anju
anju Jan 22, 2021

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कामेंट्स

rahul soni Jan 22, 2021
💞💞💞 radhe radhe ji. 💞💞💞 🌿🌿 good afternoon ji. 🌿🌿 💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞💞

आशुतोष Jan 22, 2021
ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।। || जय माता दी || ༺꧁ Զเधॆ Զเधॆ꧂༻

Seema Sharma. Himachal (chd) Jan 22, 2021
*हर किसी के लिए दुआ* *किया करो* *क्या पता* *किसी की किस्मत* *आपकी दुआ का इंतजार* *कर रही हो*🙏😊🌹 हंसते हंसाते रहिए 😊 बहुत बहुत धन्यवाद जी 😊🙏

Neha Sharma, Haryana Feb 25, 2021

🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏*शुभ संध्या नमन*🙏 *इन कारणों से मंदिर जाना स्वास्थ्य के लिए होता है अच्छा* ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ *प्राय: हिन्दू धर्म में मंदिर में जाना धर्मिक भावना से जोड़ा जाता है। लेकिन मंदिर जाने के कुछ वैज्ञानिक स्वास्थ्य लाभ भी हैं। अगर हम रोज मंदिर जाते हैं तो इससे कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या को नियंत्रित किया जा सकता हैं। ध्यान शक्ति के विकास के लिए ~~~~~~~~~~~~~~~~~ रोज़ मंदिर जाने और भौहों के बीच माथे पर तिलक लगाने से हमारे मस्तिष्क के विशेष भाग पर दवाब पड़ता है। इससे ध्यान और स्मृति की शक्ति बढ़ती है। उच्च रक्तचाप नियंत्रित करने के लिए ~~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मंदिर के अंदर नंगे पैर जाने से मंदिर में विराजमान सकारात्मक शक्ति (पॉजिटिव एनर्जी) पैरों के द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करती है। नंगे पैर चलने के कारण पैरों में स्थित दाब बिन्दू (प्रेशर प्वाइंट्स) पर दवाब भी पड़ता है, जिससे उच्च रक्तचाप की समस्या नियंत्रित और समाप्त होती है। ऊर्जा स्तर को बढ़ाने के लिए ~~~~~~~~~~~~~~~~ प्राय: जब हम मंदिर का घंटा बजाते हैं, तो 7 पल तक हमारे कानों में उसकी प्रतिध्वनि गूंजती है। इस प्रतिकिया से शरीर के सूक्ष्म सेल जो कि हमारे शरीर को ऊर्जा और शान्ति प्रदान करते हैं वो जागृत हो जाते हैं । इससे शरीर की ऊर्जा शक्ति को बढ़ाने में सहायता मिलती है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए ~~~~~~~~~~~~~~~~~~ मंदिर में दोनों हाथ जोड़कर पूजा करने से हथेलियों और उंगलियों के उन सूक्ष्म बिंदूओं पर दवाब पड़ता है, जो शरीर के कई अन्य अंगों से सम्बन्धित और जुड़े होते हैं। इससे शरीर की कमियाँ सुधरती हैं और प्रतिरोधक शक्ति बढ़ती है। बैक्टीरिया से रक्षा के लिए ~~~~~~~~~~~~~~ मंदिर में उपस्थित कपूर और हवन का धुआं एंटी ओक्सीडेंट होता है जो बैक्टीरिया का नाश करता है। इससे वायरल इंफेक्शन का खतरा टलता है। तनाव दूर करने के लिए ~~~~~~~~~~~~~ मंदिर का शांत माहौल और शंख की आवाज़ मानसिक रूप से शान्ति प्रदान करती है। इससे तनाव दूर होता है। डिप्रेशन दूर होता है ~~~~~~~~~~~ रोज़ मंदिर जाने और भगवान की आरती गाने से मानसिक रूप से शक्त बनते हैं, जिससे डिप्रेशन दूर होता है। ।। जय श्री कृष्ण ।। ~~~~~~~~~~ . 