Neha Sharma, Haryana
Neha Sharma, Haryana Feb 23, 2021

"सम्मान......... मम्मी.....आप मेरी शादी कराना चाहती हैं ना.... ठीक है तो सुनो.. मैं भाभी से शादी करना चाहता हूँ.. चटाक.. (थप्पड़ की आवाज़ से कमरा गूंज गया) क्या बक रहा है सोहन तेरा दिमाग़ तो ख़राब नहीं हो गया....भाभी है वो तेरी सगी भाभी.... तेरे भाई मोहन की ब्याहता है वो और तू.... छी.... शर्म आनी चाहिए तुझे.. भाई की ब्याहता......सोहन ताली बजाता हुए बोला चलो शुक्र है कि मम्मी.... याद आ गया आपको वो मेरे बडे भाई मोहन की पत्नी हैं.. और क्या कहा आपने शर्म..... हां मम्मी.... शर्म आई थी मुझे..... बहुत शर्म आई जब भाभी को विधवा कहकर रमा काकी ने ताना मारा.. ... बहुत शर्म आई जब शगुन के कामों में उन्हें विधवा कह सब दूर कर देते हैं..... और उससे भी ज्यादा शर्म तब आती है जब मेरी मम्मी ही भाभी के साथ ऐसा बर्ताव करती हैं जैसे उनका पति नही मरा कोई पाप हो गया है उनसे..... सोहन...... मां ने चिल्लाते हुए कहा चिल्लाओ मत मम्मी...... आपके चिल्लाने से मेरा इरादा नहीं बदलेगा...... तू समझता कयो नहीं है सोहन....... हमारे समाज में विधवा के लिए कुछ नियम, कुछ कायदे होते हैं, और हमें उनको मानना चाहिए... विधवा शगुन के काम नहीं करती, अपशगुन होता है.. पिता ने बीच मे आते हुए कहा... पापा..... जब भाभी इस घर की बहु बनकर आई थीं तो आपने उनके सिर पर हाथ रख के कहा था.. ... बहु नहीं बेटी घर लाया हूं...... बेटी की तरह पलकों पे रख रहे थे उनको और भाई के जाते ही आज वही बेटी इतनी अपशगुनी हो गई..... आप लोगों की सोच से मुझे घृणा आ रही है...... कुछ देर की खामोशी के बाद सोहन ने कहा मेरा इरादा पक्का है पापा.. ...ऐसा कहकर वह जाने लगा.. तो ठीक है...... आज से सुधा को विधवा कहकर कोई नहीं पुकारेगा.. ... और अगर किसी ने कहा तो मैं उसकी जुंबान खींच लुंगी.. उसके साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा.. ...मगर तू वहीं शादी करेगा जहां मैं कहूंगी.. वाह मम्मी वाह.. ....आप तो सौदा करने लगीं.. ...चलिए तो एक सौदा मैं करता हूं...... भाभी की दूसरी शादी होगी.....किसी अच्छे घर में एक सभ्य लड़के से..... उनका भविष्य संवारने की कसम खाईए मम्मी..... तेरे सर की कसम सोहन बेटा .....जैसा तू चाहेगा वैसा ही होगा..... तो ठीक है भाभी की शादी के बाद आप लोग जहां कहेंगे मैं वहां शादी करूंगा.. वहीं दूसरे कमरे मे दरवाजे के पीछे खडी सुधा सिसकियां लेकर रो रही थी..... सोहन ने सिसकियों की आवाज सुनी ओर कमरे तक पहुंचा मगर वो कुछ कहता उसके पहले सुधा अपने कमरे में चली गयी और अंदर से कमरा बंद कर लिया.... सोहन सुधा से बहुत कुछ कहना चाहता था मगर वो भी चुपचाप अपने कमरे में चला गया.. मम्मी-पापा वहीं बैठे थे.. सुनिए..... आपने देखा ना सोहन किस तरह बात कर रहा था.. ....आज से पहले उसने इस तरह मुझसे कभी बात नहीं की.. ... और अपनी भाभी से शादी..... नहीं...सुषमा जी...... जिसे उसने नज़र उठा कर ठीक से कभी देखा नहीं वो सुधा से शादी करना तो दूर ऐसा ख्याल भी मन मे नहीं लाएगा.. सच कहूं सुषमा जी.....