🌹🌹🌱🌹ओम् नमो नारायण🌹🌹🌱🌹

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M.S.Chauhan Sep 17, 2020

*शुभ दिन गुरुवार* *जय हरि विष्णु देव जी* *आपका हर पल शुभ हो* "बडी अद्भुत और निराली है भगवान विष्णु की महिमा" एक नगर में एक सेठ व सेठानी रहते थे और सेठानी रोज विष्णु भगवान की पूजा करती थी। सेठ को उसका पूजा करना बिलकुल अच्छा नहीं लगता था। इसी वजह से एक दिन सेठ ने सेठानी को घर से निकाल दिया। घर से निकलने पर वह जंगल की ओर गई तो देखा चार आदमी मिट्टी खोदने का काम कर रहे थे। उसने कहा कि मुझे नौकरी पर रख लो। उन्होंने उसे नौकरी पर रख लिया लेकिन मिट्टी खोदने से सेठानी के हाथों में छाले पड़ गए । वह आदमी कहते हैं कि बहन लगता है तुम किसी अच्छे घर की महिला हो, तुम्हें काम करने की आदत नहीं है। तुम ये काम रहने दो और हमारे घर का काम कर दिया करो। वह चारों आदमी उसे अपने साथ घर ले गए और वह चार मुट्ठी अनाज लाते और सभी बाँटकर खा लेते। एक दिन सेठानी ने कहा कि कल से आठ मुठ्ठी अनाज लाना। अगले दिन वह आठ मुठ्ठी अनाज लाए और सेठानी पड़ोसन से आग माँग लाई। उसने भोजन बनाया, विष्णु भगवान को भोग लगाया फिर सभी को खाने को दिया। सारे भाई बोले कि बहन आज तो भोजन बहुत स्वादिष्ट बना है। सेठानी ने कहा कि भगवान का जूठा है तो स्वाद तो होगा ही। सेठानी के जाने के बाद सेठ भूखा रहने लगा और आस-पड़ोस के सारे लोग कहने लगे कि ये तो सेठानी के भाग्य से खाता था। एक दिन सेठ अपनी सेठानी को ढूंढने चल पड़ा। उसे ढूंढते हुए वह भी उस जंगल में पहुंच गया जहाँ वह चारों आदमी मिट्टी खोद रहे थे। सेठ ने उन्हें देखा तो कहा कि भाई मुझे भी काम पर रख लो। उन्होंने ने उसे काम पर रख लिया लेकिन मिट्टी खोदने से उसके भी हाथों में छाले पड़ गए । उसकी यह हालत देख चारों बोले कि तुम्हे काम की आदत नहीं है, तुम हमारे साथ चलो और हमारे घर में रह लो। सेठ उन चारों आदमियों के साथ उनके घर चला गया और जाते ही उसने सेठानी को पहचान लिया लेकिन सेठानी घूँघट में थी तो सेठ को देख नही पाई। सेठानी ने सभी के लिए भोजन तैयार किया और हर रोज की भाँति विष्णु भगवान को भोग लगाया। उसने उन चारों भाईयों को भोजन परोस दिया लेकिन जैसे ही वह सेठ को भोजन देने लगी तो विष्णु भगवान ने उसका हाथ पकड़ लिया। भाई बोले कि बहन ये तुम क्या कर रही हो़? वह बोली – मैं कुछ नहीं कर रही हूँ, मेरा हाथ तो विष्णु भगवान ने पकड़ लिया है। भाई बोले – हमें भी विष्णु भगवान के दर्शन कराओ? उसने भगवान से प्रार्थना की तो विष्णु जी प्रकट हो गए, सभी ने दर्शन किए। सेठ ने सेठानी से क्षमा मांगी और सेठानी को साथ चलने को कहा। भाईयों ने अपनी बहन को बहुत सा धन देकर विदा किया। अब सेठानी के साथ सेठ भी भगवान विष्णु की पूजा करने लगा और उनके परिणाम से उनका घर अन्न-धन से भर गया। 🌷🌷🛕🙏🛕🌷🌷

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sunita Sharma Sep 18, 2020

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Ravi shanker Sep 18, 2020

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