🌸🙏"कृष्ण नाम की महिमा"🙏🌸 *एक गाँव में एक गड़रिया के पास बहुत सारी बकरियाँ थी वह बकरियों का दूध बेचकर ही अपना गुजारा करता था। एक दिन उसके गाँव में बहुत से महात्मा आकर यज्ञ कर रहे थे और वह वृक्षों के पत्तों पर चन्दन से कृष्ण-कृष्ण का नाम लिखकर पूजा कर रहे थे। *वह जगह गाँव से बाहर थी। वह गड़रिया बकरियों को वही रोज घास चराने जाता था। साधु हवन यज्ञ करके वहाँ से जा चुके थे, लेकिन वह पत्ते वहीं पड़े रह गए तभी पास चरती बकरियों में से एक बकरी ने वो कृष्ण नाम रूपी पत्तों को खा लिया। *जब गड़रिया सभी बकरियों को घर लेकर गया तो सभी बकरियाँ अपने बाड़े में जाकर मैं-मैं करने लगी लेकिन वह बकरी जिसने कृष्ण नाम को अपने अन्दर ले लिया था वह मैं-मैं की जगह कृष्ण-कृष्ण करने लगी क्योंकि जिसके अन्दर कृष्ण वास करने लगें उसका मैं यानी अहम तो अपने आप ही दूर हो जाता है। *जब सब बकरियाँ उसको कृष्ण-कृष्ण कहते सुनती है तो वह कहती यह क्या कह रही हो अपनी भाषा छोड़ कर यह क्या बोले जा रही हो, मैं-मैं बोलो। तो वह कहती कृष्ण नाम रूपी पत्ता मेरे अन्दर चला गया। मेरा तो मैं भी चला गया। सभी बकरियाँ उसको अपनी भाषा में बहुत कुछ समझाती परन्तु वह टस से मस ना हुई और कृष्ण कृष्ण रटती रही। *सभी बकरियों ने यह निर्णय किया कि इसको अपनी टोली से बाहर ही कर देते हैं। वह सब उसको सीग और धक्के मार कर बाड़े से बाहर निकाल देती हैं। सुबह जब मालिक आता है तो उसको बाड़े से बाहर देखता है। वह उसको पकड़ कर फिर अन्दर कर देता है परन्तु बकरियाँ उसको फिर सींग मार कर बाहर कर देती हैं। मालिक को कुछ समझ नहीं आता यह सब इसकी दुश्मन क्यों हो गई हैं। मालिक सोचता है कि जरूर इसको कोई बीमारी होगी जो सब बकरियाँ इसको अपने पास भी आने नहीं दे रही, कहीं ऐसा ना हो कि एक बकरी के कारण सभी बीमार पड़ जाय। *वह रात को उस बकरी को जंगल में छोड़ देता है सुबह जब जंगल में अकेली खड़ी बकरी को एक व्यक्ति जो की चोर होता है देखता है तो वह उस बकरी को लेकर जल्दी से भाग जाता है और दूर गाँव जाकर उसे किसी एक किसान को बेच देता है। *किसान जो कि बहुत ही भोला भाला और भला मानस होता है उसको कोई फर्क नहीं पड़ता की बकरी मै-मैं कर रही है या कृष्ण-कृष्ण। वह बकरी सारा दिन कृष्ण कृष्ण जपती रहती। अब वह किसान उस बकरी का दूध बेच कर अपना गुजारा करता है। *कृष्ण नाम के प्रभाव से बकरी बहुत ही ज्यादा और