बच्चे बड़े हो गए हैं..... और सोहन सही कह रहा है जिसे बेटी बनाकर लाए थे उसका कितना तिरिस्कार किया हमने..... और वो पढ़ी-लिखी आज के ज़माने की लड़की सब सह गई... सच पूछो तो गलती हमारी ही है... आप सही कह रहे है जी.....मोहन के जाने के बाद मैंने जैसे सुधा को कभी प्यार से देखा ही नहीं.. ... पहले ये घर सुधा की हँसी से गूंज उठता था..... मैंने सिर्फ सुधा का ही दिल नहीं दुखाया.. मैंने अपने मोहन का भी दिल दुखाया है.. सुषमा जी उठकर सुधा के पास गई.. .... दरवाजे को बजा के आवाज़ दी.....सुधा..... बेटा सुधा.... सुधा ने दरवाजा खोल दिया.. जी..... आ बैठ यहां मेरे पास.. ...बेटा मुझे माफ़ कर दे मुझसे गलती हो गई...... मैंने रीति-रिवाज़ के नाम पर तेरा बहुत दिल दुखाया है.. पीछे से पापा भी आ गए सुषमा के साथ-साथ बेटा मुझे भी माफ़ कर दो.. ... मैंने भी कोई कसर नहीं छोड़ी बहुत बुरा बर्ताव किया तुम्हारे साथ.. ...मैं हाथ जोड़कर..... नहीं पापा..... मैं आप दोनों से बिल्कुल भी नाराज़ नही हूं..... मुझे कोई शिकायत नहीं है आप दोनो से.....सुधा ने बीच में ही ससुरजी को रोक कर कहा मां..... अगर मैं कुछ माँगू तो दोगी मुझे.... हां बेटा .....आज इतने वक़्त के बाद तो तू कुछ माँग रही है.. ...मैं ज़रूर दूँगी..मांग बेटा.. मां..... मैं शादी नहीं करना चाहती.....अब मुझसे ये दुबारा नहीं होगा.. ...मैं आज भी सिर्फ मोहन से प्यार करती हूँ.. मैं मोहन को नहीं भूल पाऊंगी मां...... मैं इसी घर में आपकी बेटी बन के रहना चाहती हूं...... रोते हुए सुधा बोली... मगर बेटा तेरी उम्र ही क्या है.. ...और हम लोग कब तक तेरा सहारा बने रहेंगे.. एक दिन तो हमे भी जाना है नहीं पापा..... हम सब साथ में रहेंगे आप दोनों को मैं कहीं नहीं जाने दूँगी.. कृपा कर मेरी शादी का विचार मन से निकाल दीजिए.... ठीक है बेटा जैसा तुम चाहो.. ...अब तुम आराम करो आँखें पोंछ ऐसा कहकर वो दोनों चले गए। तब तक सोहन की आवाज़ आई..... भाभी मैं अंदर आ सकता हूँ.. सुधा ने कुछ नहीं कहा..... सोहन सुधा के पैरों की तरफ नीचे सिर झुकाए बैठ गया.. भाभी मुझे माफ कर दो.... मैंने आज आपका बहुत दिल दुखाया है मगर मैं क्या करता कोई रास्ता ही समझ नहीं आया मुझे.... पहले आप कितना खुश रहती थी....मगर मोहन भैया के जाते ही आपके साथ हो रहा दुर्व्यवहार दिनों दिन बढ़ता जा रहा था और आप चुपचाप सब कुछ सहन कर रही थी सोहन की बातें सुन सुधा अब भी खामोश थी.. मैंने आपको हमेशा मां की नज़र से देखा है और आप ये जानती है.... मेरी मां के साथ अन्याय हो ये कैसे हो सकता है..... और फिर मुझे मोहन भैया को भी तो ऊपर जाकर मुंह दिखाना है..... इतनी बड़ी बातें छोटे.. ...और तुम उन्हें मुंह मत दिखाना.....सुधा ने सोहन का मुंह ऊपर करते हुए कहा क्यों...... सोहन चोंककर बोला अरे अपना बंदर जैसा मुंह दिखा दिया मोहन को, तो वो डर नहीं जाएंगे.. ..सुधा ने मुस्कुराकर कहा हा.... हा ....हा....मोहन भैया मुझे बचपन में बंदर बोलते थे.....मगर ये आपको कैसे पता...हंसते हुए सोहन बोला .... और दोनों रोते हुए ही हंसने लगे.. और सुधा की हँसी से घर एक बार फिर गूंजने लगा..... एक प्ररेणादायक रचना।।।। *जय-जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌸🌸

