*🕉🕉ॐ श्री हनुमते नमः🕉🕉* *🎪🚩हिन्दू पंचांग🚩🎪* ⛅ *दिनांक 22 अक्टूबर 2019* ⛅ *दिन - मंगलवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2076 (गुजरात. 2075)* ⛅ *शक संवत -1941* ⛅ *अयन - दक्षिणायन* ⛅ *ऋतु - शरद* ⛅ *मास - कार्तिक (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार अश्विन )* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - अष्टमी 23 अक्टूबर प्रातः 03:33 तक तत्पश्चात नवमी* ⛅ *नक्षत्र - पुष्य शाम 04:40 तक तत्पश्चात अश्लेशा* ⛅ *योग - साध्य शाम 07:57 तक तत्पश्चात शुभ* ⛅ *राहुकाल - शाम 03:02 से शाम 04:27 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:37* ⛅ *सूर्यास्त - 18:08* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - स्वामी रामतीर्थजी जयंती* 💥 *विशेष - नवमी को लौकी खाना गोमांस के समान त्याज्य है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)* *🎪🚩हिन्दू पंचांग🚩🎪* 🌷 *धनतेरस के दिन यमदीपदान* 🌷 ➡ *25 अक्टूबर 2019 शुक्रवार को धनतेरस है ।* 🙏🏻 *इस दिन यम-दीपदान जरूर करना चाहिए। ऐसा करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है। पूरे वर्ष में एक मात्र यही वह दिन है, जब मृत्यु के देवता यमराज की पूजा सिर्फ दीपदान करके की जाती है। कुछ लोग नरक चतुर्दशी के दिन भी दीपदान करते हैं।* 👉🏻 *स्कंदपुराण में लिखा है* 🌷 *कार्तिकस्यासिते पक्षे त्रयोदश्यां निशामुखे ।* *यमदीपं बहिर्दद्यादपमृत्युर्विनिश्यति ।।* ➡ *अर्थात कार्तिक मासके कृष्णपक्ष की त्रयोदशी के दिन सायंकाल में घर के बाहर यमदेव के उद्देश्य से दीप रखने से अपमृत्यु का निवारण होता है ।* 👉🏻 *पद्मपुराण में लिखा है* 🌷 *कार्तिकस्यासिते पक्षे त्रयोदश्यां तु पावके।* *यमदीपं बहिर्दद्यादपमृत्युर्विनश्यति।।* ➡ *कार्तिक कृष्णपक्ष की त्रयोदशी को घर से बाहर यमराज के लिए दीप देना चाहिए इससे दुरमृत्यु का नाश होता है।* 🔥 *यम-दीपदान सरल विधि* *यमदीपदान प्रदोषकाल में करना चाहिए । इसके लिए आटे का एक बड़ा दीपक लें। गेहूं के आटे से बने दीप में तमोगुणी ऊर्जा तरंगे एवं आपतत्त्वात्मक तमोगुणी तरंगे (अपमृत्यु के लिए ये तरंगे कारणभूत होती हैं) को शांत करने की क्षमता रहती है । तदुपरान्त स्वच्छ रुई लेकर दो लम्बी बत्तियॉं बना लें । उन्हें दीपक में एक -दूसरे पर आड़ी इस प्रकार रखें कि दीपक के बाहर बत्तियों के चार मुँह दिखाई दें । अब उसे तिल के तेल से भर दें और साथ ही उसमें कुछ काले तिल भी डाल दें । प्रदोषकाल में इस प्रकार तैयार किए गए दीपक का रोली , अक्षत एवं पुष्प से पूजन करें । उसके पश्चात् घर के मुख्य दरवाजे के बाहर थोड़ी -सी खील अथवा गेहूँ से ढेरी बनाकर उसके ऊपर दीपक को रखना है । दीपक को रखने से पहले प्रज्वलित कर लें और दक्षिण दिशा (दक्षिण दिशा यम तरंगों के लिए पोषक होती है अर्थात दक्षिण दिशा से यमतरंगें अधिक मात्रा में आकृष्ट एवं प्रक्षेपित होती हैं) की ओर देखते हुए चार मुँह के दीपक को खील आदि की ढेरी के ऊपर रख दें । ‘ॐ यमदेवाय नमः ’ कहते हुए दक्षिण दिशा में नमस्कार करें ।* 🔥 *यम दीपदान का मन्त्र :* *मृत्युना पाशदण्डाभ्यां कालेन श्यामया सह |* *त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम ||* ➡ *इसका अर्थ है, धनत्रयोदशीपर यह दीप मैं सूर्यपुत्रको अर्थात् यमदेवताको अर्पित करता हूं । मृत्युके पाशसे वे मुझे मुक्त करें और मेरा कल्याण करें ।* *🎪🚩हिन्दू पंचांग🚩🎪* *नहि कलि करम न भगत विवेकू।* *राम नाम अवलम्बन एकू।।* *कालि नेमि कलि कपट निधानू।* *नाम सुमिरि समर्थ हनुमानू।।* *🚩🚩जय बजरंगबली🚩🚩* 🎪🎪🔥🔥🚩🕉🕉🚩🔥🔥🎪🎪

