श्री कृष्ण अपनी शिक्षा ग्रहण करने आवंतिपुर (उज्जैन) गुरु सांदीपनि के आश्रम में गए थे। जहां वो मात्र 64 दिन रहे थे। वहां पर उन्होंने ने मात्र 64 दिनों में ही अपने गुरु से 64 कलाओं की शिक्षा हासिल कर ली थी। दरअसल, श्री कृष्ण भगवान के अवतार थे और ये ...

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अपने बारे में एक बार जानो तो सही ......

ब्राह्मण वंसावली का पूरा विस्तार

भविष्य पुराण से मिलता है।जिसमे ब्राह्मण उत्पत्ति से सभी नियम क्रम दर्शाये गए है।

1) गोत्र: गोत्र का अर्थ है, की वह कौन से ऋषिकुल में से उतर कर आया है। या उसका जन्म किस ऋषि...

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॥ श्री सरस्वत्यष्टोत्तर शतनामस्तोत्रम् ॥
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सरस्वती महाभद्रा महामाया वरप्रदा ।
श्रीप्रदा पद्मनिलया पद्माक्षी पद्मवक्त्रगा ॥ १॥
शिवानुजा पुस्तकधृत् ज्ञानमुद्रा रमा परा ।
कामरूपा महाविद्या महापातकनाशिनी ॥ २॥
महाश्रया मालिनी ...

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