"सम्मान.........

मम्मी.....आप मेरी शादी कराना चाहती हैं ना.... ठीक है तो सुनो.. मैं भाभी से शादी करना चाहता हूँ..

चटाक.. (थप्पड़ की आवाज़ से कमरा गूंज गया)

क्या बक रहा है सोहन
तेरा दिमाग़ तो ख़राब नहीं हो गया....भाभी है वो तेरी सगी भाभी....
तेरे भाई मोहन की ब्याहता है वो और तू.... छी.... शर्म आनी चाहिए तुझे..

भाई की ब्याहता......सोहन ताली बजाता हुए बोला
चलो शुक्र है कि मम्मी.... याद आ गया आपको
वो मेरे बडे भाई मोहन की पत्नी हैं..
और क्या कहा आपने शर्म..... हां मम्मी.... 
शर्म आई थी मुझे..... बहुत शर्म आई जब भाभी को विधवा कहकर रमा काकी ने ताना मारा.. ...
बहुत शर्म आई जब शगुन के कामों में उन्हें विधवा कह सब दूर कर देते हैं.....
और उससे भी ज्यादा शर्म तब आती है जब मेरी मम्मी ही भाभी के साथ ऐसा बर्ताव करती हैं जैसे उनका पति नही मरा कोई पाप हो गया है उनसे.....

सोहन...... मां ने चिल्लाते हुए कहा

चिल्लाओ मत मम्मी...... आपके चिल्लाने से मेरा इरादा नहीं बदलेगा......

तू समझता कयो नहीं है सोहन....... हमारे समाज में विधवा के लिए कुछ नियम, कुछ कायदे होते हैं, और हमें उनको मानना चाहिए... विधवा शगुन के काम नहीं करती, अपशगुन होता है.. पिता ने बीच मे आते हुए कहा...

पापा..... जब भाभी इस घर की बहु बनकर आई थीं तो आपने उनके सिर पर हाथ रख के कहा था.. ...
बहु नहीं बेटी घर लाया हूं...... बेटी की तरह पलकों पे रख रहे थे उनको और भाई के जाते ही आज वही बेटी इतनी अपशगुनी हो गई..... आप लोगों की सोच से मुझे घृणा आ रही है......

कुछ देर की खामोशी के बाद सोहन ने कहा

मेरा इरादा पक्का है पापा.. ...ऐसा कहकर वह जाने लगा..

तो ठीक है...... आज से सुधा को विधवा कहकर कोई नहीं पुकारेगा.. ...
और अगर किसी ने कहा तो मैं उसकी जुंबान खींच लुंगी.. उसके साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा.. ...मगर तू वहीं शादी करेगा जहां मैं कहूंगी..

वाह मम्मी वाह.. ....आप तो सौदा करने लगीं.. ...चलिए तो एक सौदा मैं करता हूं......

भाभी की दूसरी शादी होगी.....किसी अच्छे घर में एक सभ्य लड़के से..... उनका भविष्य संवारने की कसम खाईए मम्मी.....