मीठा दूध देती है । दूर-दूर से लोग उसका दूध उस किसान से लेने आते हैं। किसान जो की बहुत ही गरीब था बकरी के आने और उसके दूध की बिक्री होने से उसके घर की दशा अब सुधरने लगी। *एक दिन राजा के मंत्री और कुछ सैनिक उस गाँव से होकर गुजर रहे थे उसको बहुत भूख लगी तभी उन्हें किसान का घर दिखाई दिया किसान ने उसको बकरी का दूध पिलाया इतना मीठा और अच्छा दूध पीकर मंत्री और सैनिक बहुत खुश हुए। उन्होंने किसान को कहा कि हमने इससे पहले ऐसा दूध कभी नहीं पिया। किसान ने कहा यह तो इस बकरी का दूध है जो सारा दिन कृष्ण-कृष्ण करती रहती है। मंत्री उस बकरी को कृष्ण नाम जपते देखकर हैरान हो गया। वो किसान का धन्यवाद करके वापस नगर में राज महल चले गए। *उन दिनों राजमाता जो कि काफी बीमार थी कई वैद्य के उपचार के बाद भी वह ठीक ना हुई। राजगुरु ने कहा माताजी का स्वस्थ होना मुश्किल है, अब तो भगवान इनको बचा सकते हैं। राजगुरु ने कहा कि अब आप माता जी को पास बैठकर ज्यादा से ज्यादा ठाकुर जी का नाम लो। राजा काफी व्यस्त रहता था वह सारा दिन राजपाट संभाल ले या माताजी के पास बैठे। *नगर में किसी के पास भी इतना समय नहीं था की राजमाता के पास बैठकर भगवान का नाम ले सके, तभी मंत्री को वह बकरी याद आई जो कि हमेशा कृष्ण-कृष्ण का जाप करती थी। *मंत्री ने राजा को इसके बारे में बताया। पहले तो राजा को विश्वास ना हुआ परन्तु मंत्री जब राजा को अपने साथ उस किसान के घर ले गया तो राजा ने बकरी को कृष्ण नाम का जाप करते हुए सुना तो वह हैरान हो गया। राजा किसान से बोला कि आप यह बकरी मुझे दे दो। किसान बड़ी विनम्रता से हाथ जोड़कर राजा से बोला कि इसके कारण ही तो मेरे घर के हालात ठीक हुए हैं, अगर मैं यह आपको दे दूँगा तो मैं फिर से भूखा मरूँगा। राजा ने कहा कि आप फिकर ना करो, मैं आपको इतना धन दे दूँगा कि आप की गरीबी दूर हो जाएगी। *किसान खुशी-खुशी बकरी को राजा को दे दिया। वह बकरी राजमहल में राजमाता के पास बैठकर निरन्तर कृष्ण-कृष्ण का जाप करती। कृष्ण नाम के कानों में पढ़ने से और बकरी का मीठा और स्वच्छ दूध पीने से राजमाता की सेहत में सुधार होने लगा और धीरे-धीरे वह बिल्कुल ठीक हो गयीं। *तब से बकरी राजमहल में राजा के पास ही रहने लगी तभी उसकी संगत से पूरा राजमहल कृष्ण-कृष्ण का जाप करने लगा। अब पूरे राजमहल और नगर में कृष्ण रूपी माहौल हो गया। *यदि एक बकरी जो कि एक पशु है कृष्ण नाम के प्रभाव से उसकी मैं (अहम) खत्म हो गया और वह सीधे राजमहल में पहुँच गई तो क्या हम इंसान निरन्तर कृष्ण का जाप करने से हम भव से पार नहीं हो जायेंगे ? ----------:::×:::---------- 🌸🌸🙏*जय-जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌸🌸 ***********************************************

