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सुन्दर भक्तिपूर्ण कथाओ के लिए पेज लाइक करना न भूले।आज का भगवद चिंतन।कृष्ण कहते हैं हर राधा भक्त पर मेरी किरपा स्वत् बरसती है।💗श्री राधा नाम की महिमा एक बार श्री राधा नाम संकीर्तन करते समय किसी रसिक के ह्रदय मे बहोत सुंदर भाव का प्राक्ट्य हुआ।।। ओर भाव क्या था?? के प्रिया प्रितम नित्य निकुंज मे अपने दिव्य सिंहासन पर विराजमान है।।।ओर हमारे लाल जु हमारे ठाकुर जी मधुर मधुर मुस्करा रहे है।।। उनकी मुस्कुराहट देख कर प्रिया जु से रहा नही गया।।।और उन्होंने ठाकुर जी से पूछ ही लिया के सरकार आप इतना क्यो मुस्करा रहे है।।। ठाकुर जी फिर भी मुस्कराए जा रहे है।।।प्रिया जु ने फिर पूछा सरकार बताइए तो कारण क्या है आपके मुस्कराने का।।। तो ठाकुर जी कहते है के राधा रानी मुस्कराने का कारण भी आप ही है।।।तो राधा रानी कहती है कि सरकार हम कैसे?? तो ठाकुर जी कहते है कि प्रिया जु आज धरा धाम पर कुछ भक्त बैठकर आपके नाम का संकीर्तन कर रहे है।। तो किशोरी जी ने कहा कि अच्छा ये तो बहोत अच्छी बात है।।पर सरकार ये तो बताइए कि कोन कोन भक्त हमारे नाम का कीर्तन कर रहा है।। तो उस समय वहा कीर्तन कर रहे हर भक्त का नाम ठाकुर जी ने किशोरी जी को सुनाया।।कि कौन भक्त आपका नाम लेकर झूम रहा है कौन भक्त आपका नाम लेकर रो रहा है।।। (अब बताइए क्या किशोरी जी को नही पता कि कौन उनका नाम जप कर रहा है) लेकिन कितनी कृपा बरसवा देती है किशोरी जी।।जिस जीव का नाम श्री ठाकुर जी के मुख से निकाल जाऐ।। उसका कल्याण तो सम्भव ही है।। प्रिया जु ने ठाकुर जी के मुख से राधा नाम जपने वाले हर भक्त का नाम बुलवा दिया तो यही है श्री राधा नाम संकीर्तन की महिमा।।।राधे नाम गाने वालो पर श्री ठाकुर जी की कितनी कृपा बरसवा देती है हमारी प्यारी जु🌺🌺🌺जय जय श्री राधेकृष्ण जी।

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