तिरुपति मंदिर

Chittoor, Andhra Pradesh, India

Chapter - 01,  Serial No  391 –395

अगर कोई संसारी किसी भक्त पर उपकार भी करता है तो भी भक्त यही कहेगा कि यह मेरे प्रभु ने कराया है । वह संसारी को मात्र निमित्त मानता है और कराने वाला केवल प्रभु को ही मानता है ।

अपना रोना प्रभु के सामने ही रोओ, अप...

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Chapter - 01,  Serial No  386 –390

सच्चे भक्तों को देखकर यह ध्यान में नहीं आता कि वे प्रभु के किस रूप के भक्त हैं क्योंकि वे प्रभु के सभी रूप में अनन्य हो जाते हैं ।

भक्त ऐसा मानते हैं कि सभी रूप में एक ही परमात्मा का दर्शन उन्हें होता है ।

प्र...

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*🌷स्वर्ग- नरक*

🕉शास्त्रों में निपुण, प्रसिद्ध ज्ञानी एवं प्रख्यात संत श्री देवाचार्य के शिष्य का नाम महेन्द्रनाथ था। एक शाम महेन्द्रनाथ अपने साथियों के साथ उद्यान में टहल रहे थे। और आपस में वे किसी विषय पर चर्चा कर रहे थे। चर्चा का विषय था- स्व...

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🙏🙏SURYA BHAGWAN JI KI KRIPA HUM SAB PAR BANI RAHE 🙏🙏

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*🌷अमरत्व की निरर्थकता☘*

🌅धर्म ग्रंथों में एक कथा है कि ख्वाजा खिजर की कृपा से सिकन्दर उस अमृत को पीने को ही था… कि पास में बैठे हुए

कौए ने चिल्लाकर कहा––“ ऐ बदनसीब इंसानǃ खुदा के वास्ते! इस पानी को न पीना।“

सिकंदर ने हैरान होकर पूछा–“ क्यों...

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