त्र्यंबकेश्वर शिवमंदिर

Nashik, Maharashtra, India

 Chapter - 01,  Serial No 66 – 70

भक्ति को प्राप्त करने का सत्संग एक साधन है क्योंकि सत्संग में हम प्रभु के प्रभाव और स्वभाव के बारे में सुनते है जिससे प्रभु के लिए प्रेम का भाव हमारे हृदय में उदित होता है ।

प्रभु के भक्तों के विचारों का सेवन कर...

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लेख सार : धर्म और नीति के मार्ग से प्रभु तक पहुँचा जा सकता है । भक्ति ऐसा विवेक हमें देती है कि हम धर्म और नीति का अनुसरण करते हैं । पूरा लेख नीचे पढ़े -

अधर्म के बीच रहकर धर्म का पालन करना श्रेष्‍ठता की पहचान है । धर्म के बीच रहकर धर्म का पालन क...

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स्त्री" क्यों पूजनीय है ?*
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*एक बार सत्यभामाजी ने श्रीकृष्ण से पूछा, "मैं आप को कैसी लगती हूँ ?*

*" श्रीकृष्ण ने कहा, "तुम मुझे नमक जैसी लगती हो ।"*

*सत्यभामाजी इस तुलना को सुन कर क्रुद्ध हो गयी, तुलना भी की तो किस से । आपको इस ...

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_*🙏🏻🙏🏻🌹आज के प्रातः कालीन मंगला आरती दर्शन श्री घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के औरंगाबाद महाराष्ट्र से🌹🙏🏻🙏🏻*_

Pranam Belpatra Jyot +13 प्रतिक्रिया 3 कॉमेंट्स • 25 शेयर