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Sanjay Awasthi Feb 25, 2021

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Neha Sharma, Haryana Feb 24, 2021

🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏*शुभ संध्या नमन*🙏 🌹भगवान श्री कृष्ण के मुख्य 51 नाम अर्थ सहित🌹 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🌹1 कृष्ण : सब को अपनी ओर आकर्षित करने वाला। जो सर्व आकर्षण है, जो अपनी ओर खींचता है वो कृष्ण है। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🌹2 गिरिधर : भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपने बांय हाथ की कनिष्का ऊँगली से उठाया था जिस कारण भगवान का नाम गिरधर, गिरधारी पड़ा। गिरी: पर्व, धर: धारण करने वाला। अर्थात गोवर्धन पर्वत को उठाने वाले। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🌹3 मुरलीधर : मुरली को धारण करने वाले। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🌹4 पीताम्बर धारी : पीत : पीला, अम्बर : वस्त्र। जिसने पीले वस्त्रों को धारण किया हुआ है। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🌹5 मधुसूदन : मधु नामक दैत्य को मारने वाले। भगवान श्री कृष्ण ने एक दैत्य को मारा था जिसका नाम मधु था। इसलिए भगवान -का नाम मधुसूदन पड़ा। 🌹6 यशोदा नंदन : माँ यशोदा ने कृष्ण को पाला था, इसलिए के पुत्र होने के कारण कृष्ण का नाम यशोदा नंदन पड़ा। 🌹7 देवकी नंदन : माँ देवकी ने कृष्ण को जन्म दिया इसलिए भगवान देवकी-नंदन कृष्ण कहलाते हैं। 🌹8 गोपाल : गौओं को पालने वाला। 🌹9 गोविन्द: इन्द्रियों के स्वामी, जो गोप, गोपियों को आनंद दे। 🌹10 आनंद कंद : आनंद की राशि देने वाला। जो सुख दुःख से ऊपर है। जो आनंद की खान है। 🌹11 कुञ्ज बिहारी : भगवान श्री कृष्ण कुञ्ज गलियों में विहार करते थे, इसलिए इनका नाम कुञ्ज बिहारी पद गया। 🌹12 चक्रधारी : सुदर्शन चक्र धारण करने वाले। जिस ने सुदर्शन चक्र या ज्ञान चक्र या शक्ति चक्र को धारण किया हुआ है। 🌹13 श्याम : सांवले रंग वाला। 🌹14 माधव : जब भगवान छोटे थे और माखन चुरा के भागते थे तब मैया यशोदा कहती थी। मा धव मा धव। जिसका अर्थ है- मत भाग, मत भाग। इसलिए भगवान का नाम पड़ा माधव। 🌹15 मुरारी : मुर नामक दैत्य का भगवान ने वध किया और नाम पड़ा माधव। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🌹16 असुरारी : असुरों के शत्रु। 🌹17 बनवारी : वनों में विहार करने वाले। भगवान ने वृन्दावन, निकुंज वन, निधिवन में विहार किया। 🌹18 मुकुंद : जिन के पास निधियाँ है। जो कान में सफेद कनेर का पुष्प लगते हैं। 🌹19 योगेश्वर : जो योगियों के भी ईश्वर, मालिक हैं। 🌹20 गोपेश : जो गोपियों के इष्ट हैं। 🌹21 हरि : जो पापों को और दुःखों का हरण करने वाले हैं। 🌹22 मनोहर : जो मन का हरण करने वाले हैं। 🌹23 मोहन : सम्मोहित करने वाले, सबको मोहने वाले। 🌹24 जगदीश : जगत के मालिक। 🌹25 पालनहार : जो सबका पालन पोषण करने वाले हैं। 🌹26 मनमोहन – जो मन को मोहने वाले हैं। 🌹27 रुक्मिणी वल्लभ : रुक्मणी के पति हैं। 🌹28 केशव : जिनके केश सुंदर हैं और जिन्होंने केशी नाम के दैत्य को मारा हैं। आज भी वृन्दावन में यमुना तट पर केशी घाट हैं। 🌹29 वासुदेव : वसुदेव के पुत्र होने के कारण, या जो इन्द्रियों के स्वामी हैं। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🌹30 रणछोड़ : एक बार भगवान श्री कृष्ण युद्ध भूमि से भाग गए थे और उनका नाम पड़ा रणछोड़। 🌹31 गुड़ाकेश : निंद्रा को जितने वाले। ये नाम भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को दिलवाया। 🌹32 हृषिकेश : इन्द्रियों को जितने वाले। 🌹33 दामोदर : एक बार माँ यशोदा ने भगवान कृष्ण के पेट को रस्सी से बाँध दिया था और भगवान का नाम पड़ा दामोदर। 🌹34 पूर्ण परब्रह्म : जिसके अंदर कोई कमी नहीं हैं जो पूर्ण हैं और जो देवताओं के भी मालिक हैं। वो पूर्ण परब्रह्म हैं। 🌹35 देवेश : जो देवों के भी ईश हैं। 🌹36 नाग नथिया : कलियाँ नाग को नाथने के कारण भगवान का नाम पड़ा नाग नथिया। 🌹37 वृष्णिपति : वृष्णि नामक कुल में उत्पन्न होने के कारण। 🌹38 यदुपति : यादवों के मालिक। 🌹39 यदुवंशी : यदु वंश में अवतार धारण करने के कारण। 🌹40 द्वारकाधीश : द्वारका नगरी के मालिक। 🌹41 नागर : जो सुंदर हैं। 42 नटवर : जो एक जादूगर (नट) की तरह हैं, एक कलाकार की तरह हैं। 🌹43 छलिया : जो छल करने वाले हैं। 🌹44 राधा रमण : राधा रानी के साथ रमन करने के कारण। 🌹45 अघहारी : अघ का अर्थ होता हैं पाप। जो पापों का हरण करने वाले हैं। 🌹46 रास रचइया : रास रचाने के कारण। 🌹47 अच्युत : जिसे पद से कोई नहीं हटा सकता। जिसका वास अखंड है। जिस के धाम से कोई वापिस नही आता है। 🌹48 नन्द लाला : श्री नन्द जी के पुत्र होने के कारण कृष्ण का नाम नंदलाला पड़ा। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🌹49 हे नाथ – जो सबके स्वामी हैं। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🌹50 नारायण : जिनका वास जल में हैं। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿 🌹51 बांके बिहारी – वृन्दावन में प्रकट होने के कारण श्रीकृष्ण का एक नाम बांके-बिहारी हैं। Radhe krishna🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *जय-जय श्री राधेकृष्णा*👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏

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Neha Sharma, Haryana Feb 23, 2021

🙏*बुलालो वृन्दावन गिरधारी*...*बहुत ही सुंदर भजन*🌸 🙏*जय श्री राधेकृष्णा*🙏*शुभ संध्या नमन*🙏 🌹*बहुत सुंदर भाव*💞*बड़े प्यार से पढ़ें*🌹 🌹*एक दिन राधा जी सखियों संग जमुना किनारे बैठी सत्संग कर रही थीं , अचानक एक सखी की नजर उनके पैर पर चली गई, पैर में घाव से हलका हलका खून रिस रहा था, सबने चोंक कर पूछा"-यह चोट कैसे लगी राधे जू,,,बताइए ,जल्दी से बताइए। *राधा जी ने बहुत टालना चाहा,, पर इंसान प्रवृत्ति है आप जितना बात टालना चाहेंगें..लोग उतना ही जानना चाहेंगें!! राधा जी ने कहा- ये"एक पुराना घाव है,, सखी बोलीं-पुराना कैसे राधे जू "इसमें तो खून निकल रहा हैं,,"पुराना है तो अब तक सूखा क्यों नहीं..कैसे लगा ये घाव??? राधा जी ने कहा- सखियों एक दिन खेल-खेल में मेने कन्हैया" की बांसुरी छीन ली,, बांसुरी की छीना झपटी में उनके पैर का नाखून लग गया,, यह घाव उसी चोट से लगा.. गोपियों ने पूछा, "कन्हैया को मथुरा गए तो कई बरस हो गए हैं,, ये घाव अब तक सूखा क्यों नहीं है राधे जू, बोलो ???? राधा जी बोली," सूखता तो तब ना जब "मैं" सूखने देती. मैं रोज इसे कुरेदकर हरा कर देती हुं,, सखियां तो चोंकी, ऐसा क्यों करती हो राधे! राधे जी ने कहा वो इसलिए सखिओ....कन्हैया रोज सपने मे आकर इस जख्म का उपचार करते हैं,, उपचार के लिये ही सही "कन्हैया" मेरे सपनों में आते हैं,,, अगर घाव सूख गया तो क्या पता वो सपनो में आना ही छोड़ दें... सखियों की आंखों से प्रेमाश्रु की धारा बहने लगी जो रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी😭😭😭😭😭 "ऐसा प्रेम था हमारे प्रेमाधार श्री राधे कृष्ण का... राधे राधे......... बोलिए हमारे प्राणाधार श्री राधे कृष्ण की जय जय।। ब्रजवासी_कौन ??? चार प्रकार के मनुष्य ब्रजवासी माने गए हैं 1) जिसका जन्म ब्रज मे हुआ हो चाहे रहता कहैं भी हो वो ब्रजवासी है। 2) जिसका जन्म कहीं भी हुआ लेकिन रहता ब्रज मे है वो ब्रजवासी है। 3) जिसका जन्म कही हुआ और रहता कहीं पर भी है पर प्रमुख त्योहारो पर ब्रज मे आता है वो ब्रजवासी है। 4) जिसका जन्म कहीं हुआ, रहता भी कहीं और है ,कभी भी ब्रज मै न आ पाया हो , लेकिन जिसका दिन पल पल ब्रज मे आने के लिए तडफता हो वही सबसे बडा ब्रजवासी है क्योकि उसका दिल सदैव ब्रज मे वास करता है। सूना लगे सारा देश वृंदावन कुटियॉ बनाउंगी. *श्री कुंज बिहारी श्री हरिदास 🙏 *जय श्री राधेकृष्णा*🙏🌸 🌹─⊱━━━━━⊱(🙏)⊰━━━━⊰─🌹 *कभी सोचा है भगवान कृष्ण का स्वरूप हमें क्या सिखाता है..? क्यों भगवान जंगल में पेड़ के नीचे खड़े बांसुरी बजा रहे हैं, मोरमुकुट पहने...तन पर पीतांबरी, गले में वैजयंती की माला, साथ में राधा....पीछे गाय...कृष्ण की यह छवि हमें क्या प्रेरणा देती है क्यों कृष्ण का रूप इतना मनोहर लगता है.....