तेरे सर की कसम सोहन बेटा .....जैसा तू चाहेगा वैसा ही होगा..... 

तो ठीक है भाभी की शादी के बाद आप लोग जहां कहेंगे मैं वहां शादी करूंगा..

वहीं दूसरे कमरे मे दरवाजे के पीछे खडी सुधा सिसकियां लेकर रो रही थी.....

सोहन ने सिसकियों की आवाज सुनी ओर कमरे तक पहुंचा मगर वो कुछ कहता उसके पहले सुधा अपने कमरे में चली गयी और अंदर से कमरा बंद कर लिया....

सोहन सुधा से बहुत कुछ कहना चाहता था मगर वो भी चुपचाप अपने कमरे में चला गया..

मम्मी-पापा वहीं बैठे थे..

सुनिए..... आपने देखा ना सोहन किस तरह बात कर रहा था.. ....आज से पहले उसने इस तरह मुझसे कभी बात नहीं की.. ...
और अपनी भाभी से शादी.....

नहीं...सुषमा जी...... जिसे उसने नज़र उठा कर ठीक से कभी देखा नहीं वो सुधा से शादी करना तो दूर ऐसा ख्याल भी मन मे नहीं लाएगा..
सच कहूं सुषमा जी.....बच्चे बड़े हो गए हैं..... 
और सोहन सही कह रहा है जिसे बेटी बनाकर लाए थे उसका कितना तिरिस्कार किया हमने..... और वो पढ़ी-लिखी आज के ज़माने की लड़की सब सह गई... सच पूछो तो गलती हमारी ही है...

आप सही कह रहे है जी.....मोहन के जाने के बाद मैंने जैसे सुधा को कभी प्यार से देखा ही नहीं.. ...
पहले ये घर सुधा की हँसी से गूंज उठता था..... मैंने सिर्फ सुधा का ही दिल नहीं दुखाया.. मैंने अपने मोहन का भी दिल दुखाया है..

सुषमा जी उठकर सुधा के पास गई.. ....
दरवाजे को बजा के आवाज़ दी.....सुधा..... बेटा सुधा.... 

सुधा ने दरवाजा खोल दिया..

जी..... 
आ बैठ यहां मेरे पास.. ...बेटा मुझे माफ़ कर दे मुझसे गलती हो गई...... मैंने रीति-रिवाज़ के नाम पर तेरा बहुत दिल दुखाया है..
पीछे से पापा भी आ गए
सुषमा के साथ-साथ बेटा मुझे भी माफ़ कर दो.. ...
मैंने भी कोई कसर नहीं छोड़ी बहुत बुरा बर्ताव किया तुम्हारे साथ.. ...मैं हाथ जोड़कर.....

नहीं पापा..... मैं आप दोनों से बिल्कुल भी नाराज़ नही हूं.....
मुझे कोई शिकायत नहीं है आप दोनो से.....सुधा ने बीच में ही ससुरजी को रोक कर कहा

मां..... अगर मैं कुछ माँगू तो दोगी मुझे....

हां बेटा .....आज इतने वक़्त के बाद तो तू कुछ माँग रही है.. ...मैं ज़रूर दूँगी..मांग बेटा..

मां..... मैं शादी नहीं करना चाहती.....अब मुझसे ये दुबारा नहीं होगा.. ...मैं आज भी सिर्फ मोहन से प्यार करती हूँ.. मैं मोहन को नहीं भूल पाऊंगी मां...... मैं इसी घर में आपकी बेटी बन के रहना चाहती हूं...... रोते हुए सुधा बोली...

मगर बेटा तेरी उम्र ही क्या है.. ...और हम लोग कब तक तेरा सहारा बने रहेंगे.. एक दिन तो हमे भी जाना है

नहीं पापा..... हम सब साथ में रहेंगे आप दोनों को मैं कहीं नहीं जाने दूँगी.. कृपा कर मेरी शादी का विचार मन से निकाल दीजिए....

