|| ईश्वरीय ज्ञान ||

श्री भगवानुवाच
प्रकाशं च प्रवृत्तिं च मोहमेव च पाण्डव।
न द्वेष्टि सम्प्रवृत्तानि न निवृत्तानि काङ्क्षति || गिता १४:२२ ||

श्रीकृष्ण अर्जुनास त्रिगुणातीताचि लक्षणे सांगतात कि, सत्वगुणाचे ज्ञान व सुख, रजोगुणाचा लोभ व दुःख आणि तम...

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।।। जय श्री राधे कृष्ण ।।।

**भक्त और भगवान में प्रेम का अटूट बंधन

भक्त और भगवान में अटूट प्रेम होता है। दोनों के
प्रेम में अंतर यह है कि भक्त के प्रति भगवान का प्रेम आशीर्वाद के रूप में होता है जबकि भक्त का प्रेम भगवान में श्रद्धा-भक्ति के रूप म...

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"रामायण और महाभारत की क्या थी समानताएं"
सीता और द्रोपदी का जन्म – रामायण की नायिका सीता और महाभारत की नायिका द्रोपदी दोनों में ही एक बात सामान थी। दोनों ने ही अपनी मां की कोख से जन्म नहीं लिया था। द्रोपदी की उत्पत्ति अग्नि में से हुई थी और देवी स...

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"क्यों चढ़ाते है भगवान शनि को तेल"
शास्त्रों के अनुसार रामायण काल में एक समय शनि को अपने बल और पराक्रम पर घमंड हो गया था। उस काल में हनुमानजी के बल और पराक्रम की कीर्ति चारों दिशाओं में फैली हुई थी। जब शनि को हनुमानजी के संबंध में जानकारी प्राप्त ...

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"क्यों तोड़ा था श्रीराम ने रामसेतु"
पद्म पुराण के अनुसार, अयोध्या का राजा बनने के बाद एक दिन भगवान श्रीराम को विभीषण का विचार आया। उन्होंने सोचा कि- रावण की मृत्यु के बाद विभीषण किस तरह लंका का शासन कर रहे हैं, उन्हें कोई परेशानी तो नहीं है। जब श...

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"कैसे दिया श्रीकृष्ण ने शनिदेव को दर्शन"
जब श्री कृष्ण ने जन्म लिया तो सभी देवी-देवता उनके दर्शन करने नंदगांव पधारे। कृष्णभक्त शनिदेव भी देवताओं संग श्रीकृष्ण के दर्शन करने नंदगांव पहुंचे। परंतु मां यशोदा ने उन्हें नंदलाल के दर्शन करने से मना कर द...

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"क्यों किया भगवान नारायण ने मां पार्वती के साथ छल"
बद्रीनाथ धाम कभी भगवान शिव और पार्वती का विश्राम स्थान हुआ करता था। यहां भगवान शिव अपने परिवार के साथ रहते थे लेकिन श्रीहरि विष्णु को यह स्थान इतना अच्छा लगा कि उन्होंने इसे प्राप्त करने के लिए यो...

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