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Chapter - 01,  Serial No  331 –335

जीवन में जो कुछ भी प्राप्‍त करने योग्‍य है वह सब कुछ जीव को प्रभु की भक्ति से प्राप्त हो जाता है ।

जीवन में जितनी जितनी भक्ति बढ़ेगी उतना उतना संसार का एवं बाहर का रस खत्म होता जायेगा ।

भक्ति हमें आंतरिक रस एव...

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लेख सार : जीवन में अगर दुःख आता है तो कभी भी उसके लिए प्रभु से शिकायत नहीं करनी चाहिए अपितु उसे प्रभु का अनुग्रह ही मानना चाहिए क्‍योंकि दुःख हमें संसार से विमुख कर प्रभु की तरफ मोड़ देता है । पूरा लेख नीचे पढ़े -

जीवन के दुःख और कष्ट प्रभु की तर...

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