ठीक है बेटा जैसा तुम चाहो.. ...अब तुम आराम करो

आँखें पोंछ ऐसा कहकर वो दोनों चले गए।

तब तक सोहन की आवाज़ आई..... भाभी मैं अंदर आ सकता हूँ..

सुधा ने कुछ नहीं कहा.....

सोहन सुधा के पैरों की तरफ नीचे सिर झुकाए बैठ गया..

भाभी मुझे माफ कर दो....
मैंने आज आपका बहुत दिल दुखाया है मगर मैं क्या करता कोई रास्ता ही समझ नहीं आया मुझे....
पहले आप कितना खुश रहती थी....मगर मोहन भैया के जाते ही आपके साथ हो रहा दुर्व्यवहार दिनों दिन बढ़ता जा रहा था और आप चुपचाप सब कुछ सहन कर रही थी

सोहन की बातें सुन सुधा अब भी खामोश थी..

मैंने आपको हमेशा मां की नज़र से देखा है और आप ये जानती है.... मेरी मां के साथ अन्याय हो ये कैसे हो सकता है..... और फिर मुझे मोहन भैया को भी तो ऊपर जाकर मुंह दिखाना है.....

इतनी बड़ी बातें छोटे.. ...और तुम उन्हें मुंह मत दिखाना.....सुधा ने सोहन का मुंह ऊपर करते हुए कहा

क्यों...... सोहन चोंककर बोला

अरे अपना बंदर जैसा मुंह दिखा दिया मोहन को, तो वो डर नहीं जाएंगे.. ..सुधा ने मुस्कुराकर कहा

हा.... हा ....हा....मोहन भैया मुझे बचपन में बंदर बोलते थे.....मगर ये आपको कैसे पता...हंसते हुए सोहन बोला .... और दोनों रोते हुए ही हंसने लगे.. और सुधा की हँसी से घर एक बार फिर गूंजने लगा.....
एक प्ररेणादायक रचना।।।।
*जय-जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌸🌸

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कामेंट्स

Rani Feb 23, 2021
good night behan

Brajesh Sharma Feb 23, 2021
जय गोविंदा जय गोपाला जय जय श्री राधे कृष्णा जी

Sushil Kumar Sharma 🙏🙏🌹🌹 Feb 23, 2021
Good Night My Sister ji 🙏🙏 Jay Shree Radhe Radhe Radhe 🙏🙏🌹 God Bless you And your Family Always Be Happy My Sister ji 🙏 Aapka Har Pal Har Din Shub Mangalmay Ho ji 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹.

GOVIND CHOUHAN Feb 23, 2021
JAI SHREE RAM 🌹 JAI SIYARAM 🌹 JAI BAJARANG BALI 🌹 SUBH RATRI VANDAN PRANAAM JII DIDI 🙏🙏

R C GARG Feb 23, 2021
जय श्री कृष्णा !! शुभ रात्रि✨ 🌚⏰ वंदन जी !! 🕉🙏🌷🙏🌷🙏🌷🙏🌷🙏🕉

Arvid bhai Feb 23, 2021
jay shri radhe krisna subh ratri vandan radhe radhe nmskar ji ram ram ji

Ansouya M Feb 23, 2021
बहुत ही प्रेरणादायक रचना बहना जी सप्रेम नमस्कार जी आप की रात्रि शुभ और शान्ति पूर्ण हो प्यारी बहना जी 🌷🙏🌷🙏

देवकी नन्दन दीक्षित Feb 23, 2021
पतझड़ में सिर्फ़ पत्ते गिरते हैं साहब, नज़रों से गिरने का कोई मौसम नहीं होता। !!जय श्रीराम!! 🚩हर हर महादेव🚩