😊 दरअसल कृष्ण हमें जीवन जीना सिखाते हैं उनका यह स्वरूप अगर गहराई से समझा जाए तो इसमें हमें सफल जीवन के कई सूत्र मिलते हैं.....☘ विद्वानों सन्तों का मत है कि भगवान विरोधाभास में दिखते है आइए जानते हैं श्रीकृष्ण की छवि के हमारे जीवन में क्या मायने हैं, *1. #मोर_मुकुट * भगवान के मुकुट में मोर का पंख है...यह बताता है कि जीवन में विभिन्न रंग हैं ये रंग हमारे जीवन के भाव हैं...सुख है तो दुःख भी है, सफलता है तो असफलता भी....मिलन है तो बिछोह भी.....😔 जीवन इन्हीं रंगों से मिलकर बना है, जीवन से जो मिले उसे माथे लगाकर अंगीकार कर लो इसलिए मोर मुकुट भगवान के सिर पर है.....🦆 *2. #बांसुरी -* भगवान बांसुरी बजा रहे हैं...मतलब जीवन में कैसी भी घडी आए हमें घबराना नहीं चाहिए, भीतर से शांति हो तो संगीत जीवन में उतरता है ऐसे ही अगर भक्ति पानी है तो अपने भीतर शांति कायम करने का प्रयास करें.....☘ *3. #वैजयंती_माला * भगवान के गले में वैजयंती माला है...यह कमल के बीजों से बनती है इसके दो मतलब हैं कमल के बीज सख्त होते हैं, कभी टूटते नहीं...सड़ते नहीं...हमेशा चमकदार बने रहते हैं, भगवान कह रहे हैं जब तक जीवन है तब तक ऐसे रहो जिससे तुम्हें देखकर कोई दुःखी न हो, दूसरा यह माला बीज की है और बीज ही है जिसकी मंजिल होती है भूमि भगवान कहते हैं जमीन से जुड़े रहो..कितने भी बड़े क्यों न बन जाओ...हमेशा अपने अस्तित्व की असलियत के नजदीक रहो, *4. #पीतांबर * पीला रंग सम्पन्नता का प्रतीक है...भगवान कहते हैं ऐसा पुरुषार्थ करो कि सम्पन्नता खुद आप तक चल कर आए इससे जीवन में शांति का मार्ग खुलेगा.....☘ *5. #कमरबंद -* भगवान ने पीतांबर को ही कमरबंद बना रखा है इसका अर्थ है हमेशा चुनौतियों के लिए तैयार रहें धर्म के पक्ष में जब भी कोई कर्म करना पड़े हमेशा तैयार रहें, *6. #राधा * कृष्ण के साथ राधा भी है...इसका अर्थ है जीवन में स्त्रीयों का महत्व भी है उन्हें पूर्ण सम्मान दें...वे हमारी बराबरी में रहें हमसे नीचे नहीं..☘ *जब तक चलेगी जिंदगी की सांसे....कहीं प्यार कहीं टकराव मिलेगा * *कहीं बनेंगे संबंध अंतर्मन से तो...कहीं आत्मीयता का अभाव मिलेगा* *कहीं मिलेगी जिंदगी में प्रशंसा तो...कहीं नाराजगियों का बहाव मिलेगा* *कहीं मिलेगी सच्चे मन से दुआ तो...कहीं भावनाओं में दुर्भाव मिलेगा* *कहीं बनेंगे पराए रिश्तें भी अपने तो....कहीं अपनों से ही खिंचाव मिलेगा* *कहीं होगी खुशामदें चेहरे पर तो....कहीं पीठ पे बुराई का घाव मिलेगा* *तू चलाचल राही अपने कर्मपथ पे...जैसा तेरा भाव वैसा प्रभाव मिलेगा* *रख स्वभाव में शुद्धता का 'स्पर्श'....यकीनन् अवश्य ही ज़िंदगी का पड़ाव मिलेगा* *"कृष्णम् वन्दे जगद्गुरुम्"* ┅•••⊰❉‼श्री‼❉⊱•••┅ ༺🌹Զเधे Զเधे🌹༻ *जय-जय श्री राधेकृष्णा* 🌸🙏🌸🙏🌸🙏🌸

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mona Feb 25, 2021

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