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*🎪🔥ॐ श्री वक्रतुण्डाय नमः🔥🎪* *🎪🔥हिन्दू पंचांग🔥🎪* ⛅ *दिनांक 25 सितम्बर 2019* ⛅ *दिन - बुधवार* ⛅ *विक्रम संवत - 2076 (गुजरात. 2075)* ⛅ *शक संवत -1941* ⛅ *अयन - दक्षिणायन* ⛅ *ऋतु - शरद* ⛅ *मास - अश्विन (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार भाद्रपद)* ⛅ *पक्ष - कृष्ण* ⛅ *तिथि - एकादशी दोपहर 02:09 तक तत्पश्चात द्वादशी* ⛅ *नक्षत्र - पुष्य सुबह 08:54 तक तत्पश्चात अश्लेशा* ⛅ *योग - शिव दोपहर 12:33 तक तत्पश्चात सिद्ध* ⛅ *राहुकाल - दोपहर 12:19 से दोपहर 01:48 तक* ⛅ *सूर्योदय - 06:29* ⛅ *सूर्यास्त - 18:31* ⛅ *दिशाशूल - उत्तर दिशा में* ⛅ *व्रत पर्व विवरण - इंदिरा एकादशी, द्वादशी-एकादशी का श्राद्ध संन्यासियों का श्राद्ध* *🎪🔥हिन्दू पंचांग🔥🎪* 💥 *विशेष - हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है lराम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।* 💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l* 💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।* 💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।* 💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।* *🎪🔥हिन्दू पंचांग🔥🎪* 🌷 *इंदिरा एकादशी* 🌷 ➡ *24 सितम्बर 2019 मंगलवार को शाम 04:43 से 25 सितम्बर, बुधवार को दोपहर 02:09 तक एकादशी है* 💥 *विशेष - 25 सितम्बर, बुधवार को एकादशी का व्रत (उपवास) रखें ।* 🙏🏻 *इंदिरा एकादशी व्रत से बड़े – बड़े पापों का नाश हो जाता है | यह नीच योनियों में पड़े हुए पितरों को भी सद्गति देनेवाली है | इसका माहात्म्य पढ़ने-सुनने से मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है | - पद्म पुराण* *🎪🔥हिन्दू पंचांग🔥🎪* 🌷 *अथर्व मंत्र विधि* 🌷 👉🏻 *कोई भी रोग हो, कोई भी परेशानी हो "ॐ अच्युताय नमः, ॐ गोविन्दाय नमः, ॐ अनंताय नमः नामभेशजात" (अच्युताय नमः - जो कभी चुय्त नहीं होते, गोविन्दाय नमः - जिनकी सत्ता से इन्द्रियाँ विचरण करती हैं, अनंताय नमः- जिसकी सत्ता से शक्ति, सामर्थ्य व कृपा का कोई अंत नहीं) इस मंत्र से अभिमंत्रित करके गंगा जल या तुलसी के पत्ते खाएं या दूसरों को दें तो रोगों व नीच विचारों में गिरने से बचता है l इसे बोलते हैं, अथर्व मंत्र विधि ........... ऐसा रोज़ सुमिरन करें l* 🙏 *पूज्य बापूजी - Baroda – 1st Nov. 2009* *🎪🔥हिन्दू पंचांग🔥🎪* *बारि मथें घृत होइ बरु सिकता ते बरु तेल*। *बिनु हरि भजन न भव तरिअ यह सिद्धांत अपेल*।। *मसकहि करइ बिंरंचि प्रभु अजहि मसक ते हीन*। *अस बिचारि तजि संसय रामहि भजहिं प्रबीन*।। *🚩🚩ॐ श्री नारायण हरि🚩🚩* 🎪🎪🔥🔥🚩🚩⛳⛳🔱⚜🔔🏹🏹🔔⚜🔱⛳⛳🚩🚩🔥🔥🎪🎪

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