथि* 💥 *विशेष - अमावस्या के दिन तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *षडशीति संक्रान्ती* 🌷 👉 *14 मार्च 2021 रविवार को षडशीति संक्रान्ती है ।* 🙏 *पुण्यकाल : दोपहर 11:39 से शाम 06:04 तक… जप,तप,ध्यान और सेवा का पूण्य 86000 गुना है !!!* 🙏 *इस दिन करोड़ काम छोड़कर अधिक से अधिक समय जप – ध्यान, प्रार्थना में लगायें।* 🙏 *षडशीति संक्रांति में किये गए जप ध्यान का फल ८६००० गुना होता है – (पद्म पुराण )* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *युगादि तिथि* 🌷 ➡ *13 मार्च 2021 शनिवार को युगादि तिथि है ।* 🙏🏻 *जैसे कि हम जानते हैं कि चार युग होते है:-* 🙏🏻 *सतयुग, त्रेता युग, द्वापर युग, कलियुग ये सभी युग भिन्न भिन्न तिथियों को प्रारम्भ हुए थे l* 🙏🏻 *युग+आदि अर्थात युग के आरम्भ होने की तिथि, इसे ही युगादि तिथि कहते हैं अर्थात जिस तिथि को अतीत या भविष्य में एक नया युग आरम्भ हुआ या होगा, वही युगादि तिथि कहलाती है ।* 👉🏻 *युगादि तिथियाँ बहुत ही शुभ होती हैं, इस दिन किया गया जप, तप, ध्यान, स्नान, दान, यज्ञ, हवन आदि अक्षय (जिसका नाश/क्षय न हो) फल होता है l* 🙏🏻 *प्रत्येक युग में सौ वर्षों तक दान करने से जो फल होता है, वह युगादि-काल में एक दिन के दान से प्राप्त हो जाता है ।* 🙏🏻 *नारद पुराण, हेमाद्रि, तिथितत्व, निर्णयसिन्धु, पुरुषचिन्तामणि, विष्णु पुराण और भुजबल निबन्ध में इसका उल्लेख प्राप्त है।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *स्कन्दपुराण‬ के प्रभास खंड के अनुसार* *"अमावास्यां नरो यस्तु परान्नमुपभुञ्जते ।। तस्य मासकृतं पुण्क्मन्नदातुः प्रजायते"* 🍲 *जो व्यक्ति ‪अमावस्या‬ को दूसरे का अन्न खाता है उसका महिने भर का पुण्य उस अन्न के स्वामी/दाता को मिल जाता है।* 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *समृद्धि बढ़ाने के लिए* 🌷 🌙 *कर्जा हो गया है तो अमावस्या के दूसरे दिन से पूनम तक रोज रात को चन्द्रमा को अर्घ्य दे, समृद्धि बढेगी ।* 🙏🏻 *दीक्षा मे जो मन्त्र मिला है उसका खूब श्रध्दा से जप करना शुरू करें , जो भी समस्या है हल हो जायेगी ।* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞 🌷 *खेती के काम में ये सावधानी रहे* 🌷 🚜 *ज़मीन है अपनी... खेती काम करते हैं तो अमावस्या के दिन खेती का काम न करें .... न मजदूर से करवाएं | जप करें भगवत गीता का ७ वां अध्याय अमावस्या को पढ़ें ...और उस पाठ का पुण्य अपने पितृ को अर्पण करें ... सूर्य को अर्घ्य दें... और प्रार्थना करें " आज जो मैंने पाठ किया ...अमावस्या के दिन उसका पुण्य मेरे घर में जो गुजर गए हैं ...उनको उसका पुण्य मिल जाये | " तो उनका आर्शीवाद हमें मिलेगा और घर में सुख-सम्पति बढ़ेगी |* 🙏🏻 🌞 *~ हिन्दू पंचाग ~* 🌞 जय श्री राधे राधे🙏🙏🚩🚩🚩

+54 प्रतिक्रिया 17 कॉमेंट्स • 192 शेयर