Arvid bhai Feb 23, 2021
bhut sundr bat khi apne radhe krisna radhe nmskar ji ram ram ji subh ratri vandan

sanat Kumar soni Feb 23, 2021
🙏 जय श्री कृष्ण जय श्री राधे 🙏

🦚🌹🌹🦚 Feb 23, 2021
🙏जय श्री राम 🙏 सुप्रभात सादर वंदन जी

RAJ RATHOD Feb 23, 2021
आपको एवं आपके परिवार को गणेशजी का शुभ दिन बुधवार एवं महादेव का शुभ व्रत प्रदोष व्रत की अनंत हार्दिक शुभकामनाएँ

madan pal 🌷🙏🏼 Feb 24, 2021
जय श्री राधे राधे कृष्णा ज़ी शूभ प्रभात वंदन ज़ी आपका हर पल शूभ मंगल हों ज़ी 🌷🕉️🙏🏼🕉️🙏🏼🕉️🌹🕉️

Dhananjay Khanna Feb 24, 2021
Jai Sri Ganesha ji 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 Aap Ka din shubh ho aur aap har pal Khush rahein 🙏🙏Jai Mata Di 🙏🙏🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

JAGDISH BIJARNIA Apr 13, 2021

+242 प्रतिक्रिया 93 कॉमेंट्स • 391 शेयर
Sanjay Tiwari Apr 12, 2021

+76 प्रतिक्रिया 6 कॉमेंट्स • 261 शेयर

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Radhe Krishna Apr 13, 2021

+145 प्रतिक्रिया 26 कॉमेंट्स • 87 शेयर

* *🚩।।श्री गणेशाय नम:।।🚩* *🥅 ÷दैनिक~पंचांग÷ 🥅* *🥅 13 - 04 - 2021* *🥅 श्रीमाधोपुर~पंचांग* *🥅 तिथि प्रतिपदा 10:18:32* *🥅 नक्षत्र अश्विनी 14:19:44* *🥅 करण :* *बव 10:18:32* *बालव 23:32:32* *🥅 पक्ष शुक्ल* *🥅 योग विश्कुम्भ 15:14:53* *🥅 वार मंगलवार* *🥅 सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ* *🥅 सूर्योदय 06:05:57* *🥅 चन्द्रोदय 06:52:00* *🥅 चन्द्र राशि मेष* *🥅 सूर्यास्त 18:51:03* *🥅 चन्द्रास्त 20:00:00* *🥅 ऋतु वसंत* *🥅 हिन्दू मास एवं वर्ष* *🥅 शक सम्वत 1943 प्लव* *🥅 कलि सम्वत 5122* *🥅 दिन काल 12:45:06* *🥅 विक्रम सम्वत 2078(भारतीय नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं 💐💐)* *🥅 मास अमांत चैत्र* *🥅 मास पूर्णिमांत चैत्र* *🥅 शुभ और अशुभ समय* *🥅 शुभ समय* *🥅 अभिजित 12:02:59 - 12:54:00* *🥅 अशुभ समय* *🥅 दुष्टमुहूर्त 08:38:58 - 09:29:58* *🥅 कंटक 06:56:57 - 07:47:57* *🥅 यमघण्ट 10:20:59 - 11:11:59* *🥅 राहु काल 15:39:46 - 17:15:24* *🥅 कुलिक 13:45:00 - 14:36:01* *🥅 कालवेला या अर्द्धयाम 08:38:58 - 09:29:58* *🥅 यमगण्ड 09:17:13 - 10:52:51* *🥅 गुलिक काल 12:28:29 - 14:04:08* *🥅 दिशा शूल* *🥅 दिशा शूल उत्तर* *🥅 चन्द्रबल और ताराबल* *🥅 ताराबल* *🥅 अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती* *🥅 चन्द्रबल* *🥅 मेष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, कुम्भ* 1️⃣3️⃣🔲0️⃣4️⃣🔲2️⃣1️⃣ *[]🔥🌷जयश्रीकृष्णा🌷🔥[]* *ज्योतिषशास्त्री-सुरेन्द्र कुमार चेजारा व्याख्याता राउमावि होल्याकाबास निवास-श्रीमाधोपुर* 🥅🎀🥅🎀🥅🎀🥅🎀

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Mamta Chauhan Apr 12, 2021

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jyotipandey94 Apr 12, 2021

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